Family relationsships

A guide to strengthening family bonds through gratitude, wise time use, and self-awareness. Honor elders and parents as a spiritual practice. Most relationship tension comes from your own stress and beliefs, not from others, so choose battles that help you grow rather than drain your energy.
Chapters
a, जो तुम्हारे पास हैं, वो सबसे प्रसन्न चित्त होने चाहिए। जो तुम्हारे पास है उनके साथ, तुम्हारा, व्यवहार सबसे शानदार है। शिवी होगी तुम, तब, जब तुम्हारी पत्नी के बाबा को बोले बाबा जी धन्यवाद आपका दुनिया का सबसे बेहतरीन पति, मेरा शिव गी तुम तब, जब तुम्हारे बच्चे आगे भगवान को धन्यवाद करे की क्या बिता दिए हैं आपने हमको शिव योगी। तुम तब, जब आने वाली कई पीढ़ी। याद करे कि वो थी हमारी माँ बना गई हमारे खानदान को, तब तो तुम हो शिव योगी। और ये तभी हो सकता है टाइम मैनेजमेंट याद से, अब अब श्राप नहीं, अब अब वर्दान वरदान, उनको तो वान हू डिजर्व। मैं ये नहीं कह रहा कि अपना पूरा समय व्यर्थ गवा उन लोगों को ब्लेसिंग करने में जो तुम्हारा बुरा करके गए, फिर तुम फंस गए उन लोगों को जिनको तुम प्रेम करते हो एंड चूज यार अपने अरे गैरो से, तुम्हे नहीं लड़ना। you will be defाindbytheबetls you cos to fाइtतुम्हारी। गी तो लोग यही देखेंगे किस से लड़े थे तुम, और अगर छोटी, मोटी लड़ाई में जीवन गंवा दिया, तुम गए खत्म बेकार की कहानी है सबसे पहले पढना पडेगा तुमारा तुम्हारी आने वाली पुश्तें। याद करें कि मेरे पिता महान आदमी थे, मेरे पिता ने हमारे खानदान को साधना सिखाई, शिव योग, सिखाया मेरे पिता ने हमारे खानदान को 1 कल्चर दिया। मेरे पिता ने हमारे परिवार को 1 ऐसा मार्ग दिया जिससे साथ पुछते शिव शिवा को प्राप्त होंगे। तब तो तुम जान लेना सही मार्ग पे हो। और मरते समय। हर व्यक्ति कभी भी यह नहीं कहता कि काश फलाने को डंडा मारा होता। वो हमेशा यह कहता काश जो समय था, उसका उपयोग किया होता। अपने प्रियजनों को प्रेम करने के लिए। कोई व्यक्ति मरते समय ये नहीं कहता काश मैंने फलाना ईमेल आंसर कर दिया, काश नौकरी में 2 दिन और लगा दिए होते, काश फलानी फाइल खोली होती। वो यही कहता है काश अपनी बेटी का हाथ 1 बार और पकड़ा होता, काश अपनी बेटी की शादी करा देता, काश अपने बेटे को प्रेम कर सकता ताकि वो उस प्रेम को अपने बेटे तक प्रवाहित कर सके। काश कुछ और समय अपने गुरु के साथ व्यतीत कर लेता। मरते समय हर व्यक्ति शराब से वरदान की ओर बढ़ जाता है। लेकिन हमारे जीवन में जरूर कोई न कोई घटना होती है, कोई न कोई नायक क्या, खलनायक के कुछ न कुछ दे डालता है। हम तो बड़े अच्छे, नादान लोग है, कोई घटना घटित हुई आप। ऐसा समझो उस आदमी ने कुछ लिया, डाल दिया आपकी बर्फ में और मजे की बात। हमें पता भी नहीं चलता कि हमारी बर्फ में क्या क्या है। भरे बैठे हैं, पर बैठे पता भी नहीं चलता। जीवन जीते रहते हैं। हमें पता कब चलता है। जब हम 1 रिश्ते में प्रवेश करते, जब हमारा 1 व्यक्ति के साथ ट्रांजेक्शनल एनालिसिस होता है, जब हम 1 व्यक्ति के साथ बातचीत करते हैं। और जब कभी भी हम 1 रिलेशनशिप में हैं, उस रिलेशनशिप की फिक्शन में हमारी बर्फ बदलनी शुरू होती है। चाहे कोई भी रिलेशन, मालिक और नौकर की भी हो सकती है, पती और पत्नी की भी हो सकती है, बाप और बेटे की भी हो सकती है। और जैसे जैसे रिलेशनशिप में समय बढ़ता है, हमारी बर्फ गलनी शुरू हो जाती है। और जब बर्फ पिगलते तो क्या ऊपर आता है। हमारे खुद के बिलीव सिस्टम, हमारे खुद के टोमास, हमारे खुद का स्ट्रेस फुल, beaver, हमारे खुद का पैरानोया, हमारे खुद के डिलिजनल डिसार्डर्स, हमारे खुद का। और जब बस आती है, तो हम सीधा। कहते हैं, सामने वाले की गलती है, जरूर इसने कुछ किया होगा। हम यह नहीं समझते कि हमारे भीतर ही था, इसलिए तुम देखो, हर पति पत्नी। शुरुआत में कहते हैं, वह जब शादी हुई थी, तब तो जली रोटी भी खा कर खुश होता था। कहता था, तुम्हारे हाथ का, जहर भी खा लो। और अब पकवान बनाती हूँ डकार मार देता है। कभी कुछ अच्छा नहीं कहता। बोलो, शुरुआत में कितनी खूबसूरती थी, हाँ जी, ना जी। और फिर गर्मी उत्पन्न हुई, बर्फ पिली। और अब तुम देख लो, क्या हो रहा है। लेकिन वहाँ पर हमें क्या करना है? गलत क्या करते हैं कि हम दूसरे से भागना शुरू कर देते हैं। हम कहते हैं बस, अब अब इसी की गलती, इसी की गलती, इसी की गलती, इसी की गलती, जितना, हम दुसरो को कहते हैं, इसकी गलती, इसकी गलती, इसकी गलती, इसकी गलती, जितना। हम दूसरों को डराने की कोशिश करते हैं। समझ लेना इस बात को। फेयर डजनो, इंस्पायर फियर, एलियनेट भाई, तुम्हे विजेता नहीं बनाता, भाई, तुम्हें अकेला कर देता है। तुम्हें लगता है कि तुम जीत गए, सामने वाले को डरा कर धमका कर। तुम जीते नहीं, तुम अकेले पड़ गए हो, सामने वाला अपना जीवन जी लेगा, सामने वाला तुम देखना, कभी कौन सी पिक्चर थी, दिल वाले दुनिया ले जायेंगे। अमरीश पुरी। जैसे ही घर में घुस रहा है, सब नाच रहे हैं, गा रहे हैं, खुश हो रहेहैं। जैसे ही घुसा, बेटी ने किताब खोल ली, आवाज आनी चाहिए। पिताजी आ गए और तुम्हें लगेगा, तुम जीत गए, तुम नहीं जीते। तुम्हारे परिवार ने उस खुशी से तुम्हें बेदखल कर दिया। does not inspire adonet। जब कभी भी तुम्हारा मन करे, बनाने को मैं कुछ कर डालूँ। याद रखना, कोई न कोई है, जो तुम्हारे प्रेम का भी भूखा है। क्यों न तुम अपनी ऊर्जा, अपने रिसोर्सेज को इस्तेमाल करो, उन लोगों की खुशी में जिनको तुम प्रेम करते हो, ना कि अपने रिसोर्सेज को, व्यर्थ गवाओ उन लोगों को दुख देने की कोशिश में, जिनसे तुम घृणा करते हो। और मैं क्यों कह रहा हूँ, दुख देने की कोशिश। क्योंकि तुमने सबा बिठाई है। और तुम कोने में सबा बिठा के कुड़ कुड़ कुड़ कुड़ कर रहे हो। मजे की बात, जिसके बारे में कुड़ कुड़ कर रहे हो, वो तो अपना जीवन मजे से जी रहा है, नकारात्मकता किसने उत्पन्न की, किसको भोगनी पड़ी, किसको खानी पड़ी, तुम्हे हाजी जी, उस तक तो कुछ ही। वो। तो अपना कट गया है किसने अपना जीवन व्यर्थ गंवाया, किसने अपनी लंका जलाई। और फिर जहाँ तुम बैठे हो, जिस समय का तुम इस्तेमाल कर सकते हो, अपने बच्चों को प्रेम करने में, पढाई में, साधना में, वरदान में, कुस समय का किस चीज में इस्तेमाल होता है। विभस्त भा और कुछ भी नहीं, मि शर्मा की कहानी, नहीं तो भारतीय न्यूज़ चला लो। 1 बार ऑस्ट्रेलिया में शिविर ले रहा था ब्रिज और वहाँ चिंता का विषय क्या? 3 बजे दुकानें बंद हो जाती है, मैं भारतीय हूँ, हमारे यहाँ तो दुकाने कभी नहीं बंद हो। ती, हर शहर में कोई न कोई कोना है, जो रात भर चलता रहता है। और यहाँ दोपहर 3 बजे दुकानें बंद और दुकानों के सामने बड़ा बड़ा लिखा है। हम काम करते हैं 9 से 3 बजे तक, हम से संडे काम नहीं करते, अगर तुम्हे कुछ भी चाहिए। मंडे को वापस आना सुबह 9 बजे मैंने कहा कितने मजे की बात है काश, ये सब हम अपने साथ कर ले। कोई आये हमसे लड़ने, कोई आय, हम से गप्पे मारने, कोई आय में कहानी सुनाने हम उसको बोले देख। भाई लड़ने झगड़ने कहानी सुनने का समय है। 9 से 3 बजे सैडेडेसन्डेहम काम नहीं करते, तुझे लड़ना है। 9 बजे वापस आई, मंडे को बात खत्म मंत्र मूलम गुरु वाक्य, मुख्य मूलम गुरु कृपा, इसका मतलब क्या है कि मेरे गुरु मैं उसके बताये रास्ते पर चलता हूँ, जिसका गुरु नहीं, वो हर चिंटु को बाप बनाएगा, जिसका गुरु नहीं, वो हर चिंटू को बाप बनायेगा। और जब उसके पास जो आयेगा लड़ने, जब आएगा, उसके पास जो झगड़ने, जब आयेगा, जो उस सूपनखा, उसको कहानी सुनाने आएगी वो है लो मेरी आँख का नाक। मुंह सब तेरा भरदे में अपनी 5 इंद्रियों को समर्पित करता हूँ। और जिसका गुरु वो कहता है देखो, जिस लाइन तक तुम पहुँचना चाह रहे हो, वो लाइन अभी व्यस्त है। कृपया प्रतीक्षा करें या थोड़ी देर बाद और कॉल करे? और मजे की बात जिसका गुरु है, वो जीवन भर प्रतीक्षा करा सकता है इन नकारात्मक तत्वों को और मजे की बात, नकारात्मक तत्व के पास समय नहीं, तुम समय न। 2 वो चले जायेंगे, उनको तो कोई और चाहिए, वो तो ऐसी मक्खी है, तुम यहाँ उड़ाओ बगल में जाके बैठ जाएगी। तब तुम्हे भी लगेगा मुझे। तो लगा ये मक्खी तुझे सिर्फ मेरे मल से प्यार था। न जी, न तुम्हारा मल कीमती नहीं, उस मक्खी को किसी का भी माल का भूल है। तो मुड़ा कहीं और बैठी मिलेगी, तब तुम खुश हो जाना, बलैसयुबैठतबचे खून पहली वाली बात नहीं, दूसरी वाली लेटस यू तेरी जेल न उठे। और 1 दिन तू भी देख कि तुम समय का istemal करो। ya prem ya shrap, there are twenty people who dev टू, बी टोल देर रॉंग, but there is one person who deserves to be told that you love them, trust me that one person is more important, then twenty thousand people who deserve to be told otherwise forget that twenty, thus find the one, the one that you love the one, you can be with out that one will make your life, s al that one will give meaning to your existence, you are defined by the betle that you use la odes s से लड़ा muskil सुबह 6 बजे उठना, ज्यादा मुश्किल है, जेठानी को गाली देना, आसान है हट कर्मी 5 बजे उठ के दिखाओ लड़ना ही है अपने क्रोध से लड़के दिखाओ की। जब तुम्हारा बच्चा आया, पापा फेल हो गया। ठीक है बेटा हम और पढाई करेंगे और पढाई करेंगे, नहीं पापा 2 सब्जेक्ट में, फिर भी तुझसे प्यार करता तो मेरा ही डीएनए है, लड़ना ही है तो काम की चीजों से लड़ो। न ही मेरे गुरू ने बताया इशान शिवानंद चूज यार अपोनेंट, यही मैं तुम्हें कहता है, चूज यार अपोनेंट फायदे की लड़ाई लड़नी चाहिए। कुछ तो मैंने ऐसे दिग्गज देखे जो कहते हैं मैं अपनी माँ से ही लड़ जाऊंगा, कोई नहीं मिला माई मिली आ जा, क्या जीत जाओगे, अपनी माँ से गुटके पैसा मिलेगा जमीन मिलेगी, क्या मिलेगा शौहरत मिलेगी दुनिया धिका रेगी तुमको अपनी माँ से लड़के बड़े आदमी बनते हो। लड़ाई लड़नी है ऐसी लड़ाई लड़ो जिसमें तुम्हारी जीत है। यह नहीं, जिसमें तुम्हारी हार है, जिसमे मर जाओगे तुम। क्योंकि 1 दिन जब यह माँ चली जाएगी, फिर तुम प्रति प्रसव में बैठोगे, फिर उसकी याद आएगी, फिर बहुत मेहनत करनी पड़ेगी। इसलिए आज जाग जाओ। श्री होगी। लड़ना ही है तो कुछ, किसी को कोई नहीं। मिलता तो जो सामने है, उसी से शुरू हो जाते हैं। कोई कहता है म अ वेरी अग्रेसिव पर्सनैलिटी, इसलिए मुझे अपनी पत्नी से लड़ने का शौक है। अच्छा अग्रेसिव पर्सनैलिटी हो तो अपने बॉस की पत्नी ऐसे लड़के दिखाओ। तुम पत्नी से इसलिए नहीं लड़ते क्योंकि तुम्हे एंगर इशुज हैं। तुम इसलिए लड़ते हो क्योंकि लड़ सकते हो, क्योंकि शायद वो कुछ कहेगी नहीं, किसी और की पत्नी से लड़के दिखाओ। ऐसी जुत्तिया पड़ेंगी न। तुमको यहाँ से पहुंचोगे सीधा। कन्या कुमारी, कहीं ऐसा तो नहीं जिसको तुम एंगर इशु कह रहे हो। इस जस्ट सहुलियत सहूलियत जी, कहीं तो घरवालो पर कभी ब्लेम मत करना, किसी को धन्यवाद जरूर कर देना। कि अच्छा है तुम आए और दिखाया कि मेरी बर्फ के अन्दर क्या था। अब मैं और अच्छी साधना करूँगा, अब मैं और प्रति प्रतिशत करूँगा, अब मैं और श्रीविद्या करूँगा। और 1 दिन तुम आओगे और तुम्हें लहराती ास के सिवा कुछ भी नहीं देखेगा। लेकिन माफ़ करना, उस दिन तुम मुझ तक पहुँच नहीं पाओगे, क्योंकि तुम यहाँ के यहाँ ले जाओगे। और मेरा तो हर शन, हरकन शिवमय हो रहा है।










