Anupam Kher argues meditation is a survival skill for modern life, not a luxury. With technology and social media fueling anxiety, especially post-COVID, mental health has declined over two decades. Teaching kids to meditate young, like teaching them to swim, prepares them to handle their emotions before crisis hits.
Chapters
अगर आपको 1 आम आदमी को सिखाना है कि बताना है की मेडिटेशन क्या होता है मेरी क्यूरियस तो नो अबाउट सिम्पल डेफिनेशन ऑफ एनी बिग
सिम्पल डेफिनेशन आम आदमी को जो में कनविंस करने की कोशिश करता हूँ। मैं कहता हूँ की it is a सर्वाइवल स्किल जैसे हम 1 बच्चे को तैरना सिखाते है जैसे अगर किसी के घर में सुने पूल है तो बच्चे को तैरना सिखाएगा वरना वो खुद के पूल में डूब के मर जाएगा। अगर कोई आदमी जंगल के बगल में रहता तो उसके बच्चे को सिखाया जाता है कि जूते पहनने से पहले थोड़ा झाड़ लो बिछु छूना निकल जाए। उसी तरीके से अगर हम अपने बच्चों को आज की तारीख में पाल रहे हैं और टेक्नोलॉजी का इतना प्रकोप है और इम टॉकिंग अबाउट द एंक्शियस जनरेशन जो रिसर्च हुआ पोस्ट कोवेट पोस्ट ट्वेंटी टेंस पोस्ट सोशल मीडिया जब मेंटल हेल् स्पेक्टर में इतना डाउन चला गया है पिछले 20 साल में और यह क्वांटिटेटिव एनालिसिस है हमारे पास, तो वो लाइफ स्किल की हाउ टो रेगुलेट योर न इमोशंस। यह बच्चों को देनी जरूरी है। तो मैं तो लोगों को यही कहकर कनवेंस करता हूं कि देखो अगर आपको कोई दुख नहीं है, आप खुशी से अपने जीवन को जी रहे हो तो क्या जरुरत है फिर आप जियो पर कहीं अगर आपको लगता है कि आपसे नहीं मैनेज हो रहा तो दन दिस इज अ स्किल दैट यू नीड।