Ishan Shivanand explains how to build complete self-trust by recognizing your own inner strength and divine potential. A guru's faith in you comes from your own inner power, not from outside. True progress happens when you trust yourself, harness your intensity, and align with the natural order.
Chapters
you have the kin to grow, you have the capability to menses, you have the माइंड बाई बिकाज मन से मनुष्य और मन नातो प्रकृति का आधीन है, मन न तो भरमाना आदमी है, मन की सच्चाई अपने हिसाब से बनाता है, मदद की प्रकृति अपने हिसाब से बनाता है। और तुम तो मनुष्य हो, मदद मनुष्य जानवर आदमी है। प्रकृति का जानवर अवनिश नहीं कर सकता, इंसान ने निशन कर सकता, वो मनुष्य ज्ञान का मतलब जस्ट अंडers्टanding the simple fact that i have the capacity to group, i have the capacity to he, just the simple fact, what i have the capacity, the st strip of all my powders सी पीपल हो जाते हैं स्तर के पास, ऑलीजपरलीजीमेरा बच्चा का होगा अभी अपनी पति से कुछ पंडित जी को क्या लेना देना, उसे क्या पता तेरा बच्चा का होगा फैमरीपलीजीकरेंगे पति देव करेगा। और सिम्पल सी बात है जनरल की बात, लेकिन उसने अपने आप को स्टेप कर दिया, अपनी सभी शक्तियों से, अपनी सभी दिव्यताओं से, और अपने आप को अधीन करते मजे की बात। बाबा कहता है? अगर तुम्हारा भगवान पर इतना विश्वास करता है, तुम्हारा बाबा तुम पर इतना विश्वास कर, ता है क्यों? तुम्हारा बाबा तुम पर विश्वास करता है? क्यों? क्योंकि साथ सदर बाद आ गया तुम्हारे पास, उन्हें ज्ञान देने। क्यों तुम्हारा बाबा तुमसे इतना प्यार करता है? तो अगली जो इतनी, शीत, सब लुटा रहा है, तो अगर तुम्हारा बाबा तुम्हारा सिर तुम पर इतना विश्वास करता है, तो सबसे पहले तो तुम खुद पर विश्वास शुरू करो, सबसे। that is that i am the recon gods, if i accept that i have the power, i have the up, i have the intensity to go there i am that comes the date jan, ecmonegment of the debility of the s first like, noleg book, i have the bold to go no go to। लेकिन बाबा कहता यह बात जान लेना? भगवान बनने से पहले, इंसान बनना, बौजूद पहले, इंसान को मरने से पहले स्वीकार तो करो अपने भीतर की क्षमता।