तुम्हें जीतना ही होगा ! ~ ईशान शिवानंद

Ishan Shivānand explains how daily spiritual practice, a guru's guidance, and community support transform a seeker into a powerful, Shiva-saturated being. Diksha grants Shiva's power. Living guilt-free and radiating joy fulfills your destiny of inner strength.
Chapters
जब मैंने तुम्हारे साथ अनुष्ठान लिया साल भर तक मैं मैं रोज रोज बैठा होता था तुम सब के लिए, अपनी किताब को लेकर के साधना करने के लिए तैयार और बड़े सारे लोग फिल्म से ईमेल लिखते थे कि भैया 1 हफ्ता हमारा अनुष्ठान छूट गया लेकिन आप थे तो हम आ गए मेरा 1 ही माह पर काम था तो मोटीवेट टू मेक यू अकाउंटेबल टू मेक यू अंडरस्टैंड ठीक है गिरे गिरे यू लॉस the बैटर डू नोट लूज the war अगर गिर कर फिर हार ही गए तो फिर क्या होगा फिर पुनरपि जनम पुनरपि और क्या पता अगले जीवन में तुम्हें शिव ना मिले क्या पता अगले जीवन में तुम रेड व ट्री बन के पैदा हो 5000 साल तक जी सकती है और फिर तुम 5000 साल तक झंडा उचार खड़े हो किसी जंगल के अन्दर जवाब देही तो होनी चाहिए न इसलिए मैं खड़ा होता था जवाब देही तुम्हारी जवाब दे ही मुझसे और अगर 1 कम्यूनिटी साथ चलती गुरु साथ चलता है तो गुरु तुम्हारी सहायता करता है अगर तुम बिखर कर गिर भी जाते हो तुम्हें उठा कर फिर तैयार करता है फिर दिक्षा शक्ति पात की डोज देता है और फिर तुम अपने मार्ग पर चलना शुरू कर देते है और 1 दिन तुम इतने ताकतवर हो जाते हो, इतने ताकतवर हो जाते हो कि तुम अपने इतिहास को देख के मुस्कुराते हो कि कभी मैं ऐसा भी था तुम इतने ताकतवर हो जाते हो तुम्हारी परछाई का फिर पतन हो जाता है कि अब तुम्हारे भीतर से 1 ही आवाज आती है और वो आवाज तुम्हें कहती है शिव योग समाज क्यों क्योंकि तुमने शिव को चख लिया न तो अगर शिव को चख लिया तो कोई भी फल तुम्हे शिव से ज्यादा स्वाद तो नहीं दे सकता फिर कोई भी पकोड़ा कोई भी शराब तुम्हें शिव से ज्यादा स्वाद और सुख तो नहीं दे सकती अब हर कण, हर कण शिवमय हो रहा है अब जीवन में खुशी है और खुशी के साथ साथ तुम्हारा 1 प्रेम अपने आप से बढ़ रहा है क्योंकि नाव यू डोंट हैव टू लिव विद गिल्ट ऑल योर लाइफ अब तुम अपने बच्चे को देखते हो तो तुम्हारा बच्चा तुम्हे देख के प्रेरित होता है तुम अपनी बीवी को देखते हो तुम्हारी बीवी महादेव का धन्यवाद करती है कि तुम जैसा पति मिला अब तुम जब चलते हुए जाते हो तुम्हारे साथ संजीवनी शक्ति प्रवाहित होती है अब बताओ क्या तुम ऐसा जीवन नहीं चाहते और ये सब कुछ हो सकता है यह सब कुछ होता रहा है और ये तुम्हारे साथ भी होगा but the jurnygnsifyocus फॉर the जर्नी to शुरुआत तब होगी अगर तुम चाहोग इसलिए मेरी प्रार्थना है तुम गुरु को खोजो तुम दीक्षा प्राप्त करो और तुम साधना के मार्ग पर चलना शुरू ै।










