In this Hindi monologue, Ishan Shivanand challenges common misconceptions about meditation (sadhana). He argues that meditation is not solely a remedy for suffering or negativity, but a proactive practice aimed at amplifying positivity, joy, success, and overall life quality. Using the analogy of going to a gym—where people attend not only to lose weight but also to gain muscle, improve appearance, and feel confident—he illustrates that meditation, like any disciplined activity, serves multiple aspirational goals. He emphasizes that the true measure of meditation’s power lies not in the subjective experiences during the session, but in the tangible improvements observed in one’s life after consistent practice. He urges young people to adopt meditation as a tool for personal growth rather than merely a coping mechanism, reinforcing that the purpose is to increase positive energy, fight darkness, and become better individuals.
Chapters
मैं पिछले 2 साल से दुनिया घूम रहा हूँ, कोई ऐसी यूनिवर्सिटी नहीं जा मैंने साधना न सिखाई हो, कोई 1 ऐसी कंपनी नहीं जहाँ मैं शिव योग के ज्ञान को लेकर गया और सबसे बड़ी समस्या पता है क्या आती है नौजवान को कहता हूँ साधना कर वो कहता है लेकिन मेरे साथ तो कुछ बुरा है नहीं मैं क्या करूँ और मैं उसको कहता हूँ तुझे क्या लगता है साधना केवल बुराई हटाने के लिए मैं नौजवान ऐसी कहता हूँ साधना करो वो कहता है पर मेरे को तो कोई प्रॉब्लम ही नहीं है और अगर तुम साधना करने लगे तो लोग पूछने आते तेरको क्यू साधना कर रहा साधना साधारण यह बात बदलनी होगी, तुम्हें क्या लगता है जिम में केवल वही लोग जाते हैं जो मोटे हैं पतले होने के लिए शादी के हफ्ताभर पहले जिम में केवल मोटा आदमी नहीं जाता, पतला होने के लिए जिनमे सुडोल व्यक्ति भी जाता है और ज्यादा खूबसूरत बनाने के लिए जी जी जिसका सिक्स पैक है, खूब अच्छी मसल है। तुम्हे क्या लगता है साधना केवल बिल्कुल दुखी हैरान परेशान लोग करते हो क्यूँकि जो शादी से पहले पतला हो भी गया शादी के 6 महीने बाद वापस डबल डेकर गाया जो व्यक्ति अपने कर्म से बचने के लिए हफ्ता भर पूजा पाठ कर भी ले, फिर उस पूजा पाठ के बाद वो माता से खो जाता है, उसका गोल ही गलत था, हमारा गोल नेगेटिविटी से बचना थोड़ी न, हमारा गोल तो हमारी पॉजिटिविटी बढ़ाना है, हमारा गोल अंधकार से लड़ना नहीं, हमारा गोल मोमबत्ती जलाना है और अगर मुंबी जल जाएगी तुम्हें अंधकार की क्या पड़ी, वो अपने आप खत्म हो जायेगा तो जब हम साधना कर रहे हैं इसलिए नेगेटिव पीपल ट्राइंग टू बिकम गुड, जब हम साधना करें वी आर गुड पीपल सिटिंग तो कम बेटर हम अच्छे हैं, तो कहीं नहीं रहा बुरे हो मैंने आपको कहा यू आर गुड पीपल सीटिंग हैर टू बिकम बेटर तुम 1 अच्छे आदमी हो जो बेहतर बनने के लिए यहाँ पर बैठे साधना कर रहे हो और जब तुम जीवन में वापस जाओगे, मैं चाहता हूँ कि तुम दुनिया वालों को दिखाओ की साधना केवल दुख से बचने के लिए नहीं की जाती, दुनिया को दिखाओ की साधना खुशी को बढ़ाने के लिए भी की जाती है, सफलता को बढ़ाने के लिए भी की जाती है, छाई को बढ़ाने के लिए भी की जाती क्यूंकि याद रखना, मेरे गुरु ने मुझे सिखाया था साधना की कीमत इस बात से तय नहीं की जाती की साधना के दौरान तुम्हे क्या अनुभव हो रहा है, बल्कि साधना की ताकत इस बात से देखी जाती है की साधना के बाद जीवन में क्या बदलाव हो रहा है मैं 1 बार फिर तुम्हे कहता हूँ, साधना की ताकत इस बात से नहीं तय की जाती की साधना के दौरान तुम्हे क्या अनुभव हो रहा है साधना की ताकत इस बात से तय की जाती की साधना के बाद जीवन में क्या बदलाव हो रहा है।