Ishan Shivanand teaches a Shiva-centered spiritual practice rooted in his father's homeschooling, built on breath work, mantra meditation, and surrendering to a guru. He claims that through Shiva's power you become the creator of your own reality, free from external misinformation and agenda.
Chapters
मिस इनफॉर्मेशन पहुँची नहीं थी, मारकंडे तक कयूक्यकीहोमस्कूलिंग थी, पिता ने सब कुछ सिखाया था, स्टेट स्पोन्सर मिस इनफार्मेशन थी ही नहीं। मार्कंडे तक सिर्फ सनातन का प्योर ज्ञान पहुँचा था, शिवो परम्परा का, तो उसको तो उसको कोई कोई अजेंडा ही नहीं था, कोई कर्मशली नहीं थी की मैं ये कुछ कर लो, मैं ये कर लो, न देखा है, भला ने विडियो में देखा है, नई नई चीजें लोग बना देते हैं, नए नए रास्ते। उसको पता था, मुझे साधना करनी, मुझे श्वास पर ध्यान देना है, मुझे मंत्र पर ध्यान देना है, मुझे गुरु का आवाहन करना है, मुझे शिव का आवाहन करना है, मुझे शिव को स्वीकारना है, गुरु को स्वीकारना है, और मुझे समर्पण करना है। और फिर शिव की शक्ति से आय एम द क्रिएटर ऑफ माई ओन ई वांट यू टू बिलीव दिस दिस इस मोस्ट इम्पोर्टेंट। ये बहुत ताकतवर है। और अगर तुम वहाँ से दवदूतके हो, साधक हो, शिव होगी होगी, देखो, शिव होगी, तो बनना ही होगा। क्यूंकी भी तुम शिव आनंद हो, तभी तुम शिव हो।