A Shivayog practitioner describes delivering his best presentation to North American telecom executives after using breathing techniques and chanting a Mahadev mantra, entering a samadhi-like state. He credits the success to divine grace and his guru's power, urging other practitioners to tap into this force for their own achievements.
Chapters
इशान जी, मैंने अपने जीवन में महादेव की कृपा से बहुत चमत्कार अनुभव किए हैं लेकिन जो मैंने अपने साथ चीले में अनुभव किया था वो मैं जिंदगी भर कभी भूल नहीं पाऊँगा। मैं 1 बहुत बड़ी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी कंपनी के नॉर्थ अमेरिका डिविजन, जो की फोर जी एलटीई और फाइव जी पर काम करती है, उसके 1 कार्यक्रम के लिए ची ले गया था, जहाँ मुझे 1 समस्या का समाधान 1 बहुत बड़े ग्रुप ऑफ टेलिकॉम ज्वाइंड को प्रदान करना था। बहुत सारे उद्योगपति मेरे सामने थे। मैंने कभी भी इतने सारे लोगों से अपने जीवन में बात नहीं की थी। मैं मनही मन सोच रहा था कि मैं इनसे कैसे बात कर पाऊँगा और अचानक से मेरे मन में आप और बाबाजी, हज़ारों शिवयोगियों से बात करते दिखाई पड़े मैंने शिवयोग की सांस ली और मनीमन महादेव के मंत्र की साधना शुरू कर दी। उसी क्षण मैंने अपने संस्तार के भीतर 1 दिव्य शक्ति का प्रभाव महसूस किया और वो शक्ति मेरे आज्ञा चक्र तक प्रवाहित होनी शुरू हो गयी। बाकी मैं, आपको, क्या, समझाऊँ सब 1 चमत्कार था। आपकी शक्ति ने मेरे शरीर मन को संभाल लिया। मैं अपने ही शरीर के भीतर खो चुका था मानो मैं किसी और दुनिया में 1 साधना की अवस्था में खुश खड़ा हूँ और न जाने कौन सी देवी शक्ति मेरे शरीर में प्रवेश कर। मेरी प्रेजेंटेशन इन सभी उद्योगपतियों को प्रदान कर रही थी और मेरे दृष्टा भाव रखे साधना में लीन प्रसन्नचित। मेरी प्रेजेंटेशन को उस पूरे कार्यक्रम की सर्वश्रेष्ठ प्रेजेंटेशन माना गया और ये मैं सभी शिवयोगी नौजवानों को बताना चाहता हूँ कि किस प्रकार से महादेव की शक्ति, गुरु की शक्ति आपकी सफलता में आपकी सहायता करती है। किस प्रकार से 1 शिवयोगी सर्वगुण संपन्न हो सभी को मोहित कर सकता है। यह 1 महादेव का साक्षात चमत्कार है जो मैं चाहकर भी शब्दों में बयान नहीं कर सकता धन्यवाद इशान जी ne me si way।