Ishan Shivanand traces rhythm through nature: a blacksmith's hammer, swaying trees, Pythagoras's harmonic principle, and an 18th-century discovery that every eighth element repeats properties. Russian scientist Ishak Benko found the Earth itself vibrates at a fundamental frequency. Mantras and chants, used across religions, align us with these natural rhythms. Health is resonance; disease is discord.
Chapters
पता ग्रस थ्योरम कभी न कभी, तो हर बच्चे ने गाली दिया, उसको मैंने भी दी थी और 1 बहुत मजे की बात उसने देखी, उसने देखा कि प्रकृति में जब कभी भी कुछ भी काम हो रहा, उसने देखा कि जब लोहार हथौड़ा मारा तो वो धीरे धीरे ताल बिठाने शुरू कर देते अपने आप। उसने देखा जब कभी भी हवा में पेड़ भी हिलता है तो उसकी भी 1 ताल है और 18 नोट जो 1 क्वार्टर नोट, 8 नोट जो वेस्टर्न म्यूजिक में वो फॉलो करते हैं, जिसको हम लोग ताल बोलते है उसने एट नोट करके 1 सिस्टम निकाला बीट्स का और उस एट नोट का सिस्टम है जैसे तुम देखो जब भी कुछ हो रहा हो तो वो ताल अपना हाथ ऐसे करते हैं, हम ताली बजाते हैं, ऐसे भी करते हैं कुछ लोग तो 1 नोट का सिस्टम था वन टू, थ्री फोर, टू, त्र फोर और उसी बीड को पास कर 2 तो वो नोट हो गई फिर उसी का सिक्सटीन होता है और उसी का थर्टी टू होता है और बढ़ता चला जाएगा। और पाइथागोरस का कहना था प्रकृति में हर 1 वस्तु इस सिद्धांत को फॉलो करती हैं। और पैथोग्रस के कई सैकड़ों साल बाद 1 वैज्ञानिक ने अठारहवीं शताब्दी में जितने भी एलिमेंट उस समय नोन थे उनको अरेंज किया और जब उसने एलिमेंट को रेंज किया, बिफोर द पीरियोडिक टेबल। उस वैज्ञानिक ने पाया कि अगर हम एटॉमिक वेट के अनुसार 11 एलिमेंट को प्लेस करते हैं तो हर आठवें एलिमेंट के बाद जो आठवां एलिमेंट आता है आठवां और पहले एलिमेंट की प्रॉपर्टी सिमिलर होती, हर सातवें एलिमेंट के बाद जो पहला और आठवां एलिमेंट होगा, इफ यू, अरेंज, अकॉर्डिंग टू, द एटॉमिक, वेट्स, तैयार, सिमिलर, मान, लो जैसे पूरी की पूरी प्रकृति भी 1 ताल को फॉलो कर रहे हैं। बहुत जरूरी है यह समझो, इस बात को, यह तुम्हारे भीतर की शक्ति मैं बता रहा हूँ कि अगर प्रकृति है तो प्रकृति में जो एलिमेंट्स भी हैं, दे आर फॉलोइंग, अ सर्टन बिट। इसलिए हर धर्म में मंत्र का उच्चारण होता है, हर धर्म में पाठ किया जाता है। बोलो मानते हो कोई तुम्हें धर्म नहीं मिलेगा जो चुपचाप कोने में बैठ के, हर कोई गला फाड़ता है, हर कोई अपने भगवान के लिए गाना पसंद करता है। क्योंकि ये बहुत साधारण सा सिद्धांत है। द नेचर फॉलोज अ बैट वाइरल फिक्वेंसी रेजोनेंस। और जहाँ मैं उस रेजोनेंस से जुड़ा हूँ, मैं स्वस्थ हूँ जहाँ मैं उस रेजोनेंस से अलग हुआ तो मैं बीमार हूँ। इशाक बेंको नाम का 1 उ रूसी वैज्ञानिक था, उसने पता किया कि पृथ्वी की भी 1 वाइब्रेशनल फ्रीक्वेंसी है, सिर्फ एटॉमिक एलिमेंट्स की नहीं, सिर्फ फिजिक्स के बहुत सब एटॉमिक पार्टिकल्स की नहीं, ईवन अर्थ द मैक्रो कोसम इस पृथ्वी की भी 1 वाइब्रेशनल फ्रीक्वेंसी है। और उसने उस समय बताया था कि ये है कुछ एट, हर्ट्स रेजोनेंस की और इशाक बेंको के हिसाब से हर 1 प्राणी की भी 1 वाइब्रेशनल फ्रीक्वेंसी है। और अगर हम प्रकृति के साथ रेजुलेट कर रहे हैं तब हम स्वस्थ हैं।