Ishan Shivanand's HANUMAN CHALISA for courage, strength & power

Multiple speakers chant the Hanuman Chalisa, a devotional hymn to Lord Hanuman. The recitation invokes his titles like Bajrangbali and Mahaveer, recalls his heroic deeds including burning Lanka and rescuing Sita, and calls for his blessings for courage and strength.
Chapters
kajlojihnmaलoहनम, शी, गुरु चरन, सरोज, रज जमनमुकुरुधार,
ज,
sure, शब, क, hajlojih
gokuptodayflsospecil seen like living on another level, so was on one i had i was feeling strong my life had changed in him to tank became from heaven any helmand the old of bus number, you live connect hit him feel real i tres my no, i will shine day, you to follow to listing my line in the world of sheep im the lines roll, you can catch me i was on in i was born to fight to thanks him i got to
you
cement fall you are so compi suport
is weak hum to
my support is strong his in in i dont fear the day and the son of it in a long hi wax with me
today you get you got etrntinalonhe box with me that you get y to
to hope of man im his child his mahana।
हनुमान हनुमान ज हनुमान ज्ञान गुन सागर पसतिहुलोकउजागराम दूत दुलितपलतामहंजन पुत्र पवन सुत नाम बहावीरग्रंबजरंगी कुमति निवार सुमति के संग कंचन परनबराजसुदेआनन कुंडल।
हम
से शंकर सुवन केसरी नन्दन तेज प्रताप महा जग विद्यवान गुनीतराम करिबेको। आतुर प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया राम लखन सीता मन बसिया का शु रूप धरी सही दिखावा विकट रूप धरि लंक जरावा भीम रूप धरि असुर रामचन्द्र के काज सवार सजीवन लखन जियाये श्री रघुबीर हरषि उर लाये। बहुत बड़ा तुम मम प्रिय भरतहि सम भार
बदन तुम
नारद सारद सहित
यम
को बेर बिगपल राम मिलाय राज पद का भीषण माना लंकेश्वर भये सब जग जान। युग सहस्त्र योजन पर भानु योता मधुर पल जान। मुरका जगत सुगम अनुग्रह तुमरे राम दुवारे तुम न आज्ञा बिनु के सब सुख लहे तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को। आप तेज संभालो आप तीनों लोग कहाँ के आगे कट नहीं आवे। महावीर जब नाम सुना से रोग हरे सब पीरा जपत कर हनुमदीरासंकटते हनुमान छोड़ावे मम कम बचन धान जो सब पर राम स्वराज के सकल तुम साजा और मनोरथ जो कोई सोई अमित जी वन फल बारे चारो जुग परताप तुम्हारा है। परसिद्ध जगत या सुसंत तुम रखवारे असुर न राम दुलार पासा सदा रहो रघुपति के दासा हू हू का आज राम को आगे जनम जनम के दुख बिसरा जाई। जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई त चितना धरई हनुमत सेई सर्व सुख करई। मे सब पीरा जो सुमिरे हनुमत बलबीरा जय हनुमान को साही कृपा करहु गुरुदेव पिनाही जो बार पाठ कर कोई छूट ही बंदि महा सुख होई जो बड़े हनुमान सा हो साखी गोरी सी दास सदा हरि चेरा कीजै नाथ हृदय महँ दे यार राम सिया राम चन्द्र की जय राम पवन सुत सियावर राम चन्द्र पेज पवन सुत हम मान की।
हम मान ज्ञान गुन सागर जै
राम
दूत बल धामा अंजनि पुत्र पवन सुत नामा हन हनुमते नम हन हन हन हनुमते नम महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन बरन बिराज कानन कुंडल गुंजित केसा हु हु हु का हु हु हु का हाथ वजऔरदजाबिराजकांधे नंजजनसाजेशुकसु तेज प्रताप महज हनुमते नम हन हन हनुमते नम विद्या वान गुनीत राम काज करिबे को आतुर हो चरित्र सुनिबे को
रसिया राम लखन सीता मन बसिया हु
हु हु का हु हु हु का
सूक्ष्म रूप धरी सिह दिखावा विकट रूप
धरि लंक जरावा भीम रूप सुरसार राम
चन्द्र के काज सवारे हन हन हन हन मदन जी श्री
रहुपतकीनीबहुत बड़ाई तुम
समाई हुम हुम का हुम हुम हुम
का बदन तुम रोज का ब्रह्मा दिमनी हन हनुमते नमा हनुमना
के 3 राम
राय राज पद वीना हुम का हुम हुम हुम का मंत्र लंकेश्वर भये सब जग जान योग शास्त्र योजन पर मधुर बल जान
रहुमोदकामेलमुखमाहि जल रज नाही दुर्ग काज जगत के जेते सुगम अनुग्रह तुमरे
तेते हुम हुम का हुम हुम हुम
का राम तुम हो न आज्ञा बिनु
हे तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को
डरना हनुमान सहारो
निकट वीर जब नाम
सुनावे हुँ का हुँ हुँ का से
रोग हरे सब राजपत निरंतर हनुमीरासकहनुमान मन जान
राम स्व सकल साजा और मनोर
जो कोई सोई अमित जीवन फल पावे
हुम हुम का हुम हुम हुम का
चारो जुग रहे प्रसिद्ध जगत राम दुलारे सा सदा रहो रगुपकेसा हुम हुम हुम
का हु हु हु का रे वजन
राम को
पुर जाई जहाँ जम हरी बग्त हन हन हन हन और देवता
हनुमत
सीरा हनुमत बल बीरा हु हु
हु का हु हु का ज ज
ज हनुमान
छूटे बंदी
न रद।
much will change in vindriesupitstime to pay the price of great port on the revolution tanstanstanstothe shiv revolution open the gates in your hard to be long shakti of shiva is you really want most with him powerful, you will become just like the munkitonjustlike, the monk age।
हम
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर जय
कपीस ति हुलुक उजागर राम दूत अतुलित
बल धामा अंजनि पुत्र पवन सुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति संगी कंचन बरन बिराज सुबेसा कानन कुंडल कुंचित
केसा
हुँ हुँ हुँ का हाथ और जा विराजे कांधे मूंज। जनेउ साजे शंकर सुवन केसरी नन्दन तेज पतापमाजगबंदन
हुँ हुँ हुँ का विद्यावान गुनी
अति चातुर राम काज करिबे को आतुर प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया राम लखन सीता मन बसिया हुँ हुँ हुँ का
हुँ हुँ हुँ का स्वरूप दिखा रूप
धरी लंक जरावा भीम रुप धरि असुर सारे राम चन्द्र के सिवा रे राम चन्द्र की सिया राम चन्द्र कीज लाए सजीवन लखन जी श्री रगुबीर रगुपतकिनहीबहुत बड़ा तुम राम चन्द्र कीजे सिया राम चन्द्र की तुम रोज वे श्री कंठ लगावे सनकादिक ब्रह्मादि सा नारद हनुमान की सियावर राम चंद्र की यमाल कभी कि कहीं से कहते तुम उपकार की राम मिला राज की की तुम मंत्र विभीषण माना लंकेश्वर सब जग जाना ता मधुर फल
जान हनुमते नम हन हनुमते नम हु तुम रेत हन हनुमते नम हन हनुमते
नम राम आरे तुम हमारे हो आज्ञा सारे सब सुख लहे तुम्हारी सरना तुम रख काहू को डरना आपन आप तीनों लोग हांकते तापे महावीर जब नाम सुनावे नासे रोग हरे सब की राजपति
राम
चन्द्र सियावर राम चन्द्र सब राम स्वराज साजा और मनोरथ जो कोई लादे सोई राम चंद्र की चारो तुम्हारा है परसिद्ध जगत सदसंतुमरारेसुरनकं राम दुलारे हनुमान की
माता
राम रसायन तुम हनुमान हमरे वजन राम को पावे जनम जनम के दुख बिसरावै अंत काल पर पुर जाई जहाँ जन्म
हरि भक्त कहाई हन हनुमते नम हन
हन हनुमते नम और देवता चितना हनुमत सेई सर्व सुख करई संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरै हनुमत बल बीरा
हन हन हनुमते नम हन हन हनुमते
नम जय जय जय हनुमान कुसाई कृपा करो देव नाई जो सतवार पाट कर कोई चूटहीबंदीमहासुकहोई। jo br hnुmancikgodi
चन्द्र
राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम
भजljhaजललजह वनकनसंकटहरनमरधिर ram सिहदा सहित हदबसहूसर हज हज लो
हम
duggokeento।










