EMPOWER new habits to EVOLVE | Prati Prasav Sadhna @IshanShivanand

Ishan Shivanand explains that you either reinforce existing habits through repetition or build new ones. Fighting with family strengthens that pattern, while new habits like smiling or sitting with tea require starting small and pushing through fear until they become automatic.
Chapters
तुम अपने जीवन में केवल 2 ही चीजें कर सकते हो, क्या कर सकते हो? 1 रीइन्फोर्समेंट ऑफ एन ओल्ड हैबिट पुरानी आदत को ताकत दे सकते हो, उस आदत को दोहरा के और दूसरी चीज तुम क्या कर सकते हो? क्रिएटिंग न्यू हैबिट? 1 नई आदत का निर्माण तुम्हारे कर्म, केवल 2 ही चीज करेंगे तुम्हारे लिए। 1 किसी पुरानी आदत को ताकत देंगे, अगर तुम कर्म दोहराओगे। घर जाते हो, घर वालों से लड़ाई करते हो, फिर घर जाते हो, घर वालों से लड़ाई करते। हर बार जब लड़े तुमने पुरानी आदत को ताकत दी, जितनी ताकतवर पुराना आदत उतनी कठिनाई कुछ आदत को तोड़ने में फिर घर जाओगे। मुस्कराना भी चाहते हो, खेलना भी चाहते हो, हँसना भी चाहते हो, हो ही नहीं पाएगा क्यूँ क्यूँ की पुरानी आदत हावी हो जाएंगी। ऐसा पति जब अपनी पत्नी को ये भी बोलेगा बहुत अच्छी लग रही हो तो 1 दम से सीधी खड़ी हो जाएगी। बोलेगी क्या गलत हो गया मुझसे सब ठीक तो है। अगर पति बोलेगा मैंने तो तुम्हे कॉम्प्लीमेंट दिया पत्नी बोलेगी अच्छा जरूर कुछ गलत है, तुम सर्कास्टिक हो रहे हो और सीधी खड़ी हो जाएगी। और पूछेगी बता तो 2 क्या गलत है? पति बोला तुम्हारा तो दिमाग ही खराब है, कुछ भी बोल। 2 तो तुम ने माँ मेरी माँ कहाँ से आ गयी? भारत या तो पुरानी आदत को ताकत दोगे कर्म दोहरा के या नई आदत का निर्माण करेंगे, सामने वाला लड़ने। 2 नहीं आदत, सामने वाला भी घबरा जाएगा, घर जाके कोशिश करना बहुत मजेदार ड्राइंग रूम में चाय के साथ बैठना और मुस्कुराना शुरू कर, बिना कारण शर्त लगा लो। तुम्हारे घर वाले आके पूछेंगे सब ठीक तो है, चाय में कुछ मिला तो नहीं दिया, कुछ पी के तो नहीं आये। अगर तुम मुस्कुरा रहे हो और लोग तुमसे पूछ रहे हैं क्या हो गया तो समझ जाना जीवन बहुत गलत राह पर चल रहा है। और अगर तुम रो रहे हो और लोग अपने आप समझ जाए। ये तो बड़ा दुखी है। तो समझ जाना तुमने इतना दुःख प्रकृति में फेक दिया। अब लोग समझने लगे की तुम्हारा दूसरा नाम ही दुख है। जैसे वो था पिक्चर में जेम्स बॉन्ड वैसे तुम हो, दुखी बहुत दुखी उसके पास था लाइसेंस टू किल तुम्हारे पास लाइसेंस टू क्राई की जी बहुत दुःख है। या तो पुरानी आदत को ताकत या नई आदत का निर्माण और नई आदत का निर्माण करते समय डरना मत देखना। हर आदत कहीं न कहीं से शुरू होती है। हर शराबी पहले ग्लास से शुरू हुआ था। हर जुआरी पहला जुआ खेल से शुरू हुआ था, उसी प्रकार से हर संत पहली साधना से शुरू हुआ था। और हर शिवयोगी पहले शिविर से शुरू हुआ था। शुरुआत तो होती है इसलिए डरना मत, तुम नया खेल, खेलना तो शुरू करो। अभी भी देखो। जब ताली बजी आस पास, तुम्हारी पुरानी आदत चिल्ला रही होगी कि अरे बैठे न शांति से, अब तुम्हारे हाथ में थोड़ा सा थोड़ा सा, तुम्हें आलस दूर करना होगा। कोई 1 था जो खड़ा हुआ और उसने नई आदत ताली बजाना है। यह जी जी नई आदत है कि तुम खुश हो रहे हो और खुशी दर्शा रहे हो। इस ताली बजाने में भी या तो पुरानी आदत चुनने या नई आदत बनाने। तो तुम अपने आप से पूछो क्या कर रहे हो? पुराने को ताकत या नए का निर्माण। शुरुआत में कठिन होगा? मैं ये नहीं कह रहा, सरल होगा, शुरुआत में कठिन होगा, मुस्कुराना में कठिन होगा ये सब करना। लेकिन फिर यही सरल हो जाएगा। अपने आप शरीर का विकास होता है। जो करोगे, उसके हिसाब से शरीर का विकास हो जाएगा।










