Ishan Shivanand teaches the Mrityunjaya mantra and Shiva's name as remedies for guilt and karmic suffering. He explains how chanting can bring longevity, liberation, and self-realization, using the myth of Shiva drinking poison to show his power to absorb and neutralize sin.
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प्रत्येक मनुष्य अपने ज्ञान के अनुसार, अपनी सोच के अनुसार सोचता है कि मैंने सब कुछ सही किया है। लेकिन जब चेतना का विकास होता है, जब कष्ट सामने आते हैं, तब मनुष्य को लगता है कि नहीं कोई न कोई गलती हो गयी। अब इस गलती से बचने का उपाय क्या है? ग्लानि को मन में न रख। कर के इस शिव नाम की शरण यदि आप लोग ले लो तो यह सक्षम है। कर्म काटने में
vadlevसरवपरनसमनi ना सिनaकपरत्युंजनमस्त को
नम शिवा
हवाना जीव boीजीवजीवसकरनजगतम रक्षक ुंजयनस्तनमशिवज्ान धार, महा ज्ञान, सर्व ज्ञाने कारण, अरित्रा दासी हो का नाम रतुंजयनमोस्तुतेहे
यही शिव ओ घर दानी है जो कि जीवन में जो भी इच्छाएं हैं, जो भी उपलब्धियां आप प्राप्त करना चाहते है। ये 2 अक्षर परमेश्वर का जो नाम है, ये सब कुछ देने वाले है।
nकainaसदेवaसुर मaनवaदंधरवaबसरश्च, वो, सिद्ध, विद्या, धराज तथा नमशिवायद्यायंती परा लिम, उजयांतमाराधेबहु, नते मृत्यु, बशयातीत्युंजयनमोस्तु ते हो, नम शिवा ताबरे जंग में बाती या वतिष्टथीमेदिलजीवतु इत्याह लो को रत्जुंजयनमस्तऔर
यदि कोई मोक्ष का अभिलाषी है, यदि कोई परम सत्य को जानना चाहता है, आत्म साक्षात्कार को करना चाहता है। जो इस शिव की शरण में जाए, उसका परम कल्याण हो जाता है।
गम का रोसी सदा
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तो भगवान तो सबके कष्टों को हरने वाले हैं। जब हलाहल विष निकला था, सब विचलित हो गए, त्रिलोकी जलने लगी थी, तब भी महादेव ने उसको पी कर के अपने कंठ में स्थापित कर लिया। नील कंठ के नाम से प्रसिद्ध हुए ये हलाल विश हमारे पाप कर्मों को दर्शाता है। जब हम उसकी शरण में जाते हैं, जब हम प्रार्थना करते हैं, तो हमारे पाप कर्मों को भी वो हर लेता है। इसलिए शिव नाम अपने जीवन में उतारो। जैसे तुम्हारे कर्म होंगे, वैसे ही कृपा तुम्हारे जीवन में है। कर्म को काटते काटते बोले ना लेते आयेंगे। उस कृपा को अनुभव करना, उम्र कृपा को याद रखना। उस शिव को याद रखना। तुम्हारा जीवन अवश्य बदलेगा अवश्य अवश्य मनत्यममरुभोसी
सर्वत्र सी रानी नाम जान रूपसी रंजय सर्व रनदयनस्तयमपरोसी नाम उन्या ना कम से साम्य रतुंदयनसतदानशश नाम तुष्पनकारनेश् अभाव पर रयंदयनसकोनिश्क रत् न सर बिंदिया सरवभूभाषसरवग्न रत्ुंजयनमोस्तके हम यज्ञ सर्व यज्या नाम कम बुद्धि को जब्त ब्रह्मा प्रमोताहोरतुंजय स् वा दे दे। देश सर्व प्राण काम ताहनामसनाटस्वन रतनजयनमो्त sambkajamsgnduswa osi