In this Hindi testimonial, the speaker recounts a harrowing incident in 2023 while traveling with her husband after Dussehra. They were on a speedboat traveling at 90 km/h in the sea when a sudden storm with heavy rain and high tides (5‑6 foot waves) struck, causing severe turbulence and fear. As the waves battered the boat, the speaker felt intense anxiety but recalled the name of Lord Shiva and the spiritual teacher Shivānand. She began chanting a specific mantra ("आवधूतमहासेदम् ...") which instantly brought her inner peace, calm, and confidence. The turbulence lasted about an hour, after which the sea calmed and they safely reached shore. The speaker expresses deep gratitude to Baba Ji, the Shiv‑Yogi community, and acknowledges the newfound inner strength that she attributes to divine presence. The narrative blends a vivid description of the physical danger with a devotional, transformative experience, highlighting the power of faith and mantra in crisis.
Chapters
कहते है 2023 में में ट्रैवल कर रही थी अपने पति के साथ और जैसे ही अनुष्ठान खत्म हुआ दुशहरा के बाद हम अपने होटल में थे कई छुट्टी उट्टी मनाने गए थे और हम समुन्द्र में स्पीड बोर्ड के अन्दर थे हम 90 किलोमीटर स्पीड बोर्ड में पानी में कहीं जाना था हम पानी के बीच बीच थे और मौसम बहुत खराब था 1 बारिश शुरू हो गई मौसम और खराब होता चला गया हम समुद्र के बीच बीच दूर तक कुछ भी दिखाई नहीं पड़ा जैसे जैसे हम आगे बढ़ते गए टर्बुलेंस बढ़नी शुरू हो गई बड़ी बड़ी लहरों ने हमारी स्पीड बोर्ड को घेर लिया लहरों की चपाट हमारी स्पीड बोर्ड पर पड़ रही थी एटलीस्ट फाइव सिक्स वाटर व इन हाई टाइड फाइव सिक्स फीट वाटर ओ हो हो हो फुट की लहरें समुद्र के बीचों बीच इनकी पीको पेड़े मार रही थी 1 के बाद 1 और ये डामा डोल कभी यहाँ तो कभी वहाँ तो कभी कहती है जो वोट चला रहा था उसके चेहरे पर मुझे बड़ा तनाव दिख रहा था कहती है जीवन भर मैंने चिंताएं अनुभव की जिंदगी भर में घबरा ही हूँ और जब वोट वाला घबरा रहा है से फुट के पेड़े हमारी किश्ती को पढ़ रहे है मौसम खराब खराब होता जा रहा है और हम समुद्र के बीचों बीच है 90 किलोमीटर दूर जाना है तो मैंने भी चिंता करनी शुरू कर कहती है हर क्षण मुझे लग रहा था अब निपटे तो तब निपटे आज तो निपट ही गए और कहती है 1 दम से मुझे याद आया शिव शिवानंद शिवयोगी सो सडनली और कहती है मैंने बोलना शुरू कर दिया आवधूतममहासेदम दि व्या दी भोग मोक्ष प्रथम देव महासिद्ध नम और कहती है मेरी चिंता चली गई कहती है मेरे भीतर 1 शांति आ गई और मैं मजे से बैठी हूँ एक्साइटमेंट में खुशी खुशी धन धरम धरम अभी भी मेरा हाल ऐसा ही है क्यूँ की इधर उधर इधर उधर मैं जा रही हूँ लेकिन मैं मंत्र करती जा रही हूँ और मैं बड़ी खुश हूँ मैं मुस्कुरा रही हूँ कहती है 1 घंटे तक टर्बुलेंस चली 1 घंटे तक खराब मौसम आरोप बाबा जी की कृपा ऐसी 1 घंटे बाद सब कुछ शांत हो गया शांत एंड वी सेल थ्रू हमारी किश्ती निकाल ही ले गए मेरे अवधुत हमें ले ही गए दुसरे बार मेरा पाती उसने मुझे कहा यू आर नेवर लाइक दिस तुम तो इतनी ब्रेफ कभी थी ही नहीं तुम तो इतनी शक्तिशाली कभी थी ही नहीं आज तुम्हें क्या हो गया हाऊ कुड यू फेस 10 शो बरेली आज तुम में यह शक्ति कहाँ से आ गयी कहती हैं आज मैं अकेली नहीं शिव और शिवानंद मेरे साथ है कहती है धन्यवाद बाबा जी का धन्यवाद मेरे शिव योग परिवार का ऑलवेज सो सो थैंकफुल तो यूँ ईशान भैया।