Mindful Matters Navratri Special Samvad & Sadhana with Ishan Shivanand

In this Navratri special session, Ishan Shivanand guides viewers through a spiritual dialogue (samvad) and practice (sadhana) centered on embracing the divine stimulus of God, especially Lord Shiva, and transforming negative energy into positive, divine force. He explains that Shiva’s trident is not merely symbolic but a protective tool, and likens negative thoughts to an algorithm that seeks to entangle us, urging listeners to consciously cleanse their environment and mind. Practical analogies—such as dealing with a peer offering a cigarette—illustrate how to set boundaries and redirect negativity. The talk thanks thousands of Shiv yogis participating in the Navratri sadhana, emphasizes collective prayer for peace, positivity, and divine consciousness, and calls the audience to amplify this energy by interacting with, sharing, and rewarding the video across social platforms. Finally, Ishan invites participants to future gatherings, promising continued practice and deeper connection with the inner divine.
Chapters
i solute you and i solute the god with an all of you। i welcome you all to todays mindful mites and i hope in pre, wherever you are you are one with the divinity at the same time, i am very grateful to the devine that we are in this place in this time, a very special occasion for the shivioksadegs, because the avrathrahs are going on and i want to take this opportunity to remind you ऑफ वन ऑफ द बेसिक प्रिंसिपल्स ofशhiयoगद प्रिंसिपल ऑफ तुम चाहते क्या हो? नवरात्रों का समय केवल साधना का समय नहीं है, केवल ध्यान का समय नहीं है बल्कि 1 सेल्फ इवैलुएशन का समय है। जिस प्रकार से जब तुम किसी पाटी में जाते हो तो जाने से पहले आईने में 1 बार अपना चेहरा देखते हो न कि क्या है जो सुधारा जा सकता है। उसी प्रकार से जब कभी भी ये त्यौहार आते है जब कभी भी कोई 1 डिवाइन ओकेजन आती है तो सिद्ध कहते हैं कि हमे अपने आप को देखना चाहिए, अपने जीवन को देखना चाहिए और अपने से ये पूछना चाहिए कि अभी मेरे जीवन में ऐसा क्या है जो सुधारा जा सकता है। बाबा जी मुझे 1 जोक सुनाते थे मैं आप सबको सुनाना चाहता हूँ। उन्होंने बताया कि 1 बार 1 आदमी था जो अपनी बीवी की बहुत सुनता था, जो उसकी बीवी कहती थी वो वही करता था तो 1 बार यह आदमी 1 दावत में जा रहा था। तो उसकी बीवी ने उसको समझाया कि जब तुम दावत में जाओगे तुम्हें थाली परोसी जाएगी तो जो तुम्हें सबसे खराब लगता है पहले उसको खा कर खत्म कर देना ताकि फिर तुम शांति से, आराम से जो पसंद है उसको स्वाद ले लेकर खा सको। क्योंकि अगर जो पसंद नहीं तुम उसे एंड के लिए रखोगे तो वो तुम्हारे गले पर तलवार की तरह लटकता रहेगा तो जो नहीं पसंद वो पहले खा लो ताकि जो पसंद है उसे आराम से खा सको। आदमी ने कहा ठीक है, पत्नी कह रही है तो सही ही होगा, इतना सोचती है, इतना बोलती है क्यों नहीं। वह उस दावत में गया, बैठा उसको थाली परोसी गई। धीरे धीरे जो परोसने वाले थे उन्होंने थाली पर समान डालना शुरू किया। थाली के 1 कोने पे बहुत स्वादिष्ट रसगुल्ले रखे गए, दूसरे कोने पर बड़ा स्वाद सब्जी रखी गई, तीसरे कोने पर बड़े बड़े बटूरे रखे गए, नाम रखे गए और चौथे कोने पर उसको जो चीज बिल्कुल नहीं पसंद थी, पीली दाल वो रखी गई। उसने थाली को देखा और कहा अरे, यह तो सब कुछ पसंद है, सेवा है। पीली दाल के पीली दाल तो बिलकुल नहीं पसंद कितनी खराब है, कितनी बकवास है। और बीवी ने कहा कि जो चीज पसंद नहीं उसको पहले खा लो। ताकि बाकी सब चीजें जो पसंद हैं उनको धैर्य से खाया जा। सके स्वाद ले लेकर आंखें। बंद की पीली दाल उठाई, चुपचाप पी गया, गले से नीचे नहीं उतर रही थी लेकिन 1 ही घूंट में पी गया। यह सोचकर कि वह अब बाकी स्वादिष्ट खाने पर मैं ध्यान रख पाउंगा, पीली दाल का कटोरा नीचे रखा, जैसे ही खाली, कटोरा नीचे रखा, जो दावत परोस रहे थे, उन्होंने कहा, अरे, इसकी तो दाल खत्म भी हो गई, लो थोड़ी और दाल ले लो। और यह आदमी नहीं अरे अरे। और तुम्हें तो पता है दावत में अगर किसी को मना करो, वो ज्यादा मोटीवेट हो जाता है तुम्हें खिलाने के लिए। अब फिर से back to the first point, the whole delisious me and the yello। और फिर उसने सोचा कि जो चीज खराब है, उसको पहले खा लेते हैं, ताकि जो अच्छा है उस पर फोकस कर सके। फिर दाल ली, फिर पी गया। जो परोसने वाला था, उसने कहा, तुम्हें दाल इतनी पसंद है, लो थोडी और ले लो। ऐसे 45 बार हुआ। और पांचवी बार बार जो परोसने वाला था, उसने कहा कि तुम दाल के सिवाए तो कुछ खा ही नहीं रहे, मैं तुम्हारी थाली ले लेता हूँ। ये लो दाल की बाल्टी, ये पीओ बैठ जो उस आदमी का हाल था, मेरे गुरु ने मुझे समझाया, हर व्यक्ति का भी हाल होता है, हमे भी प्रकृति 1 थाली परोसती है, 1 जीवन परोसा जाता है। और उस जीवन में, उस दावत में हमें बहुत कुछ दिया जाता है, उसमें बहुत स्वादिष्ट चीजें भी हैं। और हाँ, हर व्यक्ति के जीवन में 1 या 2 पीली दाल भी है। कुछ ऐसे सकंस्टेंसिज, कुछ ऐसी घटनाएं, कुछ ऐसे इमोशंस, कुछ ऐसी फीलिंग्स जो हमें पसंद है ही नहीं। लेकिन ज्यादातर जैसे उस व्यक्ति का हाल था कि वो हर चीज इगनोर करके केवल पीली दाल पी रहा है, वैसे ही कितने सारे लोग हैं जो अपने जीवन में जो कुछ भी अच्छा है, उसको इगनोर करते है और जो कुछ भी खराब है उसको एक्सप्लोर कर देते हैं। सारा फोकस और अटेंशन जो चीज खराब है उस पर उनका पड़ जाता है। जब बाबाजी के पास मां भी आती है, कोई तो उसके बच्चे हैं, 2 हैं, 34 है, पता नहीं कितने हैं। तो जो 3 बच्चे हैं वो बहुत अच्छे हैं, वो कभी उसके लिए धन्यवाद नहीं करेगी। जो 1 बच्चा है, खराब है उसकी प्रार्थना हमेशा यही होती है। बाबाजी ये जो है जो मेरे जीवन में अच्छा है वो बैग बेंच लेकर बैठा है। और जो चीज खराब है वो 1 कांटे की तरह है। जो चुप रही है उसका मैं क्या कर सकती हूँ। और वो महिला यह नहीं सोच रही। दैट वी शैल रिप वाट वी शो ंड वात डू वी शो दैट विच वी थिंक अबाउट ऑल the टाइम। अगर हम अपने जीवन के बीच जो कुछ भी स्वादिष्ट है, उसको इग्नोर करके केवल जो खराब है उसी पर फोकस करते रहेंगे तो प्रकृति भी, फिर धीरे धीरे जो चीज़ खराब है उस चीज को बढ़ाती रहेगी, फिर प्रकृति को भी लगेगा कि जो अच्छा है यह कभी उसके लिए तो धन्यवाद करता ही नहीं। जो चीज खराब है उसी को सारी अटेंशन एंड अवेयरनेस देता है। सो लेट स जस्त फोकस न दिस क्योंकि याद रखना it is नोट। अबाउट your reaction इट इज अबाउट योर avarnesरिएक्शन, कुछ पियो रिएक्शन अच्छा हो, रिएक्शन बुरा हो, बात रिएक्शन की नहीं होती, बात होती है अवेरनेस की और ये चीज बच्चा भी जानता है बच्चे को अपने माँ बाप की अटेंशन चाहिए, रिएक्शन पर वो ध्यान नहीं देता, उसको अटेंशन चाहिए, वो पहले प्यार से कोशिश करता है, उसको अटेंशन नहीं मिलती तो फिर वो टेंट्रम थ्रो करता है और हाँ माता पिता का रिएक्शन शायद इतना अच्छा नहीं होगा लेकिन बच्चा खुश है क्योंकि उसको अटेंशन तो मिली। ऐसे बच्चे को हम रिबेल कहते हैं, यह रिवेलियन कर रहा है, वो रिवेलियन नहीं कर रहा, उसको बस अटेंशन चाहिए, चाहे अच्छी चाहे बुरी उसको परवा दे और उसी प्रकार से प्रकृति भी है हाऊ यू विल ट्रेन योर ब्रेड किस थान पे, तुम अपनी अटेंशन लेकर जाते हो, वही चीज़ फिर तुम्हारी सच्चाई बन जाएगी बहुत ध्यान से इस चीज़ को सुनना हो सकता है ये बात तुम्हारा जीवन बदल दे अभी कुछ समय पहले मैं 1 डेटा साइंटिस्ट से मिला और वो मुझे समझाने की कोशिश कर रहा था कि कुछ देश हैं और उन देशों ने कुछ एप्लीकेशंस निकाली सोशल मीडिया एप्लीकेशन्स और वो जो सोशल मीडिया एप्लीकेशंस हैं वो भारत जैसे हाई, डेंसिटी, हाई, पॉपुलेशन जैसे देशों में बहुत ज्यादा फेमस है और हर 1 सोशल मीडिया एप्लीकेशन का अपना एल्गोरिथम होता है और उस एल्गोरिथम को चेंज करके 1 सोसाइटी को चेंज किया जा सकता है और वो साइंटिस्ट समझाने की कोशिश यह कर रहा था कि ये जो देश है यह बड़े चालाक है जब ये अपने देश में उसी एप्लीकेशन, उसी सोशल मीडिया एप्लीकेशन को निकालते तो उसका जो रिवॉर्ड एल्गोरिथम है वो बहुत अलग है sam application in one country is different, the reward, algorithm is different for example, when the लॉन्च, the same ap in their कंट्री रिवॉर्ड लगोरथमसकि, अगर आप इंटेलीजेंट बातें करोगे, पेट्रियोटिक बातें करोगे तो जो अल्गोरिथम है वो आपको रिवॉर्ड करेगा, ज्यादा व्यूज देगा, ज्यादा लाइट्स देगा, वो बात और फैलेगी हर जगह पहुंचेगी, अगर आप साइंस की बात करोगे, फिलोसॉफी की बात करोगे, इंटलेक्चुअल बातें करोगे, सो दैट लगोरiथम, विल प्रमोट, यू, it will rwort, और वहीं जो दुश्मन देश है अगर उस देश में वो अपने आप अपना सोशल मीडिया निकालते हैं तो वो एल्गोरिथम को ट्विक कर देते हैं, इस तरीके से ट्विक कर देते हैं कि उस देश में जब यह ऐप होगी तो जो इन्फ्लूएंसर से वो जितनी, ज्यादा वल्गर बातें करेंगे, जितनी ज्यादा बेवकूफियों वाली बातें करेंगे तो वो एल्गोरिथम बेवकूफी को ज्यादा रिवार्ड करेगा, ज्यादा व्यूज प्रदान करेगा, वलगैरिटी को ज्यादा रिवार्ड करेगा। तो जो लोग है जो इस देश में सोशल मीडिया पर आना चाहते हैं, फेमस होना चाहते हैं फिर चाहते हैं कि अपने मेसेज को आगे पहुंचा सके, उन विचारों को जान बूझकर अगर मेसेज इंटलेक्चुअल भी है उसको दम डाउन करना पड़ता है ताकि सोशल मीडिया का एल्गोरिथम उन्हें प्रमोट कर सके और वहीं किसी और देश में जहाँ इस एल्गोरिथम को चेंज कर दिया जाए तो वहां जो बेवकूफ भी हैं उन्हें अपने मेसेज को ज्यादा इंटेलेक्चुअल करना पड़ता है अपने आप को ज्यादा साइंटिफिक करना पड़ता है, अपने आप को ज्यादा पेटयोटिक करना पड़ता है, ताकि वही सोशल मीडिया उन्हें प्रमोट कर सके। और इस एल्गोरिथम को समझना क्यों जरूरी है। क्योंकि जैसे प्रकृति है और प्रकृति में पीली दाल है, उसी प्रकार से जब तुम इंटरनेट पर भी जाते हो। इफ यू आर नौट अलर्ट एंड अवेर वाट यू चूज देन द अलगोरिथम। इस टेकिंग ओवर योर लाइफ और अलगोरिथम का क्या मतलब है? तुम 1 प्रकार की वीडियो खोलोगे, पहली बार अनजाने में बिना सोचे समझे तो अलगोरिथम तुम्हे सीखना शुरू कर देगा, तुम्हें पढ़ना शुरू कर देग। अलगोरिथम उस व्यक्ति के समान है जो दावत में तुम्हें दाल परोस रहा है। वह बहुत ध्यान से तुम्हे देखा और उसे भी तुम्हारी अटेंशन चाहिए। रिएक्शन उसको परवाह नहीं रिएक्शन। अच्छा हो, चाहे बुरा हो, उसको परवाह नहीं कि तुम इस वीडियो को देख कर खुश होते हो या दुखी होते हो। आज लॉन्गस तुम्हारी अटेंशन वहाँ पर है और अलगोरिथम स्टडी करता है कि तुम कौन सी वीडियो खोल रहे हो। और अगली बार जब तुम आओगे तो वो 25 प्रतिशत तुम्हे उस प्रकार की वीडियो ज्यादा दिखाएगा, फिर तुम फिर से उसी प्रकार की वीडियो खोलते हो, फिर वो तुम्हे और उस प्रकार की वीडियो दिखाएगा और धीरे धीरे धीरे धीरे जैसे ही तुम इंटरनेट पर जाओगे। अब अल्गोरिथम ने तुम्हारा 1 मॉडल बना दिया है। नाव इंटरनेट will ओनली शो यू that image दैट इमेज ऑफ द वोर्ल्ड, दैट यू हैव इन योर माइंड एंड देन इंटरनेट बिकम्स नोट समथिंग फ्रॉम विच यू कैन लन फ्रॉम बट समथिंग। t just confirms to you the most reactive parts of your sicologyso, now you are not getting there to become more relaxed more peaceful or a better type of human beings। बट यू र जस गेटिंग there to confirm the worst part ऑफ योर रिएक्टिव ह्यूमन साइकिल। तो इस चीज से हमें क्या सीखना चाहिए? शिव योग क्या कहता है? तुम चाहते क्या हो? इस नवरात्रि का मेसेज क्या है? तुम चाहते क्या हो? इससे पहले तुम अपने दिन की शुरुआत भी करो, इससे पहले तुम दावत में प्रवेश भी करो। इससे पहले तुम अपना फोन उठाओ। तुम्हें अपने आप से पूछना है, वाट इज माई ऑब्जेटिव और लाइफ विदाउट ऑब्जेक्टिव इज वेरी डेंजरस ला। मैं 1 बार 1 संत से मिला था जंगल में, और उस संत ने मुझे समझाया that nesicity is the mother of invent। तुम्हें किसी चीज की जरूरत है, तो तुम आविष्कार करते हो। उसने कैसे समझाया, जितनी उसकी समझ थी, उस हिसाब से वो मुझे बता रहा था। मैं जंगल से चल रहा हूं जंगल में, मेरे रास्ते में 1 बड़ा व्रक्ष है, और उस व्रक्ष के पार में जा नहीं सकता। सो now i need to go, there is a need to go, so, what do i do i invent an? x मैं कुलाड़ी का इजाद कर दूंगा, उस कुलाड़ी से मैं वृक्ष को काट दूंगा, और 1 बार व्रक्ष कट गया, then that is it, the need has been full field, but now i have an ideal invention not do i do। with it। अब मेरे हाथ में कुलाड़ी है, और उस कुलाडी का कोई काम नहीं। if i dont give job to the x, the x will give job to me। अगर मैं यह नहीं सोचूंगा कि मुझे उस कुलाड़ी का क्या करना है, फिर कुलाड़ी बताएगी। और अब मुझे 1 व्यक्ति पर क्रोध आ रहा है? मेरे हाथ में कुलाड़ी है, पेड़ काटने को है, मैं उस आदमी का, सर काट 2 और उस संत ने समझाने की कोशिश की कि तुम्हारे जीवन में जो कुछ भी है, इफ यू डोंट गिव ट न ऑब्जेक्टिव दे विल गिव न ऑब्जेक्टिव टू यू। चाहे वो तुम्हारा फोन हो, चाहे वो सोशल मीडिया हो, चाहे वो तुम्हारी पढाई हो, तुम कटी पतंग के समान प्रकृति में नहीं जा सकते? तुम अगर अपने गुरु के पास भी जा रहे हो, तुम्हारा ऑब्जेक्टिव क्या है? क्या तुम्हारा ऑब्जेक्टिव साक्षात्कार है? क्या तुम्हारा ऑब्जेक्टिव शिवयोग, समाधि, अगर स्पिच पात पे भी जाते हो? 1 ऑब्जेक्टिव होना चाहिए, और अगर objectiv नहीं ten opntomanuplasioन। ऐसे में कितने लोगों को जानता हूँ? जो कुछ स्थानों पर जा रहे हैं, जो मंदिर जा रहे है, और खुशी नहीं है, शांति नहीं है, फिर भी जा रहे हैं, क्यों जा रहे है, उनको पता नहीं वो क्यों जा रहे हैं, क्योंकि सब जा रहे हैं। और अगर आप उनसे पूछो कि आप इस प्रिसिपल स्थान पर क्यों आना चाहते हो, शांति के लिए? क्या आपको स्थान पर मिल रही है? नहीं मिल रही है दैन इट, इस टाइम, तो टिक, तो फिर अब हमें कुछ और करने की जरूरत है। फिर अब हमें एल्गोरिथम बदलने की जरूरत ह, हम अपना बिहेवियर बदलेंगे, प्रकृति का भी अलगोरिथम बदलना शुरू हो जाएगा। अभी अगर तुम इन्टरनेट पे जा रहे हो, यू ट्यूब पर जा रहे हो, और केवल तुम्हारे रिकमेंडेड स्क्रीन्स पर दहशत से भरी वीडियोज हैं। इसका मतलब तुमने सिर्फ इन्हीं वीडियोज को देखा है। यही तुम्हारी अटेंशन है। और इसलिए अलगोरिथम, तुम्हे यही सब कुछ दिखा रहा है। जिस प्रकार से तुम्हारे यूट्यूब की रिकमेंडेड स्क्रीन है, तुम अगर अपने जीवन में भी देखते हो। हर रिश्ता केवल तुम्हें दहशत, दुख, भय, क्रोध यही दे रहा है? इसका मतलब है यू ओनली। only put your attention to such reaction, then you for gotnngratituanlv and respect। क्योंकि 1 व्यक्ति आके बोलेगा कि मुझे अपने रिश्ते में वो प्रेम और वो इज्जत नहीं मिल रही, तो जो सिद्ध है, उससे पूछेगा when was the last time, you give the same love in respेc्t। रिलेशनशिप इफ यू कांट गिवट हाऊ, कैन यू एक्सपेक्टेड कहीं न कहीं, तो तुम्हें किसान की तरह होना होगा। वो किसान जो पहले बीज डालता है, फिर उस बीज को सीखता है, फिर कुछ समय बाद उसको वो फल मिलता है, जिस फल का बीज उसने कुछ समय पहले बोया था। सवाल यही है सबसे कीमती। इस नवरात्रि में तुम चाहते क्या हो? और याद रखा to acton देर इज एन इक्वल एंड अपोजिट रिएक्शन इंटरनेट पे। तुम्हारी हर वीडियो जिसको तुम खोलते हो, जिस को तुम क्लिक करते हो, जहां तुम अपनी अटेंशन देते हो, यू आर चेंजिंग द अलगोरिथम, तुम्हारा हर रिएक्शन इन योर रिलेशनशिप, यू आर चेंजिंग द अलगोरिथम। वैसे तो अपनी पत्नी की सुनते नहीं, और फिर कुछ खराब होता है, तो तुम खूब लड़ते हो, पूरे दिलो जान से लड़ते हो, तो सब कांशस ली। तुम्हारी रिलेशनशिप का गौरतम लर्न कर रहा है कि अगर इस व्यक्ति की अटेंशन चाहिए तो प्रेम इज्जत खुशी से, तो इसकी अटेंशन मिलती नहीं, लेकिन हाँ, अगर इसको मेटाफोरिकल चूंडी मार 2 तो यह पूरा रिएक्ट करता है, तो शायद if i want that persons attention, i will have to be like the child, throwing the ent। शिवयोग कहता है रोज सुबह, जब उठो 2 चीजों का ध्यान रखना, पहला तुम चाहते क्या हो? द दूसरा हाऊ कैन यू यूज the टूल्स, अराउंड you to comples what you want। शिवयोग कभी नहीं कहेगा कि फोन खराब है, इंटरनेट खराब है, मीडिया खराब है। this are tools। हाऊ कैन यू use them in your jrnyशिवयोगकभी। नहीं करेगा कि काम खराब है, रिश्ता खराब है, वी वी खराब है, बच्चे खराब है। यह सब प्रकृति ने तुम्हें दिया है, ताकि तुम इन सब अनुभवों का इस्तेमाल कर पहुंच, सको उस स्थान पर जहां तुम पहुंचना चाहते हो। लेकिन कीमती क्या है? खुद से पूछना, तुम चाहते क्या हो? वट एवर यू विल चूज, दैट इज वेयर यू विल गो, दैट इज वॉट इज गोइंग टू, बिकम योर रिएलिटी। तो इसलिए बहुत ध्यान से, थोड़ा स्ट्रिप होना होगा अपने आप से, थोड़ा दिशा देनी होगी अपनी क्यूरियोसिटी को, और थोड़ा समझाना होगा अपने आपको। to every action, there is equal and opposite reaction। तुम्हारे पास टाइम पास का समय नहीं है, और अगर टाइम पास भी करना है। यू मस्ट हैव सेल्फ बिल्डिंग हॉबिस, यू कांट विस् योर टाइम इन थिंग बच्चे से मैं मिलता हूं। और वो इंस्टाग्राम पर बैठके मीम्स देख रहा है, वीडियोज देख रहा है, जिसका कोई सरपर नहीं है, जो ऐसी कंपनीज ने बनाया है, ऐसे एल्गोरिथम के साथ जो स्टुपिडिटी और वल्गैरिटी को रिवॉर्ड करती है। और मैं उससे पूछता हूँ ये तू क्यों कर रहा है? वो कहता है रिलैक्स होने के लिए, शांत होने के लिए। and अगैन i want to tel yourself relaxasion is a land experience। इफ यू बायलॉजिकली नीटेड दीस, mens तो रिलैक्स योरसेल्फ, तो हर बच्चा जब पैदा होता है, उसको ये सब नॉनसेंस हमे दिखानी पड़ती। तुम अपने आप को रिलैक्स होना सिखाते हो। अगर तुम्हे लगता है कि तुम ये अनाज शराब चीजें देख करके रिलैक्स हो जाओगे। क्यों? क्योंकि तुमने अपने आप को यह सिखाया है। तुम अपने आप को 1 किताब पढ़ के भी रिलैक्स होना सिखा सकते हो। तुम अपने आप को मेडिटेशन से भी रिलैक्स होना सिखा सकते हो, तुम अपने आप को एक्सरसाइज से भी रिलेक्स होना सिखा सकते हो। तुम्हें बस अपने आप से ये पूछना है, वे डज माई अटेंशन को और तुम्हारी अटेंशन नदी के समान है, वो अपना रास्ता। cod bana le। अगर तुम्हे आज lagta he that you cannot relax without a party, you cannot relax without a glass of wine। it is। because you have trand your body in this manner। वर्षों से तुमने केवल पीली दाल को ही चखा है। और अब पीली दाल के चक्कर में तुम समोसा भूल गए। और अब तुम्हें लगता है यह पीली दाल ही सच्चाई है। अब इस ग्लास ऑफ वाइन के अलावा खुशी हो ही नहीं सकते। अब इस लड़ाई झगड़े के बगैर जीवन हो ही नहीं सकता। अब इस कॉम्प्लिकेशन दुख के सिवा मैं आगे बढ़ नहीं सकता। और वही शिवयोगी ऐसे व्यक्ति को देख कर मुसकराता है। that what you think is life is not life, it is a very selective view, it is a very short, a very small, very myopic। वेरी लिमिटेड परसेप्शन ऑफ वट लाइफ कैन, बी, योर मिसिंग, आउट, ओन, आल, द ग्रेड, ting, जॉय, दैट, द डिविनिटी हैज, टु ऑफर। और जब 1 शिवयोगसादक उस पीली दाल को त्यागता है, अपने भीतर डुबकी मारता है, तो उसको भी समझ आनी शुरू हो जाती है। शिव अनंत, शिव, कृपा, अनंता, अहम ब्रह्मास्मि शिवोहम शिवोहम। फिर उसको भी समझ आता है कि मुझे रिलेक्स होने के लिए जरूरी नहीं कि यह 1 प्रक्रिया करूँगा, तो ही रिलैक्सेशन है। जो शिव योगी है, वो कुछ भी करेगा, वो उसमें रिलैक्सेशन पा सकता है। फिर वो अपने बच्चों के साथ खेल रहा है, बाहर से इट लुक्स लाइक वेरी स्ट्रेसफुल एक्टिविटी, लेकिन उसके भीतर प्रवेश करोगे। it will लुक very relax। फिर वो शिवयोगी समुद्र के समान है। कभी समुद्र को देखा है, जब तूफान आ रहा होता है, तो बाहर बहुत वेब्स दिखाई पड़ती है, सुनामी दिखाई पड़ती है। लेकिन जब समुद्र के भीतर तुम डुबकी मारते हो, बिल्कुल शांत कोई वेव नहीं, वो बस सर्फेस पर वेब दिखती है। अंदर कुछ भी नही जsqवाइtsilesवही, जो शिव होगी, वो कभी नहीं कहता कि to relax सीट इन फ्रंट ऑफ टीवी वो इस प्रकार से अपने आप को ट्रेन करता है कि अगर मेरा धर्म है कर्म करने का, तो मैं कर्म कर रहा हूँ। और इस कर्म में मेरी गहरी रिलैक्स। अगर मैं अपने शरीर पर काम कर रहा हूँ, योगा ऑफ मोटल कर रहा हूँ, तो इसी योगा ऑफ मोटल में मेरी गहरी रिलैक्सेशन है। हाँ, बाहर से तुम्हें बहुत वेबस दिखाई देंगी, तांडव दिखाई देगा, लेकिन अगर तुम मेरे भीतर प्रवेश करोगे, तुम्हें केवल शांति दिखाई देगी। मेरा सोसाइटी, तुम्हें क्या सिखाती है कि बाहर से बिल्कुल शांत दिखो, लेकिन तांडव भीतर हो रहा है। और इसलिए नौजवान समंजस में पड़ जाते हैं। क्यों? क्योंकि इतने लोग जो बाहर से इतने सक्सेसफुल दिख रहे थे, इतने ठहरे हुए दिख रहे थे, इतने ज्ञानी दिख रहे थे, इतने टैलेंटेड दिख रहे थे, फिर वह ड्रग्स ले के ओवरडोज हो जाते है। उतने टैलेंटेड लोगों को, फिर उनका जीवन अकाल मृत्यु में कट शॉट हो जाता है? क्यों? क्योंकि वो दिखावा, वो बाहर से बहुत अच्छा था, लेकिन भीतर भीतर, पर कभी काम नहीं किया, कभी बैठ के सवाल नहीं पूछा। तुम चाहते क्या हो? और तुम चाहते क्या हो? का ये मतलब नहीं है। मेन्यू मिल गया, डिश क्या चाहिए? तुम चाहते क्या हो? का यह मतलब नहीं है। सेलफोन लेने जा, रहे हो, ब्रैंड क्या चाहिए? तुम चाहते क्या हो? का यह मतलब नहीं है कि 2 लोगों को डेट कर रहे हो, किसके साथ रिलेशनशिप चाहिए? तुम चाहते क्या हो? 1 बहुत ही गहरा सवाल है जो हर साधक अपने आप से पूछता है और खासकर जब नवरात्रि जैसा दिव्य समय आता है तो गहरी साधना करता है। 9 दिन की कि मैं अपने आप से, इस जीवन से क्या चाहता हूँ। i m on this blu rakhis blu शाइनी rok स्पिनिंग अराउंड द सन and what is my purpus, what do i wont? वरना पूरी दुनिया मुझे पीली दाल खिलाती रहेगी और मैं पीली दाल को देख के रिएक्ट करता रहूँगा और फिर वही मेरी सच्चाई हो जाएगी। लेकिन वो मेरी सच्चाई नहीं है। मैं शिव योगी हूं, मैं अनंत से जन्मा हूँ, मैं अनंत में लीन हो जाऊंगा। यह बीमारी मेरी सच्चाई नहीं, मेरी सच्चाई स्वास्थ है, मेरी सच्चाई सफलता है, मेरी सच्चाई खुशी है, मेरी सच्चाई शांति है। हां जी, ना जी, और अगर मेरी सच्चाई शांति है। म चूज आई, गेट, अप इन द मॉर्निंग तो पहली वीडियो जो मेरे दिमाग में खुले, मेरे भगवान, मेरे गुरु की होनी चाहिए। मैं ऐसे पति पत्नियों को जानता हूं जो सुबह उठते हैं और उठते ही पत्नी चिल्ला कर अपने पति को बोलती है। अरे कल रात तो मेरी इतनी खराब गई, मुझे नींद नहीं आई, मेरा बच्चा रोया, मेरा ये मेरा वो पहली वीडियो क्या खोली अलगोरिथम यूनिवर्सल एल्गोरिथम में तुमने क्या डाला। इमोशनल पॉटी तो बर यूनिवर्स भी सीख रहा है कि ठीक है, ठीक है, इसको इमोशनल पॉटी चाहिए। 2 खूब सारी दोस्त को तुम वैसे मत बनना तुम sivogsुbह to the first video gratitud, i m happy to be a लाइव अपने पती को देखो, पत्नी को देखो, सुबह उठते ही मुस्कुराओ धन्यवाद करो, टू बी देर, इन योर लाइफ, ब्लेस करो, प्रार्थना करो, उनके लिए अपने बच्चों को देखते हो, अपने हृदय को खोलो। पहली चीज़ ब्लेसिंग 2 और फिर फोन उठाने से पहले आँखें बंद करो और सोचो, आज तुम अपने जीवन में क्या अचीव करोगे? आज तुम्हारा परिवार किस प्रकार से दिव्यता के साथ रेजुलेट करेगा? तुम्हारे जीवन में हर जो ऑब्जेक्ट है, उसका 1 पर्पस तुम डिसाइड करना चाहे। तुम्हारा फोन हो, चाहे कम्प्यूटर हो याद रखना। एवरी ऑब्जेक्ट, एवरी एक्स कैन, इधर कट, द ट्री एंड मेक, योर पाट और एवरी ऑब्जेक्ट कैन बी यूटिलाइज तो कट, other people snek, तो तुम ऑब्जेक्ट तो अपने फोन को भी 1 ऑब्जेक्ट तो, नहीं तो फोन तुम्हें ऑब्जेक्टिव देना शुरू कर देगा। अगर तुम सेल फोन अपनी जेब से उठाते हो, अपने सामने रखते हो, यह सोचकर निकालना कि अब मैं क्या करने वाला हूं, नहीं, तो फिर फोन तुम्हें बोलना शुरू करेगा कि मुझे अपनी जेब से निकालो। अच्छा इंस्टा खोलो, अब फेसबुक खोलो और टिकटॉक खोलो। अब ये खोलो और वो खोलो। वो सारी की सारी जो ऐप्स हैं। तुम्हें नहीं पता कि वो बनाने वालों ने उसके अलगोरिथम को कैसे ट्वीट किया है कि वो तुम्हे रिवॉर्ड तुम्हारे इंटलेक्ट को करना चाहते हैं या वो तुम्हारे बेवकूफी को रिवॉर्ड करना चाहते हैं। तुम्हें क्या लगता है इंडिया में जितने आर्टिस्ट हैं, उनमें टैलेंट नहीं है, बहुत ज्यादा टैलेंट है। जितनी म्यूजिक वीडियोज आते हैं। तुम्हे क्या लगता है जो ये सिंगर्स हैं, इनके अंदर टैलेंट नहीं है। द इंडियन म्यूजिक, इस वन ऑफ द मोस्ट, फेस्टिgaटेड म्यूजिक इन द वर्ड। लेकिन आर्टिस्ट को भी पता है कि अगर मैं ऐसी वीडियोज बनाऊंगा जिसके अंदर क्लासिक sur and art भरा है। it will not be rewarded by the गोरथ, तो वो भी फिर अपने वीडियोज को डमनाउन करते हैं। yahape it is people like you, who have to decide, will you let the algorithm control your life, or will you take a step a head and said it no i will use myself i wont allow anything else to spoon field me। क्यों? क्योंकि आलसी तो हुआ कि मेरको जो अलगौर्थम दिखा रहा है, बस यही है। मैं 1 स्टेप ले नहीं रहा हूँ, सच्चाई खोजने के लिए। यह आलसी तो है। जब बाबा जी कहते हैं, तुम्हे कैसा लग रहा है और बहुत खराब लग रहा है। हाँ, ठीक है, सामने, तुम्हे अभी बहुत खराब दिख रहा है। लेकिन अगर तुम कहती हो कि जीवन में केवल खराब है, तुम आलसी हो, तुम आंखें थोड़ी मेहनत करो, तो सही, तुम्हें पता है शिव अनंत, शिवकृपा, अनंता तुम्हारे घर में भी कहीं न कहीं किसी कोने में तुम्हारे भगवान बैठे, तुम्हारे गुरु बैठे हैं, जो आलसी है, वो बोलेगा कि यह कमरा है, यह बंद है और इसमें अंधेरा है। बस यही सच्चाई है। तुम थोड़ी तो मेहनत करो, दरवाजा खोलो, तुम ढूंढो तो सही, थोड़ी छुपन छुपाई, अपने भगवान के साथ, अपने घर में तो खेल सकते हो। और मैं तुम्हें बता रहा हूँ, पक्का बता रहा हूँ। तुम्हें अपने हृदय में, अपने घर में, जरूर से जरूर हर क्षण। तुम्हारे भगवान बैठे, मिलेंगे थोड़ा सा खोजना होगा। there is always positivity in your life to be found, there is always a lesson in pen to be found, there is always a demand in the cool mind to be found। तुम चाहते क्या हो? you can focus on the negative, the negative, becomes your reality, but if you push yourself lite थोड़ा और पुश करो अपने आप को याद करा कि देखो, मैं शिवयोगी हूं, मेरे साथ अच्छा होगा, मेरे भगवान, मेरे साथ, मेरे साथ अच्छा होगा। थोड़ी मेहनत लगेगी, लेकिन तुम्हें उस इंसीडेंट में दिव्यता जरूर से जरूर दिखाई, पडेगी, खोजना, जरूर आलस करना, तो अपना फोन भी उठाते हो। यह सोचकर उठाना में पॉजिटिविटी ढूंढ रहा हूँ, भगवान ढूंढ रहा हूँ, दिव्यता ढूंढ रहा हूँ। और हाँ, अलगोरिथम थोड़ी कोशिश करेगा। 1 बार यह नेक्टिविटी देख, तो सही कितनी मजेदार है, लेकिन तुम चुपचाप उस अलगोरिथम को स्क्रोल कर देना। यहाँ पे यू हैव टू बी, स्ट्रिप नवरात्रि का मतलब है उपवास or upwas cable physical tom physical, ये चीजें नहीं खा रहे upwas mental, if you are not puting junk in your body in a physical fasting, you have to do a mental detox as well by not puting junk in your mind, and they go, i will try to put some juce, negative nonsens reactive gosipinyorfase not thats not what i want i want to find the divinity, i want to find peace, i want to find i want to find happiness। तुम ये जान लेना जब तुम जंगल में रात को जाते हो, बहुत शोर सुनाई देता है। हर कोई चिल्ला रहा है क्यों हर कोई चिल्ला रहा है। क्योंकि हर जानवर अपनी स्पीसीज के जानवर को अपनी तरफ बुला रहा है, सुअर चिल्ला रहा है ताकि सारे सूअर उसकी तरफ चले जाए, शेर चिल्ला रहा है ताकि सारे शेर उसकी तरफ चले जाए। कुत्ते चिल्ला रहा है ताकि सारे कुत्ते उसकी तरफ चले जाए। उसी प्रकार से इन्टरनेट भी 1 जंगल की तरह है जहां हर जानवर चिल्ला रहा है रात को और हर सुर दूसरे सुअर को ढूंढ लेगा, हर कुत्ता दूसरे कुत्तों को ढूंढ लेगा, बस समय देना है, हर देवता दूसरे देवता को ढूंढ लेगा, हर शिवयोगी दूसरे शिवयोगी को ढूंढ लेगा तुम यह याद रखना जब तुम जंगल में प्रवेश करते हो। हर जानवर की आवाज है, भगवान की भी आवाज है, गुरु की भी आवाज है, देवता की भी आवाज है। तुम्हे कौन सी आवाज़ अपनी ओर खींचती चली जाती ह यह तुम्हें देखना है अभी भी स्थान पर जब तुम बैठे हो। 1 मेरी आवाज़ है जो तुम्हें खींच रही है और कई आवाजें हैं जो तुम्हारी अटेंशन को अपनी ओर खींच रही है। तो ओनली थिंग यू, नीड, टू, कंट्रोल, दिस, नवरात्रा, इज, योर, अटेंशन और कुछ भी नहीं ह और जिस स्थान पर तुम अपनी अटेंशन डरा लोगे वही तुम्हारी सच्चाई बन जाएगा। अगर तुम्हारी अटेंशन 24 घंटे में से 20 घंटा तुम्हारी बीमारी पर है। अगर तुम्हारी अटेंशन 24 घंटा से 20 घंटा तुम्हारे दुख पर है तो वही दुख तुम्हारी सच्चाई है मैं ये नहीं कह रहा अपने दुख को पूरी तरह इग्नोर कर। 2 लेकिन कहीं न कहीं अपने जीवन में ग्रैटिट्यूड, दिव्यता, सुख, सोच और साधना को भी लेकर के आ, क्योंकि अगर जीवन बदलेगा उस साधना से बदलेगा बिना दवा के बीमारी नहीं जाती, साधना दवा है तुम्हारी साधना, तुम्हारी प्रार्थना, तुम्हारा भाव, तुम्हारी दवा है तो उस दवा को अपने जीवन में जरूर लेकर के आना। और हां तुम्हारी धाली में बहुत कुछ परोसा गया और तुम अपने आप से सवाल पूछ सकते भगवान तुमने मुझे पीली दाल क्यों परोसी ठीक है तुम्हारा ही कर्म होगा लेकिन पीली दाल के साथ साथ और बहुत कुछ भी भरोसा है। and shiv ogi never complains a shivogycreatstoप। तुम्हें सोचना है। you re attention goes to the pीlीdalऔritgos to the समोस सो लtsटेकदिसदिस, there is make this promise to areselfकeआज से हम अपने आप से ये सवाल जरूर पूछेंगे what is it that we want। आज से 1 प्रण लेते हैं we will not let the lgoरiथमकंट्रोl, our belief mad, be the internet, algorithm mad be the universal lgoratom that we have created no engli। आज से वी विल चूज तुम चाहते क्या हो और क्या? 2 चीजें मैंने बताए पहला सोचना है तुम चाहते क्या हो दूसरा भगवान ने जितने। टूल्स jitne technology दी है, how they can help me in my gorny? हर इंसिडेंट से पहले तुम्हें अपने आप को याद करना होगा। there is no time pass to action, there is an equal and opposite reaction, and what is it that i want from that interaction, interaction with technology, interaction with my phone? इnटracn त माई फोली, what do i want? and then with that mind set ios coin to that incident and lastly? most important। अगर तुम्हे लगता है कि रिलैक्सेशन केवल वाहयात प्रक्रियाओं से आती है, तो तुम्हे अपनी बॉडी को फिर से ट्रेन करना रिलेक्सेशन, तुम्हें कहीं से भी मिल सकती है, तुम्हें स्पोर्ट से रिलैक्सेशन मिल सकती है, तुम्हें साधना से मिल सकती है, तुम्हे पढ़ाई से मिल सकती है, तुम्हें मेडिटेशन से मिल सकती है, तुम्हें म्यूजिक से मिल सकती है। तो अगर अपने आप को गहरी रिलैक्सेशन में लेकर के जाना है, तो कोई ऐसी प्रक्रिया चुनना जो तुम्हारे मन को, आत्मा को बढ़ाए, जो तुम्हारे डिवाइन पोजिटिव, बिलीफ को बढ़ाए, ऐसी प्रक्रिया मत चुनना जो तुम्हें कम कर दे। आधा करते हैं। अगर भगवान की 1 बहुत खूबसूरत मूर्ति है, और मैं रोज़ उसे पत्थर से मार, तो धीरे धीरे क्या होगा जो खूबसूरत मूर्ति है, जो उसकी फाइन लाइन्स है। wocrphonyshoro age the features will be lost and i will be left with nothing, but to stones i must not hit my brin with these unnessary exploited stimulus otherwise that which makes me those fine lines, they will be lost i mos preserve and make the gift of intelect grow with it me and hands imus chose activities that develop me and slowly my body will learn to relax with those beautiful activities and last, but not the least learn to say no with confident। खासकर नवरात्रों में जब तुम उपवास कर रहे हो mental और physical, इन फैक्ट लाइफ में लर्न, तो से नो विद कॉन्फिडेंस तुम्हें अपने जीवन में, अपनी थाली में हर तरीके का स्टिमुल्स मिलेगा? yes accept the god stimulus at the same time, very vesionetlydenithe negatitsनेtly। नेटली स्क्रोल डाउन नonसnसफसनटली चूज वेरी अटेंशन स गोइंग क्यों? क्योंकि तुम एटिकेट में, सभ्यता में जो नकारात्मक है, उसको बहुत शांति से कहते नहीं भैया, हमें नहीं सुनना नही नही नही और वो अच्छा सुन तो लो, सुन तो लो, थोड़ा तो सुन लो और वो पूरी कोशिश करेगा अपनी नेगेटिविटी तुम में अपलोड करने के लिए। ऐसे समय पर याद रखना। भगवान शिव का त्रिशूल केवल दिखावे का नहीं है, अगर तुम्हे सामने वाले को डरा के भगाने की भी जरूरत पड़ जाए तुम। bga dena, because there is nothing good that will come out of that interaction, if the other person can realize in soft words that you go your way on your part, let me be on my path to थोड़ा तुम पुश कर, 2 लर्न तोसेफेसुनेटली नो विद कॉन्फिडेंस नो? जैसे 1 बच्चा है अपने कॉलेज में है सामने वाला आएगा 1 सिगरेट ट्राय तो कर ले, ट्राय तो कर ले, ट्राय तो कर ले और अगर प्यार प्यार से मना करते रहोगे तो सामने वाला हर बार कोशिश करेगा, तो कभी न कभी उस नौजवान को भी पैशनेटली, सामने वाले की सिगरेट तोड़नी होगी। और कहा गा बाग अगली बार तू ने कोशिश की तो केवल सिगरेट नहीं टूटेगी कभी कभार दे फैशन नीड्स तो कम आउट सो यू कैन मेक अ लाइन बाउंड्री बाउंडरीज आर गुड दे प्रोटेक्ट हू ं दे प्रोटेक्ट द इनोसेंस and power within। सो रिमेमबर लर्न तो से नो, क्योंकि जो एल्गोरिथम है, चाहे इंटरनेट का है, चाहे यूनिवर्स का है, जो नेगेटिव एनर्जी है थोड़ी तो कोशिश करेगी देखो, मकोड़ा भी कोशिश करता है तुम्हारे घर, तुम्हारे दीवार के कोने में अपना जाल बनाने की। और अगर तुम कहते हैं ठीक है बना ले, तो फिर वो अपने भाई बंधू भी ले आएगा और बहुत जल्द तुम्हारे पूरे कमरे में हालोवीन हो रही होगी, तो कभी कभार तुम्हे झाड़ू लेकर के उसके जाले को मिटाना पड़ता है सो वी लविंग, वी फॉर, गिविंग बट वी फैशनेट, अबाउट or bondrीsहाजी लवन तो से नो और तुम अपने मार्ग पर चलोगे, तुम्हारा भला अवश्य होगा तुम्हारा जीवन अवश्य बदलेगा। बहुत अच्छे। कई हजार शिवयोगी अभी बाबूजी के साथ नवरात्रि साधना कर रहे हैं मेरा धन्यवाद। उन सभी लोगों का जो इस साधना में भाग ले कर के पूरी प्रकृति के भले के लिए प्रार्थना कर रहे हैं मेरा धन्यवाद। शिवयोग के सिद्धों का, जो अपनी साधना, अपना तप, हर शिवयोगी के भीतर से दुनिया में फैला रहे हैं प्रकृति को आज की तारीख में, शांति की, दिव्यता की, पॉजिटिविटी की बहुत ज्यादा जरूरत है मेरी प्रार्थना है सभी शिवयोगियों से। continue to walk on this pop and together in him show we can change the energy of the world to a much more devine positive com energy, yeutelise the life that has been given to grow an eval। आप सब को, आप सब के भीतर के भगवान को मेरा prणadevlpdevind choices and with ost choices develop a divine life i। ब्लेस यू आई सलूट यू आ सलूट the गॉड within जाने से पहले, इस वीdeयoपे बाकी सब शिवयोगियों के लिए बहुत अच्छी ब्लेसिंग्स डालना ताकि अगर कोई शिवयोगी खुशी ढूंढ रहा है तो तुम्हारी अच्छी कमेंट से उसको बहुत सारी खुशी मिले। जाते जाते इस विडियो पर जितने ज्यादा इंटरेक्शन कर सकते हो करना ताकि एल्गोरिथम को भी समझ आए वी मस्ट रिवॉर्ड पॉजिटिविटी एंड डिविनिटी जाते जाते जितना हो सके इस विडियो को शेयर करना हर माध्यम से ताकि सोशल मीडिया पे और इन सब स्थानों पर अच्छाई फैल सके। बहुत अच्छे। अब आपसे मिलूंगा इन द शिविर ऑफ साधना जो अभी हम कर रहे हैं नवरात्री साधना और फिर अगले संडे इन मायफुलमैटर्स ब्लैसी नामा शिवाय।










