गुरु कृपा से असम्भव भी हुआ सम्भव || ईशान शिवानंद

Shiv-yogi lost his newborn, then his wife's job and two miscarriages, spiraling into darkness. Skeptical of gurus before, he turned to Avdhoot Shivanand and Shiv-yoga practices like Lalita Rudram. He credits his guru with bringing him a son, stable work, and the strength to survive.
Chapters
1 शिवयोगी लिखता है की वो और उसकी पत्नी बहुत समय से चाइल्ड फॉर यर्स व 1 बच्चे को क्रिएट करना चाह रहे थे अपने जीवन में, और फिर वो भारत गए, कनाडा में रहते थे और भारत में जाके उनका बेबी शावर हुआ और बेबी शावर के कुछ दिन बाद उन्होंने अपना बच्चा खो दिया। और शिव योगी कहता है कि मेरी मां बहुत समय से शिवयोग में थी और हमेशा मुझ से प्रार्थना करती थी की मैं भी शिव योग में आऊं साधना करूँ। इस घटना के बाद मैंने अपनी माँ की सुनी कहता है? ki despite my reservations do to pass negative experiences with gurus in india, i fal shift within me after the loss of our child, it was as if my guru of dot shivanand was begning me little, did anticipate the trials that awaited a s? इन द यर्स टू कम कहता है कि मैंने इतना सब कुछ बुरा सुना था गुरुओं के बारे में भारत में, तो जब मेरी मां कहती थी तो मैं अपनी माँ की नहीं सुनता था। जब बच्चे को खो दिया तब मेरे भीतर 1 आस्था जगी और मेरे गुरु अवधूत शिवानंद ने मुझे अपनी ओर खींच लिया। मुझे क्या पता था कि मेरी जिंदगी में अभी 1 बहुत ही कठिन समय आने वाला था। कहता है आगे आगे मेरी पत्नी ने अपनी नौकरी खो दी और फिर उसके बाद जब उसको नौकरी मिली तो 1 बहुत कठिन स्थान पर मिली जहाँ पर उसके साथ बहुत बुरा भला होता था। कहता है सब के बीच हम 1 दूसरे शहर में गए जहाँ पर 1 बार फिर मेरको 1 अच्छा काम मिला, लेकिन अच्छे काम के बावजूद 2 बार फिर मेरी पत्नी की मिस्कैरिज हो गई। कहता है इतना सब कुछ होने के बाद 2 हफ्ते पहले हमने अपने जीवन में पहला बच्चा 1 लड़का प्राप्त किया। रिफ्लेक्टिंग on the टुमुलस जर्नी of the past year, i m hamबld by the role siviohasp्लेt कहता है जीवन में इतनी उथल पुथल के बाद अंत में अच्छी नौकरी मिल गई, अच्छा सक्सेस मिल गया और महादेव ने मुझे 1 बच्चा भी दे दिया। कहता है कि मुझे बहुत खुशी हुई और मैं हंबल हो गया कि शिव योग मेरे जीवन में आया। कहता है शिवयोग सस्टेंड मई फेट एंड गाइड मी थ्रू द डार्केस्ट मोमेंट अंधकार की घडी में शिव योग वो प्रकाश था जो मुझे उस अंधकार से खींच करके बाहर ले आया। थ्रू रेगुलर प्रैक्टिस फ्रॉम फोरम वाई ओआईएन ललिता रुद्रम आई फाउंड सोलेस एंड स्ट्रेंथ कहता है अनुष्ठान के माध्यम से, वाईवाई के माध्यम से, फोरम के माध्यम से। मुझे शांति एवं शक्ति। मिली। कहता है मैं गदगद हूं और धन्यवाद करता हूँ अपने गुरु का वो सब सबक जो उन्होंने मुझे सिखाया और वो सारी कृपा जो उन्होंने मुझे प्रदान की। मेरे गुरु अवधूत शिवानंद हैज। बीन अ कोंस्टेंट सोर्स ऑफ सपोर्ट एंड इंस्पिरेशन कहते हैं की मेरे को मेरे गुरु से बहुत शक्ति, सपोर्ट और इंस्पिरेशन मिली। फिर उसके बाद बहुत बहुत सारा धन्यवाद लिखा है तुम्हारे शिव तुम से बहुत प्यार करते हैं और जब तुम्हारे जीवन में कभी कोई कठिन समय आने वाला होता है तो ये प्रकृति जो महादेव ने तुम्हारे लिए बनायी है, जिसकी रचना की है, इस प्रकृति में महादेव कभी भी तुम्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे। अगर वो कठिन समय आने वाला है तो न जाने कहाँ से महादेव। तुम्हारे जीवन में आके तुम्हें प्रेरणा देंगे कि गुरु का हाथ पकड़ लो।










