YOGA OF IMMORTALS - LEVEL 2 MANOMAYA KOSHA | ROAD TO SHIVRATRI | SAMVAD WITH ISHAN SHIVANAND JI

Aarti Samani shares teachings on Manomaya Kosha, the mind sheath, from guru Ishan Shivananand Ji. A study of Shiv Yoga practitioners showed measurable improvements in health and happiness during COVID. A disciplined mind boosts immunity and resilience; a negative mind undermines even good medical care.
Chapters
i solute you, and i solut the god with in all of you। आप सब को, आप सब के भीतर के भगवान को मेरा प्रणाम। 1 बार मैंने बाबूजी से पूछा कि बाबाजी पाप और पुन्य के बीच का अंतर क्या है? और मेरे गुरु शिव योग के परम सिद्ध अवधूत शिवानंद ने मुझे सिखाने की कोशिश की, क जब कभी भी माँ बाप को, अपने बच्चों को कुछ सिखाना है तो बच्चे को देख कर सिखाया जाता है जिस प्रकार से बालक का चरित्र होगा उस प्रकार से उसको सीख दी जाएगी। अगर 1 बालक सकारात्मक है, पॉजिटिव है, ऑनेस्ट है, डिवाइन है, तो उसके माँ बाप रिवॉर्ड का इस्तेमाल करते हैं, उसको सिखाने के लिए, उसको अच्छे अच्छे तोहफे देते हैं, उसको शाबाशी देते हैं, उसको बढ़िया बातें बोलते हैं, उसको मोटिवेट करते हैं ताकि वो 1 सही रास्ते पर चल सके। और वहीं अगर 1 बालक बदमाश है, नकारात्मक है, बार बार 1 ही गलती करता है, तो फिर उसके माँ बाप को उसको डांटना पड़ता है, उसको थोड़ा सख्ती से सिखाना पड़ता है, ताकि किसी न किसी प्रकार से वो 1 सही रास्ते पर चले। और जैसे माँ बाप हैं, वैसे ही शिव योग के सिद्ध सिखाते हैं, प्रकृति है। this universe is also trying to teach us the lesson, which we are born to learn the people, who are positive। जो शिवयोगी है, जिनको उनके गुरु ने सिखा रखा है, तुम चाहते क्या हो, वही चुनो, वही सोचो, उसी मार्ग पर चलो, जिनको शिक्षा मिली, उन्हें भी प्रकृति सिखाती है, लेकिन उन्हें प्रकृति बहुत प्यार से सिखाती है। they are rewarded and the learn the less। और वहीं अगर मनुष्य बार बार गलतियाँ करेगा तो सीखना तो है, देखो वी आल have to लर्न र, huमिलिtी, वी आल हैव, टू लरन, आवर लव, आवर कम्पैशन पेशंस और अगर प्रकृति देखेगी कि हम रिवार्ड से नहीं सीखते, तो फिर 1 झटका देने की जरूरत है, 1 समस्या आती है, फिर 1 व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता जाग जाती है। और ऐसा ही कुछ हमें देखने को मिला 2020 में 1 गलत दिशा की ओर इंसान बढ़ रहा था सोसाइटी was heading to words dizाs्टरयsटकनोलॉजी बहुत आगे बढ़ गई, लेकिन साथ ही साथ अगर हम बिहेवरियल हेल्थ केयर और मेंटल हेल्थ क्राइसिस को देखें तो वहीं जहाँ टेक्नोलॉजी का ग्राफ ऊपर बढ़ रहा है, वहीं पर तनाव का, स्ट्रेस का, एंजाइटी का, फेयर का, सोसाइटी का ग्राफ भी ऊपर बढ़ रहा है। the most socity connected to technology, मोर्ट सोसाइटी डिसकनेक्टेड टू, the इनर टेक्नोलॉजी to the god that lis। और कभी न कभी तो मनुष्य को सीखना था, और या तो मनुष्य खुशी खुशी सीखे डिविनिटी को परस्यू करे, जिस प्रकार से सनातन धर्म में 1 बालक को गुरुकुल भेजा जाता था, ताकि वो सीखे समझे। जाने अपने आपको the gift of humanity, yes, we have बीन गिफ्टेड बॉडी, लेकिन अगर हमें अपने शरीर, अपने मन, अपने प्राण, अपने ज्ञान के बारे में कुछ पता ही नहीं the is uses तुम 1 बंदर को सौ किलो सोना दे, 2 वो क्या कर लेगा उसका तुम 1 हाथी को राजपाट देने की कोशिश करो। वह भागेगा जंगल के जानवर को ज्ञान के तोहफे नहीं दिए जा सकते। और जो प्राणी मनुष्य योनि में रह करके बार बार गलतियां कर रहे थे। 2020 में महामारी के स्वरूप में प्रकृति ने 1 झटका दिया और जो लोग वहां थे वहीं बैठ गए। प्रकृति थम गयी, जो इधर उधर जाना था, रुक गया, जो इंस्टाग्राम पर फोटो डालना था, रुक गया, जो नौकरी और तरक्की की बेसाखी हमने पकड़ी हुई थी, यह सोचकर कि देखो आज पैसे के पीछे भाग लेते हैं। फिर किसी दिन जब समय मिलेगा भगवान के पीछे जायेंगे, वो बेसाखी टूट के नीचे गिर गई। और 2020 में जब पूरी दुनिया थम गई, तो दुनिया ने सोचना शुरू किया, वही सवाल जिससे मेरे गुरु शिवयोग का हर शिविर शुरू करते है और वो सवाल है कि तुम चाहते क्या? and introspection that why we are on, why, we are on this planet earth? and what it is that we are going to achieve and every crisis is an opportunity of group। जब हमने देखा कि आप सब घर बैठे थे और आप लोगों के पास समय था, तो 2020 में हमने yoga in modles, e first stage, rrb the first stage of yoga in modles, was our physical body। स्थूल शरीर, हमने कई महीना अपने ऊपर महनत की, और साथ ही साथ मैं बहुत खुश हूँ। विज्ञान ने हमारा साथ as the world entered into a crाइसेsstage, a beautiful marेgwasbo, a mariage between sprituality and since, and why i say, it is a good mariage, because when sprituality and since go hand in hand, then sprituality understands the mic that a sadak experiences this deep understanding of the medical helps to make the same speciality into standedise structure, interventions and protocols protocols, which can be used easily to help the future generations that may come in need this bemistification of sanatan can only happen। if there is a marriage between since and spirituality, ths, hazar, shibyogiony you got a mortals stol, sharir के रिसर्च में, bag lia and i would like to share with you, some of the findings that came through that research, we found के अगर क साधक सही तरीके से शिवयोग के मार्ग पर चलता है, उसका शरीर अवश्य ही बिल्कुल ही ठीक होगा। अगर 1 साधक शिवयोग के मार्ग पर चल साधना करता है, अपने पर ध्यान देता है, तो सही मायने में उसका जीवन बदलेगा वी डिड the रिसर्च and we got फिनोमिनल रिजल्ट, वरी सिंगल एस्पेक्ट ऑफ human लाइफ so अटरिमेंडर्सफिनमिनल ग्रोथ और ये शो कीमती इसलिए था क्योंकि उस समय जब दुनिया के स्वास्थ का ग्राफ नीचे जा रहा था, करुणा, वायरस, महामारी, घर, बैठे, बैठे, सब का स्वास्थ्य नीचे जा रहा था। जो शिवयोगी इस शोध का हिस्सा थे, योगा मॉडल्स का हिस्सा थे, उनके सारे, grap, quality of life, physical body, graf, हैप्पीनेस ग्राफ, वो सब ऊपर जा रहा था मानो, when the होल्ड, world was लिविंग, the वर्स्ट लाइफ, the है एवर, एक्सपीरियंस शिलिोगीजवर, लिविंग, द बेस्ट लाइफ, दैट दे कोर्ट, इमेज, क्यूंकि 1 तो है पढना हम ब्रह्मास्मी शिवोहम, शिवोहम और दूसरा है अनुभव करना 1 तो है पढना की अमृत जैसा भी कुछ होता है और दूसरा साधना के माध्यम से अपने भीतर के अमृत को जाग्रत करना 1 तो है पढ़ना देखना सीखना समझने की कोशिश करना हमारे एटम्स को, हमारे सेल्स को, हमारे डी एन ए को और दूसरा अपने भीतर प्रवेश करना और सही माइने में जानना अपने अंतर जानना अपनी शक्तियों को अपनी खूबियों अंडरस्टैं gift that has been given to you by the god, you love the most और 2020 का जो साल था, बहुत कीमती था शिवयोग, बहुत भला हुआ उनका, और अब समय आ चुका है हम योगा ऑफ मोटल्स की, अगली सीडी की or be just like we worked on and we master the physical body, it is time to go to the second stage of yoga of immotlesworking and मस्टरिंग the mind योगा ऑफ मोटल मनोमय कोश हमारा मन बहुत किमती है। जिस व्यक्ति ने अपने मन को जीतना सीख लिया, वह व्यक्ति अपने जीवन को जीतना सीख सकता है हमारे मन का हमारे शरीर पर 1 प्रभाव है कितने वैज्ञानिक आज की तारीख में बोलते हैं so many diseases or siclesomatic for get disease, even care can sometimes be sाiclsomatic, if you have a s्ट्रong positive माइंड, अगर तुम्हारा 1 ताकतवर मन है तो तुम अपने भीतर 1 glsivोक्रिएट कर सकते हो, जो दवा तुम्हे दी जाएगी, तुम्हारे शरीर को लगती है और अगर तुम्हारा 1 नकारात्मक मन है, गलत सोच है 1 स्ट्रेसफुल सोच तो कितनी भी दवा दे दी जाए, वो शरीर को लगती नहीं कितना सही भोजन दे दिया जाए, वो शरीर को लगता नहीं अगर मन ताकतवर है। mind is strong, we will be resilient and this resilent is important the yoga mates, the monomikcoshit is so mp, क्योंकि विज्ञान यह चीज deta है communities and societies the react differently to pain a strong, mind reacts differently to pan a vec, mind reacts difrent to फेल अगर वेस्ट में आज की तारीख में 1 ओप क्राइसिस है? 1 पेन मैनेजमेंट क्राइसिस है कि पता ही नहीं, अगर जीवन में दर्द आ जाए तो करना क्या है? तब से जो व्यक्ति अनजान है, जो व्यक्ति साधना से अनजान है, हल्का सा दुख होगा, हल्की सी पीड़ा होगी, हल्का सा शारीरिक कष्ट होगा? और अगर रेजिलेंस नहीं है, तो वो क्या करेगा, वो सब्स्टेंस की ओर जाएगा और वो सब्स्टेंस चाहे शराब हो, चाहे दवा हो, चाहे साइकोसोमेटिक ड्रग हो, और अगर रेजिलियंस है दैट व्यक्ति वन इन फ्रंट ऑफ अनइमैजिनेबल टरमोयल, an ds विल pरसिviररिमेन स्ट्रॉंग जैसे अर्जुन महाभारत में सामने कुछ भी हो जाए, मेरे कृष्ण मेरे साथ हैं, आई विल रिमेन स्ट्रॉंग, आई विल फरसivिर, वो व्यक्ति जीत की ओर बढ़ जाता है। अगर ताकतवर मन हो, वी आर टॉकिंग, अबाउट हज टॉकिंग, अबाउट फीस, वी आर टॉकिंग अबाउट क्िलंट में अगर हमारे मन के भीतर शांति है, तो जो कुछ भी भगवान ने हमें दिया है, अनुभव कर सकते हैं। अगर हमारे मन के भीतर शांति नहीं, तो जो कुछ भी हमारे पास होगा, वो बस हमारे पतन का कारण ही बनने वाला है। असुरों को भी राजपाठ मिला, देवताओं को भी राजपाठ मिला। और वही राजपाठ जिसका इस्तेमाल देवताओं ने कर, मनुष्य का भला किया, उसी राजपाठ को प्राप्त कर। असुरों ने केवल संघार ही उत्पन किया। दुनिया भागती है पदार्थ को प्राप्त करने के लिए। और जो योगा मोटल, जो शिव योग का ज्ञान है, वो तुम्हें सिखाता है कि तुम्हे सबसे पहले मन की शांति को प्राप्त करना होगा। दुनिया को लगता है कि सब कुछ पालो, फिर आखिरकार मुझे, उसके शांति, मिलेगी और शिवयोग के सिद्ध। तुम्हे सिखाते है। कुछ पाने का शांति से लेना देना है ही नहीं। यह सबसे बड़ा झूठ है, जो तुम्हें सिखाया गया है कि जब सब कुछ पालोगे, अंत में तुम्हें शांति मिलेगी। सही बात तो ये है कि अगर शांति नहीं, तो तुम कुछ भी पा, लोगे, तुम उसे अनुभव नहीं कर पाओगे कितने बड़े बड़े लोग मैंने अपने गुरु के पास आंकते हुए देखे। और बड़े लोग कह रहे हैं कि साहब, हमने इतना कमा लिया कि हमारा नौकर बड़े बड़े पकवान खाता है। 1 अच्छा जीवन जीता है, और हम तो दुख में ही रहते है। क्यों? क्योंकि हमारे पास स्वस्थ नहीं, और चिंता है कि दुश्मन हमें आके मर जाएगा। हमारे नौकर को चंद की नींद है। और हम जो इतने बड़े साब हैं, हमारे पास तो कुछ भी नहीं। अगर मनोमय कोश को, तुम सिद्ध करोगे, तभी तुम्हें शांति मिलेगी। द पीस ऑफ माइंड दैट यू आर लुकिंग for the good nit। स्लीप यू आर लुकिंग। फॉर अगर मन शांत है। there is a direct proportion to even immunity a person was stress afrid in a constant state disord। उसकी मिटी नीचे जाएगी, और जिस व्यक्ति के भीतर confidence takte, उसका शरीर, हर कण उसका साथ देगा, रिहैब्लिटेशन का मन से लेना देना है। the ability to make the बॉडी हेल्दी वन्स अगेन। 1 बार फिर स्वास्थ के मार्ग पर चलना ताकत पर सकारात्मक मन ताकतवर शरीर। और इसलिए अब मैं चाहता हूँ कि योग मोटल्स का दूसरा भाग, जो आज की तारीख में बहुत कीमती है, वी हैव टू वर्क ऑन द बिहेवरियल हेल्थ गैर, वी हैव टू वर्क। an understanding not just the mental health, the powers that live with in just mental helt। इज वेरी लो हैंगिंग full i want you to discoवr the powers that li इन योर माइंड, क्योंकि देखो, तुम साधना करोगे। वो तो दुनिया जानती है कि हल्की पुल की भी माइंडफुलनेस, अगर तुम कर लो सबसे छोटा, जो प्रथम द्वार है, तुम उस पे भी चल लो, तो तुम्हें हाँ हल्की सी शांति आ जाएगी, यू फील लिटल बिट रिलेक्स। लेकिन मैं चाहता हूँ कि तुम्हारे भीतर द स्लीपिंग जायंट। मस्ट अवेकन तुम्हारे भीतर जो भगवान है दैट मस्ट। अवेकन तुम्हारे भीतर का डिवाइड डी एन ए मस्ट। अवेकन तुम्हारे भीतर तुम्हारे पूर्वज, तुम्हारे पूर्वज जो ऋषि मुनि थे, उनकी शक्तियां, जो तुम्हारे भीतर है, दे मस्ट। 2022। 1 नया साल है 1 नया साल, जो इतने क्राइसिस के बाद तुम्हें मिला 1 तोहफा 1 नई शुरुआत न्यू और अगर तुम इस नए साल में प्रवेश कर रहे हो। तो तुम्हें जैसे तुमने नए शरीर का निर्माण किया। thरूयोगाफेमॉटल् थूल शरीर, अब तुम्हें 1 नए मन, 1 नई सोच का निर्माण करना होगा। और मैं चाहता हूँ that you must learn। तो मास्टर द माइंड the yogafhimmatles manomycoshyou must learn the philosophies of shilyogeyoumust, ras or awerness and consiousness। क कोई भी व्यक्ति प्रार्थना कर सकता है? कोई भी व्यक्ति अपने भगवान से चमत्कार मांग सकता है और तुमने मांगे भी है और भगवान ने तुम्हे दिए भी है। लेकिन अब तुम्हें अपने महादेव से मांगना होगा कि जो शक्ति जो बीज तुमने मेरे भीतर डाल के मुझे पृथ्वी पर भेजा है, आज वो बीज अंकुरित हो। आई मस्ट वर्क on माईसेल, मैं चाहता हूँ कि जब पहली मार्च को शिवरात्री हो तो तुम अपने शिव को प्रदान करो वो जिसको प्राप्त कर महादेव सबसे ज्यादा खुश हो जायेंगे। शिवरात्रि पर मेरे गुरु 1 कहानी मुझे सुनाते थे और वो कहानी छप गई मेरे जहन में और अब दूत शिवान हमारे प्यारे बाबा ने मुझे बताया कि देख 1 बार की बात है, शिवरात्री थी और 1 शिकारी पेड़ के ऊपर बैठे इंतजार कर रहा था कि कब शिकार आयेगा और मैं अपने शिकार को मार के भोजन करूँगा घर जाऊँगा। वो बेल पत्र के वृक्ष के ऊपर बैठा था और हर बार जब तैयार होता, तीर छोड़ने के लिए, पेड हिलता थोड़े पत्ते नीचे गिरता और उसको पता नहीं था कि पेड़ के नीचे महादेव का 1 जागरत स्वरूप था। 1 शिलिंग कहते हैं पूरी रात वो हिलता, पूरी रात बेलपत्र नीचे महादेव पर गिरते रहे। और फिर जैसे ही सुबह होने वाली थी, शिवरात्रि का आखिरी पहर था, उसने देखा कि 1 हिरन आने वाला है और जब हिरन आने वाला है, निशाना लगाया, जब निशाना लगाया, गिरा पेड़ से नीचे और जो शिवलिंग पड़े थे उन्हीं के ऊपर और जब शिवलिंग के ऊपर गिरा गलती से महादेव प्रकट हो गए और कहा कि तू मेरा सर्वश्रेष्ठ भक्त है, दुनिया मेरे को दूध चढाती है, पानी चढ़ाती है, शहद चढ़ाती, दही चढ़ाती, घी चढ़ाती है। और तुम तो खुद ही चढ़ गये मेरे ऊपर, तुम सर्वश्रेष्ठ हो। तुम ने तो स्वयं को ही चढ़ा दिए। इस कहानी के द्वारा मेरे गुरु मुझे हर बार सिखाने की कोशिश यही कर रहे थे। देखे शाम, जब तक तुम भगवान जो भोले महादेव है, जो परम शक्तिशाली उनकी मानस पूजा नहीं करेगा, तब तक तुमने शिव को कभी जाना ही नहीं। जब तक तुम बाहरी एक्स्टरनल पदार्थ में फंसे रहोगे, रिचुअल्स में फंसे रहोगे, तब तक तो महादेव को जान ही नहीं सकते। जो योगा मनो मैं कोश है, उसके माध्यम से मैं चाहता हूँ कि तुम सही मायने में भगवान को देखो समझो। भगवान को समझने के लिए तुम्हें आँखें चाहिए, तुम्हें चेतना चाहिए। अगर तुम्हारी चेतना 1 स्तर पर होगी, तभी सही मायने में तुम अपने भगवान को समझ पाओगे। मेरे गुरु ने मुझे समझाया कि देख बेटा अगर जीते जी, तुम अपने भगवान को देखते हो, जान लेते हो तो साक्षात्कार है। और अ अगर मृत्यु के बाद भगवान दिखते हैं तो पुनरपि जननं पुनरपि मरन तुम इंतजार मत करना, उस अंतिम दिन का। तुम्हें जीते जी अपने भगवान को देखना है। समझना यौर कांशसनेस मस्ट राईस और जो मेरे गुरु ने मुझे सिखाने की कोशिश की। what is the gift? you can give o god to get is gift is yourself your ego? आल दैट यू आर, तुम्हें भीतर जाना है, तुम्हे देखना है। शिव योग सिखाने की कोशिश करता है कि देखो जैसे 11 पुष्प माला है जो तुम अपने भगवान को चढ़ा रहे हो और तुम बहुत खूबसूरत पुष्प देखते हो। पुष्प है ठीक है, बहुत अच्छी बात है। वो पुष्प 1 दिन मुरझा के सूख के सड़क के नीचे गिर जाएंगे। तुम्हारा ध्यान पुष्प की तरफ नहीं, तुम्हारा ध्यान उस डोर की ओर जाना चाहिए। वो डोर जो सब पुष्पों को बांध कर के रखती है। जिस प्रकार से डोर पुश को बंद करके रखते है, उसी प्रकार से तुम्हारा मन है, तुम्हारी चेतना है, तुम्हारी आत्मा है जो शरीर इस जीवन को बांध करके रखते।










