Anupam Kher and Dr. Ishan Shivanand discuss a film inspired by Tanvi, a neurodivergent young woman, that celebrates autistic and ADHD individuals as imperfectly perfect. The 75-day shoot included lectures to 240 participants, and a screening at the President's House showed the film's wider impact.
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एम्पॉवरमेंट एम्पावरमेंट ऑफ द पीoपlवोबिकॉज मुझे ऐसा लगता है की हम इन परफेक्ट है और हम जो हैं इन बच्चों को या इस तरह के लोगों को ये क्या कि डिफ्रेंट है या इनको एडीएचडी है या इनको आर्टिस्टिक स्पेक्टर में हम उनकी परफेक्शन को, अपने आप को अच्छा महसूस कराने के लिए उनको इमपरेकटइमपरफेक्ट बोलना चाहते हैं हमसे ज्यादा तो मक्कार कोई है नहीं बिकauजwीmनuपलेt लाइफ एनीबडी हू हू यूजस माइंड टो मेन्युप्लेट कैन नौट बी ए सुपर पॉवर सुपर पॉवर इन टुडेज वर्ल्ड पर्सन हु डज नो नो how to manuplatiरोनिकली आर्टिस्टिक पर्सन,
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is that पर्सन मेरी जो भांजी है तनवी, जिसके ऊपर, ये फिल्म, जिसके कॉन्सेप्ट से ये फिल्म आई है और जितना ज्यादा मैंने इसके बारे में पढ़ा जितना ज्यादा मैं ऑटिस्टिक लोगों को पढ़ा मुझे उनमें यूनिक नेसी नजर आई तनवी ग्रेट जब हमने शूटिंग शुरू की थी, मैंने 240 लोगों को लेक्चर दिया था कि हम पचहतर दिन साथ में रहना चाह रहे हैं वी आर मेकिंग अबाउट फिल्म, अबाउट गुडनेस, वी विल बी गुड फॉर ऑल दीज डेज चेंजली because we मेकिंग about फिल्म अबाउट हाऊ कैन भी नोट प्रैक्टिस, सो, नोबडी विल, नोबडी विल शाउट नो बडी विल डू, दैट एंड, बिना किसी हील हुज्जत के, ये फिल्म थी बन गई इसका इम्पैक्ट यह हुआ है कि जब प्रेजिडेंट चाबा ने यह फिल्म देखी देखने वाली थी तो उनका प्रोटोकॉल प्रेजिडेंट हाउस में इतना होता है कि यू कैन नोट टॉक विदाउट स्टार्टिंग इस प्रोटोकॉल
तो उन्होंने
पिक्चर शुरू होने से 2 मिनट पहले कहा की 2 मिनट अब कास्ट और मैन लोग उनसे मिलेंगे फोटो हिने के बाद तो वो बैठी थी तो मैंने मैडम प्रेजिडेंट हमको बोला गया कि you can walk out of the film, any time and we are post to continue watching the film, you can walk out after the intel, we have to keep at, you can walk out in so, how i now have यू लाइक मई फिल्म तो मुझे कहती है थोड़ी मुस्कराए बोलती है की अगर मुझे अच्छी लगी तो यू विल नो इट तो पीछे बैठे वो हम आगे बैठे थे तो इंटरवल में जैसे हमने जब तक मुड़ कर देखा वो चली गई फिर मैं सोच रहा हूँ की वापस आएंगे ही नहीं आयेंगे और वो फिर वापस आई फिर वो वापस आई और पिक्चर जैसे ही खत्म हुई मैंने एकदम पलट कर देखा की कहीं चली तो ली गई तो वो खड़ी हुई अपनी सीट से ताली मारी उन्होंने और फिर वो शुभांगी जितने तनवी उसके बाद की बहुत अच्छा आपने काम किया फिर मुझे देखी कहती है समझ में आ गया आपको की मुझे पिक्चर अच्छी लगी।