A Hindi motivational talk on why discipline is essential for the new year. The speaker links daily spiritual practices like the Lalita-Rudra yajna and LRT practice to success, and urges waking early, doing yoga, and following guru teachings to achieve physical health, deepen sadhana, and experience divine miracles.
Chapters
इस नए साल में जिस स्किल को हमें डेवलप करना है वो है डिसिप्लिन अ कम्पलीट डिसिप्लिन। अबाउट आवर साथ्रा अनुष्ठान अनुशासन डिसिप्लिन। अबाउट wi अगर हो सके तो डिसिप्लिन बनाओ मेरे साथ। आप अनुष्ठान तो करोगे ही। रोज रात को यज्ञ करोगे ललिता रुद्रतिषिती का याग्य साथ ही साथ डिससिप्लिन बनाओ कि रात को सोने से पहले जो हमारी एलआरटी की साधना है आप वो करोगे। साथ ही साथ डिसिप्लेन बनाओ। सुबह थोड़ा जल्दी उठ जाओ और ललिता रुद्र के अनुष्ठान से पहले हो सके तो शरीर को योगा ऑफ मोटल से स्वस्थ कर। लो हमें अपनी क्वालिटी ऑफ लाइफ को बढ़ाना है। बाबाजी ने कहा हर हाल में खुशी, अब 1 तो है गुरु वाक्य परम वाक्यम की, शरीर स्वस्थ नहीं है, जीवन सफल नहीं है। लेकिन गुरु ने कहा है खुश होना है तो आप भी हंसों और दूसरा है। हर हाल में खुशी गुरु वाक्य परम वाक्य की। मैंने शरीर भी स्वस्थ कर लिया, जीवन भी सफल हो गया, साधना भी गहरी है। अब धन्यवाद भीतर से उत्पन हो रहा है। इस टाइम टू गेट 1 दिव्य साल की हमे शुरुआत करनी है और आप देखना इतने मजेदार, इतने दिव्य चमत्कार आपके जीवन में होंगे।