IGNITE THE INTENTION TO HELP THE WORLD | Mindful Matters | Ishan Shivanand

Ishan Shivanand thanks medical volunteers in Maharashtra and announces Yoga of Motors, a mental-health training program pairing volunteers with remote physicians to bring wellness nationwide. He's recruiting young people to join Shiv Yoga and build a ten-year plan for a healthier nation.
Chapters
नमशे आप सब को, आप सबके भीतर के भगवान को मेरा प्रणाम शंभर के लिए बिल्कुल शांत हो जाए। पीठ सीधी आँखें बंद 3 गहरी सांस लेना, सांस भीतर सांस बाहर और धन्यवाद भगवान शिव शिवा को दूसरी सांस भीतर सांस बाहर और धन्यवाद, माँ भगवती को तीसरी सांस भीतर सांस बाहर और धन्यवाद सभी सिद्ध गुरुओं को हाथ जोड़के, गुरु तत्व, शिव तत्व और शक्ति तत्व को प्रणाम करना और अपने मन में 1 भाव लेकर के आओ। हे देवादि देव आपकी शक्ति हर जीव तक पहुँचे, हे माँ भगवती हर प्राणी प्रसन्न हो, हर बच्चे को भरपेट खाना मिले, सुख हो, शांति हो, हे गुरुदेव आपका ज्ञान घर घर पहुँचे, 1 बार फिर संसार में स्वास्थ हो, खुशी हो, प्रेम हो, 1 बार फिर अच्छे लोग एकजुट हो सके। हे महादेव महामृत्युंजय, मैं आपकी दिव्य हीलिंग शक्तियों का इस पूरे संसार में आवाहन करता हूँ और जिस प्रकार से सूर्य की किरणे प्रकृति को जीवन प्रदान करती है, हे महादेव आपकी शक्ति 1 बार फिर इस प्रकृति में सुख, स्वास्थ, शांति और संपन्नता लेकर गया है गहरी सांस भीतर सांस बाहर और भाव, धन्यवाद, धन्यवाद गुरु का धन्यवाद, भगवान का, धन्यवाद, शक्ति तत्व का धीरे, धीरे वापस आएं और धीरे धीरे अपनी आँखें खोल दे। bles जब मैं छोटा था तो 1 बार की बात है कुछ बच्चे आश्रम आए और उनके पास वीडियो गेम था निंटेंडो और उस विडियो गेम में 11 गेम था जिसका नाम था मारियो उस गेम में 1 छोटा सा आदमी था जो टपूसियामारता रहता था और जब टपूसीमारता तो उसको मशरूम मिलता अगर मशरूम मिलता वो बड़ा हो जाता फिर 1 फूल मिलता तो वो गोलियां मारनी शुरू हो जाता और फिर 1 स्टार था और ये स्टार सबसे बढिया पावर थी जब मारियो को स्टार मिलता था तो उसे कोई रोक ही नहीं सकता तब उसके रास्ते में बहुत नकारात्मक तत्व आते थे लेकिन वो दौड़ता चला जाता कोई भी राक्षस उसके रास्ते में आ जाए वो शक्ति हीन है और मारी जीतता चला जाएगा the star power was the power of invincibility और जिस प्रकार से maरियoको स गेम में स्टार पॉवर मिलती थी उसी प्रकार से मैं कुछ शिवयोग साथको को देखता हूँ। अगर 1 शिव योगी के मन में इच्छा आती है कि उसको सहायता करनी है, उसको कुछ प्राप्त करना है, उसको कुछ संसार को देना है तो न जाने कहाँ से उसके गुरु, उसके भगवान, उसको ये ताकत प्रदान कर देंगे। मैकेनिक्स में इस वोट को कहा जाता है सुपर चार्ज, अब देखो दुनिया जहान में कुछ गाड़ियाँ हैं और उन गाड़ियों को कहते हैं that the हर supdpकार्s, अगर आप 1 शेलबी कोबरा चला रहे हैं, जीटी five हंडरेड और जब उसमे बैठेंगे तो its a supdpकाrजबआपडौज की हेलकैट में बैठेंगे इटस सुप डप कार बाहर से बस गाड़ी दिखती है लेकिन किसी 1 मैकेनिक ने अंदर जाके उसके इंजन इंजन में कुछ कर डाला और अब बाहर से वो 1 साधारण गाडी दिखती है लेकिन जब आप एक्सेलरेटर पर पैर रखोगे, वो इतनी गति से दौड़ पड़ेगी, इतनी ताकत, इतनी परफॉर्मेंस और जिस प्रकार से मकेनिक गाड़ी को सुपरचार्ज बना देता है। उसी प्रकार से अगर 1 शिवयोगी के भीतर भाव आता है कि मुझे कुछ अच्छा करना है तो न जाने कहाँ से उसके गुरु, उसके भगवान उसको भी सुपरचार्ज बना देते। फर्क क्या है, इंटेंशन होनी चाहिए। अगर इनटेंशन होगी तो कोई व्यक्ति आपके इंजन पर भी काम करना शुरू कर देगा। उस व्यक्ति को आप देख नहीं सकते, उस शक्ति को आप छू नहीं सकते। लेकिन उस शक्ति को आप महसूस कर सकते हो। वो शक्ति आपसे आपकी थकावट ले लेगी, आपसे आपका दुख ले लेगी, आपसे आपकी पीड़ा ले लेगी और आप देखोगे आप सुपर चार्ज ठोक रे। मैंने इस शक्ति को देखा है। हमारी माँ में। अब जो माँ है वो अपने बच्चे को प्रेम करना चाहती है, जो पिता है वह 8 घंटा काम करके दफ्तर से घर तय कहता मैं थक गया, मुझे बैठना ह उसका इंजन परफॉर्मेंस ड्रिवन है ही नहीं, उसका इंजन तो वो लकड़बग्गे की तरह है जिसमें ट्यूब बेल का इंजन लगा रखा है और फट फट, फट, फट, फट फट करके मुश्किल से चल रही है। वही घर की माँएं 24 घंटा बच्चों के लिए काम करती है, मेहनत करती है। और कोई सोचेगा कि कैसे कैसे बिना नींद के 1 नई माँ अपने बच्चे का ध्यान रख सकती है। कैसे विदाउट रेलाक्सेशन, शी, ज एबल तो वर्क और 1 ही जवाब है बाहर से कोई कैसा भी दिखता, अगर भीतर 1 इंटेंशन आ गई कि मुझे कुछ अच्छा करना है तो प्रकृति की ब्रह्मांड की ऊर्जा आपके इंजन की कैपेसिटी बढानी शुरू कर देगी और फिर आप के भीतर से न जाने कहां से, 1 योद्धा निकल के आएगा, 1 वैज्ञानिक निकल के आएगा, 1 साधक निकल के आएगा, 1 शिवयोगी निकल के आएगा यह बात समझनी होगी जा। पेंडेमिक की दूसरी वेव शुरू हुई तो जितने भी वैज्ञानिक हैं जिनके साथ में काम कर रहा था, दूर से दिखा कि ऐसा कुछ होगा और हम सब ने मेहनत करनी शुरू कर दी कि किस प्रकार से हम भारतवर्ष की सेवा कर सकते हैं और देखो कई प्रकार से मेहनत की जा सकती है, सेवा की जा सकती है। 1 सेवा है बैठ कर प्रार्थना करना और उसमें भी कोई खराबी नहीं है। अच्छी बात है सबको प्रार्थना करनी चाहिए, सबको साधना करनी चाहिए। और कुछ लोगों को भगवान ने वही मींस दिए है कि वो बैठ के प्रार्थना कर सके लेकिन अगर आपके पास ताकत है और अगर आपके पास जरिए है प्रार्थना से कुछ ज्यादा कर सकते हो तो आपका धर्म बनता है कि आपको करना होगा क्योंकि देखो जो भगवान है न वो सब जानता है। अगर उसने आपको कहीं पर रखा है, सोच समझ के रखा है बज। yuan me we had no cois, we had bone in this time in this era in this pendik विश्व महायुद्ध के बाद जो पैदा हुए उनको बहुत अच्छी दुनिया मिली है। उन्होंने अपनी दुनिया, अपने जीवन को जिया। विश्व महायुद्ध के दौरान जो पैदा हुए उनकी भी उस बच्चे के उस बालक की कोई चोइस थोड़ी न थी। उसको भगवान ने उस स्थान पर रखा। क्योंकि भगवान जानता था कि ये कुछ शायद कर सकते हैं, ये कुछ कर सकते हैं। उस कठिन समय के लिए जिस दौर से दुनिया बीत रही है, तो भगवान ने सोच समझ के उस स्थान पर तुम्हें रखा है। भगवान ने सोच समझ के तुम्हें जरिया प्रदान किया है। अब तुम उस जरिए के साथ क्या करते हो, यह तुम्हें सोचना होगा। और जब दूसरी वेव की शुरुआत हुई तो मुझे भगवान ने स्थान पर रखा, जहाँ पर मैं चिकित्सकों से घिरा हूँ, मैं वैज्ञानिकों से घिरा हूँ, महादेव प्रोवाइडेड में वित, द, मीनस और अगर आज की तारीख में। कोई मुझसे पूछे कि उस समय तुम्हारी क्या एक्सपर्टीज थी, तो मुझे कुछ भी नहीं पता, क्योंकि मैं तो आश्रम में पला बड़ा मुझे क्या पता, पलनरीबायोलोजी के बारे में, मुझे क्या पता, पेंडेमिक के बारे में, मुझे क्या पता, वायरोलोजी के बारे में, मुझे क्या पता? कोविद रिहेब्लिटेशन के बारे में। मेरा तो वो हाल था जैसे भगवान हनुमान की सेना में बंदर दे आर, मेकिंग, द ब्रिज आलसो एंड दे आर, वर्किंग ऑन, द ब्रिज आलसो। लेकिन भीतर बस। 1 भाव था कि कुछ तो करना है और जहाँ ये भाव उत्पन्न होता है। जैसा मैंने कहा, फिर शक्ति आपको सुपरचार्ज करना शुरू कर देते। पूरी दुनिया में शॉटेज थी ऑक्सीजन की, लेकिन न जाने कहां से अच्छे लोग एकजुट होने शुरु हो गए। लाइक एनर्जी, अट्रैक्ट्स, लाइक एनर्जी। और फिर मैंने देखा कि जब समस्या आती है तो जरूरी नहीं, हमें सिर्फ प्रार्थना करनी है। मजे की बात सबसे ज्यादा मेरी सहायता जिन लोगों ने की, वो वो लोग थे जिनको सोसाइटी नजरअंदाज कर चुकी, retired लोग, बुजुर्ग लोग, जिनको। उनके बच्चों ने कहा कि बस, अब इनका समय तो निकल गया, देर डोंट हैव एनीथिंग एल्स टू गिव। तो सोसाइटी जिनको। उनके कैरियर्स ने कह दिया कि जी दे डोंट हैव एनीथिंग एल्स तो गिव मोर टू सोसाइटी, जिसको सोसाइटी कहती है कि जी, अब तो आप 60 और 70 क्रॉस कर चुके हो। अब कोने में बैठो भगवान यमराज का इंतजार करो। लेकिन जब मैं ढूंढ रहा था, मदद ढूंढ रहा था कि कोई तो मदद करे की कैसे दुनिया जहान से जो हमने इकट्ठा किया है, वो भारत भेजे और भारत में कहा गली, गली, गांव, गांव, हम पहुंचा सके, तो ये सब शिवयोगी सामने आए। and i realized, the meaning of old is cold, i realized, the meaning that there s, no ulternative to maturity and visit, and i realised that if you want, द गॉड, विल, गिव, यू, द पॉवर और ये 60, 60 साल के जो बुजुर्ग थे, इन्होंने दिन, रात मेरे साथ 1 या 24, 24 घंटे मेरे साथ मेहनत की 40, 40 किलो के कंसेंट्रेटर उठा उठा के जगह जगह लेकर गए 20 साल के लोग, इनको देख के शर्मा जाएंगे की इतनी ताकत इनमें कहां से आ गई। और जैसा मैंने आपको कहा सुपरचार्ज, फिर भगवान सुपरचार्ज करता, फिर फिर आप वो हो ही नहीं जो आपको लगता है। आपको फिर कहाँ से शारीरिक ताकत आती है, मानसिक, ताकत आती है खुशी आती है कि आपको ही नहीं पता क्यों? क्योंकि तब 1 जज्बा है, 1 सोच है, दैट आई हैव, तो हेल्प ठीक है, अगर केवल प्रार्थना कर सकते हो तो करना, लेकिन अगर मन में विचार है कि मैं प्रार्थना से कुछ और थोड़ा और करना चाहता हूँ, तो कभी भी अपने आप को अपनी आँखों में नीचा मत दिखाना कीजिये मैं तो अभी बुजुर्ग हूँ, मैं तो अभी बच्चा हूँ। अभी मैं कहाँ कुछ कर पाऊँगा। अगर आपके भीतर सोच आ गई, फिर भगवान आपको रास्ता दिखाएगा, भगवान आपको ताकत देगा, भगवान आपको ऊर्जा देगा, भगवान आपको शक्ति देगा और भगवान आपकी सहायता करेगा। और मैंने देखा किस प्रकार से सभी शिवयोगियों ने दिन रात, मेहनत के बिना, सोए बिना खाए। और तब अगर वैज्ञानिक देखेंगे। और कहेंगे कि जी, यह तो सोया ही नहीं, इतने घंटों से यह कैसे काम कर रहा है, इस ने तो खाया ही नहीं, इतनी देर से यह कैसे काम कर रहा है? we have to realize, we are not just physical machines, we are emotional beings and वी डोंट हैव एन इमोशनल चार्ज in life तन आर लाइफ इज वेरी mecanicalंमैकेनिकस यू गिव फ्यूल वी विल वर्क यू स्टॉप फ्यूल वी आर not motivated जो व्यक्ति मैकेनिकल है, वो बोलेगा तुम प्रेम, 2 मैं प्रेम दूंगा फ्यूल डालो मेरे अंदर, जो व्यक्ति मैकेनिकल है, वो अपनी नौकरी को देखेगा, बोलेगा जी मुझे मॉनिटरी रिवॉर्ड तो मॉनिटरी रिवॉर्ड, नहीं तो मैं तो तुम्हें गालियां देनो। जो व्यक्ति मैकेनिकल है, उसकी जिंदगी भी मैकेनिकल होगी, रिश्ते भी मैकेनिकल होंगे। और फिर मृत्यु तो महा मकेनिकल होगी, जंकियाड ही इज गोइंग तो दे। जंकिया टू बी सेल्बेचटरजो व्यक्ति इमोशनल है, उस व्यक्ति का जो फ्यूल सोर्स है, it is a in exgustablerenuable सोर्स ऑफ infiनtfelसिर्फ। वही व्यक्ति इस बात को समझ सकता है, अनकंडीशनल लव सिर्फ, वही व्यक्ति इस बात को समझ सकता है, शिव अनंत, शिव कृपा, अनंता बज, दैट पर्सन वो व्यक्ति इस इमोशनल अभी ascension क्लास रूम में जो में साधना कर रहा हूँ, उस साधना में मैंने कहा the secret of success in a three part base protocol and the फर्स्ट सीक्रेट विजुलाइजेशन कि तुम विज्वलाइज करो, तुम चाहते क्या हो? have a dem? इन योर हेड और दूसरी चीज जो अब असेंशन क्लास रूम के एपिसोड में मंडे को आएगी यूनिफिकेशन हाऊ टू कनेक्ट योर iमोsinsक्योंक जब इमोशंस होंगे तो 111 दर्द होगा, इमोशन अटैच टो सोसाइटी तो 1 दर्द होगा, इमोशन अटैच टो कंट्री तो 1 दर्द होगा, फिर मेहनत करने का मन करेगा, इमोशन अटैच टो परिवार, तो फिर 1 भाव होगा। समस्या कब आती है जब बहुत सारे लोगों को हम कहते हैं, आप कुछ करो, लेकिन मेकेनिकल कहते पर उनका भाव अभी तक जुड़ा ही नहीं। हम लोगों को कहते हैं देश के लिए कुछ करो, बेटियों ठिक हो, लेकिन भाव कहाँ है? हम लोगों को कहते हैं अपनी साधना, अपने शरीर के लिए कुछ करो, लेकिन भाव ही नहीं है। तो कैसे करेगा? हम लोग मशीन नहीं है, हम लोग ए आई नहीं है, हम लोग जीते जागते, जीवित प्राणी हैं। और भाव बहुत जरूरी है। जिस व्यक्ति के भीतर भाव नहीं होगा, उसके भीतर तुम देखोगे, उसके जो मॉडल्स हैं, वो बहुत टपूसियां मारेंगे। आज वो कुछ बोल रहा होगा, कल वो कुछ और बोल रहा होगा? आज वो किसी का सगा दिखाई पड़ेगा, अगले दिन, फिर वो उसी के विपरीत भी दिखाई पड़ना शुरू हो जाएगा। और इसका केवल यह मतलब है। भाव कभी थे ही नहीं। इट वाज वेरी कैल्कुलेट और देखो, जो प्रकृति है न, उसके साथ कैलकुलेशन नहीं चलते? जो भगवान है न, उसके साथ कैलकुलेशन नहीं चलते? जो प्रकृति है, वो तुम्हारा भाव, तुम्हारी सच्चाई देखेगी। तब तुम प्रकृति को ये नहीं कह सकते कि हे शिव, शिवा में 5 दिन बर्गर खा लूंगा, 2 दिन एक्सरसाइज कर लूंगा। मेरा प्लीज, ध्यान रखना, प्रकृति का तो बहुत सीधा सा नियम है। यू chal rep what you so सो नो कैलकुलेशन हैज टू बी टुफुलनेसइटहैज टु on तो क्या कहा? असेंशन क्लास रूम में भाव जोड़ो यूनिफिकेशन और जब भाव जोड़ोगे फिर आएगी इंटेंशन और इंटेंशन का मतलब क्या है कि अब मुझे प्रकृति को बदलना है। अब मुझे इस सिचुएशन को बदलना है। पहला इस ऑलवेज विजुलाइजेशन, दूसरा इस आलवेज यूनि शन एंड, तीसरा इज आलवेज इंटेंशन। पहला क्या है, हैव ड्रीम सेकेंड इमोशन, तो वार्ट्स, द ड्रीम, कनेक्शन टू, द ड्रीम हैव यौर स्टेक्स, अगर दुनिया के लिए कुछ कभी किया ही नहीं, तो कोई स्टेक ही नहीं है। दुनिया जल रही है, ठीक है, चल रही। लेकिन अगर अपने हाथ से 11 पेड़ सींचा होगा, तो काटने से पहले 10 बार सोचोगे। अगर मुर्गी खुद पाली होगी तो हलाल नहीं हो पाएगी। तुम से। अगर तुम्हारा खुद का घर होगा, तो चिंगारी निकालना कठिन है? और आखिरकार फिर इंटेंशन कि अब मैं क्या कर सकता हूँ बदलने के लिए। इस घटना को, इस स्थिति को, इस कर्म को। और तब प्यारे, यही प्रार्थना है। तुमसे अपने आप को कम मत सोचना। तुम्हे बस भाव लाना है, तुम सुपरचार्ज हो जाओगे, बाहर से, तुम कैसी भी गाड़ी देखो, तुम्हारे गुरु, तुम्हारे अंदर हेलकैट का इंजन डालेंगे। फिर जैसे मारियो को स्टार मिल जाता था। और ऐसा नहीं है। तुम्हारे रास्ते में रुकावटें नहीं आएंगी। पिछले। 3 महीने में जब से ये कर्म शुरू किया, मैंने खुद देखा, कहाँ कहाँ रुकावट आ सकती। वही 1 वस्तु मेडिकल एट की जो पेंडेमिक से पहले 5 रुपए की मिल रही थी, वही पेंडेमिक के दौरान 5000 रुपए की मिलनी शुरू हो गई। और तब अब सोच रही कि इसको गाली दे सामने वाले को क्या करें। लेकिन फिर गुरु ने स्टार दे दिया, तो 5 की जगह जेब में 10 हजार रुपए आ गए। और फिर अब कोई चिंता ही नहीं। ठीक है। तुम बेचो, तुम 2 हमें अच्छा काम करना है, चाहते क्या हो? हम यहाँ? पैसे बचाने तो थे ही नहीं, हम यहाँ पर अच्छा काम करने के लिए थे। जान बचानी है। मेहनत करनी तो दूर से देखने वाले को लगेगा, यह रिकावट है। लेकिन तुम्हारे गुरु ने, तुम्हारे भगवान ने, तुम्हें वो स्टार पॉवर दे रखी है। सामने समस्या भी आएगी, लेकिन उस समस्या को झेलने की ताकत भी भगवान देगा और तुम तोड़ते हुए उस दीवार को निकल जाओगे। पर इंटेंशन इंटेंशन होनी चाहिए कि क्या अच्छा काम करना है और इसलिए मेरी प्रार्थना है हे शिवयोगी। अब आप भी अपने आप से सवाल पूछो हाउ कैन आई हेल्प मेरे गुरु का 1 सपना है और वो है हेल्थ बाबाजी का मानना है हेल्दी पीपल मे heldynasioन, मैं फिर से दोहराता हूँ हेल्दी पीपल मेक, हेल्दी नेशन हेल्दी लीडर्ज मेक हेल्दी policy हल्दी इंडिविजुअल्स हैव hel्दीरeलations it ल स्टार्ट वितहel्थऔर हेल्थ के भी 3 एस्पेक्ट है physical health, mental health and imotional health, mental health is very important and मेंटल हेल्थ is the most अंडर रीपरेजेंटेd। 2012 में जब शिवयोग ने किसानों के लिए काम करना शुरू किया, जब किसान बहुत दुखी थे, जब किसान आत्महत्या कर रहे थे, तो जिन जिन स्थानों पर हमने काम किया, हमें लगा कि इट इज गोइंग टू बी अ सोशल, इकोनोमिकल, इशु, इट, इज गोइंग टू बी अ पॉलिसी, इशु, इट, इज गोइंग टू बी अ गवर्नमेंट isu बट जितना काम किया द मोर बी रeaलइजeitisaमेंटल हेल्थ इशु, क्योंकि बहुत अच्छा लगता है दुनिया जहान को इशु हाईजैक करने में, तो ये इशु है, ये तो वो इशू है, यह तो फलानी सरकार का इशु है, तो डिमकानीसरकार का इशु है बट एंड ऑफ द डे, जो व्यक्ति सफर कर रहा है उसके लिए इट इज, नॉट अ पॉलिसी इशू, it is मेंटल हेल्थ इशु, एंड मेंटल हेल्थ इशु का मतलब है कि वो हताश हो गए। अब वो डिप्रेस हो गए, अब वो एंग्जाइटी से सफर कर रहे हैं। अब बाईपोलर है या सिजोफेनिया है, कुछ है अंदर जिससे खुदी का दिमाग काला पानी की सजा हो रखी है और काला पानी से सिर्फ 1 ही मुक्ति है। सजाए मौत। और जब उन किसानों के साथ हमने मेहनत करनी शुरू की तो सबसे पहले वी अडड्रेस द इशु ऑफ मेंटल हेल्थ शिवयोग के माध्यम से सबसे ज्यादा भला हुआ उनकी मेंटल हेल्थ में। फिर कहने वाला कह सकता है कि बाबाजी ने उनको कृषि सिखा दिया, शक्ति दे दी कि उनकी फसल बहुत ज्यादा हो। और उससे फिर वो खुश हो गए और उससे फिर वहाँ पर सुसाइड रेट गिर गए। लेकिन तुम्हें क्या लगता है जिसके पास पैसे होते हैं वो सुसाइड नहीं करता। पैसों से मेंटल हेल्त नहीं आती, परिवार से मेंटल हेल्थ नहीं आती मेंटल हेल्थ इशूज को अड्रेस करने से मेंटल हेल्त आती, तुम्हें क्या लगता है? एडिक्शन सौरो डिप्रेशन ये सिर्फ 1 ही प्रकार के लोगों को हो सकता है। जैसे पेंडेमिक ने दिखाया कि पेंडेमिक सबको हो सकता है उसी प्रकार से जो मेंटल हेल्थ इशूज है वो भी सबको हो सकता है। और हमने देखा कि ये जो इशूज हमको प्रेजेंट किए जाते हैं इसका 1 बहुत सरल कारण था और वो था मेंटल हेल्थ अवेयरनेस और शिवयोग साधना के माध्यम से, हमारे वैदिक योगिक प्रोटोकॉल्स के माध्यम से वी वर एबल टू अड्रेस द मेंटल हेल्थ इशूज, ताकि उस किसान को हम उसकी खुद की जेल से मुक्त कर सके। और खुद जब वो मुक्त हुआ तो अपने आप भीतर 1 एनर्जी आई 1 इच्छा आई 1 होप आई 1 ताकत आई तो जहाँ उसको लग रहा था कि मैं हताश हूं, अब जीवन में कोई और उपाय नहीं। फिर उसको लगना शुरू हो गया कि नहीं? इस घोर अंधकार के बाद दूर कहीं 1 प्रकाश है और मुझे मेहनत करनी है, चलना है ताकि मैं उस प्रकाश तक पहुँच सकूँ। और यह बात पक्की है कि जो हमारे वैदिक रीतियां हैं, जो हमारी साधना है, जो हमारा योग है, जो शिव योग है, जो योगा मोटल्स है, यह मेंटल हेल्थ में हमारी बहुत ज्यादा सहायता करता है। 2020 में हमने जितना भी शोध किया, हमने पाया, siviरडेप्रेशन, siviरinsoiसiविर, एंग्जाइटी, इन सब लोगों पर प्रभाव पड़ा और 1 या 2 प्रतिशत नहीं, 5 या 20 प्रतिशत नहीं, 70 प्रतिशत से ऊपर लोगों को फायदा हुआ। and this is a big deal, क्योंकि अगर अभी आप आप मेंटल हेल्थ की बात करोगे तो उपाय क्या है सेडिटिव दे। 2 अगर आज आप की तारीख में किसी के पास जायेंगे और बोलेंगे कि जी मेर को मेंटल हेल्थ के लिए कुछ लाभ चाहिए मैं क्या करूँ बोलेंगे ठीक है ये गोली खाओ और ये गोली तुम्हे कद्दू बना देगी, ये तुम्हारे फ्रंटल लोग को काम करना बंद कर देगी या ये तुम्हारी इमोशनल रिसेप्टर्स को खत्म कर देगी। ताकि तुम वहां पर बैठे मुंह खोल कर मुंह से थूक निकाल रही है और बस mental helt ishu address ho, gya you dont feel doesnt mean your issue is address। because there is no difference between feeling, an all the time and not feeling at al, it is the same, it is just different types of jal, the issue is address। not wan stop feeling, but many start feeling, happines और atleast normal मेंटल हेल्थ पे, शिवयोग को अब काम करना है ताकि घर घर 1 खुशी की लहर दौड़े बाबाजी ने कहा हर हाल में खुशी, यह आज्ञा नहीं, यह उनका सपना है जिसको मुझे और आपको मिल के साकार करना होगा। लोगों को लगता है बाबा जी का आदेश है, हर हाल में खुशी नहीं। यह गुरु की तुमसे प्रार्थना है कि सपने को साकार करने में मदद करो, सहायता करो कि किस प्रकार से ये ज्ञान घर घर पहुँचे और फिर बाबा जी बात करते हैं फिजिकल हेल्थ की। अगर हमें अपने जीवन में फिजिकल हेल्थ लेकरके आनी है, वी विल हैव तो हैव एन इंटिग्रेटिव अप्रोच जिसके बारे में बाबाजी ने सिखाया था। इन साइंस, बिन, साइंस और साइंस पियोन साइंस में 1 टू हंड्रेड परसेंट अप्रोच होनी चाहिए। where the fisetin is working hand in hands with the or sprituality ताकि तुम्हारे शरीर को जब देखा जाए तो केवल 1 मशीन के हिसाब से ना देखा जाए, जिसमें काट पीट के अंजर पंजर ढीले किए जाएं। बल्कि यू शुड बी seen as a लिविंग होलिस्टिक बिंग and the physician works on all aspects of your life or isle b chilo is going to partner with physicians around the world and very soon, we are going to start a way throubichweकan बिंग this help to एवरी सिंगल कॉर्नर ऑफ इंडिया, मुझे आपसे ये सहायता चाहिए कि जो मेंटल हेल्थ अवैरनेस का पाठ होगा, उसमें मुझे आपको ये टूल्स सिखाने होंगे जिन टूल्स को लेकर के आप गांव, गांव पहुंच सको, घर घर पहुँच सको, ताकि लोग अपने ट्रोमा से ऊपर उठे ताकि हमारी सोसाइटी में जो चीजें हमें वर्दन करती हैं, जनरेशनल गिल्ट, जनरेशनल शेल, जनरेशनल सुपर स्टेशंस, जनरेशनल जेंडर इन क्वालिटी हम इन सबसे अपनी सोसाइटी को मुक्त कर सके और वो तभी हो पाएगा। अगर मैं आपके भीतर जो डायनेमिक लोग हैं उनको ट्रेन कर पाऊँगा ताकि आप ये सेवा कर सके और घर घर पहुंच सके। और साथ ही साथ जब आप सेवा करेंगे। मैं बहुत खुश हूँ यह बताने के लिए कि दुनिया जहान के चिकित्सक अब हमारे साथ पार्टनर करने के लिए तैयार है। आईआईटी अलुमिनाई के द्वारा जो वील्स फाउंडेशन है, उनसे मेरी बात हुई कि किस प्रकार से हम ऑनलाइन जिस प्रकार से मैं आपको साधना सिखाता हूं, हमारे जो साधक होंगे, जो मेंटल हेल्थ अवेयरनेस गांव गांव लेकर जाएंगे, किस प्रकार से हम उनको टेक्नोलॉजिकल टूल्स दे सके, ताकि जो वर्ल्ड के बेस्ट फिजिशन्स है, वो ऑनलाइन फ्री कंसल्टेंसी भारत के 11 गाँव में ले जा सके, जो इंटरनेशनल लेवल ऑफ मेडिकल एड है, जो नॉलेज है, वो 11 गाँव पहुंच सके। क्यूंकि अगर मैं tecnoलoजी के माध्यम से आप सब तक पहुँच पा रहा हूँ। en the doctor scendreachto the pores iisis of india, yes no to you egret e you ready to dream with me, are you ready to hope with me r you ready to hold our hands so that the shivir community can make this dream of our guru, a reality of helthy people making heldynitions। and it is going to be an integrative aproch, it is going to be the same partnering with the science, and that is how it should be that is what the shiv yoge has taught or finally jo man ko कहा? imotional health emotional health comes from a sense of community together। nes। अगर पेंडेमिक ने हमसे 1 चीज छीन ली, क्या छीन लिया togेदरनेसकमम्युनिटी, और जो नकारात्मक घटिया बेकार तत्व है, सब इन टेक्नोलॉजी के माध्यम से आ गए ताकि और एलियनेट किया जाए दुनिया को। when a shiviegiworks ही wर्कs to make a सेंस of community, जितनी ज्यादा टुगेदरनेस होगी, जितनी ज्यादा सेंस ऑफ कम्म्युनिटी होगी, उतनी ज्यादा हमें शक्ति महसूस होगी, और हम मेहनत कर पाएंगे। अभी ग्रोबली इन्टरनेशनली डिबेट है कि क्यों डिप्रेशन इतना बढ़ रहा है, क्यों एंग्जाइटी बढ़ रही है, क्यों वेस्टन देशों में लोग हिंसा पर उतर आते है? वह बहुत साधारण सा कारण है कि 1 ग्लोबल सेंस ऑफ कम्यूनिटी, 1 वासुदेव कुटुंबकम जो शिवयोगियों ने हमेशा सिखाया, वो भाव दुनिया में कम होता जा रहा है, जो फैमिली वैल्यूज हैं, वो कम होती जा रही है, एलियनेशन बढ़ रही है, हम सब 1 दूसरे को बाँट देते हैं, छोटे छोटे कस्बों में बांट देते हैं। हम कहते हैं कि जी, हम तो इस धर्म के हैं, धर्म भी छोड़ो, हम इस गाँव के गाँव भी छोडो, हम तो इस वंश के हैं, वंश भी छोडो, हम तो इस गुरु के हैं, वो भी छोडो, हम गोरे हैं, वो काले है, वो भी छोड़ो, हम तो लंबे लोग हैं, वो छोटे लोग हैं, वो भी छोड़ो, हम वेजिटेरियन हैं, वो नॉन वेजिटेरियन है। इतना ब दिया तो मन की सेंस ऑफ़ कम्युनिटी खत्म और जब सेंस ऑफ कम्युनिटी खत्म, फिर हिंसा आती है, फिर समस्या आती है, फिर प्री में चोर पैटिंग, ऑन द बैक आती है सेकेंड वेव क्यों, आई कोविडकीक्योंकि पहली वेव में हमने अपने आप को कह दिया कि हम तो इतनी बढ़िया कम्युनिटी है, उसको हो रहा है, वो गलत कम्युनिटी है, वो गलतियां करते हैं, हम तो भारतीय है, लसुन खाते हैं, अदरक खाते हैं, हल्दी खाते हैं। हम तो जी इन सब चीजों से ऊपर है। पर अगर 1 भाव होता of a global consiesnes that we are all human beings, we are all on अंडर द ब्लू स्काई, कमिंग फ्रॉम, दैट गॉड, गोइंग टू दैट गोड, तो कोई भी व्यक्ति ग़लती नहीं करता। सब जुड़े रहते, एकजुट रहते है, सब 1 दूसरे से सीखते, सब 1 दूसरे की सहायता करते। अगर आज की तारीख में इमोशनल हेल्थ वीक है, बिकॉज़ वी आर, नौट, टुगेदर, वी हैव, बिकम ट्रोल सिटिंग, बिहाइंड मैकेनिकल, ट्रोल सिटिंग, बिहाइंड स्क्रीन। और ये चीज बदलनी होगी न। हर 1 शिवयोगी को मेहनत करनी होगी कि किस प्रकार से आई कैन हेल्प मेक, अ, यूनाइटेड, ग्लोबल कम्युनिटी of people हो, वान्ट, टू, डू, सेवा, सर्विस जो शिव योगी है, उसको चिंता नहीं, तुम किस देश के हो, क्योंकि यह पूरा संसार महादेव का है। जो शिव योगी है, उसको कोई चिंता नहीं, तुम किस रंग के हो, मेरा रंग देख लो, मैं इतने गोरे खूबसूरत लोगों के घर में काला धूस पैदा हो गया। शोगी को कोई चिंता नहीं, तुम्हारी क्या जात हैं शिव योगी को कोई चिंता नहीं कि तुम जवान हो। a boजurgहooकoबस आप से 1 ही सवाल पूछना है what is the quality or bringing in this world today? how are you making this world? a बेटर place? और हाँ, अगर आज की तारीख में आपको लगता है कि बस प्रार्थना से काम हो जाएगा तो ठीक है आप प्रार्थना करना मोर पॉवर, टू यू, मोर एनर्जी टो यू, आई विल ब्लेस यू वेरी सिंगल डे की आपकी प्रार्थना को ताकत मिले और हमें चाहिए लोग जो प्रार्थना करें पॉजिटिविटी फैलाए। लेकिन अगर आपको लगता है कि आप दिन का 1 घंटा भी निकाल सकते हो, 20 मिनट भी निकाल सकते ह किसी प्रकार की सेवा करने के लिए, तो मैं तहेदिल से हाथ जोड़के आपसे प्रार्थना करता हूँ की सेवा का जरिया अपने जीवन में जरूर लेकर के आना द वर्ल्ड इज ओनली आज ब्यूटिफुल ऐज हाव वी वेन के टू बी दुनिया उतनी ही सुंदर है, उतनी ही खूबसूरत है जितना सुंदर आप उसे बनाओगे तो मेहनत तो करनी है, गूगल फॉर्म होगा उस गूगल फॉर्म में 4 क्राइटेरिया है जहाँ पे आप aजaशhिvogी हेल्प कर सकते है शिवयोग के मिशन को, शिवयोग की ग्लोबल कम्युनिटी को। पहली काइटेरिया है ऐज डॉक्टर ऐज रिसर्च साइंटिस्ट। अगर आपके पास टूल्स हैं, रिसर्च के आपके पास टूल्स हैं, पी एच डी apke pas stools है। as a fhisision to give your expertise to help battle the pendemicofphysicle and mental propotions to please। उस फॉर्म में अपना नाम दीजिए ताकि हम 1 global community of likmाindेdफisiशioंस क्रिएट कर सके, fisitions that believe in making helth a holistic finamina, not just a farmasuticl finamina or a patch work finominadूsrा, if you have स्किलस related to coding technology or creating means with which through the help of technology, we can bring resources from one part of the world to another, which is very important और हमने 1 करके देखा, जितने shogy technology में वो एकजुट हुए और उनके माध्यम से हमने ज्ञान, शक्ति, ऊर्जा दुनिया के 1 स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की कोशिश की। और अब खासकर अब जब हम इन डॉक्टर्स को, इंटरनेशनल क्रेडिबिलिटी ऑफ डॉक्टर्स को, भारत के गांव गांव पहुंचाना चाहते हैं तो हमें टेक्निकल सपोर्ट की तो जरूरत पड़ेगी। तो अगर आपके पास ताकत है, शक्ति है, ज्ञान है, यू हैव, हेल्प इन टर्म्स ऑफ कोडिंग, in so of technology, तो कृपया करके अपना नाम दें, ताकि आपकी सहायता का हम लाभ ले सके। तीसरा बहुत किमती इफ यू हैव, क्रिएटिव टैलंट्स, चाहे वो डिजाइन में हो, चाहे कंटेंट राइटिंग में हो, तो हेल्प टेक, the मेसेज फ्रॉम वन प्लेस to anther और शायद, आज की तारीख में यह सबसे किमती सेवा है जो आप कर सकते हैं और 1 डायरेक्शन भी होनी चाहिए। मैं जानता हूँ बहुत सारे शिवयोगी है जो मदद करना चाहते हैं, जो चाहते हैं कि बाबाजी का ज्ञान 1 स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचे, लेकिन अनजाने में बहुत गल्तियां करते हैं कुछ शिवयोगी वो हमारी साधनाएं जो बाबाजी की साधनाएं हैं, जो दरोहर है वही बांटना शुरू कर देते हैं। और ये भी नहीं सोचते कहाँ जा रही है, क्या हो रहा है। और वो ये भी नहीं सोचते कि इस दौरान शिवयोग ने जितनी भी सहायता की उसमें जो आर्थिक सहायता, शिवयोग की की वो सब साधकों ने ऐसे कम्युनिटी की जो सब हम एकजुट हुए अपने फॉर्म के माध्यम से, हम सब एकजुट हुए शिविर के माध्यम से, तभी हम यह सब कुछ भारत के लिए कर पाए। और वो साधक जाने अनजाने में जो कहता है कि ठीक ये लीजिए शिवयोग का ज्ञान साधनाएं मैं आपको मुफ्त में देता हूँ। सबसे पहले ये ज्ञान आपका तो था ही नहीं, मुफ्त में देने के लिए। दूसरा हमारे सनातन में गुरु दीक्षा होती है और बिना दीक्षा के ज्ञान चलता नहीं तो आपने 1 गुरु शिष्य की परंपरा में भी उल्लंघन डाला। और तीसरा कि जब आपने यह किया तो आपने यह नहीं सोचा कि जो काम शिव योग कर रहा है आप उसमें 1 गहरी रुकावट डाल रहे हो। फिर अगर मैं आज की तारीख में कहता हूँ कि राजस्थान में गौशाला में 800 गाय का ध्यान रखना है, कैसे रखेंगे पीछे से मैंने तो सोच कर रखा है की पूरी शिवी और कम्युनिटी सपोर्ट कर रही है, लेकिन 1 कोई बैठा है जो कहता है कि नहीं। जी, मैं तो पायरेसी करूंगा, मैं उट पटांग हरकतें करूंगा। फिर उसने इस पूरी की पूरी मशीनरी को तोड़ दिया। अगर आपके भीतर जस्पा है भाव है कि आप जानते हैं आपके पास क्रिएटिव टैलेंट्स हैं, तो कृप्या करके अपनी इन शक्तियों को व्यर्थ में न गवाएं। आप अपना नाम दें। सेवा में हम आपको दिशा देंगे कि कौन सा ज्ञान और किस प्रकार का ज्ञान हमें आगे फैलाना है और साथ ही साथ ऐसी बहुत सी टेक्नोलॉजीज हैं जिससे मैं बिल्कुल ही अनजान हूँ चाहे वो टॉक टॉक हो, टिक टॉक हो या कुछ हो। मुझे नहीं पता दुनिया बदल रही है और अगर हमें 1 नई पीड़ी तक पहुंचना है हमें उस पीडी के माध्यम को अपनाना होगा। सो इफ यू फील इन एनी form, यू हैव द पॉवर टू बी अ वेद इनफ्लुएंसर इफ, you feel you have that मींस ऑफ कंटेंट राइटिंग क्रिएटिव डिजाइन, web design or anything to do with graphics which can help take the मैसेज। अक्रॉस तो आप अपना नाम उस कैटेगरी में दीजिएगा और चौथा सबसे कीमती सेवा कैटेगरी और सबसे कठिन भी एंड ऑफ द डे। हम चाहे जो कुछ भी करते हैं वो सेवा अपनी मंजिल तक पहुंचे, उसके लिए हमें कुछ साथकों की जरूरत है। जब मेडिकल एड भारत भी पहुंचा तो दिन रात मुंबई, महाराष्ट्र, खासकर मुंबई के साथको को मैं हाथ जोड़ कर धन्यवाद करता हूँ। आपने इतनी मेहनत की, इतनी मेहनत की, इतने भारी, भारी, मेडिकल एड के समान को आपने 1 स्थान से लेकर ट्रकों में डाल के रात, रात भर, हर गांव, हर शहर की ओर रवाना किया और सिर्फ रवाना नहीं किया, अंदर बैठ के गए, ट्रक में बैठ करके गए और कभी किसी को पता ए जो ट्रक हैं उसके शौकर कैसे होते हैं। बिल्कुल टूटे हुए, उस ट्रक में बैठ कर टूटी सड़कों में कहाँ कहाँ तक गए, उनके डलने तो सस्त्रा छोड़ के बाहर निकल गई होगी। ऐसे शौक करते ट्रक्स के और उन्होंने ये सारी मेहनत की, हम कितनी भी सेवा सोच लें, कितनी भी मेहनत सोच ले, कितने भी सॉफ्टवेयर बना लें, लेकिन इन द फील्ड अगर साधक नहीं होंगे तो वो सेवा अपने स्थान तक नहीं पहुंचेगी और ये साधक मेरे लिए आगे आने वाले समय में सबसे ज्यादा जरूरी होंगे क्योंकि इन्हीं साधकों को मैं ट्रेनिंग दूंगा योगा ऑफ मोटल्स मेंटल, हेल्थ प्रोटोकॉल्स में, इन्हीं साधकों को हम ट्रेनिंग, दिलवाएंगे फिजिशन से ताकि इन फिजिशंस की रिमोटली, ये साधक हेल्प कर सके, दिस इज, गोइंग टू, बी, अ, वोकेशनल ट्रेनिंग और इन्हीं सातकों को फिर घर घर जाना होगा, 1 कम्युनिटी बनानी होगी जिससे इमोशनल हेल्थ 1 बार फिर हमारे देश में आ सके, ये जो डिवाइड आ गई है इसको हम हील कर सके। और अगर आपको लगता है कि आप यंग हैं, अगर आपको लगता है आपके पास समय है, अगर आपको लगता है कि हफ्ते का 1 दिन भी आप निकाल सकते हैं तो आप अपना नाम इस कैटेगरी में दीजिएगा और फिर आपकी मदद से शिवयोग की सेवा घर घर पहुंचेगी आपकी मदद से 1 नया सवेरा होगा, आपकी मदद से हमारे देश में और दुनिया के हर देश में मेंटल हेल्थ अवेयरनेस, आएगी आपकी मदद से जो चिकित्सक बाहर देशों में बैठे हैं, उनका ज्ञान हम भारत में लेकर के आएंगे। आपकी मदद से 1 बार फिर सतयुग का निर्माण होना शुरू होगा। और इसलिए मैं बस आपको याद कराना चाहता हूँ। you are so much more than you think this is माई पर्सनल exपीरिंस। मैं कुछ भी नहीं हूँ, मैं 1 साधारण सा व्यक्ति हूँ जिसके भीतर 1 भाव उत्पन्न होता है। और जब भाव उत्पन्न होता है तो महादेव शक्ति देते है, महादेव ताकत देते है, फिर शरीर सिर्फ मेरा है, ताकत मेरे गुरु मेरे भगवान की है। और ये भाव सबसे ज्यादा खुशी देता है। प्यार this gives meaning to life। आई वांट तो शैर दिस मीनिंग वित यू। क्योंकि अभी तक आप सब ने मेरी मदद की, अगर आप नहीं होते तो आपके बिना कुछ भी नहीं हो पाता। अगर आप नहीं होते तो शिवयोग ने जो मेंटल हेल्थ वेलनेस में काम किया। लाखों लाखों लोगों के घर हमने साधना हो ही नहीं पाता। हमने जितने स्कूल्स और कॉलेजस को एडॉप्ट किया, यह हो ही नहीं पाता। हमने जो काम आफ्रिका इंडिया, साउथ, इस्ट, एशिया, यूनाइटेड, स्टेट्स सभी देशों में किया, हो ही नहीं पाता। अगर आप नहीं होते और ये जो शिव कम्युनिटी नहीं होती तो जो सेवा का काम है, यह बस 1 सपना रह जाता। लेकिन आज तक आपने जितनी भी सेवा की है, थोड़ी इंडायरेक्ट रही है। इंडायरेक्ट का मतलब जानते हो, घर के बड़े बुजुर्ग महादेव के रूदरी पूजन कर रहे हैं, महादेव पर जल चढ़ा रहे हैं और कहते हैं कि बेटा बस हाथ लगा, 2 हाथ लगा, 2 हाथ हाथ लगा, 2 सब भला हो जाएगा, बुरा वो बेटा हाथ लगा, 2 हाथ लगा। इन डायरेक्टली। तुमसे मेरे गुरु ने बहुत सेवा कराई है। बट आई थिंक इट, इस टाइम, नाव तो हैव सेक्स इन द वर्ल्ड दिस इज आर वर्ल्ड दिस इस आर टाइम, ये जो, ये जो समय है न, अभी 50 60 साल का, यह हमारा समय है मेरा और आपका समय है हमें महादेव ने इस समय पर, इस स्थान पर, यहाँ पर, पृथ्वी पर रखा है, कुछ सोच समझ कर ही रखा होगा। इसलिए कोशिश करें, मेहनत करें। और सबसे जरूरी 1 भाव लेकर गया। और भाव यही है। हाऊ कैन आई हेल्प हिंदेस्कूटवर्क। अगर आप शिवयोग की सहायता से सेवा करना चाहते है। बहुत अच्छे और अगर शिवयोग, आपका मार्ग नहीं, कहीं से आप इस विडियो पर आ गये। भूले भटके। तो जो भी आपका मार्ग है, आप उस मार्ग से सेवा करे। लेकिन अपने जीवन में सेवा जरूर लेकर के आए और जब सेवा करेंगे। आपको पता चलेगा सही मायने में विकास का क्या मतलब है। वट इट मींस एवोलूशन डार्विन नहीं समझा सकता आपको, क्योंकि डार्विन आपको बस बंदर से इंसान बनाएगा, लेकिन सेवा आपको इंसान से महादेव की ओर लेकर जा सकती है। if you want to go back regres, you can study evolution, if you want to evolve walking the part of shiv yog, यही मेरी आपसे प्रार्थना है, तो सभी लोग आप सबको मेरा धन्यवाद और याद रखना। hel्दीपeoपल मेक heldynaशion, हेल्दी नेशन कम फ्रॉम मेंटल फिजिकल एंड इमोशनल helt इमoशinl, helt and mental help, shivyog will help वी विल हेल्प यू, मेक अ सेंस ऑफ़ कomम्unity we will give you a sense of community and through the protocols of sadhna, we can help with the mental help you dont have to सफ़र तुम्हें उस पीड़ा में रहने की जरूरत नहीं है, तुम साधना के माध्यम से अपना भला कर सकत और चाहे शिव योग की साधना चुनो चाहे कोई और साधन चुना पूरी दुनिया को पता है दुनिया जहान के मनोवैज्ञानिक चिकित्सकों को पता है कि मेंटल हेल्थ अवेयरनेस में जो काम सनातन धर्म ने किया, किसी ने भी नहीं किया, इसलिए जो हफ्ते का लाख डॉलर भी लेते हैं, रिहा क्लिनिक्स एंड ऑफ द डे, वो भी तुम्हें आयुर्वेद ही कराएंगे, यो ही कराएंगे, साधना ही कराएंगे इफ यू आर सफरिंग फॉर मेंटल हेल्थ sus, साधना से और फिजिकल हेल्थ के लिए। अब जहाँ पे बाबाजी ने मेहनत की थी, साइंस पे साइंस पे दुनिया जहान के बेहतरीन फिजिशंस को, माइंड्स को, थॉट्स को इकट्ठा किया था मैं और आप वहीं से बाबाजी ने जो नींव रखी थी उसके ऊपर 1 खूबसूरत महल का निर्माण करना शुरू करेंगे और 1 दिन हमारी मेहनत से स्वास्थ्य सुख और संपन्नता घर घर पहुंचेगी लेटस मेक अ टेनियर प्लान, टेनियर प्लान यूnmीsएक्सीडेंट, आप सब को, आप सब के भीतर के भगवान को, मेरा प्रणाम गूगल फॉर्म का लिंक अब विडियो के डिस्क्रिप्शन में होगा। ज्यादा से ज्यादा लोग सब सहयोगियों के साथ इस वीडियो को जरूर से जरूर शेयर करे, ताकि हर शिवयोगी घर में बैठा बैठा सुपर चार्ज जरूर हो सके। ठीक है आप सब को, आप सब के भीतर के भगवान को मेरा प्रणाम ब्लैस्यूनाम शिवाय रे।










