शिवयोग विज्ञान के परिणाम तर्क से परे है! - ईशान शिवानंद

ईशान शिवानंद बताते हैं कि शिवयोग के परिणाम तर्क से परे हैं। उनके गुरु ने बाली के कोको किसानों को शिव कृषि सिखाई, जहां लाल चींटियों ने फसलें बर्बाद कीं लेकिन काली चींटियों ने विकास बढ़ाया। शिवयोग अब कॉर्पोरेट, शैक्षणिक और शोध संस्थानों में तेजी से फैल रहा है।
Chapters
शिव योग में यह समस्या मेरे साथ बहुत होती की कभी कबार किसी शिवयोगी ऐसी बात करता हूँ। पर समझ नहीं आती कि दुसरे शिव योगी को कैसे समझाऊँगा। इसके साथ क्या हुआ। बाली में शिविर था, इंडोनेशिया वहाँ कुछ किसान आ गए मेरे पास। कहते है हम आपसे बात करना चाहते हैं। शिवी कृषि हमारे सनातन की कृषि विद्या का वो इस्तेमाल कर रहे थे जो मेरे गुरु ने उनको सिखाई। मैं सोल्जर हूँ बाबाजी किंग है, फर्क है, सोल्जर ऑर्डर फॉलो करता है, किंग सोचता है। और किंग वाली सोच बाबा जी में शुरू से ही रही होगी। 100 8 स्वामी जगननाथ के पास 8 साल के थे, चले गए बता तुमने कैसे किया। और 100 8 स्वामी जगननाथ ने भी का आ बताता हूँ। अब सोचो 18 साल का बच्चा अगर पायलट के पास जाए बोले भाई तूने प्लेन कैसे उड़ाया तो पायलेट सिखाना थोड़ी शुरू कर देगा। कहते हैं कहते है चाबी है मुझे सिर्फ गाडी चलाने, मुझे क्या पता न जाने क्या पड़ी होगी। 100 8 स्वामी जगन नाथ को की, इतिहास बदल दिए, 8 साल के बच्चे को पकड़ लिए। आओ। मैं तुम्हें शिवयोग के सारे रहस्य बताता हूँ। बता भी दिए और अच्छा ही किया। आज जब दुनिया जहान में 35 हजार से ज्यादा शिवयोग के फोरम जब दुनिया की हर टॉप टेन कंपनी में शिवयोग की साधना सिखाई जा रही है, हर बड़ी यूनिवर्सिटी में शिवयोग पर शोध हो रहा है। तो मुझे भी लगता है 108 सौ में जगरनाथ की छाती गर्व से फूल जाती होगी। और वो भी कहते होंगे कि मेरा 11 सिक्का चल गया। और यही सोच शायद उन्होंने मेरे गुरु को दी। तो इसलिए मेरा गुरु सभी को कुछ भी दे देता है। जब मेरे गुरु बाली में थे, उन्होंने बुलाया जिस किसी को भी सीखना है शिव कृषि व सीखो पूछा नहीं कि तुम भारतीय मूल के हो, सनातन धर्म के हो, किसी को भी मैं सिखाता मैं देता हूँ। मैं तुम्हें ज्ञान दूँगा और बाली में 1 स्थान है, उबुद वहाँ के कुछ किसान है मेरे पास, तो उन किसानों ने बताया की हम ककाओ की खेती करते हैं, ककाओ वो चीजें जिससे चॉकलेट बनती। कहते तुम्हारे गुरु आये थे। कुछ साल पहले हमें कुछ सिखा कर के गए। उन्होंने कहा शिव योग सनातन भारत का ज्ञान है। और उन्होंने कहा कि वो उस भारत से आया हूँ जिस भारतीयों ने तुम्हारे देश को भी बसाया था। जो कि बात सच्चा इतिहास गवाह है। और उन किसानों ने सुना कहते हमने खेती करनी शुरू की। शिवयोग के हिसाब से। कहते हैं उस साल हमारी फसल में चीटियां लग गई। कहते हैं कि लाल चीटी जो होती है वो फसल बर्बाद कर देती है, काली चीटी अच्छी होती है, फसल को बढ़ा देती है। कहते लाल चीटी सबके खेतों में लग गई, सब के खेतों में लग गयी, सबका कका खत्म हो गया। मैं बड़ा दुखी हुआ कि अरे चॉकलेट खत्म हो गयी। कहते भैया जी हमारी भी फसल में चीठी लगी। लेकिन सबके लाल चीठी लगी, हमारे खाली चीठी लगी, चीठी हमारी भी लगी लेकिन हमारी काली चिढ़ी लगी और अब में सोच रहा हूँ कैसे? क्योंकि तरल विजन जिसका है वो कैसे बता सकता है? पेरीफरल विजन वाले को मनुष्य भाव की सीमाएं हैं। मनुष्य भाव तर्क तर्क में तक जाएगा, तुम कितना भी तर्क दे। 2 तुम कैसे समझा पाओगे इस बात को?










