A ShivYogi shares how her spiritual mentors' blessings transformed her family's life. Her daughter, born with cerebral palsy and unable to speak or walk, recovered after Babaji's blessing and was admitted to the University of Washington. The speaker herself advanced from a teaching position to Assistant Director at a large school in one year.
Chapters
1 शिवयोगी लिखती है धन्यवाद, मेरे प्रिय बाबाजी, इशान भैया शिवयोग मेरे पास कोई शब्द नहीं है। आपको धन्यवाद बोलने के मेरी बेटी को सेरेब्रल पालसी है। जन्म से बाबाजी ने मेरी बेटी के सर के ऊपर हाथ रखा। 2011 में जब वो 8 साल की थी उस समय वो ना बात कर सकती थी, ना चल सकती थी और बाबाजी ने उसको ब्लेसिंग्स दी। उन्होंने कहा कि 1 दिन वो दौड़ेगी। महाशित अवधूत के शब्द 2024 में सत्य हो गए। अनुष्ठान के दौरान मेरी बेटी का एडमिशन यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन में हो गया। 1 ऐसा बालक जिसको 1 साधारण स्कूल में भारत में भी एडमिशन नहीं मिल सकता था, क्योंकि उससे बोला नहीं जाता था और वो डिसेबल थी ऐसे बालक को महासिद्ध अवधूत की कृपा से दुनिया की वन ऑफ द बेस्ट यूनिवर्सिटीज में एडमिशन मिला। यह 1 बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह 1 चमत्कार है और ये अनुष्ठान में हमारे साथ हुआ दूसरा अमेरिका में, अमेरिका में बिना किसी नौकरी के आई मैंने 1 बहुत छोटे स्तर पर 1 बहुत छोटे स्कूल में नौकरी करनी शुरू की। 1 ही साल के भीतर मुझे 1 असिस्टेंट डायरेक्टर ए 1 बहुत बड़े स्कूल में नौकरी। मिली जब अनुष्ठान चालू था, मैंने उसकी प्रार्थना भी नहीं की थी, मैंने तो यह चमत्कार मांगा भी नहीं था, पर 1 भाव था मेरे भीतर की अच्छा हो और यह सब कुछ हो गया। यह सारी कृपा? ये सारी हीलिंग मेरे प्रिय सिद्ध, महाशित अवधूत और इशान भैया आपकी ब्लेसिंग से है। गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद हीलिंग के लिए, कृपा के लिए नमशिवाय।