ईशान शिवानंद explains that thoughts work like seeds: plant positive ones, get positive results. Negative voices are loud and grab attention, while positive people stay quiet. Your mind grows what you feed it.
Chapters
जिस बीज को बो तो प्राप्त होगा। हाँ जी, ना जी, सकारात्मक सकारात्मक को जन्म देगा, नकारात्मक नकारात्मक को जन्म देगा। दुखी तो दुख सुख को कैसे दुखी हुए नहीं मिला मिला किसी ा आज की तारीख में नेगेटिविटी बहुत ज्यादा है। मैंने कहा नहीं नेगेटिविटी ज्यादा नहीं। लेकिन 1 बात तो सच है जो नेगेटिव है वो चिल्लाते ज्यादा है, जो पॉजिटिव हैं उन्हें मौन सिखाया गया है। तो अगर 1 कमरे में 10 लोग हैं, 5 पॉजिटिव, 5 नेगेटिव पॉजिटिव वाले कोने में चुपचाप बैठेंगे, नेगेटिव वाले हाहाकार मचा देंगे देखने वाले को लगेगा नेगेटिविटी ज्यादा है। हमें अपनी सोच को बदलना होगा। शालरी, वाट, यू शो, आम का बीज, बोओगे आम, मिलेगा, खरबूज को बोओगे, खरबूज मिलेगा, हाँ जी, ना जी, गुरु क्या है सकारात्मक सकारात्मक को प्राप्त करने के लिए नकारात्मक का बीज तो नहीं बोल सकते।