Mahasiddh Avadhut teaches Lalita Rudra Trishati, a mantra practice he describes as a rare Shiva-Shakti sadhana. He shares stories of children who received the mantra and reported immediate inner peace and life changes, emphasizing that the practice's true power comes from Mahadev, not the guru, and reaches only those whose destiny aligns with it.
Chapters
महासिद्ध अवधूत ने देखा कि अगर मुझे अपने शिष्य को साधना देनी है तो मैं मंत्र स्वरूप में शिव शक्ति साधना इन्हें प्रदान करूँगा। ललिता रूद्र। तिशति ये साधना तुम्हें कहीं और नहीं मिलेगी। तुम जा के किसी से रुद्री का पाठ सीख सकते हो। लेकिन बीच मंत्रात्मक साधना जिसमें गुरु की शक्ति शक्तिपात स्वरूप में छिपी है, तुम उसे खोज नहीं पाओगे। तुम फिर कहीं जाके तरसती का पात कंठस्त कर सकते हो। लेकिन श्री विद्या उपासक से श्रीविद्या की साधना तुम ललिता रुद्र के स्वरूप में प्राप्त नहीं कर पाओगे। ललिता रुद्र, तरसती की साधना। आज जिसका दिव्य स्वरुप तुम्हारे हाथ में इस किताब के माध्यम से है, ये तुम्हें संसार में कहीं और नहीं मिलेगी और तुम्हारे भीतर धन्यवाद का, प्रेम का भाव बढ़ना चाहिए। क्योंकि आज महादेव ने तुम्हें चुना जिस साधना के माध्यम से मारकंडे अपने भाग्य को बदल सके, आज उसी साधना का 1 स्वरूप तुम्हारे हाथ में है। यह साधना केवल 1 भाग्यशाली साधक को ही मिल सकती है। अब मुझे नहीं पता कि यह भाग्य तुम्हारा था या तुम्हारी पत्नी का या तुम्हारे पूर्वजों का, लेकिन किसी का तो भाग्य रहा होगा, जिसकी वजह से तुम मेरे सामने बैठे किसी का तो भाग्य रहा होगा। कि तुम्हें 1 दिव्य ताकतवर एवं सरल साधना मिल रही है। 1 ऐसी साधना जो 1 ग्रस्त कर सकता है। 1 ऐसी साधना जो कठिन नहीं, क्योंकि अगर मैं किसी बच्चे के पास जाऊँ आँखें बंद करा और बोला चल मेरे साथ साधना करे तो 10 में से 5 बच्चे हमेशा कहते भैया हमारा ध्यान नहीं रखते और अगर उसी बच्चे के हाथ में मैं ललिता और उधर तिषेतिदूं और बोलो मेरे साथ बात कर तो 10 में से 10 बच्चे बोलेंगे भैया पाठ होंगे। 10 बच्चे बोलेंगे इस पाठ में हमने बहुत ऊर्जा को महसूस किया, 10 के 10 बोलेंगे कि इस पार्ट के बाद मन में 1 शांति अनुभव हुई और उस 10 में से न जाने कितने बच्चे फिर मेरे को लिखते भी हैं कि भैया मेरी लाइफ में ऐसा ऐसा मिरिकल हो गया और इस बात को समझो ये जो मेडिकल्स तुम्हारी लाइफ में होंगे न, ये इसलिए नहीं क्योंकि कुछ मैंने छूमंतर कर दिया और तुम्हारे जिंदगी में चमत्कार हो रहे हैं। तुम्हें इस बात को समझना है यहाँ पे मेरी ताकत नहीं, ताकत तो महादेव की है।