ईशान शिवानंद describes a newborn's first cry and the chaos of birth, then the mother's embrace as the child's first lesson in surrender. When confusion and fear arise in life, he says, return to the mother and surrender to her protection.
Chapters
जब हम पैदा हुए थे तो हर बच्चा चीखता चिल्लाता दुखी पैदा होता है क्यों? क्योंकि जब माँ के गर्भ में है, खुश है और जो प्रसव का पूरा प्रोसेस है, सोचो बच्चे पर क्या प्रभाव डालता होगा? 1 माँ बच्चे को बाहर खेल रही है, चिकित्सक खींच रहा है, फिर उसके विकल कोर्ट, फिर डॉक्टर वैक्यूम लेकर एम्रोयकलफ्लूएट बाहर निकालता है, फिर बम्टीपेदेखकर चांटा मारता है और बच्चा भी, ये क्या हो रहा है और बच्चा क्या करता है द फर्स्ट थॉट दैट वी पीरियंस वैन वी आर वन इ इस वाट गेस एंड कंफ्यूजन की ये हो क्या रहा है और फिर चिकित्सक लेता है और बच्चे को माँ के पास रख देता है एंड वाट इज द फर्स्ट लेसन दैट वी जब हम माँ के पास रखे जाते है, हमारी माँ हमें गले लगाती है और हम अपनी माँ को सरेंडर कर देते हैं यार क्या प्रेम है अरे और ये पहला लेसन, ये हमारी पहली गुरु दीक्षा होती है की माँ को सरेंडर कर 2 अगले 10 साल तक बच्चे के जीवन में जब कयास आता है, जब कनफ्यूजन आता है, वो क्या कहता है, इधर दौड़ जाता है क्यूँ की सब कांशेस दिक्षा क्या मिली है की जब पूंछ में आग लगे, जब कनफ्यूजन हो, माँ को खोज लो, माँ को सरेंडर कर। 2।