TRANSFORM your LIFE this SHIVRATRI

A Shivratri retreat program featuring initiations tied to four forms of Mahadev: Mahamrityunjaya, Aghor, Sarveshwar, and Rudra. The 12-hour intensive includes purification, manifestation, protection, and self-realization practices, with the speaker linking inner purification directly to prosperity and personal power.
Chapters
ये जो शिवरात्री है, बहुत खास होगी। इस शिवरात्री में जो समय है वो महादेव के 4 स्वरूपों का है। भगवान महामृतदिंजय, अघोर, सर्वेश्वर और रुद्र, इस शिवरात्री में हम केवल साधना नहीं करेंगे, मैं तुम्हें हीलिंग दिक्षा भी दूंगा, क्योंकि ये शिवरात्री शुरुआत हुई भगवान महामृत्युंजय की साधना से होगी। और भगवान महामृत् युंजय का मतलब है द गॉर्ड ऑफ हिल, भगवान शिव का वो स्वरुप जो हीलिंग प्रदान करता है। तो हम जितनी भी साधना करेंगे। सबसे पहले मैं तुम्हें, दिखा, दूंगा, ताकि, फिर तुम किस प्रकार से जो ज्योतिर लिंग है, उसको स्थापित करना है और सिद्ध करना है। मैं तुम्हें सिखाऊंगा, क्योंकि ये जो शिवरात्री का समय है न, वो व्यर्थ गंवाने का समय नहीं है, वो पार्टी का समय नहीं है। वो 1 बहुत सेक्रेट टाइम है जिसमें हमें बहुत सेक्रेट प्रोसेस करने है। ये जो 4 राते हैं, होली दिवाली शिवरात्री गुरु पुण्या, his आर, नौट टाइम to be visti, सर्व सिद्धि काल होता है। और अगर इस काल की तुम्हें समझोगी तो जो साधना तुम इन रातों को करोगे उसमें 10 10 साल की ताकत होती। तो ये जो समय है, यह भगवान महामृत्युंज है। दूसरा, भगवान, सर्वेश्वर, भगवान, सर्वेश्वर महादेव का सबसे उग्र स्वरुप है। कथा है कि जब नारायण ने नसीम अवतार लिया है तो फिर हिरन कच्छप को हराने के बाद भी उनकी शुदा शांत नहीं हुई और उनका विध्वंस चलता रहा। तब महादेव ने सर्वेश्वर स्वरूप धारण किया था, ताकि नसीम अवतार को भी शांत कर सके। इतनी ताकत। तो ये वो समय है कि बहुत बार हमारे भारत में चलता है, हम 1 दूसरे से जलते हैं, चिढ़ते हैं। तो फिर लोग कोशिश करते हैं कि हमारा सक्सेस बंद जाए, उठ, पटांग, मैली विद्या का उपयोग करते हैं। तो ये जो समय है, मैं तुम्हें साधना कराऊंगा भगवान सर्वेश्वर की। और उस साधना के सामने कोई भी इल्म नहीं टिक सकता। ये वही समय है, वह स्थान है, तभी हो सकती है, तभी हो सकती है जब हम पहले ज्योतिर लिंग को जागरत करें, सिद्ध करे, स्थापित करें, फिर वो साधना। और साथ ही साथ मैंने सोचा है की जब पहर के बीच में ब्रेक होगी, मैं तुम्हे ब्रेक नहीं दूंगा, जिसको एल आर टी की, दिक्षा नहीं, मिली, दिक्षा भी दे दूंगा, तो तुम शिवरात्री में जुड़ना, तुम्हे हीलिंग दिक्षा भी दूंगा। तो मैं ललिता रुद्र की दिक्षा दूंगा। और उसके बाद गोर, गोरे, गोरे, गोर, गोर, त्र सर्वदा, सर्व, सर्वे, नमस्ते रुद्र, य, ये जो घोर हैं, जो अघोर भी है। और ये सर्वसुद्धिकाल होगा जब हम अघोर साधना करेंगे। और ये करनी है शिवरात्रि में, फिर जब तुमने जोतिरलिंगको स्थापित कर दिया, फिर जब भगवान सर्वेश्वर से सब वीड हटा दी है बुरा कर्म नेगेटिव, थॉट इ वीड्स है, क्यूंकि क्या होता है, जो प्रोस्पेरिटी होती है, प्रोस्पेरिटी इज लाइक, अ, कैटेलिस्ट, वो खाद की तरह, व मनी कम्स, इन योर लाइफ इट्स, एन एmपलीफाइजोभी। तुम्हारे अन्दर है, वो बढ़ जाता है। तो अगर तुम्हारे भीतर काम वासना, तो पैसा उसको बढ़ा देगा, अगर तुम्हारे भीतर एडिक्शन है तो पैसा उसको बढ़ा देगा। मनी एक्स लाइक एन एम्प्लीफाई तो पहले हम प्योरिफिकेशन करते हैं और फिर घोर, फिर मैनेशन के, अब अब खाद, अब लेट द लाइट फ्लो और फिर अंत में जब पहर की पूर्ति होने वाली होती है फिर रूद्र रूद मानें, तप तप मानें सेल्फ रियलाइज। तो जो लोग अपने परिवार की बड़ी चिंता करते हैं, इतने सारे लोग कोशिश करना तुम जुड़ो और ये जो हमारे 8 पहर की साधना होगी, जो बहुत कीमती होगी और इस साधना में हीलिंग दिक्षा भी होगी इस साधना में हम भगवान महामृयुंजय को भी सिद्ध करेंगे, इस साधना में प्रोटेक्शन भी होगी हम भगवान सर्वेश्वर को सिद्ध करेंगे। इस साधना में मैं तुम्हे एल आरटी की दिक्षा भी दूंगा, हम माँ भगवती को सिद्ध करेंगे। इस साधना में मैं तुम्हे अघोर की साधना भी दूंगा, हम मेनिफेस्ट करेंगे और अंत में रुद्र की साधना होगी। ये साधना है, ये करीकुलम नहीं, ये इंटेंसिव है, इसमें 12 घंटे तुम्हें बचना होगा और खूब धूम पटकोगे और तुम देखोगे तो अगर तुम जुडना चाहते हो, परिवार का भला करना चाहते हो, सके कोशिश करे नहीं तो फिर पूरा साल सॉफ सॉफ पोला पोला तो हम कुछ न कुछ करते रहते हैं पर अगर उग्र की एपेटाइट है, कोशिश करो, ठीक है, ब्लैस b।










