Shivayogi Ishan Shivanand tells young people that success without dharma, or righteousness, corrupts you. He says society exploits youth for war and consumerism while offering nothing back. True success comes only through obedience to a guru, moral discipline, and personal sadhana.
Chapters
याद रखना, सफलता 2 धारी तलवार है। सफलता तुम्हें कम्पलेस और आखिरी मनुष्य भी बना सकती है और सफलता तुम्हें राजा राम भी बना सकती है। फर्क केवल इतना है कि अगर सफलता के समय तुम मेहनत करके धर्म को जीवित रखते हो या नहीं। याद रखना असुर भी सफल हुए और जब तक अपने गुरु शुक्राचार्य की सुन रहे थे, सफलता बढ़ती गई, बढ़ती गई, बढ़ती गई और जहाँ गुरु की सुननी, बंद की विनाश काले विपरीत बुद्धि, धर्म की मृत्यु कर दी, धर्म की मृत्यु छोटा आदमी, उसी समय छोटा आदमी, फिर छोटी सोच मैं क्या खाऊँ, क्या सुंगू, क्या चाटूं, क्या पहनूं, क्या करूँ, मैं बस बस, यही चीज और अगर तुम 1 सफल नौजवान बनना चाहते हो, दिस इज माई, कनवर्सेशन विद, द यंग मैन आउट देर। क्योंकि जो सोसाइटी है न, वो बड़ी खुश है, वो हमेशा खिलवाड़ करती है। नौजवानों के साथ सोसाइटी को मजा आता है। नौजवानों को युद्ध में भेजने के लिए सोसाइटी को मजा आता है नौजवान मर्दों को 1 कम्प्लेंट कंजूमर बनाने के लिए सोसाइटी को मजा आता है। नौजवानों को एडिट बनाने के लिए शेतान का सबसे बड़ा फ्यूल नौजवान मर्द हैं। और इसलिए ये हाल है हमारा, इसलिए कोई हमारे बारे में नहीं सोचता और इसलिए तुम्हें अपने बारे में सोचना होगा। that is what it means to be a gentleman a gentle man, who does not compromise a gentle man, who now his models, who now his principles जेंटल मैन हमेशा अकेला होता है प्यारे, ये जो मारे दिमाग में है न, यह तुम्हारी पर्सनल रिस्पांसिबिलिटी है कि साधना करो, शिव और शिवानंद से जुड़ा, इसलिए मैंने कहा शिव शिवानंद शिव योगी जेंटल मैन हैज ओनली हिज गुरु हिस गॉड, जेंटल मैन ओनली हैज हिज मॉरल्स हिस प्रिंसिपल्स एंड हिस धर्मा और कुछ नहीं है बाकी पैसा हाथ का मेल आएगा जाएगा, सफलता आएगी जाएगी, पर अगर धर्म नहीं होगा तो सफलता आएगी कपटी बना के जाएगी।