The Alchemy of Shivyog Healing | Mindful Matters | Ishan Shivanand

In this impassioned Hindi monologue, the speaker weaves together personal anecdotes, spiritual symbolism, and practical guidance to illustrate how a "hero" mindset—rooted in devotion (bhakti), gratitude, and the alchemical transformation of suffering—can reshape one’s life. The narrative confronts trauma, abuse, and self‑destructive patterns, urging listeners to reject victimhood and adopt a "Viktam" (victim‑to‑hero) mentality. By invoking Shiva, guru teachings, and specific breathing/meditation exercises, the speaker outlines a step‑by‑step inner alchemy that converts negative emotions into strength, stability, and divine connection. The talk culminates in a call to action: regular practice, community sharing, and spreading “divinity” to transform both the individual and the world.
Chapters
आप सबको, आप सबके भीतर के भगवान को मेरा प्रणाम। मैं बहुत प्रेम और सम्मान से आप सबका स्वागत करता हूँ। आज के माइंडफुल माटर्स में आज हम थोड़ी देर बात करेंगे और उसके बाद इससे पहले हम माइंड फुल माटर्स खत्म करें हम 5 मिनट आँखें बंद करके भीतर प्रवेश करेंगे और अनुभव करेंगे कि क्या हो सकता है जब हम भीतर के भगवान से जुड़े बहुत अच्छे। आज के माइंडफुल माइनर्स को मैं शुरू करना चाहता हूँ आपके भीतर 1 सोच उत्पन करके आप कभी प्रकृति को देखना। वो प्रकृति में बहुत सारे तत्व हैं और हर तत्व की अपनी प्रकृति है अगर आप ऑक्सीजन को लेते तो ऑक्सीजन हाइली फ्लेमेबल बिना ऑक्सीजन के आग हो ही नहीं सकती फिर आप हाइड्रोजन को लेते और हाइड्रोजन को देखते हैं तो हाइड्रोजन भी एक्स्ट्रीमली फ्लेमेबल विस्फोटक और फिर कोई व्यक्ति तर्क लगता है कि अगर मैं हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को जोड़ दूं तो फिर तो मेरे पास कोई ऐसा तत्व होगा जो बहुत ज्यादा आग लगा देगा वेरी वेरी फ्लेमेबल लेकिन मजे की बात जब प्रकृति हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को जोड़ती है तो हमें पानी मिलता है एच टू ओ पानी जो कि आग को बुझा सकता है वहीं अगर इसको हम तोड़ दें हाइड्रोजन फ्लेमेबल, ऑक्सीजन फ्लेमेबल और जब दोनों को जोड़ दें हमारे पास कुछ अलग ही है कुछ अनोखा ही है। this thing me se ironical, but the is a ग्रेड लेसन 1 बहुत बड़ी सीख है इस चीज के पीछे आप हर 1 व्यक्ति को देखते हैं, हर 1 व्यक्ति के जीवन को देखते हैं और घटनाएं वहीं हैं। लेकिन कुछ लोग उन्हीं सर्कम स्टेसिस को पकड़ के बहुत बड़े सिद्ध बन जाते हैं, बहुत सफल बन जाते हैं और कुछ लोग उन्हीं सर्कनस्टेंसिस को देख के अपने आप को विक्टम बनाना शुरू कर देते हैं। 1 बार की बात है दिल्ली आश्रम में 1 बच्चा आया, वो बच्चा काफी बीमार था और उसके माँ बाप चाहते थे कि बाबाजी उसको ब्लेसिंग्स दें। वो बच्चा हिलने की भी कोशिश करता था तो उसकी मां बोलती थी तू मत हिल तू बहुत बीमार है, त बैठ जा। वो कुछ बोलने की भी कोशिश करता था, उसके पिता उसको बोलते थे तू बहुत बीमार है तेरे को समझ नहीं तू बैठ जा। पंद्रह मिनट तक वो बच्चा अपने माँ बाप के साथ बैठा था, इंतेजार कर रहा था बाबूजी का और मैं बस देख रहा था क्या हो रहा है। उस समय मेरा काम था भगवान की मूर्ति को साफ करना जो ब्रांड की मूर्ति है वो काली पड़ जाती है। तो उससे हम चमकाते हैं ताकि वो बहुत सुन्दर लगे। मैं वहाँ मूर्ति चमका रहा हूँ और वहाँ में इन दोनों माता पिता को देख रहा हूँ। अपने बच्चे के दिमाग में कालक पोतते हुए वो दोनों 1 दूसरे से भी बात कर रहे हैं। तो उनकी आँखों में उनके चेहरे पर बहुत दुख है कि हाय मेरा बच्चा कितना बड़ा विकट है सरकमस्टांस का, मेरा बच्चा कितना बड़ा विकट है और थोड़े समय बाद बाबाजी आए और उन्होंने देखा कि जो बच्चा है वो कन्फ्यूज्ड है, कनफ्यूज क्यों है? क्योंकि उसको कुछ समझाया जा रहा है, अपने बारे में कुछ बताया जा रहा है। बाबाजी ने बच्चे को अपनी तरफ बुलाया और उसके कान में कुछ पूला। जैसे ही बाबा जी ने उसको कुछ पूला, वो बच्चा मुस्कुरा उठा, उसका चेहरा बदल गया, आँखें खुल गई, उसने हँसना शुरू कर दिया, कूदना शुरू कर दिया और खेलने जाने लगा। बाहर। उसके माता पिता 1 दम से कहा नहीं नहीं मत जाना। और उस बच्चे ने बाबाजी को देखा की मैं क्या करूँ। बाबाजी। मुस्कराए बच्चा और मुस्कराया और खेलता कूदता बाहर चला गया। मुझे भी लगा कि ऐसा क्या? बाबा जी ने उस बच्चे को बोल दिया की अभी वो यहाँ पर बैठा था, कमजोर न चल रहा है, न कूद रहा है, न हंस रहा है। और ऐसा क्या? मंत्र बाबाजी ने उसको दे दिया कि 1 दम से उसके भीतर 1 ट्रांसफॉर्मेशन आ गई, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन एच टू ओ बन गया। मैं भागा भागा उस बच्चे के पीछे गया। मैंने उस बच्चे से पूछा तुझे बाबाजी ने कान में क्या बोला? और बाबाजी ने कहा, वो बच्चे ने मुझे बताया कि बाबाजी ने कहा भगवान शिव तुमसे प्रेम करते हैं और तुम ताकतवर हो। मैं सोच में पड़ गया कि बस इतना ही लेकिन उस बच्चे के लिए इतना ही काफ़ी था कि मेरे भगवान मुझसे प्रेम करते हैं और मैं ताकतवर हूँ। अगर ये सोच मेरे भीतर है कि मेरे भगवान मुझसे प्रेम करते हैं तो अपने आप 1 एल्केम क ट्रांसफॉर्मेशन आ जाएगी। अगर ये सोच मेरे भीतर है कि मैं ताकतवर हूँ विदिन मिनट माई, एनर्जी कैन, चेंज, माई, माइंड कैन, चेंज एंड आई कैन, बिकम पॉवरफुल और ये चीज मैंने देखी। उसके माँ बाप ने तो उसको यही बार बार बोला कि तू कमजोर है, तू बीमार है, तू कमजोर है, तू बीमार है। और उस बच्चे ने वही बात को अपनी पहचान बना लिया। तू कमजोर है, तू बीमार है, तू कमजोर है, तू बीमार है, ठीक है, बीमारी आती है, ठीक है, कमजोरी आती है। लेकिन तुम्हे इस बात को समझना होगा कितने सारे चिकित्सकों ने इस बात को समझाने की कोशिश की कि हमारा जो शरीर है, हर समय री जनरेट कर रहा है, हमारे जो सेल्स है हर समय री जनरेट कर रहे हैं। हमारे भीतर कई सैकड़ों सेल्स हर सेकेंड मरते हैं और कई सैकड़ों सेल्स हर सेकेंड पैदा होते हैं। और अगर ऐसा है तो लगभग 10 से 12 महीने के बीच हमारी पूरी बॉडी री जनरेट कर जाती है और अगर ऐसा है कि 12 महीने के अंदर हमारे भीतर के जितने भी सेल्स थे वो सब री जनरेट कर गए। तो फिर ऐसा क्यों है की बीमारी भी री जनरेट कर जाती है। क्योंकि अगर हमें कोई क्रॉनिक एलिमेंट है तो सबसे पहले तो हमें अपनी सोच बदलनी होगी क्योंकि अगर हम कहते हैं कि मैं 12 साल से बीमार हूँ और हर 12 महीने में हमारे सारे सेल्स री जनरेट कर गए तो ये मत बोलो कि मैं 12 साल से बीमार हूँ, तुम ये बोलो मेरी बीमारी का साल भर का सब्स्क्रिप्शन है और मैं 12 साल से इस बीमारी को रिन्यू कर रहा हूँ। यह मत बोलो कि मैं 5 साल से दुखी हूँ, टेंशन है, डिप्रेशन है, यह बोलो कि साल भर का सब्स्क्रिप्शन है। और जैसे मैं आईटी को रिन्यू करता हूँ, जैसे मैं शिव योग आप को रिन्यू करता हूँ वैसे ही मैं अपने दुख को भी हर साल रिन्यू कर रहा हूँ। और हाँ मेहनत लगती है किसी भी सब्स्क्रिप्शन से पहले मेहनत लगती है न पैसे देने पड़ते है और उसी तरीके से अगर बीमारी को भी रिन्यू करना है तो 1 प्रकार की सोच रखनी होगी, दुख को भी रिन्यू करना है, 1 प्रकार की सोच रखनी होगी औ और जब तुम इस कीमत को प्रकृति में डालोगे तो फिर वही चीज बार बार रिन्यू होती रहेगी तो मेरी परेशानी मेरी असफलता 10 साल पुरानी नहीं। ts ऋन्यूडपिरियोडिकली और वो बच्चा उसके भीतर के सेल्स उसका मन चाह रहा था कि वो ठीक हो क्योंकि हर व्यक्ति खुशी चाहता है, सिगमंड फ्रायड ने कहा प्लैजर prिnसिpलएवरीसिंगl sol on this p्laनेt विल गो टू words happiness और वो चाह रहा है कि मैं खुश हूं, उसकी बॉडी अंदर से फाइट कर रही है कि मैं स्वस्थ हूं और माँ बाप बार बार यू आर विकट, तुम बीमार हो, तुम असफल हो, तुम बीमार हो, तुम दुखी हो, हाय हाय और हर बार वो उसी सोच को रिन्यू कर रहा है। और जिस बाबा जी ने कहा तुम्हारे भगवान तुमसे प्रेम करते हो, तुम ताकतवर हो। वो दीवार टूट गई, उस इन सिक्योरिटी की दीवार टूट गई, वो दुख की दीवार टूट गई, वो लिमिटेशन की दीवार टूट गई और जो स्वस्थ पूरी कोशिश कर रहा था बाहर निकालने के लिए वो शंभर में बाहर निकल के आ गया। बाबा जी ने अपने हर शिविर में ये चीज सिखाने की कोशिश की कि जब मैं हीलिंग की बात करता हूं, मैं तुम्हें कुछ देर नहीं रहा, तुम्हारे भीतर हीलिंग पावर्स है, तुम्हारे हर सेल के भीतर हीलिंग पॉवर है, तुम्हारे वाइट ब्लड सेल्स के भीतर कम्युनिटी है, तुम्हारे डी एन ए के भीतर डोरमेंट जीनस है जो तुम्हें ठीक कर सकती, जो तुम्हारे भीतर है मैं उसी को ट्रिगर कर रहा हूँ, उसी को एक्टिवेट कर रहा हूँ। मेरी साधना से कुछ बाहर का तुम्हारे भीतर नहीं आ जाएगा लेकिन हाँ जो साधना में बता रहा हूं उससे जो भगवान भीतर है वो जरूर जागरत हो जाएगा। अगर तुम किसी भी व्यक्ति से बात करो, जो ज्ञानी है वह हर बार यही बात सिखाने की कोशिश करते। अगर तुम देखो 1 किताब लिखी गई थी उस किताब में गेविन दिवेकर ने बात की है तो गिफ्ट ऑफ फियर के बारे में और उसने समझाने की कोशिश की कि हर व्यक्ति के भीतर इंट्यूशन होती है गिफ्ट फेयर में उसने रिसर्च किया, एनालिसिस किया, बहुत सारे लोगों के ऊपर, कुछ लोग जो बिल्कुल विक्टम बन गए, विकटम का मतलब उनके साथ कुछ बहुत बुरा हो गया, किसी ने उनके साथ बहुत गलत कर दिया, कोई उनके जीवन में आया, पिटाई करके चला गया, चोरी करके चला गया, मारपीट के चला गया, कोई 1 ऐसी घटना गठित हुई जिसके वो विकट है। लेकिन फिर गिफ्ट ऑफ फियर में उसने थोड़ा और रिसर्च किया, शोध किया उन लोगों के ऊपर विच वर ऑलमोस्ट विक्टम, वो घटना उनके साथ घटित हो सकती थी। क्यूंकि वो जो पकड़ा गया the क्rिमिनalतो उस क्रिमिनल ने बताया कि हाँ ये लोग मेरे विक्टम थे और ये लोग ऑलमोस्ट विक्टम थे। ये बचके निकल गए और बेकर ने दोनों लोगों से बात की विक्टम एंड ऑलमोस्ट विक्टमस और उनसे पूछा और दोनों ने कहा कि जी जब यह सिचुएशन आ रही थी, जब यह घटना घटित हो रही थी, जब 1 अंधेरी राह में सामने से यह व्यक्ति चलता हुआ आ रहा था, तो हमारे भीतर 1 आवाज थी जो हमें कह रही थी कि कुछ गलत है, कुछ गलत है, कुछ गलत है, कुछ बहुत ही गलत है टु और जो विक्टमस थे उनके भीतर भी आवाज थी लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया और वो इस सिचुएशन में प्रवेश कर गए जो आलमोस्ट विक्टमस थे, जो विक्टर्स थे इस सिचुएशन के, उनके भीतर ये आवाज़ आई एंड देयर चोरस टू एक्ट अपोनेंट। उन्होंने अपने ही ज्ञान को स्वीकार किया कि कुछ गलत है आई विल टेक एक्शन ऑन माई फीलिंग और वो बच के निकल गया। ये तो बात है इनटयुशन जो पोजिटिव इंटरुशन है, येस इट कैन प्रोटेक्टर्स फ्रॉम नेगेटिव सिचुएशंस बट इट कैन आल्सो ब्रिंग सक्सेस अगर तुम बोलो की किताब पढ़ो लैटरल थिंकिग के ऊपर, तो वो बात करता है क्रिएटिविटी की, लेकिन क्रिएटिविटी के साथ साथ तुम किसी भी 1 फॉर्चून फाइव हंड्रेड के सीओ से बात करो, ऐसा नहीं है, दै दे हैव अ ग्रेट आइडिया कि जो वो कर रहे हैं वो उनका इजाद है, उनका आविष्कार है। आज की तारीख में तुम जेफ बेजोस की कंपनी है होल फूड्स, उसको जाकर के देखो होल। फूड्स के अंदर 1 पूरा सेक्शन है जहाँ पे तुम्हें शिलाजीत मिलेगी, अश्वगंदा मिलेगी, तुम्हें मोरिंगा मिलेगा वो सारी की सारी जड़ी बूटियां मिलेंगी जिन जड़ीबूटियों के बारे में हमारे संतों ने कहा, सिद्ध होने का, ऐसा नहीं है कि बेजोस ने कुछ इज्जात किया, फर्क सिर्फ इतना है बेजोस में और हो सकता है कोई अगर हिमालय में किसी संत का साधक बैठा है कि जब बेजोस को पता चला कि हां, ये सारी जड़ी बूटियां हैं, यह सारी विद्याएं हैं। तो उसने कहा कि ठीक है आई विल एक्ट अपॉन दिस इनफॉर्मेशन, आई विल एक्ट अपॉन दिस थॉट और उसने फटाफट अपने रिसोर्सेज को इस्तेमाल करके 1 पूरा सेक्शन बना दिया। और अगर तुम यूनाइटेड स्टेट्स को स्टडी करते हो। आज की तारीख में तुम पाओगे कि इतने मिलियंस एंड मिलियंस एंड ट्रिलियन ऑफ डॉलर्स ऑन वेलनेस और न्यूटेसिटिकल ऑन सप्लीमेंट हो जो ट्रिलियन डॉलर थॉट था, विचार था, वो तुम्हारे सनातन का है, तुम्हारे वेदों का है। फर्क केवल इतना है कि सबके पास इंफॉर्मेशन होती है, सबके पास विचार होता है। लेकिन creativity का creativity की value comes not when you have that that, but when you act appon that that everybody is creative everybody maybe pablo picasso in their bran, but what is real creativity rel success वेन यू act apo नेवर यू स्टडी द रिसर्च ऑफ एनी साईकैकि्स तुम चौंक जाओगे कि कितने लोग क्रिएटिव हैं, लेकिन कितने लोगों के भीतर जब वो विचार आता है, वो उसे स्वीकार नहीं करते, वो उसपे कोई कर्मी नहीं करते। वो इतना, अपने दुख, अपने कष्ट, अपनी पीड़ा से दबे बैठे हैं। दिस प्रोसेस और विक्टम हुड, दैट आई एम विक्टम और सर्कल सेंस। और जो विकटम है, वो हमेशा अपने आप को विक्टम बना कर रखेगा। विचार आएगा, सक्सेस, आएगा, मिलियन, डॉलर, आइडिया, आएगा। लेकिन विकटम कहेगा, क हमसे नहीं हो पाएगा। और वो करेगा ही नहीं, फिर कोई और कर लेगा, फिर विकटम दुखी होगा कि मुझे यह आइडिया आया था, मैंने किया नहीं, उसने कर लिया। हाय, मैं तो और बड़ा विक्टम हो चुका हूँ। i विशियस साइकल, क्रिएटिविटी तुम्हारे भीतर भी है सफल कौन जो उसको स्वीकार करता है। और वही चीज बाबाजी ने भी कहा जो ये लोग इंट्यूशन के बारे में कह रहे हैं, क्रिएटिविटी के बारे में कह रहे हैं कि तुम्हारे भीतर 1 भगवान है, तुम्हारे भीतर 1 शक्ति है, तुम्हारे भीतर 1 सिद्ध छिपा है, तुम्हारे भीतर 1 ऐसी ताकत है जिसको तुम जानते हो, महसूस करते हो समय समय पर, प्रेम के स्वरूप में, साहस के स्वरूप में, लेकिन जाने अनजाने में तुम नकार देते हो। जब तुम्हें गुरु की ताकत मिलती है, गुरु का ज्ञान मिलता है। और कोई ऐसा व्यक्ति जो गुरु के स्थान पर है, गुरु की प्रतिष्ठा रखने वाला है। जब तुम्हें कहता है, दैट यू आर पॉवरफुल देन यू बeलीvटकतुमअपने आप को कितनी बार कहते हो, लेकिन फिर भीतर से आवाज आती ह, चिंटू क्यों? क्योंकि कितने लोगों ने तुम्हे चिंटू, कितनी बार माँ? बाप ने दबा दिया, कितनी बार? हर व्यक्ति ने कहा कि तुम कमजोर हो, तुम कमजोर। और फिर 1 ऐसा व्यक्ति जिसको तुमने अपने मन में 1 बहुत ऊंचा दर्जा दिया, वो तुम्हें आ करके कहता है कि तुम बहुत ताकतवर हो, तुम शक्तिशाली हो, तो तुम उस ताकत को खोजते हो, जागरत करते हो और उस ताकत का इस्तेमाल करते हो। तो 1 बात तो पक्की है, हाँ, मेरे भीतर शक्ति है, हां मेरे भीतर क्रिएटिविटी है, हां मेरे भीतर इंट्यूशन है, हाँ मेरे भीतर हीलिंग पॉवर है। तो फिर बात यहाँ पर आ जाती है कि ऐसा क्या है मेरे भीतर जो इन शक्तियों को या तो बिल्कुल ही दबा देता है या जागृत कर देता है। जवाब बहुत सरल है मेरी सोच अगर अपनी सोच में रखता हूँ, आई एम द विक्टन कि मेरे साथ गलत हो रहा है, उसी शह मेरी शक्तियाँ दब गई, और वही सोच अगर मैं बदल देता हूँ की प्रकृति मुझसे प्रेम करती है, भगवान मुझ से प्रेम करते है तो उसी क्षण मेरी ताकत जागरत हो जाती है। और जो कुछ भी मेरे साथ गठित हो रहा है मैं सही प्रकार से उस घटना का अपनी ग्रोथ के लिए इस्तेमाल कर पाऊंगा सिर्फ सोच का फर्क और किसी भी चीज का फर्क नहीं। शिवयोग के 1 बहुत ही परम सिद्ध थे जिनका नाम था भूगरनाथ और भूगरनाथ ने अपनी साधना के द्वारा 1 प्रक्रिया को सिद्ध कर लिया था और वो थी द प्रोसेस ऑफ cmi और इस एलकेमी का इस्तेमाल करके भोगरनाथ ने नव पाशान का निर्माण किया और नव पाशान का मतलब 1 ऐसी औषधि, 1 ऐसी दवाई जिससे कोई भी रोग खत्म हो जाएगा और जब उन्होंने नव पाशान का निर्माण किया और इस नव पाशान की विद्या सिखाए तो सामने वाले को भी लगा होगा कि हो सकता है कुछ बहुत ही पॉजिटिव चीज बना रहे हैं तो बहुत ही पॉजिटिव इंग्रीडियेंट की उनको जरूरत पड़ेगी लेकिन अगर तुम न पसान के इनग्रीडिएंट्स देखोगे तुम चौंक जाओगे, घबरा जाओगे 9 सबसे ज्यादा ताकतवर जहर चाहे वो साइनाइड हो, चाहे आर्सेनिक हो, चाहे सांप का जहर हो, बिच्छू का जहर हो, सौ सबसे ज्यादा ताकतवर जहर नोन तो ह्यूमैनिटी उन्होंने उन जहरों को कंबाइन किया और उन इंग्रीडिएंट्स को फिर एलकेमी के थ्रू ट्रांसफॉर्मेशन कि जो जो जो 9 सबसे ज्यादा खतरनाक और डेडली पायजनस थे वो मिल के सबसे ज्यादा पॉजिटिव और लाइफ गिविंग हब का निर्माण करते और यही भोगरनाथ सिखाने की कोशिश कर रहे थे और यही बाबाजी भी सिखाने की कोशिश करते फर्क सिर्फ इतना है कि भुगरनाथ ने अपनी एलकेमी अपनी एलकेमी को वस्तुओं पर सिद्ध किया था ट्रांसफॉर्मिंग द एनर्जी फ्रॉम मोस्ट नेगेटिव तो मोस्ट पॉजिटिव इन टर्म्स ऑफ ऑब्जेक्ट्स और बाबाजी ने इसी एलकेमी को सिद्ध किया है ऑन ह्यूमन विंग्स कि हम अपने भीतर कैसे मोस्ट नेगेटिव को मोस्ट पॉजिटिव बना सके एंड दैट प्रोसेस ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन इनर ट्रांसफार्मेशन inr हलcmiइटइस द प्रोसेस जो हम प्रति पर साधना में करते हैं, जो प्रोसेस हमशिलयोग में करते, जो प्रोसेस हम साधना में करते हैं इट इज ट्रांसफॉर्मेशन और यही एल्केमी हमें अपने जीवन में भी लानी होगी। शुरुआत सोच से होती है और सोच यही कहेगी कि मेरे साथ जो हो रहा है मेरे भले के लिए हो रहा है मेरे अच्छे के लिए ह। जब मैंने बारहवीं कक्षा को पास किया मेरे बहुत अच्छे नंबर आए बोड एग्जाम्स में साथ ही साथ उस समय 1 जो बच्चों की पॉपुलारिटी होती है। मैंने देखा कि मैं बहुत ज्यादा पॉपुलर भी हो गया हूँ साथ ही साथ मेरको स्पोर्ट्स का बहुत ज्यादा शौक था और मैं कम्पेटेटिव स्पोर्ट्स खेलता था। मैंने बहुत मैडल निकाले, मैं बहुत खुश था। मेरे जीवन में सब कुछ बहुत अच्छा जा रहा है। सामने बहुत सारी ऑपर्चुनिटीज हैं साथ ही साथ मैंने पायलट ट्रेनिंग भी करनी शुरू कर दी थी। मैंने अपना स्टूडेंट पायलट लाइसेंस ले लिया प्राइवेट प्राइवेट पायलट लाइसेंस की मेरी ट्रेनिंग ऑलमोस्ट पूरी हो गई थी और कमर्शियल लाइसेंस के लिए मैं बाहर जाने वाला था। 1 तरफ अगर मैं देखूं मेरे स्पोर्ट्स इतने अच्छे हैं, दूसरी तरफ मैं देखूं मेरे नंबर कितने अच्छे हैं, तीसरी तरफ मैं देखूं की कितना बढ़िया है, मैं एविएशन सेक्टर में जाने वाला हूँ, चौथी तरफ में देखो मेरे इतने सारे मित्र हैं, पांचवीं तरफ में देखो मेरी पॉपुलारिटी बहुत अच्छी चल रही है जीवन में सब कुछ अच्छा था जो 1 16 साल 17 साल के लड़के को चाहिए, सब कुछ था और फिर 1 घटना घटित हुई। 1 टूर्नामेंट था मार्शल लाट्स का, जिसमें 1 डेमोंस्ट्रेशन करनी थी और उस डेमोंस्ट्रेशन में मेरको 1 स्टंट करना था और स्टंट में मैं लेट गया। मेरे बगल में 2 ईटें रख दी गई और मेरे ऊपर से 1 गाड़ी को जाना है। महादेव की ऐसी इच्छा थी। उस समय के वो स्टंट खराब हो गया, वो जो वजन था वो बंटना था 2 ईटों के बीच और मेरे टोर्सो के बीच, वो 1 ईट क्रैक कर गई और वो सारा वजन धम करके मेरे ऊपर आ गया। मेरी स्पाइन को 1 बहुत गहरी चोट लगी और मेरे पैरों ने चलना बंद कर दिया। मैं बिस्तर पर आ गया। चिकित्सकों ने कहा कि जी अब तो पता ही नहीं यह कैसे चलेगा, यह कैसे दौड़ेगा, अब तो कुछ नहीं हो सकता, अब तो जी इसको बिठा करके रखो और मैं बिस्तर पर था। मेरा सब कुछ बिस्तर पर हो रहा है, चाहे खाना हो, चाहे टॉयलेट हो, चाहे सब कुछ और मैं बिस्तर पर हूँ, मेरे पैर चली नहीं रहे, मेरी कोई फीलिंग ही नहीं पैरों में। और मुझे इतनी गहरी चोट लग गई और सडनली 1 वो जो ऑपर्चुनिटीज थी, अब ऑपर्चुनिटीज है ही नहीं, अब ना तो पाल ट्रेनिंग कर सकता हूँ, न तो स्पोर्ट्स कर सकता हूँ, ना कुछ और कर सकता हूँ। और अब अगर बिस्तर पर हूँ तो पॉपुलैरिटी की हम क्या बात करें। अब तो पढाई भी किसी काम की नहीं और उस समय जब मैं बिस्तर पर था तो बहुत सारे लोगों ने मेरे को समझाने की कोशिश की। नाव यू आर द विक। अब हम क्या कर सकते? तुम तो बहुत बेचारे हो, तुम तो अब गए, यही तुम्हारा जीवन है, अब यही तुम्हे स्वीकार करना होगा। यू आर, द और दुनिया इंतजार थोड़ी न करती है, सब अपने रास्ते पर आगे चले जाते हैं। और धीरे धीरे मैंने देखा। कुछ महीनो बाद मैंने देखा कि जो मुझे अपना मित्र कह रहे थे वो अब आगे बढ़ गए, जो 1 पॉपुलारिटी थी वो भी अब कहीं और चली गई। spotlite keeps on changing changing changing till the time, there is nothing, but darkness, and you are where you are and the world has moved on, and that is the time, when everybody you will meet, will try to tell you you are the विकट। और उस समय फिर मेरे गुरु मेरे पिता से 1 बार फिर 1 गहरी मुलाकात हुई, मुलाकात तो हमेशा होती थी, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि इस अंधकार में भीतर में 1 श्रद्धा उत्पन्न हो जाती है, 1 भाव उत्पन होता है समर्पण का, जो साधारण नहीं है और वो साधारण इसलिए नहीं है क्योंकि जब आप अपने जीवन को जी रहे हो, तब भगवान गुरु शिवयोग से तत्व आपके सामने भी आ जाए। यू हैव सो मच मोर इन योर लाइफ वन देर इज नथिंग इन योर लाइफ द ओनली थिंग दैट इज लेफ्ट इन योर लाइफ इज द गुरु गॉड डिविनिटी दैट यू आलवेज हैड बट नाव यू आर विलिंग टू सी और मैंने अपने गुरु को उस समय पूर्ण समर्पण कर दिया और मेरे गुरु ने कहा ठीक है, ठीक है, जिस प्रकार से जब तू छोटा था और मैं तुझे सारी साधना कराता था, सारा ज्ञान देता था, 1 बार फिर तूने सब कुछ जीवन में करके देख लिया, दुनिया में करके देख लिया। तो फिर अब आश्रम में बैठ और मेरे गुरु ने मेरे पर काम करना शुरू किया और उस समय उस समर्पण भाव से मैंने अपने गुरु से सीखना शुरू किया। कई हफ्तों बाद मुझे मेरे पैर में फीलिंग आनी शुरू हो गयी और फिर 1 समय ऐसा आया कि नीचे आरती होनी थी, दिल्ली आश्रम में अगर तुम देखो मयुरेश की 1 बहुत खूबसूरत मूर्ति है और उस दिन मेरे गुरु ने मेरको आ करके कहा इशान जा आरती कर। और मैं सोच में पड़ गया कि ये मेरे को ऐसे क्यों कह रहे हैं? मैं तो यहाँ बिस्तर पर बैठा हूँ, मुझसे तो चला भी नहीं जा रहा, इन मुश्किल से फीलिंग आई है, लेकिन जब 1 आदेश था और 1 सीख थी कि गुरु वाक्य परम वाक्य और उन्होंने कहा इशाल जा नीचे आरती कर, न जाने कहां से 1 ताकत 1 ऊर्जा की 1 शक्ति मेरे भीतर प्रवाहित होनी शुरू हो गई। उस दिन इतने समय बाद मैं खड़ा हुआ चल के नीचे गया, आरती की हां, दर्द बहुत ज्यादा हो रही थी, लेकिन हर 1 कदम जो मैं रख रहा था, दर्द से ज्यादा मेरे भीतर 1 खुशी थी, दैट आई एम, नौट, द विक्टिम और जो मुझे कहा है कि तुम तो बैठोगे पढ़ोगे यहां, यहां तुम्हारा जीवन खत्म होता है, ठीक वो जीवन खत्म हो सकता है, लेकिन 1 नया जीवन भी शुरू हो सकता है। और मैं उस जीवन की ओर अपना कदम रख रहा हूँ। जैसे ही आरती खत्म हुई, मेरे भीतर 1 सोच उत्पन हो गई कि बस अब अब तो मुझे अपने गुरु से ही सीखना है, जो सच है वो सीखना है, क्योंकि बाकी सब जो कुछ भी था, जो 1, 16, 17 साल के लड़के ने वैल्यू करके रखा था, वो तो किसी काम का नहीं, वो तो कांच के प्रकार है, टूटने को तैयार, वो सच्चा है ही नहीं। और मैंने कहा कि अब मैं अपनी लाइफ ट्राजेक्टरी बदलूंगा और बाबाजी मैं अपना जीवन आपको समर्पित करता हूं, आप मुझे सिखाओ जो कुछ भी आपको सिखाना है। और उस समय फिर बाबाजी ने मेरको लखनऊ आश्रम भेज दिया और मेरे तब मेरी साधना की शुरुआत हुई और ये मैं आपको इसलिए बता रहा हूँ क्योंकि ठीक पीट टूटे पैर चलने बंद हुए इतनी मेहनत कर दी थी एसपीएल के लिए, पीपीएल के लिए। और सब खड्डे में चला गया। तो 1 तरफ़ मैं क्या, हूँ विकट और दूसरी तरफ अगर ये घटना नहीं घटित होती तो शायद वो 1 समर्पण भाव भीतर आता ही नहीं, शायद मैं अपने गुरु को पूर्ण समर्पण करता ही नहीं और शायद मैं अपनी साधना में उतना, गहरा उतरता ही नहीं, लेकिन व घटना घटित हुई, मैं अपनी साधना में उतरा, मुझे 1 सेंस ऑफ फुलफिलमेंट और सेंस ऑफ ऑब्जेक्टिव सेंस ऑफ डायरेक्शन इतना ताकतवर मिला जो मुझे पता ही नहीं था, हो सकता है जो पहले 1 सेंस ऑफ डायरेक्टिव था, वो बहुत कमजोर था। और फिर 1 कनविक्शन जो हजार लाख करोड़ गुना ज्यादा है, जो अनुभव करने को मिली। 1 खुशी जो शायद कभी मिलती नहीं। जब बाबाजी की राह पे चलना शुरू हुआ, फिर मेरे को प्रेम भी मिला। 21 साल की उम्र में मेरी शादी हुई और 1 ऐसी शादी जिसमें मुझे बहुत खुशी मिली, 1 ग्रस्त आश्रम, 1 स्टेबिलिटी और जिस रास्ते पर मैं जा रहा था, पता नहीं स्टेबिलिटी कभी मिलती नहीं मिलती। हमेशा 11 दुख रहता कि मैं जिसके साथ हूं, शायद खुशी है, शायद किसी और के साथ खुशी है और या फिर कटरीना कैफ मेरा इंतजार कर रही है तो 20 से 30 साल की उम्र तक आज की तारीख में तुम देखो, जो सफल है, जो लड़के हैं या जो भी हैं, यंग पीपल दे आर आलवेज डाउटफुल, अबाउट द रिलेशनशिप बिकाज आई वाज, इन दिस पार आई हैड, डायरेक्शन हैड। oविजoनव on somebody, who i really, really loved admit, i was ready। कनविक्शन जो साधना के बिना आई नहीं सकता। और 21 साल के लड़के ने फिर कमेंट किया, this is it। और आज मेरी शादी को 11 साल हो गए और 1 ऐसी खुशी जो कभी शायद मिल ही नहीं सकती थी, वो 1 खुशी मिली क्यों? क्योंकि 1 मार्ग जिस मार्क पे मेरे गुरु ने मुझे डाला और इसलिए आज की तारीख में। अब में अपने जीवन में पीछे मुड़कर अगर देखता हूँ, उस समय को, उस स्थान को, जहाँ पे मेरी प गई थी, जहाँ पर वो गाड़ी जो अंधकार होना चाहिए, घटना अंधकार ही तो है न जीवन में जब पीछे मुड़कर देखते हो। और वो घटना घटित हुई और पीछे मुड के आप देखो और बोले जी, वो तो अंधकार है, वो अंधकार नहीं है मेरे लिए, मैं उस घटना का धन्यवाद करता हूँ। मैं ये सोचता हूँ कि वो घटना मेरे महादेव की इच्छा से घटित हुई मेरे महादेव देख रहे थे और मेरे महादेव कह रहे थे कि ठीक है, यह 1 रास्ते पर चल रहा है। अब इसको दूसरे रास्ते पर डालना और वो घटना घटित हुई। यह सब कुछ हुआ और मेरे मेरे गुरु से 1 गहरा रिश्ता उत्पन हुआ। ये मैं आपको इसलिए बता रहा हूं क्योंकि घटनाएं गठित होंगी और दुनिया आपको बोलेगी कि उस घटना को देखो और अपने आप को बोलो। यू आर द विक्टम। ये पेंडेमिक हुआ, यू आर द विकटम, बीमारी आई, यू आर द विकटम। लेकिन जिस तुमने कहा, यू आर द विकटम, ठीक है, उस अंधकार में तुमने घटना में तुमने अंधकार को स्थापित कर दिया। और फिर उस घटना से तुम्हारे वर्तमान में हर क्षण, हर सेकेंड अंधकार ही प्रभावित होगा। बट इफ यू कैन चूस तो एक्सेप्ट एंड बिलिव यू आर नॉट अ वि। any or god loves you and you are powerful and this is just part the gods plan। यह तुम्हारे भगवान की इच्छा है, ठीक हो रहा है, होगा। मैं इससे भी आगे निकलूंगा और इसमें भी मेरा कुछ न कुछ तो भला है। देर सम गुड, इन दिस सम लेसन आई, कैन लन? क्योंकि सेल्फ पिटी से तुम्हें कुछ नहीं मिलने वाला, तुम अटक जाओगे, अगर तीर भीतर लगा रहा, तो तुम्हारा क्या भला है? तुम्हें कभी भी तो खींचना होगा, उस सेल्फ पिटी को थूकना होगा, उस शेम को थूकना होगा, उस गिल्ट को थूक होगा। और देखना होगा कि यस कुछ कुछ तो भला है मेरा इस घटना में। और उस घटना के लिए मैं अपने भगवान का धन्यवाद करता हूँ। और आज मैं ताकतवर हूँ, टाइम बेटर, अगर ऐसी सोच होगी तो उस घटना में, फिर तुम महादेव की साधना कर रहे हो। और हर क्षण उस घटना से 1 गहरी दिव्यता। तुम्हारे वर्तमान में प्रवाहित होगी, तुम किसी भी पुराण को देख लो, तुम किसी भी शास्त्र को देख लो। ऋषि मुनियों ने हमेशा यही सिखाने की कोशिश की है। तुम किसी भी असुर के जीवन को देखो। बहुत सरल कहानी है, सारी कहानियां बहुत सरल है। उस कहानी में, क्या दिखाते हैं कि 1 बहुत विद्वान, बहुत ही ज्ञानी पुरुष है और वो असुर बहुत ज्ञानी है, बहुत ही तपस्वी हैं, तब करता है, भगवान से शक्ति लेता है और फिर जब शक्ति लेता है, फिर धीरे धीरे गलतियाँ करनी शुरू करता है। और फिर उस गलतियों के कैस्केड में वो इतना गलती कर देता है कि फिर भगवान को खुद आना पड़ता उस समय उस असुर का संघार करने के लिए। और इन गलतियों का कैस्केड कैसे शुरू होता है कि जब मैं सिचुएशंस को देखता हूँ और सरकमस्टांस को देखता हूँ और कहता हूं जी, मैं तो विक्टम हूं, वो देवता, उनके पास इतना सब कुछ अच्छा कैसे है, मुझे तो वो चाहिए जो देवता के पास है। आम द विक्टम ऑफ देवता ये नहीं कहता कि मैं कुछ अतना बनाऊंगा, कुछ अलग बनाऊंगा, कुछ अनोखा बनाऊंगा, कुछ दिव्य बनाऊंगा, मैं तपस्वी हूं, वो कहता, imewictm, i will मेक sor i tell the world, how much you have met me। सफर and now my victmwordwill trn to रeवenजvengenc angle forosadneस बड़ी समस्या है और शायद, हर शास्त्र की कथा से, हर 1 पुरानी कथा से हमें रिषि मुनि सिखाने की कोशिश कर रहे हैं। srcomstensiscan happen यू कै नोट कंट्रोल what you can control is your reaction वाट कैन यू कंट्रोल योर रिएक्शन वाट कैन यू कंट्रोल योर reaction तुम किसी भी 1 बढ़िया नोबल को पढ़ो, तुम किसी भी 1 ग्रीक हिस्टोरिकल बुक को पढ़ो या ग्रेड मैथोलॉजिकल वर्क को पढ़ो या तुम वेदव्यास की महाभारत पढ़ो या तुम होमर के इलियड एंड ओडिसी पड़ो तुम पाओगे 1 आर टिपिकल हीरो हर 1 किताब में तुम्हे मिलेगा चाहे वो होमर का अकेली क्यों ना हो, चाहे वो वेद व्यास का अर्जुन क्यों न हो। और जो 1 आर्ट टिपिकल हीरो है जो 1 टिपिकल मेंटालिटी है हीरो की वो क्या है की सिचुएशंस बदलती रहती है, लेकिन हीरो का चरित्र नहीं बदलता द कैरेक्टर स्टिक्स द ट्रेड्स ऑफ हीरो नेवर चेंज नो मैटर वाट द सिचुएशन इस आकेली को तुम फिर बैटल फील्ड। में रख 21 एम एम नॉन के बगल में, वो फिर भी नहीं बदलेगा उसको तुम अपनी माँ के बगल में रख 2 फिर भी नहीं बदलेगा जो उसकी टिपिकल ट्रेट्स हैं, वो वही रहेंगे। तुम अर्जुन को वनवास में रखते, वो, फिर भी नहीं बदलेगा तुम अर्जुन को उठा के इन प्रेस में रख 2 वो, फिर भी नहीं बदलता तुम अर्जुन को उठा के स्वर्ग में रख 2 वो, फिर भी नहीं बदलता उसकी जो टिपिकल ट्रेड्स हैं, वो वहीं रहेंगी। सिचुएशन चेंजेज द हीरो ही डजनो चेंज। और जो साधारण मनुष्य है ही लेट्स द। सरकमस्टांसेज डेटेट हिस। कैरेक्टर तुम अच्छे हो? मैं अच्छा हूँ, तुम दिव्य हो, मैं दिव्य हूँ तुम गाली दोगे, मैं तुम्हें और गन्दी गाली दूंगा। तुम थप्पड़ मारोगे, मैं तुम्हे जूता मारूंगा, मेरा तोहार कुत्ते वाला है, जो सड़क पर चल रहा है, जो गोबर में लौट रहा है, तुम रोटी दोगे, पूछ ला दूंगा तुम डंडा मारोगे काटूंगा। तुम्हें जो व्यक्ति 84 लाख योनी वाले जीव का माइंडसेट रखता है, वो कभी मनुष्य है ही नहीं। मन से मनुष्य है, मन से मानव है तुम्हें, यह सोचना है तुम गली के कुत्ते या तुम वेदव्यास के अर्जुन। अगर तुम वेद व्यास के अर्जुन हो, तो सबसे पहले चीज़ अपने जीवन को देखो। आर माई, कैरेक्टरिस्टिक्स आर माई, ट्रेड डिफाइंड बाई द सकमस्टेंसिस, मैं ऐसा हूँ। क्यों मेरे साथ ऐसा हुआ। और वेस्टन वर्ल्ड में बहुत लोगों को मजा आता है ये चीज कहने के लिए कि जी मैं डिप्रेस 2 हो। क्योंकि मेरे पिता ने मुझे गाली दी थी, थप्पड़ मारा था। और ईस्टन वर्ल्ड में सब सोच रहे हैं कि तुम डिप्रेस हो, क्यों तुम्हारे पिता ने तुम्हें मारा था? अच्छा जी। 11 थप्पड़ खा के तुम्हारा चरित्र खत्म हो गया, तुम टूट गये, जब मैं कभी स्कूल गया था, हम तो मंदिर के घंटे की तरह थे, कोई भी, कभी भी आँखें बजा कर के चला जाए, कुछ भी नहीं सकमस्टैंसिसुतुमइ्रेट करते हो। और अगर भीतर। 1 सोच डाली गई कि हर सरकम स्टैंड्स को देख कर बोलो मैं विक्रम हूं। तो फिर समस्या है क्यों? क्योंकि तुम हर गलत को कहोगे कि जी मेरे साथ ऐसा हुआ, इसलिए इस जस्टीफाइड, अब मैं ऐसा करूंगा। इट कैस्केड इट्स डोमिनो फेक्ट the बehaviरविल गेट वर्स, द बॉडी विल गेट वर्स्ट। you are running after somatic relief, evn the helt will। बecमwsक्योंकि फिर तुम्हें लगेगा तुम ऐसे हो, इसलिए फिर तुम्हें गोली खाके ही जीना है। और फिर उस गोली के साइडइफेक्ट्स शायद तुम्हारी बीमारी से भी ज्यादा खतरनाक हो जाएंगे। और कहीं न कहीं तुम्हे सिचुएशन देखनी होगी और अपने आप को बताना होगा। आई विल नोट लेट द इंसीडेंसेज डेटेट माय कैरेक्टर तो या तो तुम्हारा कैरेक्टर आएगा तुम्हारे इंसिडेंस से और फिर यार साइकी इज नथिंग बट। fences stile a construct of various situations, a personality that is a cumulative of all, the good and bad people that you have met, this is one option and the second option, guru loves, you the chloris, they love you take there help and or defining yourself के जो shiliogुrुहैन वो तुम्हें बोलेंगे कि तुम शक्तिशाली हो, तुम, ताकतवर हो, शिव, अनंत, शिव, कृपा, अनंता हम, भ्रम मासमें, शिवो हम्, शिवो हम। और अगर तुम इस सोच को रख कर के आगे बढ़ोगे, मंत्र, मूलम, गुरुर, वाक्य। तो फिर जो कैरेक्टर का तुम निर्माण कर रहे हो न, अपने लिए, वो विक्रम नहीं है, वो 1 हीरो है। और हाँ, इस मार्ग पर चलने के लिए तुम्हें भक्ति चाहिए होगी, समर्पण चाहिए होगा, ताकत चाहिए होगी, पर इतनी, ताकत इतना समर्पण तो तुम ला ही सकते हो। अपने भीतर। तुम्हें लगता है, तुम्हारे भीतर समर्पण नहीं, तुम कितना समर्पण कर बैठे हो। किसी भी बच्चे का मैं इंस्टाग्राम अकाउंट देखता हूँ। उसने कॉफी को समर्पण कर रखा है। रोज अपनी कॉफी की फोटो खींचता है, डालता किसी बच्चे को देखता है। उसने खाने को समर्पण करके रखा है। रोज। श्रद्धा भक्ति विश्वास से भोजन के पीछे दौड़ता है। 40, 40 किलोमीटर गाडी चलाता है। क्यों? क्योंकि उस ढाबे की वो चीज उसको खानी है। समर्पण तो तुम करके बैठे ही हो। किसी बच्चे को। मैं देखता हूं, वो अपने जूते को अपने सर के ऊपर रखता है। क्योंकि कि उसके जूते की ब्रांड बहुत बढ़िया है। उस ने तो अपने जूते के ब्रांड को ही समर्पण कर दिया। समर्पण तुम करके बैठे हो। यह मत सोचना कि समर्पण तुम्हारे लिए कोई बहुत ही चमत्कारी प्रक्रिया है, फर्क केवल इतना है। तुम्हे इस समर्पण को खोज के बटोर के अपने गुरु की ओर प्रवाहित करना है। और फिर अपने गुरु के ज्ञान को पकड़ के अपने चरित्र का निर्माण करना है। क्योंकि ये जो 1 हीरो मेंटालिटी है, और ये जो विक्टम मेंटालिटी है, यही मेंटालिटी, यही सोच तुम्हारे भीतर एलकेमी उत्पन्न करेगी। विकटम मेंटालिटी अच्छे को भी लेके, ट्रांसफार्म कर, सकत है बुरे में, और जो हीरो मेंटालिटी है, वो बुरे को भी लेगी, हाइड्रोजन को भी लेगी, ऑक्सीजन को भी लेगी, और पानी में परिवर्तित कर देगी। जो हीरो मेंटालिटी है, वो तुम्हारा जीवन बदल सकती है। जो हीरो मेंटालिटी है, वो तुम्हें तुम्हारे भगवान तक लेकर जाएगी, जो हीरो मेंटालिटी है, तुम्हारे जीवन में स्टेबिलिटी लेकर आएगी। फिर आस पास तुम जो कुछ भी देखोगे, ठीक है, हो रहा है। its part of the germany। जो हीरो मेंटालिटी है, तुम्हें बताएगी कि जो कुछ भी हो रहा है, it is a gift from god। सिचुएशन विल ब्रिन, ब्लैसिnगस, जो हीरो मेंटालिटी है, वो तुम्हें ऐसा बना देगी कि जब तुम पीछे मुड़ के अपने जीवन को देखोगे, तुम्हारे चेहरे पर बस। 1 खुशी होगी, 1 मुस्कुराहट होगी, 1 तृप्टी होगी। and this is what i shared with you today i hope, my story would have help you। और हां, ठीक है, बहुत सारी डीटेल्स हैं, पर कुछ बातें तो तबके लिए रखे न जब हम दोनों आमने सामने बैठे होंगे। बट ई होप जितना मैंने तुम्हें बताया, जितना मैंने तुम्हारे साथ शेयर किया, तुम उसको स्वीकार करो, एंड आई होप। तुम जहाँ कहीं भी बैठे हो, अभी तुम्हारा हाल उस बच्चे की तरह है जिसको उसके माँ बाप अपने गुरु के पास लेकर आए थे। और मैंने तुम्हारे कान में वही कहा जो मेरे गुरु ने उस बच्चे को कहा था। आई होप यू एक्सेपटेड शिव, आई लव यू shiva loves you shiva लव यू आई स इट अगेन शिवा लव यू एंड यू आर पॉवrful एंड यू आर पॉवरफुल एंड यू आर पॉवरफुल तुम शक्तिशाली हो शिवा लव यू एंड यू आर पॉवरफुल तुम्हारे महादेव तुमसे प्रेम करते हैं और 2 शक्तिशाली हो इस कमी को जरूर से जरूर स्वीकार करना, तुम्हारा जीवन अवश्य बदलेगा, अवश्य बदलेगा ठीक है। शंभर के लिए सीधे बैठ जाओ आँखें बंद 3 गहरी सांस, पहली सांस भीतर सांस बाहर धन्यवाद भगवान शिव शिवा का सांस भीतर सांस बाहर धन्यवाद शक्ति तत्व का सांस भीतर सांस बाहर धन्यवाद गुरु तत्व का आँखें बंद करके भीतर 1 ही भाव लाने की कोशिश करो और वो भाव धन्यवाद। मैं भगवान का धन्यवाद करता हूँ इस जीवन के लिए, हर सांस के लिए, इस शरीर के लिए। मैं भगवान का धन्यवाद करता हूँ, मेरे परिवार के लिए, मैं भगवान का धन्यवाद करता हूँ। आज हमारा पेट भरा है, सर के ऊपर, छत है, मैं भगवान का धन्यवाद करता हूँ स्वास्थ्य के लिए, जो मेरे खंडखंड में समाया है, मैं स्वीकार करता हूँ शिव, अनंत, शिवकृपा, अनंता और धन्यवाद मेरे गुरु का, मेरे भगवान का जिनकी, शक्ति से, हर कण में सुख स्वास्थ्य संपन्नता की ओर बढ़ रहा हूँ। प्रकृति में इकलौती स्थायी वस्तु है, बदलाव मैं बदल रहा हूँ और अगर बदलना ही है आज से अपने गुरु का हाथ थाम के, मेरा हर कदम मुझे, मेरे भगवान की ओर लेकर के जाएगा। हर सोच, हर विचार, अगर बदलना ही है। तो मैं उस गुरु का धन्यवाद करता हूँ, जिसके ज्ञान, जिसकी शक्ति, जिसके तब, जिसके तेज को प्राप्त कर। मेरा हर शण, हर कण शिवमय हो रहा है, मेरा हर छण, हर कण शिवमय हो रहा है, मेरा हर शण, हर कण शिवमय हो रहा है। धन्यवाद मेरे गुरु, मेरे भगवान, उन सब खुशियों के लिए, जिनको आज तक मैंने अनुभव किया और उस देवता के लिए, जिसको आज से मैं अनुभव करने वाला हूँ, मैं स्वीकार करता हूँ मेरे भगवान मुझसे प्रेम करते हैं और मैं शक्तिशाली हूँ। 3 गहरी सांस सांस बाहर, धन्यवाद शिव शिवा का सांस बाहर, धन्यवाद शक्ति, तत्व का सांस बाहर और धन्यवाद गुरु तत्व का धीरे धीरे वापस। आए ऊँगलियों को हिलाए, हथेलियों को रगड़ें और अपने चेहरे को स्पर्श करते हुए सभी लोग अपनी आंखें खोल दे। आज रात को जब आप सोएंगे कल सुबह, जब आप सोके उठेंगे, असेंशन क्लास रूम की नई साधना एप में आप लोगों के लिए डाउनलोडेड होगी, आप उस साधना को जरूर करना वो साधना आपके मार्ग में आपकी सहायता करेगी। अगर भीतर विक्टम मेंटालिटी के ब्लॉकेजेस है, बहुत शक्तिशाली साधना है जो इस ब्लॉकेज को ओवर कम करने में, ब ब्रेक करने में आपकी सहायता करे। बहुत बहुत धन्यवाद आप सब का आपसे मुलाकात होगी। अब अगले संडे इन माइंडफुल माटर्स। साथ ही साथ इससे पहले आप जाएं इस वीडियो को जरूर से जरूर लाइक करे, शेयर करें और ब्लैस करे सभी सहयोगियों को कमेंट सेक्शन में जितना ज्यादा आप दिव्यता फैलाएंगे उतना, ज्यादा दुनिया बदलेगी the world needs one hero to change itself to transform itself i hope in फ्रेड to the gas of god that hero is you आप सबको, आप सब के भीतर के भगवान को मेरा प्रणाम ब्लेसियो नाम शिवा।










