Love that stays inside your head isn't real love. The speaker uses his wife, children, and guru as examples of people you have to actually show up for, not just feel something about. Without action, love is just a seed you never planted.
Chapters
baba s hot prem prem dikaya sapne कब तक बैठे रहोगे कोने में झाग मछेंदर गोरख खाया, कभी न कभी तो जागना होगा। अब इतना कहना काफी नहीं की मैं मैं प्रेम करता हूँ अपने परिवार से जो प्रेम दिखाया नहीं वो प्रेम प्रेम नहीं। इसलिए आज जब घर जाओ अपनी पत्नी को देखा और बोला ये पुल तुम्हारे है क्योंकि तुम मेरे गुरु के शिष्य हो। अपने बच्चे को देख कर बोला भगवान ने मुझे वरदान दिया और मेरा वरदान तुम तुम्हारा बच्चा भी बाजा पापा फेनी पीने आये हो क्या? लेकिन अच्छी बात जो प्रेम दिखाया ही नहीं, वो प्रेम प्रेम नहीं। अपने गुरु को भी देख कर कहना बाबा जी देखोगे न 5 बजे उनको होई, 7 महीने बाद अपने गुरु को भी देख के बोला बाबा जी जो प्रेम दिखाया ही है, दिखाना तो पड़ेगा देखो पता कैसे चलेगा वरना अगर अगर किसान भी वक्ष को उत्पन करता है कैसे पहले बीज डालता है अगर वो बोले मैं तो भी डालता ही नहीं मैं मेरी जेब ऐसा थोड़ी होता है कोई नही सकता बीज लेके देखो ऊपर आएगा जो खुशी दिखाई नहीं वो है ही नी खुश हो जी, ना जी, दिखाओ तो पड़ेगी नम शिवाय गुरु, व दूता, नम शिवाय सेवा, नन्दा co।