A nine-day Shakti Sadhana practice for Durga Navratri uses a sacred altar with yantras, barley, and lamps to open eleven energy knots in the subtle body. Each day honors one form of Durga, with the seventh day requiring two divine forms to unite with Paramatma. Completing the practice brings divine energy and a successful, empowered life.
Chapters
दुर्गा नवरात्रों में 1 सुंदर सी मेज लेना। मेज के ऊपर लाल गेरुआ, गुलाबी वस्त्र बिछा देना। माताजी का स्थान तुम तैयार कर रहे हैं ताजा घड़ा लेके आना साफ घड़ा उसमें पवित्र, शुद्ध जल भरना और 1 सिक्का डाल देना और उसके चारों तरफ रेत। रेत में वो घड़ा रख देना और रेत आगे और उसमे जौ जो है साबुत जो वो डाल कर के उसका छीठहराेउसको बोलते हैं खेत्री बिजना और फिर जो है तीनों यंत्र आसन के ऊपर गणेश यंत्र, महामृत्युंजय यंत्र और श्रीयंत्र की स्थापना और उसके सामने मेरू स्थापित करते। 11 बार रोज कुमकुम श्री यंत्र पर चढाते हुए श्री मंत्र का जप करना और 1 सुपारी रख देना। मोली से अपने गडवी को बांध लेना। 1 तरफ जोत रखना माँ का आवाहन करना अब किस तरीके से आवाहन करना है। सभी लोग आह्वाहन करते है छोटी जोत जलती है और 1 बड़ी माता की जो जोत है जो पंच मेवे के बीच रखी जा सकती है वो 1 अलग से तैयार करके रखे हैं और फिर उसको फलों से फूलों से उसको सजाया जाता है। उसके पश्चात गणपति का ध्यान करते हैं, अपने गुरु का ध्यान करते हैं, देवी माँ का ध्यान करते हैं। ये जो नवरात्री साधना में आपको बता रहा हूँ जो 9 दिन की साधना है। प्रति दिन 9 दुर्गाओं में से 1 दुर्गा की साधना होती है। ये जो सस्ती की साधना हम करते हैं उसके पश्चात 1 दुर्गा की साधना के हैं और वो 1 प्रक्रिया है जिससे हमारी 11 ग्रंथि खुलती जाए। सातवें दिन सातवीं ग्रंथि खुलती है उसके पश्चात उस परमात्मा के साथ 1 होने के लिए हमारे को भगवती के 2 और स्वरूपों की आवश्यकता मां। सिद्धि दात्री के नौवें दिन 7 न करते हैं। ये 9 दिन परम पवित्र होते हैं, परमात्मा की शक्ति ऊर्जा से भरपूर होते हैं। इसलिए 9 दिन जो है जो साधना में आपको सिखा रहा हूँ इसको करना 1 रूपांतरण होगा। उसके बाद जब आगे की साधना कराऊँ वो अपने जीवन में अनुष्ठान करते जाना। 11 करके मैं आपको सीढ़ी चढ़ता जाऊंगा। दुरगवादुरदणीहम नमश चंडिका।