LIVE | YOI - LEVEL 2 | MANOMAYA KOSHA | ROAD TO SHIVRATRI | SAMVAD WITH ISHAN SHIVANAND JI

Ishan Shivanand Ji teaches the Manomaya Kosha, the mental sheath in Shiva Yoga. He explains suffering as a choice that follows pain, using the metaphor of two arrows: the first is pain itself, the second is suffering from dwelling on it. A three-stage program via the Shiva Yoga app includes weekly protocols, meditations, and a retreat before Shivratri.
Chapters
c नम्र, आप सब को, आप, सब के भीतर के भगवान को, मेरा प्रणाम। मेरे गुरु ने हमेशा मेरे को सिखाया कि अगर तुम 1 युद्ध भूमि में खड़े हो, और तुम्हें 1 तीर लग जाता है। और दूर से तुम्हें दिख रहा है कि जिसने तुम्हें तीर मारा है, अब वो 1 और तीर छोड़ रहा है, जो आसमान में है, और बहुत तेजी से तुम्हारी तरफ आ रहा है। ऐसे में तुम क्या करोगे? 1 तीर लग गया और दूसरा लगने वाला है। और तुम्हें पता है कि यह तीर लगेगा, जो समझदार व्यक्ति हैं, वो रास्ते से हट जाएगा और जो ना समझ है, वो खड़ा रहेगा, तीर को देखता रहेगा और इंतजार करेगा दूसरा तीर भी उसको छोड़ते थे। दरअसल जो मेरे गुरु मुझे सिखाना चाह रहे थे, वो ये था कि जो युद्ध भूमि है, वो है हमारा जीवन, और जो पहला तीर हमें लगा झटके से लगा, वो तीर है हमारी परेशानी, हमारी समस्या, हमारा दुख, हमारी पीड़ा, हमारा कष्ट, कुछ भी हो सकता है। यह पहला तीर है। और दूसरा तीर क्या है, वो है मेरी कम्प्लेन, मेरा दुःख। अब 1 तो है, जीवन में कोई समस्या आ गई, बहुत अच्छा, और वो आ गई। अब मैं इसको बदल नहीं सकता। now, what is happened, i have to deal with the situation? अगर 1 समस्या आ चुकी है, और मेरे पास सही टूल्स है, मेरे पास साधना है, मेरे पास शिव योग है, मेरे पास मेरे गुरु हैं, मेरे पास मेरे भगवान हैं। तो मैं अपनी सारी ऊर्जाओं को लगा दूंगा, अपनी क्षमताओं को लगा दूंगा, अपनी चेतना को लगा दूंगा, इस प्रकार से कि जल्द से जल्द मैं इस समस्या से ऊपर उठ सकूँ। और 1 बार फिर मेरे जीवन में शांति आ। लेकिन जो अज्ञानी है, वो क्या करता है? कर्मों की वजह से, उसको पहला तीर तो लग जाता है, और जब पहला तीर लग जाता है। अब दर दिन पुलिंग आउट। एरो, वो चीखता है, वो चिल्लाता है, वो दुखी होता है, वह ऊपर देखता है। और भगवान से कहता है, हे भगवान, मेरे साथ ऐसा क्यों? he, complains and complains and complains and he himself, hits the self with the second। और इसलिए बाबा जी ने सब शिवयोगियों को सिखाने की कोशिश की, शिवयोगी नेवर कम्पलेंस ashivoगicrिts, और हमारे गुरु, हमको बताना चाहते है, पीड़ा में और दुख में बहुत अंतर होता है। there is a लोट ऑफ़ डिफरेंस between pain and spring, pin it comes in our life, and it goes away and suffering suffering its a choice, suffering is re visiting the same pain again, and again not knowing, how to process at how to deal with it? how to move ahead from it suffering happens, when we dont now the pat pain pain it happens to everybody, but shivioges the train themself that when pain comes, we have the power to raze our consiousness about द दुख आयेगा समस्या आएगी, लेकिन हमारे हाथ में है कि हम किस प्रकार से अपने आप को इस दूसरे तीर से बचाएं, हमारी कम्प्लेंस। और इसलिए हर शिव योगी को अपने माइंडसेट पर जरूर काम करना है। ये जो मनोमय कोश है न, हमारे भगवान ने हमको बहुत शक्तिशाली शरीर दिया है, बहुत खूबसूरत मन दिया है। और शिवयोग के सिद्ध हमें समझाते हैं कि देखो, अगर मन तुम्हारा गुलाम है तो बहुत बढ़िया गुलाम हैं। तुम्हारी बात सुनेगा, तुम्हारी सहायता करेगा, साधना में भी सहायता करेगा। अगर तुम मन को चलाते हो तो मन मित्र। लेकिन अगर मन तुम्हे चलाता है, अगर मन के तुम गुलाम हो, त मन बहुत खराब मालिक हैं। अगर मन हमें चलाएगा तो फिर तो हमारी बात दूर, उस कटी पतंग के समान है, जो कहीं पर भी जाके गिर सकती है। इसलिए हे शिवयोगी, बहुत जरूरी है। हम अपने मन को सीखे, समझे, सादे दिशा दे। क्योकि अगर मनोमय कोश को हम सिद्ध कर लेंगे तो दूसरा तीर हमें कभी लग नहीं सकता। फिर समस्या आएगी और तुम उससे ऊपर उठ जाओगे। दुःख आएगा और तुम उससे कुछ सीखोगे। इसलिए अब हमें इस मन पर काम करना है। 2020 में हमने बहुत मेहनत की। स्थूल, शरीर, पे, ऑन, द, फर्स्ट, स्टेज, योgाफमoटल्स और अब सेकंड स्टेज। हमारा मन मे और किस प्रकार से हम काम करने वाले हैं। अपने मन पे। 2022 के पहले 2 महीने हम योगा, फिर मोटल्स मनोमय कोश को देंगे। मैं 3 प्रकार से तुम्हे मनोमय कोश की साधना करना चाहता हूँ। पहला बहुत सरल वो उपाय जो हर शिव योगी के पास होगा। the first step to the yographimodlmind meditations would be through our shivioapतो। हमारी शhivिोकीजो प्लिकेशन है, उसमें जो योगराफमॉडल्स का सेक्शन है, उसमें हर हफ्ता हम नई साधना डालेंगे, हम 1 नया प्रोटोकॉल डालेंगे, जिस प्रोटोकॉल पर तुम काम कर सको, अपने भीतर जा सको और अपने मन को 1 दिशा दे सको। क्योंकि देखो जान लो मन से ही मनुष्य है। तुम अपने शरीर को कितना भी साध लो, अगर तुम मन को नहीं सा दोगे तो कुछ नहीं मिलने वाला। कितने लोग तुम्हें देखेंगे। जो मॉडल्स हैं, सुपरस्टार्स हैं, उन्होंने शरीर को तो बड़ा ताकतवर बना लिया, लेकिन वही उनके इमोशनल एंड इंटेलिजेंट क्वेश्चन को अगर तुम समझने की कोशिश करो तो अभी अभी मेहनत करनी बाकी है, हो भी अप्रोच द वर्ल्ड। depends on the relationship, we have with our mind। मन ही रास्ता है, मन ही चाबी है मन को, अगर हम साथ ले तो हम चला सकते है। तो साधने का पहला तरीका होगा। तो satna the protocols through the shiv yog app। हर हफ्ता शिवयोग की एप में मैं आपको साधनाए दूंगा, प्रोटोकॉल्स दूंगा और आपको कड़ी मेहनत करने दूसरा। शिवयोग आप का फायदा ये होगा shiv yog believes in इंटिग्रेटिव aप्रोचटोफिजिकल मेंटल एंड बिहेविरल हेल्थकaर और इसलिए अगर आप shivogaप के थ्रू इन साधनाओ को करते हैं, योगा, मॉडल के सेकेंड स्टेज को करते हैं, तो आपको शिवयोग रिसर्च का भाग बनने का भी मौका मिलेगा। शिव योग में जितना भी हम शोध कर रहे हैं, यह बहुत कीमती है। ये कीमती इसलिए है क्योंकि इससे दुनिया जहान के वैज्ञानिकों को दिख रहा है। जो शिवयोग के संतों का मार्ग है, जो तुम्हारे पूर्वजों का मार्ग है, वह मार्ग कितना कीमती है। कई वैज्ञानिकों से मैं मिला और उनको ऐसा लगता था कि दुनिया के पास कोई उपाय नहीं है बहुत चीजों के लिए। हो सकता है विज्ञान के पास दुनिया के पास कोई उपाय न हो। बट वन इट कम्स टु पीस बिहेवरल हेल्थ केयर एंड मेंटल हेल्थ डefinitलyourencestrs have dump mendes work throw the sadnasofshryog। और जब हम शोध करेंगे और जब ये डेटा वैज्ञानिक पढेंगे तो उनको समझ आएगा इस उपाय के बारे में उनको समझ आएगा ये रास्ता और अगर उनको यह रास्ता समझ आया फिर उनके जितने पेशेंट्स हैं जिनको इस रास्ते की जरूरत है उन पेशेंट्स तक ये साधनाएं भी पहुंचेंगे और फिर केवल शिवयोग की जो कम्युनिटी है मैं और आप सिर्फ हमारा भला नहीं होगा, पूरी दुनिया का भला होगा वासुदेव कुटुम्ब का, तो जो साधना आप करोगे शिवयोग की आप में वो आप अपने लिए करोगे उससे आपको फायदा होगा लेकिन जो रिसर्च का भाग बनोगे उससे आप आने वाली पीढी का भला कर रहे हो यू विल हेल्प ब्रिंग द साधना तो साथ ही साथ इस बार मैं चाहता हूँ कि आपकी साधना और गहरी हो और आपको सिद्ध योग, के और रहस्य सीखने का मौका भी मिले सो the सेकंड इन विच, वी विल बी, वर्किंग, ऑन आर, माइंड, थ्रू योगा, फिर मोटल्स मनोमय कोश वुड बी हर हफ्ता 1 दिन हम शिव सूत्र की साधना करेंगे शिव सूत्र का मतलब है भगवान शिव शिवा को महादेव को जानना समझना साथ ही साथ अपनी सोच और अपने बिलीव सिस्टम को इस प्रकार का बनाना हमारा हर साल हमारा 11 atm गोट कांशेस के साथ वाइब्रेट करना शुरू हो जाए तो अंडरस्टand the डिvिनityमीnस हमारा हर कण हर कण शिवमय होगा और जब कभी भी हम बात करते हैं स्परिश्वालिटी की तो 1 तो है हमारा गुरु बहुत प्रेम से हमारा हाथ थाम कर हमको लेकर के जा रहा है और दूसरा है कि हम अपने गुरु से कहते हैं कि हे गुरुदेव हमें भी आप ज्ञान 2 शक्ति 2 ताकत 2 ताकि हम औरों की सहायता कर सके जो अंधकार में भटक रहे। जो व्यक्ति भगवान शिव शिवा को सही मायने से नहीं जानता वो दूसरों की सहायता नहीं कर पाएगा और अब हो सकता है यहां पर आप बोलो की हम तो महादेव को जानते, हमने उनकी कुछ कहानियां पढ़ें, हमने टीवी पर उनका प्रोग्राम देखा, हमने 4 संतोष उनके बारे में बात की, हमने उनकी कुछ बड़ी मूर्तियां देखी हैं और शायद हमने उनके लिंग पर जल चढ़ाया है अगर तुम ऐसा कहते हो तो हाँ में भी कॉंशयसलीयूहाव इन्फॉर्मेशन about mahadev shiva, shiva, about the devine creator of shivu, what in no way or means? have you felt him or experience to know god is to help yourself to help your s is the way to have a means to help? अदर्स तो इसलिए जो 2 महीने का हम रिसर्च करने वाले हैं जनवरी और फेब्ररी 1 भाग तो होगा जो मैं आपको प्रदान करूंगा throw the ap, अवalaबlto evरyबoडी हो वांट्स टू पार्टिसिपेट ह और जो दूसरा भाग होगा वुड बी to द वीकली, शिविर, वन डे पर वीक, 1 दिन हफ्ते का मैं और आप पूरा दिन साथ बैठकर साधना करेंगे और जो साधना होगी वो होगी भगवान शिव शिवा पर साधना, शिव के सूत्रों पर साधना, जो साधना होगी वो साधना होगी शिव योग के तप के ऊपर समझना कि किस प्रकार से हमें अपने जीवन को जीना है कि हम सही मायने में 1 शिव योगी बन सके। क्यूंकि शायद बातों को पता ही नहीं शिव योगी होता कौन? हाँ माना, हमने कुछ घंटे बाबाजी को सुन लिया लेकिन क्या हमने शिवयोग समझ लिया। कुछ वैज्ञानिक हुए थे जिनका नाम था डनिंग क्रूगर और उन्होंने अपने शोध से 1 इफेक्ट को स्टडी किया। जिस अफेक्ट को आप पूरी तरीके से मानोगे और उस इफेक्ट को वो कहते है, डनिंग क्रूगर, इफेक्ट, डनिंग क्रूगर इफेक्ट का मतलब। उन्होंने कहा कि 1 आदमी को जितना कम पता है उतना उसे लगता है कि उसे सब कुछ समझ आ गया और जिस आदमी को ज्यादा पता है 1 सब्जेक्ट के बारे में जितना ज्यादा उसको पता चलेगा उसको लगेगा कि अरे अभी तो मैंने केवल सर्फेस को खरोचा है। अभी तो मुझे बहुत कुछ सीखना, समझना बाकी है कहने का मतलब जो शिव को जानता नहीं, वो कहेगा मुझे शिव के बारे में सब पता है और जो शिव के दर्शन कर चुका है। वो बोलेगा कि अरे अभी तो अनंत का हमने बस अंश देखा है। अभी तो अनंत अनुभव करना बाकी है, बहुत से शिरियोगीसादक हैं, हो सकता है वो भी डनिनगक्रूगर अफेक्ट से ग्रस्त है। उन्हें भी लगता है कि जी, हमें तो सब कुछ आ गया, लेकिन यह अहंकार है, यह माया है, यह हमें आगे बढ़ने से रोकती है। यह कहती है कि इसी स्थान पर खड़े रहो, ताकि, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, तीय, आकरके लग जाए। जो साधक हैं, जो शिव योगी है, वो तो सही मायने में जानता है कि जब तक इस पृथ्वी पर हूं, तब तक सीखना है, तब तक साधना के मार्ग में आगे बढ़ना है। क्योंकि यह मेरा आखिरी जीवन है। इसके बाद तो मुझे आना ही नहीं। और इसलिए हे शिवयोगी, बहुत जरूरी है कि तुम शिव योग की जो फिलोसॉफीजहै, उसको अपने जीवन में उतारो। क्योंकि जो तुमने साधना में किया, वो तुम्हारे सब कांशस पर प्रभाव डालेगा। लेकिन तुम्हें सीखना होगा कि अपनी कांशसनेस को तुम दिशा कैसे। 2 क्योंकि जब तुम शिविर में आते हो, साधना करते हो। माना, तुमने अपने पास्ट पर काम किया, तुमने अपने नेगेटिव एनर्जी पर काम किया और तुम पवित्र हो गए, लेकिन अगर अपनी सोच पर काम नहीं किया, अपनी जीवन शैली पर काम नहीं किय तो जो कर्म पहले किए थे, जिस हिसाब से सोच पहले थी, उस हिसाब की सोच रखे ही तो तुम नकारात्मक हो। जिस नकारात्मकता को हटाने, तुम शिव योग में पहुँचे सो। यू डिड वर्क हन the इफेक्ट। what did not work on the cos? और कौस पर तुम तब काम करोगे जब तुम्हें पता होगा कि सही मायने में 1 दिव्य जीवन शैली क्या है। और इसलिए 1 दिन हर हफ्ते का तो टोटल जनवरी और फरवरी में जब हम रिसर्च कर रहे होंगे तो 8 दिन की, तो वन ऑन, वन साधना होगी। तो ऐसा सोचो कि 8 दिन का तो शिविर है, जिसमें मुझे अपने 2 महीने में अपने मन पर अच्छे से, मेहनत से काम करना है, तो ये तो है the toes and now, the third way, once i know god i understand god, then comes the time to witness and experience and murgh with god, one of the most devin shivratri that will ever come in our life time would be the shivratri of the year, twenty twenty two, ये साल बहुत कीमती होने वाला है, जो salaika और ये शिवरात्रि बहुत कीमती होने वाली है, कई सालों से मनुष्य दुख को अनुभव कर रहा है, पीड़ा को अनुभव कर रहा है और अब कलेक्टिव कांशसनेस को दुख से शिव तक ले जाने का समय आ चुका है इतिहास में जब समय समय पर ऐसी घड़ी then at times, even the heavens, they help creat सच asylestil energy that will help आल द पीपल हु आर ऑन, द पात ऑfटबनiटीवो समय, इस शिवरात्रि में आएगा जिसको सिद्ध कहते हैं सर्व सिद्धि काल और सर्व सिद्धि काल का मतलब है कि जो साधना कई महीने कई सालो में हम पूरी करते हैं, वो साधना 1 ही रात में हम पूरी कर सके, इतनी तीव्र उर्जाएं होंगे और इसलिए the third morality bic we will use and jurniofyogaimotls mind would बी devin manifेtation, शिver, the art of self realization, बट दिस फोर डे, शिविर विल बी प्लांड इन सचमैन कि उसका आखिरी दिन शिवरात्रि का दिन हो और जो शिवरात्रि का दिन है, उस दिन शिविर कम से कम 18 से 19 घंटे चले ताकि आप मेरे और बाबाजी के साथ इस शिविर को शिवरात्रि वाले दिन सर्वसिद्धि काल में पूरा कर सके। इस प्रकार से जब हम अपने मनोमय कोश पर काम करेंगे, शिवयोग को समझेंगे, शिवयोग की फिलोसॉफी को अपने अंतर मन में उतारेंगे और शिवरात्रि वाले दिन अपने भगवान से जुड़ेंगे हमारा जीवन अवश्य बदलेगा स्टार्ट। दिस ऑफ ट्वेंटी ट्वेंटी टू वित डिवाइन थॉट 1 नई सोच के साथ हम शुरु करें और ये सोच ऐसी रखे कि यह पहले 2 महीने हम पूरी तरीके से अपनी साधना को दें ताकि जो आने वाला साल है उसमें हम तैयार हो। be ready to face any situation, any challenge and come out shining divine and ivor 2 हज़ार 20 कठिन साल था 2021, कठिन साल था, लेकिन ये 1 मंथन था जो पूरी ह्यूमैनिटी ने साथ में अनुभव किया। और हाँ, मंथन कठिन होता है, लेकिन मंथन कंती होता है? क्योंकि 1 समय के बाद इसी मंथन से अमृत निकलेगा तुमने इस मंथन में विश को तो अनुभव कर लिया, लेकिन अगर अब तक के गिर गए तो कहीं ऐसा न हो कि अमृत के समय हम सो रहे। इसलिए अब जो 2022 का साल है, मेरी प्रार्थना है शिवयोग के सिद्धों से की 2022 का साल, अमृत वर्षों, जिसमें हम पूरी तरीके से अपने मन मय कोष को सिद्ध कर सके, स्वयं को तैयार कर सके, फॉर द नेक्स्ट स्टेज ऑफ योग्राफी, मोटल्स विछ वुल् बी द ज्ञान में खुश तो बहुत अच्छा आपने इतनी मेहनत की, अपने स्थूल शरीर पे, अब हम मेहनत करेंगे सबसे कीमती हमारे मन पे ऑन द नेक्ट stage starting from genvary first in three steps through the shivir, that will happen every week, through the aplod of the sadhanas, on the shivir ap every week and at the end on the devine nit of are gods, shivratri, we will finish with the art of self realization shobhit, i wish you best on your devine। चरनी में प्रार्थना करता हूँ कि आपका जीवन संपूर्ण हो। मैं प्रार्थना करता हूँ कि जो कुछ आपके गुरु आपको देना चाहते हैं, आप उसे बचा सको ब्लसयोनमाशिवाह।










