Elemental Ascension | Mindful Matters | Ishan Shivanand

Ishan Shivanand guides a meditation on using inner awareness to transform stress into spiritual growth. He traces many COVID deaths back to chronic stress and unhealthy coping, arguing that pain and grief are teachers, not problems to numb. Bhakti yoga, he says, dissolves fear by recognizing the divine spark within.
Chapters
आप सब को, आप सब के भीतर के भगवान को, मेरा प्रणाम शंभर के लिए बिल्कुल सीधे बैठ जाए, पीठ सीधी गर्दन सीधी आँखें बंद 1 गहरी सांस लेना, पूरी सांस भीतर सांस बाहर और मन ही मन स्वीकार करना, शिव अनंत, शिव कृपा, नंत मेरे भगवान अनंत हैं, उनकी शक्ति अनंत है। 1 और गहरी सांस भीतर सांस बाहर और भाव। अगर मेरे भगवान अनंत है तो उनका 1 स्वरुप मेरे भीतर भी विराजमान है, क्योंकि मैं अनंत का हिस्सा हूँ। अगर हर कण के भीतर मेरे शिव की शक्ति विराजमान है। आज मैं अपने शरीर में अपने भगवान को, उनके तेज को, उनके तप को स्वीकार करता हूँ। जिस प्रकार से हर पत्ता वृक्ष का ही हिस्सा है, उसी प्रकार से मैं आज स्वीकार करता हूँ कि मैं अपने भगवान से उत्पन्न और 1 दिन अपने भगवान में लीन। 1 और गहरी सांस लेना सास बाहर। अगर तुम्हारे भगवान तुम्हारे भीतर विराजमान है, आज अपना ध्यान अपने शिव के स्वरूप की ओर लेकर के जाओ। जो तुम्हारे भीतर आज उस स्वरुप को स्वीकार करो, प्रणाम करो, उस स्वरुप का धन्यवाद करो और मन ही मन भाव। मेरे भीतर जो शुभ स्थित है, आज मैं प्रार्थना करता हूँ, जागरत भव जागरत भव। मेरे भीतर जो शक्ति ताकत ऊर्जा विराज मान है, हे शिव सेवा। आज ये जागरत हो। मेरे भीतर जो अनंत का बीज विराजमान है, मैं इसे स्वीकार करता हूँ, प्रणाम करता हूँ। 1 और गहरी सांस भीतर सांस बाहर और शंभर के लिए जो भीतर शिवतत्त्व विराजमान है, उसको देख के ऐसे मुस्कुराना जैसे 1 बालक अपने पिता को देख मुस्कुराता है अपने भीतर 1 गहरी शांति उत्पन होने 21 शांति जो 1 बालक के भीतर उत्पन्न होती है, जब उसके पिता ने उसका हाथ थामा है। when you feel safe, when you feel happy, when you feel protected try to remember this feeling a leted come on the service as you sit accept एप्रीशिएट एंड बी ग्रेटफुल for the god who lives विदिन एस दिस थॉट अवेकंस जैसे जैसे ये भाव बढ़ता है, तुम्हारे भीतर की दिव्यता जागृत होगी। जिस प्रकार से सूर्य की किरणे बीच के भीतर का वृक्ष जागृत करती है, तुम्हारा भाव, तुम्हारे भीतर स्थित शिव तत्व को जागृत करेगा। जैसे जैसे भाव बढ़ता है, शिव तत्व बढ़ता है। जैसे जैसे शिव तत्व बढ़ता है तुम भाव बढ़ने। 2 आखिरी सांस भीतर सांस बाहर और मुस्कराते हुए धीरे धीरे अपनी आंखें खोलें, हथेलियों को रगड़ें और चेहरे को स्पर्श करते हुए अपनी आंखें खोल दें। मैं बहुत प्रेम व सम्मान से आप सबका स्वागत करता हूँ आज के इस माइंड फुल मैटर्स में, और मैं प्रार्थना करता हूँ कि आप सब जहाँ कहीं भी हैं, खुश हैं, तरब्तहै और उस दिव्यता की राह पर है। आज आपके साथ आई वुड लाइक टू शेर 1 अनुभव जो 1 साधक का हुआ अब धीरे धीरे कोविल डिस्ट्रिक्शंस हट रहे हैं औ बहुत समय के बाद कुछ शादकों के साथ बैठने का मौका मिला। जब शादकों के साथ बैठा तो उसमें से 1 परिवार बहुत खुश और उस परिवार ने अपना अनुभव मुझे बताया और वही अनुभव मैं आपके साथ शेयर करना चाहूँगा। परिवार ने बोला कि पिछली गर्मियों में देर और फोरेस्ट फायर्स इतनी गर्मी पड़ी इतनी गर्मी पड़ी कि जंगल में आग लग गई। और जब आग लगी तो आग ऐसी फैली कि हजारों एकड़ जल के भस्म हो गया। और जो जंगल की आग होती है न, वो बहुत तेज गति से फैलती है, इतनी तेज गति से फैलती है कि मौका नहीं मिलता और वो जो परिवार था वो बेचारा उस जंगल की आग में अटक गया और उस समय उनके पास करने को कुछ भी नहीं था। 1 छोटा सा साधारण सा मनुष्य है और 1 जंगल की आग है। इतनी विशाल इतनी प्रचंड। उन्होंने कहा कि हमने बस उस स्थान पर बैठ के साधना करनी शुरू की और फिर न जाने क्या हुआ फायर फाइटर्स आए वो स्थान से गए या जो कुछ भी हुआ जब आग खत्म हुई, आग आगे बढ़ गई। उन साथको ने बताया जब वह अपने घर वापस लौटे लेटसाइड। आग बढ़के आगे चली गई। राइटसाइड आग बढ़के आगे चली गई और उन्होंने कहा सिर्फ 1 उनका घर था जिस पर आग पहुंची ही नहीं। जब वो ये बात मुझे बता रहे थे, उनकी आंखें हल्की सी भीग गई, वो समझाने की कोशिश कर रहे थे। उनकी छोटी बेटी बगल में बैठी they टराyngटोबीasलoजिकल ऐज दे कोड बी दे वर ट्राइंग तो कप्लेन जस्ट लाइक। you know modis parted the red s it was as it just for a second, the fire was parted, an everything on this side on everything on that side gone, but the place will or house was somehow it was protected। आग कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, अगर मनुष्य इस बात को समझता है। शिव अनंत, शिव कृपा, अनंता तो बहुत कुछ हो सकता है। क्योंकि जो भगवान है, जो शक्ति है, जो दिव्यता है। कभी आप ध्यान से सुनना तो हम कहते हैं भगवान को। हे भूत नाथ वन हू इज द मास्टर ऑफ ऑल the lmेnटshe पशुपति नाथ the main, who is the mas्टर ऑफ ऑल the क्रीचर्स हे महादेव, मैं आपको प्रणाम करता हूँ, स्वीकार करता हूँ, जागृत करता हूँ। अब यह घटना मैंने आपको इसलिए बताए इसलिए नहीं कि आपका अपने भगवान पे, विश्वास बढ़े। यह घटना मैंने आपको इसलिए बताई क्योंकि इस घटना से हम कु कुछ सीख सकते है। there is a very important lesson to be learned from this incident and the lesson, here is how do भी रिएक्ट। तो सिचुations हम किस प्रकार से जब घटनाएं हमारे जीवन में आती हैं तो उनका हमपे क्या प्रभाव होता है और हमारे रिएक्शंस क्या होते हैं? दिस इस द मोस्ट इम्पोर्टेंट लेसन that यूएनआई कैन डिस्कस टुडे राइट हैर। राइटन। कुछ समय पहले डब्लू एच ओ ने 1 रिपोर्ट निकाली थी जिस रिपोर्ट में वो बात करते in the मॉdनवo्lडकिस प्रकार से 1 प पेंडेमिक करुणा से पहले फैल रहा था जिस पेंडेमिक को वो कह रहे थे द डेट्स ऑफ डिस्पेयर डे ऑफ डिस्पेयर का मतलब। उन्होंने कहा रोज कई सैकड़ों लोग मर रहे थे और अगर आप उनके डेथ सर्टिफिकेट को देखते हो। तो दे सर्टिफिकेट पे ये लिखा है। हाँ लिवर फेलियर हो गया, हार्ट फेलियर हो गया, ओबिसिटी की वजह से मर गए, डायबिटीज की वजह से मर गए, ब्लड प्रेशर की वजह से मर गए। लेकिन अगर और ध्यान से आप शोध करते हो उस डेथ सर्टिफिकेट के ऊपर, तो आपको पता चलेगा द कॉज ऑफ डेट जो करुण लिखता है इट इज नोट लिवर फेलियर लिवर फेलियर क्यों हुआ, लिवर्स्क्लरोसिस क्यों हुआ? क्योंकि वो बैठ कर दारू पीता था, दारू क्यों पीता था, बिकॉज भीतर इतना स्ट्रेस था, इतनी एंग्जाइटी थी, उसको पता ही नहीं। हाऊ टू डील वित स्ट्रेस एंड एंग्जाइटी तो वो दारू पी रहा है। तो अगर हमने लिख दिया डेथ सर्टिफिकेट के ऊपर, डेट बाय fेlerऑflivरइiस फॉल्स, it is नोट बाई फेलियर ऑफ लिवर, it is बाय स्ट्रेस 1, आदमी ओ बी सी डी से मर गया और आपने लिखा ओके हार्ड प्रेशर बिकॉज ऑफ वेट। इसलिए मर गया, लेकिन और शोध करते हो तो पता चले फूड वाज द ओनली कंफर्ट इस व्यक्ति के जीवन में और कुछ था ही नहीं। तो इसलिए जब दुखी होता, जब भयभीत होता, कुछ भी होता, तो वो खाने के पास जाता, अपना प्रेम खोजने, शांति खोजने और खा खा के, खा खा के मर गया। और ऐसे करते करते कई हजार हफ्ते के। उन्होंने डेथ सर्टिफिकेट निकाले, जिसमें लिखा तो है कि हां ऑर्गन फेलियर से ये लोग मरे हैं। lakin, it isnt argan faliure, it was live stile, disorders, cost, doto the hardships, the mental pressure, the stress, and the engsaitycost, because of the life, well today to। उन्होंने कहा, edition doesnt kill so many people, polio doesn kill so, many people, dengu doesn kill so many people, what actually किल्स people is the mental pressure, the mental blockage, everything else that you see the life stile disorder, it is a symtom of that mental blokage of that pm that make come in our life, and because of this concept of bits of despair, another concept started, coming up a great eversion to ban। क्योंकि जब दर्द होगा, दुख होगा, तो हमे पता ही नहीं। how to deal with that pain that pan will persist, it will become a life stile disorder, the life stile disorder will become a disease, and the disese will lead to death, hands, the span led to a new concept that said we should be e worst to pin, and this thought led to nother crices the obeid pendik, why, because in the nineties and the two thousand। चिकित्सकों को लगना शुरू हो गया कि देखो, दुख तो बहुत खराब चीज है, दर्द तो बहुत खराब चीज है, बहुत ही ज्यादा स्ट्रोंग पेन किलर्स प्रिस्क्राइब करो लोगों को, और पेन किलर का। मतलब क्या था कि मुझे फीलिंग होनी, बंद हो जाए। अब आप खुद सोचो, मुझे दुख है, मुझे दर्द है। और मैं दवा खाता हूं कि मुझे फीलिंग ही न हो। और मैं यह नहीं सोचता कि ठीक, मुझे दुख भी नहीं हो रहा, मुझे दर्द भी नहीं हो रहा। लेकिन अगर फीलिंग ही नहीं हो रही, तो साथ ही साथ मुझे शायद खुशी भी न हो साथ ही साथ मुझे प्रेम की अनुभूति न हो साथ ही साथ मुझे भक्ति की भी अनुभूति न हो साथ ही साथ मुझे कोई भी अनुभूति न। and the oपआईpendmicकtअप al, the other सीक्ueंcis t used to happen in the protocall of the dेtऑfdspaरडेथ। सपेर में क्या होता था, पहले दुख था, फिर कश थी, फिर पीड़ा थी, फिर लाइस्टाइल डिसऑर्डर था, फिर बीमारी थी, फिर इवेंचुअली डेत थी, ओपीआर, पेंडेमिक में क्या हुआ, दर्द हुई, दवा, खाई, एडिक्शन हुई, सीधाई डेत ओड और यहाँ पे। 1 समय के बाद कहीं न कहीं हमें स्वीकार करना होगा कि इस शरीर में जो हमारे भगवान ने डाला है, हमारे भले के लिए डाला है। कहीं न कहीं हमें स्वीकार करना होगा कि हमारे जीवन में जो हमारे भगवान ने हमें दिया है, हमारे भले के लिए दिया है। शायद इसीलिए भारत में भक्तियोग पर इतना जोर दिया गया था, शायद किसी और देश, किसी और सभ्यता, किसी और कल्चर ने कभी भी भक्ति पर इतना शोध नहीं किया जितना भारत ने किया है। और भक्ति का यही मतलब है कि उस अनंत से प्रेम करना सीखो और अगर उस अनंत से प्रेम करोगे, तुम अपने आप से प्रेम करोगे। और अगर अपने आप से प्रेम करते हो तो तुम्हारा जो रिश्ता है दुख और दर्द के साथ, ये बदलना शुरू हो जाएगा। क्योंकि जहाँ नाइंटीज में दुनिया को सिखाया जा रहा था, हैव एंड एवर्जन टू पेन। नाइंटीज में मैं भी बड़ा हो रहा था, और मेरे घर में हमेशा मुझे सिखाया गया। तप तप तुम्हें याद होगा, हो सकता है तुम्हारे माता पिता भी तुम्हारे साथ पैसे हैं। और तपस्या का मतलब क्या था कि तुम्हें सिखाया जाता था कि ठीक है। इट इज पेन, इट इज ऑल राइट। it is your friend live vidit len formet groititletetchange you let it। heal you do not be a fred of that pain, or that misery, but understand that is। लेसन इंसाइड दैट इंसीडेंट की ठीक है। अभी ये दुख है, यह कष्ट है, अगर तुम उस स्थान पर बैठे रहते हो, मुस्कुराते हो दुख को देख कर, तो तुम समझ लेना नेसेसिटी इज द मदर ऑफ इन्वेंशन कहीं न कहीं से तुम्हारे कंकड के भीतर 1 विकास उत्पन होना शुरू हो जाएगा। एस्केपिज्म इज नेवर द आंसर इस्केपिजम का मतलब क्या है? हे भगवान, मेरे जीवन में यह दुख आ गया। मुझे इस दुख से बाहर निकालो। और साधना का क्या मतलब है? हे भगवान, मेरे जीवन में ये दुख आ गया। मैं इस दुख को अकेला नहीं झेलना चाहता। मैं इस दुख में भी आपका आवाहन करता हूँ। आओ मुझे शक्ति। 2 ताकि जो मुझे सीखना है, समझना है, मैं सीख सकूं और इस घटना से ऊपर उठ सको। मैं 1 बार फिर बोलूंगा सकेपका, क्या मतलब है? भगोड़े का क्या मतलब है भगवान? ये मेरे सामने क्या आ गया? इसको हटाओ, इसको हटाओ, इसे खत्म करो। मलाइक स्पोइल्ट ब्रेड, आई डोन्ट वन। i dont need this get। और तुमने देखा होगा, जितने भी लोग सुपरस्टीशन की ओर बढ़ते हैं, वो हमेशा ईवन, दैट सुपरस्टीशन इज वेरी स्पॉइल्ड ब्रैड के अच्छा आपके। आपके जीवन में 1 समस्या आ गई है, ठीक है कर। 2 ये चंदन कर 2 ये मिट्ठी कर 2 ये तेल कर 2 ये टीका कर 2 ये पूजा कर 2 उस समस्या चली जाएग और शिव कभी भी सुपर स्टेशन को बढ़ावा नहीं देता, वो कहता है कि देखो लेसन बहुत समय की बात है। 1 बार मैं बैठा था अपने गुरु के साथ सामने 1 व्यक्ति आया और वो व्यक्ति बाबाजी के सामने न जाने क्या अनाप शनाप बोल रहा है कि बाबाजी मेरी पत्नी से नहीं बनती क् मेरा शनी गलत घर में बैठा है और मेरी पत्नी से इसलिए नहीं बनती क्योंकि मेरा शनी गलत घर में बैठा है। मेरा शनी गलत घर में बैठा है। बाबा जी मुस्कुराए और बोले तेरी पत्नी से इसलिए नहीं बनती क्योंकि तू शाम को अपने घर की जगह अपने पड़ोसी के घर में बैठा है और अगर तुझे अपनी परोसन इतनी अच्छी लगती है कि तू शाम को अपना घर छोड़ के उसके घर में बैठा है तो तू शनी को तो कहना बंद कर की वो गलत घर में बैठा है, वो बिल्कुल सही घर में है लेकिन 2 रात के 9 बजे पडोसन के घर में तो शायद इसलिए नहीं बनती तो शनी का घर छोड़ तू अपने घर पर ध्यान दे और ये चीज शायद समझ नहीं आएगी। sपोbैtवilholवi आई वान टू एस्केप, द सिचुएशन भगवान, इस सिचुएशन को हटाओ, मुझे यहां से निकालो। and a shibogywill, say, he shul, siva you coming this situation, आप मेरे साथ, मेरे बगल में मेरे भीतर lets face, the music is grow, lets eval और तब का यही मतलब है, the confidence, the ability to persivier to go through to not si, a way from hard work to not shy away from the power and potential, द डिविनिटी कैन क्रिएट इन योर लाइफ अगर एस्केपिज्म होगा। फिर फिर समस्या है, क्योंकि फिर भागते ही रहेंगे। हे भगवान, मुझे इस इस स्थान से हटा। 2 फिर हे भगवान, मुझे इस रिश्ते से हटा। 2 हे भगवान, मुझे इस देश से हटा। 21 बार की बात है मैं मसाया मारा केनिया में था और वहाँ पर 1 ग्रेट माइग्रेशन होती है और मारा रिवर है और मारा रिवर के भीतर डायल क्रोकोडायल है और जो बिल्डर बेस्ट है वो नदी के 1 पार होते हैं और जो मेरा गायब था उसने मुझे कहा, ishan you are about to now that from var, this seing comes, the grass is greener on the other side नदी का 1 तरफ था मारा नदी थी, घास ही घास थी, दूसरी तरफ भी घास ही घास थी लेकिन न जाने क्या हुआ की जितने भी बिल्डर 20 थे उन्होंने दूसरी तरफ देखना शुरू कर दिया कि अरे वाह वो देखो घास वहाँ पे कितनी अच्छी दिखती है और न जाने क्या हुआ। 11 लहर, मची और सारे के सारे बिल्डर 20 कूद के नदी पार दूसरी तरफ चले गए घास खाने और जब कभी भी बिल्डर 20 नदी पार करते तो मारा रिवर में जितने भी घडियाल हैं, उनकी दावत होती है। और अगर तुम सोचो कोई कोई दुख है ही नहीं कि नदी पार करो घड़ियाल को भोजन 2 लेकिन न जाने क्यों 1 बिल्डर 20 के भीतर 1 सोच है कि यहाँ पे मैं हूं, मैं भी आ म मिसिंग आउट समि, फिर ऑफ मिसिंग i क्रॉस द रिवर देर देर इट विल बी बेटर देर the grass is gener on the other side and every time। ऐड ग्रेट रिस्क ऑफ लाइफ बldbीssकiपऔर जिंदगी भर यही करते रहते हैं, पहले मारा रिवर के 1 तरफ, फिर मारा रिवर् के 1 तरफ, तब तक जब तक घड़ियाल उनको खा नहीं जाता। और यही होगा इसके पिसम से, यही होगा इसके पिन से। कभी 1 जगह जाओगे, कभी, फिर दूसरी जगह जाओगे, फिर तीसरी जगह जाओगे। कहीं न कहीं तुम शिवयोगी तुम्हें स्वीकार करना होगा कि आज इस थान पर मैं आवाहन करता हूँ और स्थापना करता हूँ अपने भगवान की। और देखो कहीं न कहीं तो तुम्हें स्थापना करनी होगी न मेरे गुरु ने हमेशा मुझे सिखाया कि शान यू कैन इधर इन वोक गॉड इन स्टोन और यू कैन इनवोक गॉड इन ब्लड एंड बोन। तुम या तो अपने भगवान का आवाहन करोगे 1 पत्थर के भीतर जिस पत्थर का निर्माण इंसान ने किया है, या तुम अपने भगवान को स्वीकार करोगे अपने भीतर। और याद रखना तुम्हारा निर्माण भगवान ने किया है। सो आई वुड रादर ट्रस्ट गॉड दन टरstmenजोभगोडा है ही विल आलवेज क्टरनलाइजtडिबिलिटy जो shivyogiहैthewill always internalize the deity and इफ यू इंटरnlizethe divinity। अगर तुम्हारे भगवान तुम्हारे भीतर है, फिर फिर कोई चिंता ही नहीं, ठीक है, पीड़ा आ गई, घटना आ गई, कुछ ऊपर नीचे हो गया, ठीक है। it is a lesson, we will लन, we will face, we will is। विशल पर सिवियर विशन क्यों, क्योंकि शिव अनंत, शिव, कृपा, अनंतता और जब इस परिवार से मैंने बात की, जिस परिवार की मैं बात कर रहा था, आपसे वो परिवार जिसके घर के सामने आग आई, न जाने कैसे 2 हिस्सों में विभाजित हो गई। जो फायर फाइटर्स हैं, वो भी सिर पकड़ कर बैठे हैं कि हुआ कैसे? उनके भीतर ये सोचते ही नहीं कि हम भाग जाएं। या हे भगवान, हमें यहाँ से निकाल 2 हे भगवान, लेटस कम्पलेन या हे भगवान, क्या पड़ी थी तुम्हें आग लगाने क्या, हे भगवान, खुश तो आज बहुत होगी तुम। the एनर्जी वज नोट वेस्टेड एट आल वज वेरी सिम्पल एंड फोकस वजन that i pray to shiva get me out the energy was simple, hey shiva come here right now staved as be he ave i in walk you, i accept you and i am gradful to you and you are in this situation in me। राइट नाव राइट हेयर। और जब भूतनाथ पशुपति नाथ तुम्हारे साथ है, तो अग्नी तो बस पंच भूतों का 1 हिस्सा है, फिर अग्नी भी तुम्हारी सुनेगी, फिर संसार भी तुम्हारी सुनेगा, और फिर तुम पाओगे तुम्हारे जीवन में 1 दिव्य, शक्तिशाली और गहरा बदलाव उत्पन्न होना शुरू हो जाएगा। और यही मैं चाहता हूं कि अब अपने जीवन में कोशिश करो यह बदलाव लाने की the grass is not green somewhere else, all maybe the grass is green there, because it rains, there are lot, what you need in this moment, right, now is maybe the rain and the shower of sungiveny, may be what you read। राइट नाव हैर इन दिस, मोमेंट, इस ब्लेसिंग दगेश, शायद तुम्हें इस इस स्थान पर उदिव्यता चाहिए। और शायद अगर दिव्यता का, तुम इस स्थान पर आवाहन कर लोगे, तो यह स्थान भी उतना ही, हरा भरा खूबसूरत दिव्य, ताकतवर मजेदार हो जाएगा। कभी तुमने देखा है कि 1 स्थान पर अगर तेजाब फेंक, तो फिर कुछ उठता ही नहीं। तुम्हारी नकारात्मक सोच, नकारात्मक भाव। तुम्हारे भीतर का दुख और घृणा तेजाब फेंकना है। भाग्य के ऊपर, फिर कुछ नहीं उगेगा, फिर तुमने खेत में नमक डाल दिया। तुम्हारी श्रद्धा तुम्हारी भक्ति, तुम्हारा विश्वास खाद है। तुम अपने भाग्य पर, हमेशा खाद डालो, भक्ति डालो, दिव्यता डालो, प्रेम डालो, नकारात्मकता का तेजाब मत डालो, अगर खाद डालोगे, तुम पाओगे, बाहर चाहे, जो कुछ भी हो, तुम्हारा भाग्य उदय होता चला जा रहा है। समस्या कहाँ आती है जब हमारे जीवन में यह सोच नहीं कि हमारे भीतर भी भगवान है, कि हम 1 अनंत से जुड़े है। और अगर यह सोच नहीं होगी, तो अगर दुख होगा। or peda hogy, it will bring, cars and confusion, because then i dont not understand, why it happen to me? and if i do not understand? and if there is cause, there is confusion, then the only thing that i can do it may be go। टू द प्रोसेस ऑफ डेट्स ऑफ डिस्पेयर और गो टू द प्रोसेस ऑफ the oparपendmiक। बट देर, इस थर्ड वे आलसो 1 तीसरा उपाय भी है, शिवयोग का उपाय, साधना का उपाय, हीलिंग का उपाय, खुशी का उपाय, और उस रास्ते पर जब तुम चलते हो, तुम अकेले नहीं हो, तुम्हारे भगवान तुम्हारे साथ है, तुम्हारे गुरु तुम्हारे साथ है। यू चेंज द रिलेशनशिप, दैट यू हैव विद स्ट्रेस and pan पेन इज नौट बैट स्ट्रेस पुरा ने कुछ समय पहले साइंस पोंड साइंस की कॉन्फ्रेंस में बाबाजी को भी नेवता दिया, और बहुत सारे चिकित्सक थे। और किसी 1 चिकित्सक ने शुरुआत की कि स्ट्रेस कितना खराब है, देखो, ओपी पेंडेमिक के पीछे स्ट्रेस है, डेतसवॉफडिस्पेर के पीछे स्ट्रेस है, स्ट्रेस खराब है, स्ट्रेस को मारो, स्ट्रेस को पीटो, स्ट्रेस शैतान है, पत्थर मारो, इसको न जाने क्यों इतिहास में हमेशा इंसानीयत चेतान ढूंढती है दानव ढूंढते। और ये जो कंसेप्ट है न देवता दानव का, यह सनातन धर्म का नहीं है, यह बाहर से आया। तुम अगर देखो हमारे यहाँ तो everything was very low in a state, flo, it was an colibri। वजन ब्लैक एंड वाइट नेवर could not be this is a very randiचorconcept। स्ट्रेस कोई शैतान बना। 2 मारो, पर स्ट्रेस खराब है, फिर दूसरा चिकित्सक, या उसने भी शेतान को पत्थर मारा, स्ट्रेस खराब है, स्ट्रेस खराब है, स्ट्रेस को मारो, फिर तीसरा चिकित्सक, या उसने भी कहा स्ट्रेस खराब है, मारो पीटो इसे। और फिर बाबा जी की बारी आई, सबको लगा। बाबाजी भी वही बोलेंगे। बाबाजी ने खड़े होते ही कहा कि स्ट्रेस खराब है ही, सब एकदम चौंक गए हैं। बगावत और बाबाजी ने समझाया स्ट्रेस नहीं खराब। हमारा स्ट्रेस के साथ रिश्ता सही या खराब है। उन्होंने कहा, अगर तुम कहते हो स्ट्रेस खराब है तो स्ट्रेस क्या 1 न्यूरोलॉजिकल रेस्पोंस है। फिर तुम उस नयूरोलॉजिकल रेस्पोंस को स्विच ऑफ करने की कोशिश करो। और अगर तुमने उस न्यरोलॉजिकल रेस्पोंस को स्वीच ऑफ कर दिया। दैन है यू गेट रेट ऑफ द बैड बट यू आल्सो गेट रेट ऑफ। god that कैन cमाउtofit इसलिए जो लोग जो चिकित्सक दवाइया देते हैं ताकि ये स्ट्रेस न्यूरोलॉजिकल रेस्पोंस खत्म हो जाए, उसका 1 बहुत बड़ा साइड इफेक्ट है। soसाइdसुसाइडल थॉट्स टेंडेंसीज क्यों, क्योंकि मोटिवेशन ही चली गई yes stress gas is fire, but look at the brit side। जब तुम मिर्ची खाते हो, स्वादिष्ट खाना खाते हो, चटपटा खाना खाते हो। क्या होता है स्ट्रस? जब तुम कभी किसी बहुत सुन्दर महिला के साथ बैठते हो, तो क्या होता है स्ट्रेस जब कुछ भी नया शुरुआत करने वाले होते हो। क्या होता है स्ट्रेस? जब कभी भी कोई पिक्चर देखते हो और एक्साइट होते हो। क्या होता है स्ट्रेस? स्ट्रेस का मतलब क्या है? हार्ट, बीट नॉर्मल से डेबिट हो जाती है, एडरीनलिन्स का फ्लो बढ़ जाता है, न्यूरल एक्टिविटी बदल जाती है। बट यहाँ पे जो तुम अनुभव कर रहे हो। its a god stress, its an, excitement, its a motivation, its an inspiration। और जब तुम दुखी हो रहे हो, then it is the reverse hedworsifेctsost्res। और ऐसा क्या होता है कि 1 घटना से कुछ लोग मोटिवेट हो जाते हैं, एक्साइट हो जाते हैं। 1 बच्चा घर आया और वो बच्चे ने रिपोर्ट कार्ड दिखाया और रिपोर्ट कार्ड में लिखा है कि मैं फेल हो गया। तो 1 माँ बाप है जो अपनी छाती पीटेंगे बैड स्ट्रेस को अनुभव करेंगे कि हाय मेरा बच्चा फेल। फिर 1 दूसरे से लड़ना शुरू हो जाएंगे। की पत्नी इसमें तो तेरी जीन्स है क्योंकि तेरा भाई मूरख है। और उसने कहा अच्छा इसमें तेरी जीन है क्योंकि तेरी माँ मूरख है और वो लड़ेंगे लड़ेंगे, लड़ेंगे बैड स्ट्रेस और दूसरे माँ बाप हैं। देखेंगे कि रिपोर्ट कार्ड खराब है तो सोचेंगे कि हो हमने इस साल तुम्हें समय नहीं दिया, अब हम सब मिलकर मेहनत करेंगे और तुम्हारे ग्रेड्स को और अच्छा करेंगे, तुम्हें और अच्छी पढ़ाई कराएंगे। we will work hard, we are motivated, now, we look t this and we say that this situation can be better i in work lord shiva। इन दिस सिचुatioन राइट नाव राइट हैr। अब मैं शंखनाद करता हूं कि आज से मेरी यात्रा शुरू हो रही है, जिस यात्रा में मैं अपने ब के भीतर ज्ञान जागरत करूंगा, वहीं 2 रिपोर्ट कार्ड है same to same वही घटनाएं but reactions सो वी डोंट नीड टू चेंज the स्ट्रेस dont need to s्wिchtऑफबt वी नीड टू चेंज the रeलaशioन वी हैव हमारे रिलेशन कब बदलेगी when we stop a skipping and we start in walking संत क्यों बात करते थे स्थापना की, कि मैं उस अनंत को स्थापित करना चाहता हूँ। तुम खुद सोचो क्या दुख है। सनातन धर्म में स्थापना करने की, वो तो अनंत है। शिव, अनंत, शिव कृपा न था। फिर तो वो कुर्सी में भी, पंखे में भी, लाइट में भी, दीवार में भी। फिर हमने 1 स्थान पर क्यों स्थापित की? या, क्योंकि संत दिखाना चाहते थे कि तुम भगवान को 1 स्थान पर स्थापित कर सकते हो। तो तुम अपने भीतर, अपने जीवन, अपने रिश्ते, और तुम्हारे जीवन की घटनाओं में भी स्थापित कर सकते हो। तुम्हें अपने जीवन को अकेले जीने की जरूरत है ही नहीं, तुम अकेले हो ही नहीं। दिस इज द बिगेस्ट, लूजन, विद, विच, यू वांट टू, लिव, योर लाइफ, इट, इज नॉट टू। और अगर तुम्हें लगता है, तुम अकेले हो, तो तुमने खुद अपने आप को ये सोच प्रदान की। वे महल जो तुमने अपने चारों तरफ़ बना दिया, जिस महल में खुद बंद हो, कर के बैठे हो, अपने गुरु के ज्ञान का हथौड़ा लो। और तोड़ो इस दीवार को, इस द्वार को, अब इस महल के गिरने का समय आ चुका है। अब तुम्हारे जीवन में भी सूर्य उदय होना है। अब तुम्हारे जीवन में भी शक्ति आती है। अब तुम्हारा भी 1 रिश्ता बदलना है। तुम्हें दुख के साथ, यह दुख है ही नहीं। यह तो तप है, यह तो साधना का मौका है, यह तो सीखने का जरिया है। और तुम शक्तिशाली हो, तुम्हारे भीतर कुछ भी। agr, he, it is not a mistake, it is part of a divine, plan accept that plan, but more than anything accept, the power that you have ritनow in cid। यू तुम्हारे भीतर 1 शक्ति है, ताकत है, दिव्यता है, ऊर्जा है, उसको स्वीकार करो, जागृत करो, ताकि तुम साधना के मार्ग पर चल सको। अगर ऐसा होगा तो हर घटना, हर दुख, तब का कारण बन। तुम्हे लेकर के जाएगा, तुम्हारे शिव की ओर, साक्षात्कार की ओर। और अगर स्थापना नहीं आवाहन, नहीं। तो फिर वो 2 रास्ते जो चिकित्सकों ने कहे हैं डिस्पेर एंड प we deserve more you deserve more you are the child of god वाय। क्योंकि तुम्हारे भीतर आज की तारीख में तुम्हारे भगवान विराजमान हैं। आज भी जब तुम मुझे सुन रहे हो, और बाहर से न जाने कैसा तुम्हारा चेहरा है। हो सकता है डबल, चीन, दिखाकर, के से सुन रहे हो, और हो सकता है लिटलिट सुन रहे हो, तुम्हारा भगवान तुम्हारे हृदय में आज भी मुस्कुरा रहा है। हर बार जो बाहर है, तुमने उससे जुड़ने की कोशिश की। आज तुम्हें नहीं लगता। जो भीतर है, त, तुम्हें उससे भी जुड़ने की कोशिश करनी चाहिए। और यही मैं ko batana chahta scapes telling god, get me out of the situation, sadhanas telinga i inwokyointhis situation ritनावbीवितमी। मी बी आराम me help me show the bat the way to the people that i love। बहुत जरूरी है कि अब आप सब साधना के मार्ग पर चलना शुरू करो। और याद रखना, तुम्हारा जीवन अवश्य, बदलेगा, अवश्य, बदलेगा, शिवयोगी के जीवन में चमत्कार नहीं होते। ये मैं क्यों कह रहा हूँ, क्योंकि चमत्कार का मतलब है कुछ। कभी भूला भटका जीवन में गठित हो जाए। कोई चीज जो रोज होती है, उसको चमत्कार नहीं, दिन चर्या। कहते हैं जो उस परिवार ने मुझे बताया कि उनके साथ गठित हुआ, यह उनकी दिनचर्या है। क्यों? क्योंकि रोज कुछ न कुछ होता है। और कभी तुम किसी शिवयोगी से बात करोगे, न तुम्हें इस दिव्य दिनचर्या के बारे में पता चले। it is high time, we stop a scaping life and we start, living life and i thank the group and the part of shibogeand, the siddas of shivogeand, the imotals of shivogefor, giving me the tools so, i can live my life, i thank the emotles of shivogethe, siddas of shivogt, the gurus of shiv। ई थैंक दम आई थैंक, देर तपस्या। i thank the noleg and i thank their gas for using me to be a vessel of their lit for helping me achieve mytroprperslवaज। आलवेज रिमेम्बर दिस, ठीक है, बहुत अच्छे आप सब को, आप सब के भीतर के भगवान को मेरा प्रणाम मिलते हैं। अगले हफ्ते माइंडफुल मैटर्स में और हर बार की तरह बिफोर यू गो कोशिश करें इस वीडियो को, ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। इस विडियो में, ब्लेसिंग्स लिखे बाकी सब साथको के लिए, उनको भी दिलासा दें कोई अगर अंधकार में फंसा है की देखो तुम उस अंधकार में अकेले नहीं, अगर टटोलोगे तुम्हें तुम्हारे भगवान और गुरु साथ बैठे। मिलेंगे प्लेस नम शिवाय।










