Mindful Matters Samvad & Sadhana with Ishan Shivanand

In this motivational talk, Ishan Shivanand urges listeners to dismantle negative belief systems and mental blockages that hinder spiritual practice. He explains that inability to sadhana stems from heavy karmic burdens, not laziness, and calls for purification before true divinity can be perceived. Shivanand announces a series of free Shiv Yoga sadhana programs exclusively for forum members, including a Navaratri sadhana camp (Oct 8‑10) and upcoming sessions throughout October, delivered through a dedicated app and forum rather than public social media to protect the sanctity of the teachings. He outlines the rationale for keeping these practices private, likening social media to an enchanted forest filled with both magic and toxicity. The speaker also invites active athletes to join a research study on how Shiv Yoga can enhance sports performance, offering participation free of charge and promising to showcase the power of Indian spiritual traditions. Throughout, he uses vivid metaphors—such as a bull‑dragged cart representing mental burdens—and emphasizes community support, the role of the guru, and the transformative potential of Shri Vidya and Tripura Rahasya knowledge. The talk concludes with a call to share the video, spread the light, and commit to personal evolution.
Chapters
आप सब के भीतर के भगवान को मेरा प्रणाम। मैं बहुत प्रेम व सम्मान से आप सब का स्वागत करता हूँ आज के माइंड फुल माइट्स में और मैं प्रार्थना करता हूँ आप सब जहाँ कहीं भी हैं, खुश हैं और शिवयोग की दिव्यता आपके भीतर से आपके परिवार की ओर प्रवाहित हो रही है। बहुत अच्छे शंभर के लिए बिल्कुल सीधे बैठ जाए, पूरी सांस भीतर पूरी सांस बाहर करके देखेंगे। 1 बार सांस लें, सांस निकालें शरीर को शांत करें, मन को शांत करे। 1 और सांस भीतर सांस बाहर और तुम्हारा ध्यान, तुम्हारे, गुरु और भगवान की ओर बहुत प्रेम से उनका आवाहन करें। स्थान पर जहाँ पर तुम हो, मनही मन स्वीकार करें। शिव, अनंत, शिव कृपा नंता 1 और सांस भीतर सांस बाहर और ध्यान देकर के जाए इस बात पर कि मैं 1 शिवयोगी हूँ और मेरे साथ मेरे जीवन में अच्छा होगा। आखिरी सांस पीतर, सांस बाहर और ध्यान लेकर के जाए इस बात पर की मेरे गुरु और मेरे भगवान मुझसे बहुत प्रेम करते हैं। बहुत अच्छे शन भर के लिए अपने चेहरे पर खुशी लेकर के आये आपको खुश करने के लिए। मैं आपको 1 कहानी सुनाता हूँ। मेरे गुरु ने मुझे सुनाई थी। मेरे गुरु बहुत मजा आता था। ऐसी कहानियां सुनाने में जिन कहानियां से हमारे हृदय का द्वार खुल जाता है। उसमें से 1 कहानी मेरे बाबा की थी, जिसमें मेरे बाबा ने बताया कि 1 बार 1 किसान था। भोला भाला शांत जो अपने खेत में रहता था उसको कुछ नहीं पता कि दुनिया में क्या हो रहा है। कुछ ऐसा सोच लो मानो आज भी वो जैसे 300 साल पुराना विज्ञान है, उसी विज्ञान में अपने जीवन को जी रहा है। आज भी चूल्हे से उसके घर में रोटी पकती है। आज भी दीए से उसके घर में प्रकाश होता है। वो जानता ही नहीं कि दुनिया कहाँ से कहाँ पहुँच गई। 1 दिन अपने खेत में काम कर रहा था तो उसने देखा कि जहां पर खुदाई कर रहा है वहाँ पर कुछ काला काला बहना शुरू हो गया, पता चला कि वो तेल था, उसके खेत से तेल निकल गया। तो जब खेत से तेल निकला। रातों रात ये किसान बहुत अमीर हो गया। रातों रात उसके खेत खरीद लिए गए। रातों रात कंपनी बन गई। रातों रात आसपास बड़ी बड़ी बिल्डिंग बन गई। रातो रात मनेजर आ गए। रातों रात बहुत बड़ा ऑफिस बन गया और किसी ने उसको सीओ बना दिया। तो जब वो अपने ऑफिस जाता आपने नया काम करने सीओ का तो अपनी बैल गाड़ी पर बैठता और जाता और वो बेचारा किसान उसको क्या पता ये सब क्या हो रहा है। उसके मनेजर बड़ी बड़ी गाड़ी में आते और वो बैलगाडी में जाता और 1 दिन वो ऑफिस गया तो उसके मनेजर ने उसको कहा कि अरे भैया देखो तुम इतने बड़े मालिक हो तुम्हारे पास अब इतना पैसा आ गया, अब तुम बैल गाड़ी में बैठे अच्छे नहीं लगते, अब तुम्हें भी 1 गाड़ी दिलाते और उस व्यक्ति ने कभी गाड़ी देखी नहीं थी, जानता नहीं, गाड़ी के बारे में समझता नहीं गाड़ी चलती कैसे? लेकिन ठीक है अब अगर प्रेशर है गाड़ी खरीदने का तो चलो गाड़ी खरीद लेते अपने मनेजर को कहा की ठीक है जाओ 1 गाड़ी खरीद के मेरे घर ले आना और मनेजर भी क्या बहुत महंगी बढिया गाड़ी सौ हॉर्स पॉवर की गाड़ी लेकर के अपने बॉस के यहां पाक कर दी। सुबह किसान उठा उसने देखा कि बाहर 1 बढिया सी गाड़ी है बहुत खुश हो गया और दौड़ा दौड़ा अपनी बैल गाड़ी पर ये गया जहाँ पर विलेज फेयर लगता है न और वहां से 5 ताकतवर बैल खरीद कर ले आये। घर पहुंचा उन 5 बैलों के साथ उन 5 बैलों को अपनी गाड़ी से बांधा बोनट के ऊपर बैठा और मजे से फिर ऑफिस गया और जब ऑफिस जा रहा था तो लोग उसको बड़ी हैरानी से देख रहे थे कि इतनी सुन्दर गाड़ी है सौ हार्स पॉवर की इसने 5 बैलों से उस गाड़ी को बांध रखा है और वो बेचारे बैल इस गाड़ी को चला रहे और खुद बोनट पर बैठा है। खुशी खुशी की अरे वाह मेरे पास देखो गाड़ी आ गई। मैं गाड़ी में ट्रैवल कर रहा हूँ मेरे गुरु। मुझे बताना चाहते कि जो किसान का हाल है वही शायद न जाने कितने मनुष्यों का भी हाल है, हम भी भोले भाले हैं, मासूम हैं और जिस प्रकार से उस किसान को 1 अच्छी बढ़िया गाड़ी मिल गई लेकिन उस गाडी की समझ नहीं मिली उसी प्रकार से कितने मनुष्यों को ये जीवन मिल गया, ये शरीर मिल गया लेकिन इस शरीर की, इस मन की समझ अभी तक हमारे पास नहीं है और यह बहुत जरूरी है नाइनटीस में याद है पहली बार घरों में कंप्यूटर आने शुरू हो गए थे और आश्रम में हमारे पास भी 1 कम्प्यूटर आया और मुझे पता ही नहीं था कंप्यूटर में क्या होता है मुझे ये पता था कि कंप्यूटर में कहीं न कहीं अगर ढूंढो माइक्रोसॉफ्ट के में तो गेम्स होते थे सॉलिटेयर समझ नहीं आती थी और 1 गेम था जो आज तक समझ नहीं आया माइन स्वीपर लेकिन मैं खुलता जरूर था और मुझे यह पता है कि तुक्के से उसमें कहीं दबाते थे तो बहुत सारी माइंस खुल जाती थी और कहीं दबाते थे तो बड़े सारे नंबर खुल जाते थे। 2 और 1 और मुझे आज तक नहीं पता कि मैं कर क्या रहा था लेकिन कंप्यूटर था उसके सामने बैठने में मजा बड़ा आता कुछ नहीं तो मैं माइक्रोसॉफ्ट पेंट में जाकर कुछ न कुछ ड्रा कर लेता था क्यों? क्योंकि उस समय बच्चे थे हाथ में कम्प्यूटर आ गया और कुछ तो करना है उसी समय जकरबर्ग के पास भी 1 कंप्यूटर था और वो बैठा बैठा अपनी यूनिवर्सिटी डोम में उसी कंप्यूटर पर जिस कंप्यूटर पर हम लोग हाथ पैर मार रहे थे वो बैठकर फेसबुक का कोड बना रहा था। कंप्यूटर सबके हाथ में होता है गाड़ी सबके पास है किसान के पास भी गाडी है जो उस गाड़ी के बारे में नहीं जानता और लुइस हेमिल्टन के पास भी गाडी है जो अपनी गाड़ी को दौड़ाना जानता है, हमे भी कंप्यूटर दिया है द यूनिवर्स इज नोट, अनफेयर बात सिर्फ इतनी आती है, हैव भी टेक आउट टाइम क्या हमने इस गाड़ी को समझने का समय अपने आप को दिया है, क्योंकि सोचो वो किसान अपनी गाड़ी पर बैठा है। 5 बैल उसको खींच रही है और उसको ऑफिस पहुँचना है। और वो जानता है कि 3 घंटे लगेंगे और पीछे से। 1 आदमी चिल्लाता है कि अरे गाड़ी ऐसे थोड़ी न चलाते है। रुको ठहरो मुझे तुम्हें गाड़ी के बारे में सिखाने। 2 ये किसान क्या बोलेगा मेरे पास अभी टाइम नहीं है, मुझे 3 घंटे में ऑफिस पहुँचना है, वो किसान यह नहीं समझ रहा, दैट दिस इज नोट नार्मल इतनी देरी लगनी नहीं चाहिए। अगर गाड़ी चलेगी तो अभी तुम 5 बैल पॉवर से चल रहे हो, कल को तुम सौ हार्स पॉवर से चल सकत हो, तो ये जो 3 घंटे घंटे का रास्ता है, तुम उसे 30 मिनट में पार कर लोगे, लेकिन जो आदमी जानता ही नहीं, अपनी शक्ति के बारे में, अपनी ताकत के बारे में, अपनी गाड़ी के बारे में, तुम उससे क्या बात करोगे? inarscriptures there is the story of lord। हनुमान और कहते हैं कि भगवान हनुमान को श्राप था कि वो वो अपनी भूल जाएंगे। और जब सेना, पहुंचे, समुद्र के तट पर और लंका तक जाना था, सब सोच में पड़ गए कि कौन जाएगा और फिर किसी ऋषि मुनि। किसी साधु ने कहा कि तुम जानते नहीं, हनुमान में बहुत ताकत है, वो चाहे तो तो 1 ही छलांग में लंका तक पहुँच सकता है। समस्या क्या थी, हनुमान अपनी शक्तियों को भूला बैठा था। हनुमान भी उस किसान की तरह था जो बैलों को अपनी गाड़ी से बांध कर के चल रहा है। सोचो भगवान हनुमान को भी लग रहा था कि वो बंदर है। भूले बैठे अपने आप को, अपनी क्षमताओं को, अपनी ताकत को। और फिर जो रिशि थे, जो साधु थे, उनका पहला काम था उस बंदर को समझाना, तुम बंदर नहीं। तुम। भगवान हनुमान और मेरे गुरु भी बहुत मुस्कराते थे। जब कभी भी वो शिविर ले रहे हैं, क्योंकि उनका मानना था। उनका कहना था कि जितने लोग भी मेरे पास शिविर में आते, उनका वही हाल है जो व्यक्ति 1 सोने के बर्तन में भीख माँग रहा है। मैं उनको कोशिश कर रहा हूँ। उनके पास बहुत शक्ति है, बहुत ताकत है। मैं हर बंदर को समझाने की कोशिश करता हूँ कि वो हनुमान है, लेकिन कुछ बंदर हैं, वो मान कर राजी नहीं। कुछ लोगों को अपनी गाड़ी के आगे बैल बांधने का शौक है। और वो वही उपाय जानते है। वो वही बात करते हैं। आप उनको बोलो कि गाड़ी चलाओ बैलों की जरूरत है ही नहीं, वो बोलेंगे नहीं नहीं बाबा जी आप। 1 और बैल लगा। 2 जो अंधविश्वास में विश्वास रखता है, उसको आप बोलो की तुम शिव योग में आओ, तुम साधना करो। तुम्हारे भीतर भगवान है, तुम उस भगवान को जागृत कर सकते हो। तुम्हारे भीतर बहुत शक्तियां है, बहुत ताकत है, तुम खुश हो सकते हो। स्वस्थ हो सकते हो, सफल हो सकते हो, लेकिन वो बोलेगा नहीं। कोई और बैल मेरी गाड़ी के आगे बांध। 2 कोई और सुपर शिक्षण है, कोई और मंत्र है जो मैं सुबह पढ़ लूं, कोई और अंगूठी है, जो मैं पहन लूं, कोई और उपवास है, जो मैं रख लूँ, कुछ और मुझे बता। 2 जिससे मैं अपने जीवन को और कॉम्प्लीकेट कर दूं, और शायद उससे मुझे सांत्वना मिल जाएगी। let me n on us बकausethatis ओनली वे ईनो। और फिर मेरे गुरु बोलेंगे देखो, इस अंधविश्वास की तुम्हे जरुरत नहीं, तुम्हें तुम्हें क्या, शिव, अनंत, शिव, कृपा, अनंत, तुम्हें कोई जरूरत नहीं, इन सब चीजों की तुम साधना करो, तुम अपने आप को समझो। यूटिलाइज दैट टाइम टू, नो योर सेल्फ एक्सप्लोर योर, अवेकन योरसेल्फ। लेकिन जिस आदमी को कुछ और पता ही नहीं, वो फिर बैलों की ही बात करेगा, फिर वो दुखी हो जाएगा। वो बोलेगा बाबा जी, मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ। मेरे उस बैल जिसको मैंने अपनी गाड़ी के आगे बांध रखा है, उसकी टांग में दर्द है, आप उसकी हीलिंग कर। मेरे जीवन में बड़ी परेशानियां हैं, इतने सारे लोग हैं, आप उनका कुछ कर। 2 और फिर बाबाजी सर पकड़ते हैं, मनी मन मुस्कुराते हैं कि इस बंदर को मैं कैसे समझाऊं। यह बंदर हनुमान है। the tufespartofspetuality is not finding gotit। फाइंडिंग यoरslफक्योंकि भगवान तो मिल ही जायेंगे, भगवान तो है ही है, क्योंकि बहुत से नौजवान मेरे पास आते हैं, पूछे या, भगवान को देखना बहुत कठिन है। क्या महादेव मेरे सामने आके खड़े हो जाएंगे? क्या मुझे दिव्यता का अनुभव होगा, बिल्कुल होगा, बहुत जल्द होगा, दिव्यता को अनुभव करना, कठिन नहीं, कठिनाई कहाँ आती है जब तुम्हें खुद के भीतर प्रवेश करना, खुद को जानना हो, खुद को समझना, खुद की शक्तियों को जागृत करना। और इसलिए हमें यह समझना जरूरी है कि क्यों हम अपने सामने 5 बैल जो देते हैं, वह इस इट दैट स्टॉप टो क्सप्लोर, varun potेnsioनयहां पर 2 चीजें हमें जाननी होगी। और इन 2 चीजों के बारे में हमें बहुत ज्यादा माइंडफुल होना होगा। तो फर्स्ट थिंग इस इस शेड छाँव, कभी तुम सड़क पे, अगर अपनी गाड़ी चला रहे हो, तो तुम देखना खासकर शहरों में। कहीं तुम्हें बहुत खूबसूरत वृक्ष दिखाई पडेंगे और कहीं बहुत छोटे कमजोर व्रक्ष जो छोटे कमजोर वृक्ष हैं, वो शायद इसलिए क्योंकि बगल में खड़ी बिल्डिंग उस वृक्ष पर 1 परछाई डालती है, वो जो जोर वृक्ष से उनको धूप मिल नहीं पा रही। और इसलिए वो कमजोर रह गए। जिस वृक्ष पर परछाई नहीं, चाव, नहीं, वो सूर्य की शक्ति को प्राप्त कर लंबे, खड़े हो सकते। जो छोटा व्रक्ष है, कमजोर व्रक्ष है, वो कभी बढ़ेगा ही नहीं, उसके भीतर के फुल शायद कभी खेलेंगे ही नहीं, उसके भीतर का फल शायद कभी भर ही नहीं। आएगा, वो कमजोर, व्रक्ष कभी शायद जानवरों को, चिड़ियाओं को। 1 घर दे ही नहीं पाएगा। और जिस वृक्ष को सूर्य की किरणे प्राप्त हुई, जिस वृक्ष के ऊपर कोई परछाई नहीं, कोई चाव नहीं, वो व्रक्ष कई जीव जंतुओं का पालन कर सकता है। कहीं फल निकलेंगे, कई फूल, निकलेंगे कहीं, चिड़ियाएं, चहचहाएंगी और जिस प्रकार से वृक्ष के ऊपर छाव पड़ती है, उस प्रकार से मनुष्य के ऊपर भी छाव पड़ती है। तो अगर कोई व्यक्ति तुम देख रहे हो, जो कभी बंदर से हनुमान बना ही नहीं, जो आज तक अपनी गाड़ी के बोनट पर बैठा है, बैल से बंदा हुआ जिंदगी को किसी प्रकार से काट रहा है। तो कहीं ऐसा तो नहीं कि वो अपने जीवन को छाँव में व्यतीत कर रहा है और बहुत बार छाँव डालने वाले कोई और नहीं, वही मित्र होते है, वही लोग होते जिनको हम चुनते हैं। जिन लोगों को हम अपने आसपास रखते हैं, उनकी सोच, उनकी बातें, इधर, they will help us। और दे विल पुट शेड ऑनर eग्जिस्टेंस, तुम 1 बच्चे को देखो a child believes and is believe first comes from the son family, if you believes in himself, if you believes in sprituality believes in the divinity, तो हो सकता है कि उस के घर वालों ने उसको सिखाया, if a child complains, if child cris all the time i। कहीं ऐसा तो नहीं that isn equired behavior। क्योंकि अगर आप देखो बायलॉजिकल बिहेवियर जो हमारे हैं, वो तो बहुत कम है, कितने बायलॉजिकल बिहेवियर हैं, हमारे भीतर शायद फाइटर फ्लाइट shayd to prsu food when we are hangi that is it little bit comfort zone here and there thats biological behavior everything else that we are it is nothing, but aquired behavior। वह व्यवहार जो सीखा कहाँ से सीखा, उन लोगों से सीखा जो हमारे आसपास है। और अगर हम देख रहे हैं कि हमारे भीतर सिर्फ नकारात्मकता, सिर्फ, कम्प्लेन, सिर्फ, दुख, सिर्फ, कष्ट, कहीं ऐसा तो नहीं कि ये 1 क्वायट बिहेवियर है जो हमने अपने एनवायरमेंट से लेकर के अपने भीतर डाल दिया। so the first question we should ask आuरसel्फआरवी स्टैंडिंग अंडर, द, शेड और आर वी स्टैंडिंग अंडर द लाइट और ये सवाल अपने आप से पूछना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि दिव्यता का मार्ग, साधना का मार्ग 1 बहुत ही कीमती मार्ग है और इस मार्ग में sometimes you cannot be जिडरेtaबoउtevrones feelings, अगर आप सोचने लगे कि लोग क्या कहेंगे, तो इस मार्ग पर चलना कठिन नहीं असंभव है। अगर आप सोचने लगे कि हमारे मित्र क्या कहेंगे कि हम बैठ कर साधना कर रहे हैं, वो मित्र जो आपको लगता है, आप पर छाँव डाल रहे हैं, वो मित्र जो आपको लगता है, आपको नीचे खींच रहे हैं, वो मित्र जो आपको लगता है आपके जीवन में 1 नेगेटिविटी लेकर के आ रहे हैं, फिर बहुत कठिन हो जाएगा। बिकाज यू कम वाट यू टॉक, अबाउट यू कम वाट यू लिसन टू। अब महाभारत देखो, महाभारत क्यों हुई? या रमायन देखो, रमायन में भी जो युद्ध था, जो समस्याएं थीं, वो क्यों हुई? क्योंकि केकई बैठ के अपने घर में अपने कामवाली की बातें सुन रही है, और उसकी कामवाली बार बार उसको घणा सिखा रही है, गोसिप सिखा रही है, इधर उधर की बातें बता रही है। अगर उस समय के कई कुछ और सुन लेती, यूट्यूब लगा लेती, यू ट्यूब पर कोई अच्छा सत्संग सुन लेती या किसी और महारानी से बात कर लेती, या कोई साधना कर लेती, तो शायद समस्या होती नहीं कि कहीं को भी बैठ के अपने घर में, अपनी कामवाली के साथ गॉसिप करना है। वह यह नहीं समझ रही। इnटिmisi दैट हू ट्राइंग तो फील। it is not intimacy, it is a said on your life, you are becoming comfortable, nder the shade, this is not, who you are learn to say no with? कॉनफिडेंस तुम्हें लग रहा है कि हाँ मैं किसी से बात कर सकत, जो मेरी hlkipulkithecriticism that is coming from that other person, or the gossip, that is coming from the other person, the negativity, that is coming from the other person, remember to every action, there is equal and opposite reaction। और कई वहां पर बैठकर गॉसिप कर रही है। भगवान राम के बारे में, अपने परिवार के बारे में, अपने पति के बारे में, इसे कहीं न कहीं तुम्हारी इंट्रेस सेलुलर मेमरी में जाएगी, कहीं न कहीं तुम्हारे सबकॉंशस में जाएगी, कहीं न कहीं तुम्हें अपने आप से अलग कर देगी और उस बंदर को कभी हनुमान नहीं बनने देगी। and the rest is history, kitna bada yudh kitne sufring hoy con, because we thought gossip, equals intuc, not realizing that that is the shade i no। लाइफ व्यक्ति माइंडफुल है, जो व्यक्ति स्पेचल है, जो व्यक्ति शिव योगी है, सबसे पहले तो ऐसे लोगों को अपने आप से कोसो दूर कर लेगा और ये जो लोग हैं, ये साइकिल वेंपायर्स होते हैं, ये लीचेज होती है। इमोशनल लीचेस, इमोशनल lices that हर hiden, ndr the veil of intmisyandlov। और जो इमोशनल साइकिल वेंपायर हमेशा तुम्हारे पास आएगा और तुम्हे बोलेगा कि देखो आई लव यू सो मच तुम्हे अंदर की बात बताऊं, तुम्हें अंदर की बात बताऊं, वो बात जो किसी को भी नहीं पता, मैं तुम्हें बताऊंगा और तुम भी नहीं सोचते, इस क्युरियोसिटी कुरियोसिटीकैट तुम्हें भी है है, चलो बता ही 2 कोई तो मुझे डिस्ट्रेक्शन, मिले अपने जीवन से, अपनी समस्याओं से, अपनी प्रॉब्लम से, कुछ तो हो, जिससे मैं अपनी प्रॉब्लम से हटूं और तुम नहीं सोच रही, अगर तुम अपनी समस्याओं से हट जाओगे, तुम उनका समाधान भी नहीं ढूंढ सकते और दूसरे की समस्याओं वो सुनके तुम्हारा क्या भला हो जाएगा, यू कैन नोट चेंज their life gain। और हाँ वो जो 1 व्रक्ष है, जो अकेला खड़ा है, वो नहीं डरता, अकेले खड़े होने से वो जो छोटे छोटे कमजोर व्रक्ष है, वो झुंड बना कर जरूर खड़े होंगे, क्योंक्योंकि किसी को भी कभी धूप नहीं मिली, किसी को भी कभी शक्ति नहीं मिली, प्रकाश नहीं मिले, तुम उस गुच्छे का हिस्सा मत बनना लर्न, टो स्टैंड लोन, लन, टो स्टैंड स्ट्रॉंग लर्न, टू पुश योर सेल्फ आउट ऑफ दैट शेड लर्न तो फाइंड द लाइट और मजे की बात लाइक, एनर्जी अट्रैक्ट्स लाइक एनर्जी अगर तुम अपने मॉडल्स को कॉम्प्रोमाइज नहीं करोगे, अगर तुम नेगेटिविटी को नहीं सुनोगे और तुम अपने पोजिटिव मार्ग पे चलते रहोगे, यू फोकस ऑन वाट इज गुड फॉर। यू तो धीरे धीरे तुम पाओगे, तुम्हारे जीवन में भी अच्छे सकारात्मक और दिव्य लोग आने शुरू हो जाएंगे। ऐसे लोग हो, डोंट, पुट, शैडो, ऑन, यू, बट, द पीपल, सूरज मुखी की तरह। तुम्हें बताएंगे कि देखो सूर्य कहाँ पर है, दिव्यता कहाँ पर है। बहुत बार कुछ योगियों से मैं बातचीत करता हूँ। और वो कहते हैं कि अरे वो शिविर हुआ, हमें तो पता ही नहीं चला कि वो शिविर कब हुआ, कहाँ हुआ? हम जिस सर्कल में बैठे हैं, उसमें वो बात पहुंची ही नहीं। और वहीं अगर मैं उनसे कोई गोसिप की बात पूछूँ, तो वो गौसिप उस सर्कल में जरूर पहुंच गए। तो ये शिवयोगी शायद, तुम्हें अपने सर्कल को बदलने की जरूरत है और कुछ योगी है। वो कहते हैं कि भैया पर ये ये गॉसिप क्यों होती है, यह फलाना आदमी कुछ बोलता है, ढिमकाना आदमी कुछ बोलता है, क्या हम उनको हटा नहीं सकते? देखो, मैं तुम्हे यह बोलता हूँ कि हम तो महादेव की पूजा करते हैं और महादेव ऐसे हैं, जिसमें देवता भी, उनके दानव भी, उनके कई लोक है और लोक में हर प्रकार की योनि है, भूत भी है, पिशाच भी है। और तुम अगर मुझे बोलते हो कि ये जो पिशाच हैं, जो पैरासाइट हैं, इनको मैं हटा, दूं, मैं कौन हूँ, ता गोड्स ब्लू, स्काय हू, एम, आई to get rid of समान और समन mentality, they are who are the will be, who they will be the question। शुड बी, हू, आर, यू हू, डू यू, वांट टू बी। और ठीक है। तब तुम्हारी कोंशेसनेस उस लेवल पर थी, तो तुम्हारे वैसे मित्र थे, तुम्हारा वो सर्कल था और उन लोगों से तुम्हारी बातचीत होती, लेकिन यह समझ लेना, दैट इन लाइफ, द ओनली थिंग पर्मानेंट, इस चेंज, एनर्जी, इस कॉनस्टेंटली इवॉल्विंग। और हो सकता है कि कुछ लोग इवॉल्व होना चाहते ही नहीं, उनके, उनके जीवन में, दिस इस, इट, दिस वाज द लिमिट, उनकी कार्मिक लेयर इतनी स्ट्रांग थी, इस वाट देर, सोल एजेंडा, वस की उतना इवॉल्व होंगे, उसके बाद नहीं, इवॉल्व होंगे। तो तब अगर तुम्हें और इवॉल्व होना है, तब इन कर्टसी, वहां पर बैठे मत रह जाना, तुम आगे बढ़ जाना, यू हैव। कम फॉर योर, ओन सोल एजेंडा। फिर ठीक है, वो उसी स्थान पर रह गए, तुम उनका धन्यवाद करना और तुम आगे बढ़ जाओ, क्योंकि जरूरी नहीं, हर असुर, जिसको वरदान मिले, वो साक्षात्कार को प्राप्त कर ले, बहुत बार हाइपरबोला भी होता है। और फिर तुम्हारा काम नहीं ये सोचना कि रावण इतना विद्वान था, उसका पतन क्यों हुआ? अंधकासुर इतना विद्वान था, उसका पतन क्यों हुआ? ठीक है, उनके कर्म है, उनकी लाइफ चौइसेज हैं, तुम आगे बढ़ो। do not let the शेड com in your life। तो मोर यू सराउंड योरसेल्फ विच शेड। the more you will be sitting on the bonet of your car, being pulled by five bulds to ye to hogy phly bat be mindful, be avere of the company that you keep the people, you allow in your life। और आज कल बहुत आसान है द ओनली विंडो, इंटो योर life is yourself। अबतो तुम्हें कॉमन कर्टसी जो पहले होती थी कि चलते फिरते किसी से मिल लोगे, इस कोवेट काल में, तो किससे तुम्हारा मिलना होगा? कहाँ मिलना होगा? तुम्हें बस इतना करना है कि अपने फ़ोन को कंट्रोल करना है? 4 उंगलियों को कंट्रोल करना है? और तुम कंट्रोल कर सकते हो कि तुम्हारे जीवन में छाँव आ रही है या प्रकाश आ रहा है? चूस चूस द लाइट। and the tree i, then will grow। और बंदर से अनुमान तक की यात्रा तुम बहुत जल्द पूरी कर सकोगे, यह तो है phla karn, the first block is that may come on the part to serve discovery, the first is always nature, the second is your oneself, how or belive systems about arself? बाबाजी 1 बार मुझे बता रहे थे कि कभी तुम हाथी को देखना। 1 हाथी जिसके ऊपर महावत बैठा है, वो हाथी इतना शक्तिशाली है। और सोचने की बात है कि इस हाथी को 1 कमजोर सा, मनुष्य कैसे चला सकता है? उस हाथी की ट्रेनिंग बचपन से ही शुरू हो जाती है। बचपन में जब वो हाथी कमजोर था, उस हाथी को बांध देते हैं। बड़ी सी चेन्स है। वो, जो बच्चा है, वो चैन तोड़ने की कोशिश करता है, लेकिन चेन टूटती नहीं। और धीरे धीरे वो हाथी कोशिश करना बंद कर देता है। क्यों? क्योंकि बिलीव सिस्टम आ गया दैट आई एम नॉट केप a person who s live अंडर द शेड for so long srाundedबy, negative belive systems that sometimes they for get and they accept it as the reality। हाथी धीरे धीरे कोशिश करनी बंद कर देता है। और फिर 1 दिन जब हाथी इतना शक्तिशाली है, इतना ताकतवर है कि कोई भी चेन तोड़ दे, कोई भी वृक्ष उखाड़ दे। अब उस हाथी ने हार मान ली। अब बिलीव सिस्टम है किसी मैंने तो इतनी कोशिश की थी, चेन तोड़ने की, अब थोड़ी थोड़ी ना तोड़ सकता। and the elifrenडiज। नॉट वन, थिंकिग वेरिएबल्स हैव, चेंज है, तो बहुत कोशिश की थी, लेकिन तब तुम कमजोर थे, तब तुम्हारे पास इतनी इंटलेक्ट नहीं थी, इतने रिसोर्सेज नहीं थे। now you have the power to pre anything that। यू, लेकिन दूध का जला छाचपीफुककरके पीता है। अब हाथी को लगता है आप कोशिश का प्वाइंट क्या है? मैंने तो पूरा बचपन निकाल दिया कोशिश करने में, अब थोड़ी न ना कोशिश करूँगा। और इसलिए फिर उस हाथी को चलाता है जिस भी दिशा में ले जाना चाहता है। और मैंने कई लोग अपने जीवन में देखे, कई लोग जिनके भीतर 1 सप्तऋषि छिपा है, जिनके भीतर इतनी शक्तियां, इतनी क्षमता, इतनी ताकत छिपी है। but the only beer in the लाइफ is the negative। बिलevसिस्टम, अगर ये लोग साधना के मार्ग पर चलेंगे, तो ये अगले विवेकानंद बन सकते, ये दुनिया को बदल सकते हैं अपनी स्पेचaलिtी के। thru, they can achieve what ever देर वांट। लेकिन ये स्परिचaलिटी पर सूही नहीं करते, ये विश्वास ही नहीं करते। न अपने ऊपर, न अपने भगवान के ऊपर, न अपने गुरु के ऊपर। क्यों, क्योंकि आखिरी बार शायद अपने माता पिता पर विश्वास किया था, और माता पिता ने बड़ा दुख दिया। और क्योंकि कहीं से दुख मिला कहीं जहाँ पर विश्वास किया था, तो अभी कहेंगे हम विश्वास ही नहीं करते, हम तो करेंगे ही नहीं, हम तो अब वो हाथी हैं जो महावत हमें चला ले, लेकिन हम अपनी नहीं सुन सकते। वी वी कनोट बिलिव? क्सेप्टवीकनऑट सिट वी कनॉट मेडिटेट not अnderstanding that then sarcomstansis were different, now, srcomstansis are different, you are thousand times, more inteligent, more billian, more powerful। तुम कोशिश तो करो तुम कोशिश से क्यों कतराते डोंट, बी फ्रेड तो ट्राई, शायद तुम हनुमान हो और तुम बंदर बने बैठे हो, शायद तुम्हारी गाड़ी फरारी है, 500 हॉर्स पॉवर और तुम 5 बैलों से खींचे चले आ रहे हो, शायद तुम्हारे भीतर 1 विशाल वृक्ष छिपा है और तुम पौधे बने बैठे हो। कुडटूठाय योगा ऑफ मोटल्स में अब हम एथलीट्स पर रिसर्च कर रहे हैं। atletswhuplay any sports and we found many times when it came to atleat it is not about training, it is about the mind, because in the field of athletics after a certain point, there is ecualibrim, there is home stasis। अगर तुम बॉक्सिंग की बात करते हो, मार्शल र्ट्स की बात करते हो, तो मान लो 2 अपोनेंट हैं, दोनों 20 साल के, दोनों सेम जेंडर, दोनों 5 साल से ट्रेन कर रहे हैं, दोनों की सेम वेट कैटेगरी है, दोनों का सेम स्टाइल है और तुम रिंग में डाल देते हो और दोनों एथलीट्स which are at a state of ecuolibriam on every single aspect, every single prmtrthequestion comes, now, who wins, who wins the fit, who wins? बाउट अगर शरीर समान है, तो बात यहाँ पर आ जाती है कि किसका मन ज्यादा शक्तिशाली है, जिसके भीतर कम से कम मेंटल ब्लॉक जिस है। और अब धीरे धीरे जब हमारा रिसर्च आगे बढ़ रहा है ऑन वी आर फाइनर 1 थलीट के जीवन से, उसके मन से हम ये मेंटल ब्लॉकेजेस हटाते। if we tech and atlithow to navigate the sad, that is tron on his life, from the people, who supposibly gैraबाउthim, if you can teach the athlete, how to get away from that mental drama that sounds a person in his family, if we can teach an atleat to believe in himself and find a way to com his mind, then he starts to get super human performens। और यही चीज इतिहास में भारत में साधना सिखाई है। हम तो जब युद्ध भी लड़ते थे तो महाभारत केवल 1 शारीरिक युद्ध नहीं था, वो 1 मानसिक युद्ध था जहां पर केवल अस्त्रों का इस्तेमाल नहीं ब्रह्म अस्त्रों का इस्तेमाल था, जिसमें हम अपने युद्ध में भी अपनी साधना को लेकर के आ जाते। हमारे इतिहास में जब युद्ध भी है बाकी सब युद्ध में अगर तुम देखो तो हर कोई आदमी अपनी गाड़ी को 5 भैंसों से खींच रहा है और हमारे यहां तो युद्ध भी फरारियों से लड़े जाते थे जो साधना को जीवन की हर हर घटना के साथ जोड़ देती है and if we can bring the sadhana and shive, then we will excel in every single thing that we do योगा मॉट्स के रिसर्च पर हमने देखा, अ फैमिली, मैन थ्रू द हेल्प ऑफ साधना कैन कम बेटर फैमिलyman प्रोफेशनल कैन बिकम अ बेटर प्रोफेशनल प्रोफेशनल डॉक्टर बिकम, अ बेटर डॉक्टर साधना, वो नहीं जो तुम्हें कहे कि सी सब कुछ छोड़ के तुम्हें जंगल में बैठना होगा। वो साधना उन लोगों की है जिनकी गाड़ी को 5 बहसें खींच रही हैं। क्यों? क्योंकि वो अपनी 5 बहसों के साथ केवल 1 ही चीज कर सकता है अपने जीवन में, या वो 1 पारिवारिक जीवन को जियेंगे, या वो पेड़ के नीचे बैठकर, भगवान का स्मरण करेंगे और वो उनकी सच्चाई है। वो 5 बहसों की सच्चाई है। तुम शिव योगी हो, तुम्हें भैंसों की जरूरत नहीं, तुम्हारी गाड़ी बहुत तेज गति से चल सकती है। और इसलिए हम कहते हैं कि पहले, पहले, साधना, पहले, शिव योग पहले अपने आप को खोजो, भगवान को हम बाद में खोजेंगे, आँखें खुली नहीं। और तुम भगवान को खोजने की कोशिश कर रहे हो। वाट इज द पॉइंट अपने मेंटल ब्लॉक, जिस से तुम उठे नहीं और भगवान सामने खड़े भी हो जाए। वह इस द पौइंट मेरे गुरु मुझे हंस कर बताते थे। सोचो 1 आदमी है जिसको बड़ी जोर की पेशाब जाना है, वो फटने को तैयार है। और वो मूत्र विसर्जन करना चाहता। और उसी समय महादेव उसके सामने खड़े हो जाए। और बोले, बेटा, तू क्या चाहता है? तुम्हें क्या लगता है? वो साक्षात्कार मांगेगा। ओ, भगवान को 1 ही चीज बोलेगा, हे भगवान, कहीं न कहीं सुसू कराते। और इसलिए जब लोग आते हैं और कहते हैं मेरे गुरु को हमें बस, भगवान का स्मरण करा। 2 बाबू जी, ना जी, अभी तुम तैयार। first you have to now yourself find yourself and that is what we saw through the yoga for motlesthatyumanity needs to learn about their body and mind। तो कोई आदमी तुमसे कहता है? तुम शिवयोग में क्या सीखने? आते? तुम योग में भगवान के बारे में सीखने, आत तुम मना कर देना, हम्बल हो जाना। ना जी, ना, हम अपने बारे में सीखने जाते हैं। हम अपनी सोच, अपने बिलीफ, अपने शरीर को समझने के लिए जाते, हम ड्राइविंग लेसंस के लिए जाते हैं। कि भगवान ने हमें ये गाड़ी दी, इसको पहले चलाना तो सीखे। और जो आदमी तुम्हे कहता है कि मैं तुम्हें भगवान के बारे में बता दूंगा कि क्या तुम अभी भगवान के लिए तैयार हो? आल योर इन सिक्योरिटीज एंड मेंटल ब्लॉक, जिस first lets find ourself no, ourself and what are the two things that i told you you must be mindful of from today the first thing। phly is be aware ships that you keep be avare of the people that you lisntomtomkaकy t बनना। घटिया लोगों की बातों को सुनोगे, घटिया लोगों की बातों को सुनोगे, तो क्या होगा? घर में वही वनवास होगा, वही युद्ध होगा, वही परेशानियां आएंगी हर घटिया आदमी। तुम्हारे पास यही कहते, तुम अंदर की बात। मुझे तो सब पता है, मैंने तो नजदीकी से देखा है, भैया कुछ नहीं देखा। इसने लाइक एनर्जी अट्रैक्ट्स लाइक। एनर्जी बाबाजी ने मुझे बताया है। तुम्हें अपने फ्यूचर को देखा है। तुम 5 साल बाद कहाँ होगे? तुम उन लोगों को देखो जिसे तुम बातें करते हो, जिनकी तुम बातें सुनते रहते हो। हर समय वो जहाँ पर है, तुम 5 साल बाद वही रहोगे क्यों? क्योंकि वो तुम्हें अपने हिसाब से सोचना सिखायेंगे। और जो आदमी कहता है, मैंने नजदीकी से सब कुछ देखा। मैं तुम्हें बताऊंगा तुम ये देखना की वो वो तो अंधकासुर के समान है कि भगवान के बगल में बैठ कर भी वहां से नीचे गिर गया। तो नजदीक से देखा बता सकता है। यह जरूर बता सकता है कि सब कुछ पा के सब कुछ कैसे खोया जाए। हाउ टू लूज eveरीथिंगदटदे कैन टेल यू फोर्स, लेकिन अगर तुम्हें यह जानना है, दैट हाउ टू बिकम how to get every, then li to those people, उनके जीवन को देखो कि वो कहाँ पर है जहाँ तुम पहुँचना चाहते हो। इन्वेस्ट your time and your resources on those people हा जी न। तो पहला क्या था माइंड फुल ऑफ द कंपनी, दैट यू की और दूसरा क्या है? we must brak our negative belive systems and or pattons we must come out of those mental blॉkiजiज। अपने मन में जो हम दुख, कष्ट, क्रोध की दीवार बना कर के बैठे हैं, हमें उनसे ऊपर उठना होगा, उन दीवारों को तोड़ना होगा, उन ब्लॉक जिस को तोड़ना होगा। अगर 1 आदमी कहता है कि मैं साधना नहीं कर पा रहा। ऐसा नहीं है कि वो आलसी है या वो झूठा है। बात सिर्फ इतनी है कि उसके भीतर अभी कर्मों का भार इतना ज्यादा है कि आँखें बंद करके वो भीतर झांकता भी है, तो उसको दिव्यता नहीं दिखती, उसको अंधकार दिखता है। ऐसे व्यक्ति के प्रति तुम्हें घृणा नहीं करनी है, ऐसे व्यक्ति को तुम्हें रास्ता दिखाना है। अगर कोई व्यक्ति कहता है, वो साधना नहीं कर पा रहा, तो शायद उसको सबसे पहले प्रतिप्रसव की जरूरत है, उसको शुद्धि की जरूरत है। और इसलिए मैं चाहता हूँ कि आप सब अपने पुराने नेगेटिव, साइकिल, बिलीव्स और इम्प्रेशन से ऊपर उठ सको। और इसलिए जितने भी फ़ॉर्म मेम्बर्स हैं, उनके लिए अब अक्टूबर के महीने में मैं कई साधनाएं रखूंगा और ये सारी साधनाएं, विल, बी, फ्री ऑफ कॉस्ट, आप सब के लिए ऐज, अ, सर्विस फ्रॉम, माई साइट, ताकि आप सब भी शुद्धि को प्राप्त कर सको। क्यों? क्योंकि जैसा मैंने आपको बताया था, अब श्री विद्या और त्रिपुरा रहस्य का ज्ञान आप तक पहुंचाना है। थ्रू आवर एप, थ्रू द फोर्म्स। ताकि इस ज्ञान को प्राप्त करके आप भी बंदर से हनुमान तक की यात्रा को पूरा कर सको, आप भी अपनी गाड़ी के सामने बंदे बैलों से मुक्त हो सको, आप भी उस पौधे को वृक्ष बना सको। और इससे पहले आप त्रिपुरा रहस्य या श्रीविद्या के मार्ग पर चलो। सबसे पहले थोड़ी शुद्धि करनी होगी। तो इसलिए कई साधनाएं मैं आपको कराऊँगा। अगले कुछ महीनों में और उसमें से साधनाए फोरम मेंबर्स के लिए बिल्कुल फ्री होंगे। और साथ ही साथ हम कोशिश करेंगे कि कुछ प्रति प्रतिशत शिविर भी करा सके, जिसमें आप अपने पे जम के मेहनत कर सको। तो पहला जो हमारा शिविर होगा नवरात्री साधना का, जिसमें मैं और बाबाजी खुद आपको साधना कराएंगे। आई थिंक वो 8 अक्टूबर को है भारत के लिए और फिर 10 अक्टूबर अक्टूबर को। भारत के बाहर जितने भी लोग हैं, उनके लिए दिस इज फॉर बी, to meditate grow, इवॉल्व गैटरेड ऑफ द में ब्लॉकेजेस, दिस इज, द फर्स्ट सीरीज और ऐसे कई सीरीज में आपको कराना चाहता हूं। नवरात्री साधना फॉर, आल the people जो साधना कर सकते हैं, ये क्लोज पार्टिसिपेशन प्रोग्राम होंगे। ओनली फॉर फोरम मेंबर्स मैं इन साधनाओं को यूट्यूब फेसबुक वगैरह पर नहीं डालना चाहता, क्योंकि ये शिवयोग का ज्ञान है। एंड दीज आर थिंग्स, दैट आर हाइली रिस्पेक्टेड डिग्निफाइड पॉवरफुल समथिंग आर नॉट फॉर evरीबॉडीक्योंकि। किसी ने सवाल पूछा कि भैया अगर फ्री है, तो आप यूट्यूब पर क्यों नहीं जगह पे? क्यों नहीं डाल देते? इसलिए क्योंकि देखो अभी मैं सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहा हूँ, कम से कम क्योंकि सोशल मीडिया में बहुत कुछ है। media is like the enchanted forest of the feritals that we used to listen to when we were kids that yes, you may find medical items also there is a chance, but there is extrem possibility that you will find vices an वॉरलॉक डीmनजंड, what not chand for is and that s where i think social media is its an enchanted for is that has little magic, but a lot of nonsens and personaly dont like bringing, you into these forum spot, what to do this is a tool to be used in in small doses, small dose, thats what even homiopethedesit use, even poison in small doses। and maybe it can cause some growth, some held, some healing and thats why its a good place to talk to social media br, its not a good place to meditate and and the sadhna, is are two powerful to secret to devine to just throw out there, so we will do these things, and you know this। तुम जानते हो, तुम शिवयोगी हो, तुम जानते हो इन साधनाओं की कीमत, इस साधना की ताकत, और इस साधना की दिव्यता को। और इसलिए जो लोग सवाल सवाल पूछते हैं कि ये शक्तिशाली साधना है, जो कि इतनी आप दे रहे हैं, आप फ्री में दे रहे हैं, आप सब कुछ सिखा रहे है, आप ये सोशल मीडिया पर क्यों नहीं डालते? या आप इन क्लोस फोरम्स में क्यों कराते? ये सवाल जो पूछ रहा है, वो शायद शिवयोगी है ही नहीं, वो जानता ही नहीं, वो अपने बोनट पर बैठा है, भैंसों से खिंचा चला जा रहा है, तो कुछ चीजें उसको समझ नहीं आएंगे। ऐसे लोगों के लिए, मैं प्रार्थना करता हूँ भगवान से कि आप समझ सके दिव्यता को सम, इनिशिएशन आर सेक्रेट एंड सीक्रेट। और इसलिए यह फॉर्म मेंबर्स के लिए है। मुझे लगता है कि जब हम नवरात्री साधना कराने वाले हैं, उसमें पहले ही रजिस्ट्रेशन फुल हो गई हैं। अगले हफ्ते हम 1 और नवरात्री साधना रखेंगे, तो जो लोग पहले रजिस्टर कर चुके हैं, वो कृपया कर, दूसरे फोर्म मेंबर्स को मौका दें, उनको बताएं बी दैट, सर्कल दैट, ब्रिंग्स लाइट, फ्रॉम, न पॉइंट, तो अनदर डोंट, बी दैट, सर्कल दैट ब्रिंग्स शेड, फॉर, वन पॉइंट, तो अनदर बिकज, रिमेंबर, शिवयोगी, आर इवॉल्विंग, दे, आर ग्रोइंग, यू डोंट, वॉल्व ले और तुम देखोगे, जो तुम्हारी कम्युनिटी है, वो कहाँ से कहाँ पहुँच गई? और तुम बेचारे, फिर बोलोगे, मैंने तो बहुत नजदीकी से देखा है, बिल्कुल देखा, लेकिन फिर तुम्हारा त्रिशंकु वाला हाल होगा, जो स्वर्ग से नीचे गिरा, उल्टा लटका हुआ तुम केवल नजदीकी से देखना। मत तुम आगे बढ़ना, तुम ग्रो करना, तुम इवॉल्व करना और तुम्हारा जीवन अवश्य बदलेगा। आखिरी बार तुम्हें बता रहा हूँ। every human being is living their life, नोट अंडरस्टैंडिंग, the power, the god that is विदिन, there are two blockages that comes when you are living that life and i⁇mrekapping this in english for those who dont understand hindi, the blokeges that come there nature and nurture the first as, the blokage that comes from the people, who throw shaid, who we want us, followed their believe system, somato, what there so first, we must be mindful of the company that we keep and allow positive devin people to comin life and we must make a constant effort to stay aware from gossip, negativity and nonsens, we must be in the company of people that bring, divinity, lite, happiness, joy, and people, who are following the part of sprituality, yes, the second that make come on the part of self, discovery, is are on negative believe systems, that holds back that dont let s believe or love to get rid of those we must have an active, practice, a practice of satna, must do some form of sadhna in which we are with the guru, the educated, the divine, and they are helping to go grow and helpes helping as lecco। because there are some emotional blockages that we can handle on, or on thats why in the shivi community, we have these sessions, we have these shivers, we have these courses, there, if you cant release something on your own some negative belive system that you have been caring for a long time, and you want to be free, then you come to the sivirsiवrsलाइक, प्रति प्रसव शिवirलाइकडfीlig, shivir, लाइक srividयasिvिर, लाइक, शांभवी, शिविर, लाइक, नवरात्री साधना वerveryoucan, sit guru and he can help you। रिलीज दोस मेंटल बलॉकिजिज ही कै हeल्पयू evolve, he can help you see the part release in let co, and that is why the month of actober, we are dedicating for self purification, so, practice the yographimotle practice on as the a part of the shivers, whenever you can so that slowly and slowly you get rid of the five bols, and what are those five bold com crodloमोहअहंकार? वो बैल तुम्हारी गाड़ी को खींच रहे हैं, जैसे जैसे साधना करोगे बैलों से मुक्ति होगी, जैसे जैसे साधना करोगे खुद को समझोगे, जैसे जैसे खुद को समझोगे, उस गाड़ी में बैठ कर तुम गाड़ी चला सकते हो। और जो shivyogीहैhe is good in everything and this रिसर्च sosnashivyogी इस द बेस्ट प्रोफेशनल यह योगा ऑफ मोटल्स ने हमें सिखाया there doesnt need to be a choice i a। मैं spिcality को फॉलो करूंगा या मैं success को follo kaरungspicality helps you become successful it helps you and your family life it keeps you grounded it keeps you sein। और अब हम एथलीट्स पर शोध कर रहे हैं और साथ ही साथ मेरी आपसे 1 प्रार्थना है अगर आप में से कोई सुन रहे हैं और आप 1 एक्टिव एथलीट हैं किसी भी स्पोर्ट में और आप शिवयोग के लीयोगाफिमॉटलएटलीट रिसर्च का हिस्सा बनना चाहते हैं ताकि हम आपको वो साधनाएं सिखाएं और आप अपने स्पोर्ट में पहले से बेटर हो सके तो आप कृपया करके अपना नाम जरूर दें आई विल पुट द लिंक ऑफ द स्टडी इन द इशान शिवानंद फेसबुक पेज एंड इफ यू आर इन एक्टिव एथलीट कोई भी आपका स्पोर्ट हो इट कुड बी मासला कुड बी क्रिकेट बैटमिंटन वेटलिफ्टिंग any वैर वेर यू have to use your bodies potential, boxing my favorite। और अभी हमारा जो so we are doing it on basketball, we are doing it on american football, we are doing t on so fokaonmixmaslat। बाकी कोई भी अगर स्पोर्ट है and you are an atleat who wants to give more to yourself to your country in the form of your victory, then i would love to teach you the secret of civil, please give your name, to that form the link would be there in a few minutes on the facebook page ishan shivanand give your name। और अगर आप सलेक्ट होते तो शिव योग की जो ताकत और साधनाएं हैं मैं आपको कराऊंगा और आप देखना हम शिवयोगी हम ऐसे है, हम हर चीज को कम नहीं करते, हम बहुत बड़ा करते, हम हर चीज में साधना जोड़ देते हैं। हमसे युद्ध भी बैलगाड़ी पर बैठ के नहीं होता, हमसे स्पोर्ट भी बैलगाड़ी पर बैठ के नहीं होता, वी वांट तो अचीव to the his level of human, एक्सिलेंस हमारा अस्त्र भी ब्रह्मास्त्र होता है, हमारी साधना भी साक्षात्कार की होती है, हमारी सारी साधना 2 से ऊपर उठने की नहीं है, हमारी साधना भगवान तक पहुंचने की, हमारी साधना अपने भीतर की दिव्यता को जागृत करने की। तो अगर आप भी अपने स्पोर्ट को नेक्स्ट लेवल तक ले जाना चाहते हैं, सो प्लीज बी पार्ट ऑफ दिस रिसर्च, दिस इज गोइंग तो बी कम्पलीटली फ्री रिसर्च फ्रॉम योर एंड अगर आप एथलीट हैं और आप अपनी कंट्री को रिप्रेजेंट कर रहे हैं लेट दिस बी अ सर्विस आई कैन डू फॉर यू। तो यहाँ पे आपको कोई भी मॉनिटरी कमिटमेंट करने will बी फुट by shiv og and myself all, you need is a। विल डिजायर टू बी द बेस्ट आई होप यू कैन बी पार्ट ऑफ द स्टडी ताकि हम दुनिया को भारतीय संस्कृति की ताकत दिखा सके, सनातन धर्म की ताकत दिखा सके, शिवयोग की ताकत दिखा सके remember this लाइट ऐंड द ट्री विदिन selsurfic तुम पौधे बने बैठे हो, लेकिन तुम पौधे से बहुत कुछ बढ़ के बन सकते हो। जिस दिन तुम वृक्ष बन जाओगे तुम कई जीव जंतुओं का पालन पोषण कर सकते हो। तुम बहुत कुछ इस दुनिया को प्रदान कर सकते हो। सो मै क, अ कोंशल, एफर्ट ब्लेस यू आप सब को, आप सब के भीतर के भगवान को मेरा प्रणाम और धन्यवाद, आपसे अब मुलाकात होगी अगले हफ्ते इन माइंडफुल मैटर्स और या फिर जब हमारा अगला नवरात्री साधना शिविर होगा 8 तारीख को नए और बाबाजी आपको आपको जम के कई साधना कराएंगे ताकि आप शुद्धि की ओर बढ़ को जाने से पहले इस वीडियो में जितनी ज्यादा एक्टिविटी कर सकते हो। जरूर करना बी अ मेसेंजर ऑफ लाइट इस वीडियो के लिंक को शेयर करो। whatsapp पे अपने फॉर्म्स में अपने ग्रुप्स पर, मैं यहां पर आता हूं आप लोगों के लिए आई कम टू दिस एनचैंटेड फॉरेस्ट just for you so, please make make it work while and spred this college to all the shivogisputalike subscribe to the channel and spread the divinity। आप सबको, आप सबके भीतर के भगवान को मेरा प्रणाम बलस्युनमशिवाहै।










