You have to earn currency called spirituality | Prati Prasav Sadhna | @IshanShivanand

Ishan Shivanand argues that spirituality, love, and health are currencies you must earn through practice, not buy with money. Like searching for a lost needle inside a dark house rather than outside, inner work through meditation and devotion is where real fulfillment lives.
Chapters
जो शांत है, उसके भीतर क्रिएटिव लॉजिक है। इसलिए पहली चीज जिसकी मैं तुम्हारे लिए प्रार्थना करता हूँ कि तुम स्वयं को शांत करना सीखो, अगर शांत करना सीख जाओगे तो तुम्हे 1 बहुत अच्छी नींद आएगी। जिस दिन तुम रात को बिस्तर पर जाओ और बिस्तर पर जाते है, तुम्हें 1 बहुत अच्छी नींद आये और उस नींद में बहुत अच्छे सपने आये। और उस सपनों में तुम्हें बहुत दिव्यता का अनुभव हो। और जब सुबह उठो तो मुस्कुराते हुए उठो समझ जाना, तुम शिव योगी हो। देखो, मैं तुम्हे बहुत क्वांटिटेटिव मतलब बता रहा हूँ, क्यूंकी क्वालिटेटिव में तुम्हें कुछ भी बोल दूँ, तुम अनुभवी नहीं कर पाओगे। दूसरी चीज जिसकी मैं तुमसे प्रार्थना करता हूँ और तुम्हारे लिए प्रार्थना करता हूँ की तुम भी अनुभव करो अपने जीवन में, क्या हर हाल में कि तुम बिना वस्तु, बिना पदार्थ कोने में बैठ के मुस्कुराना जान। लो, समझू और खुशी केवल आएगी सच्चाई से समस्या कहाँ होती है। जब मैं नौजवान से बात करता हूँ, वो खुशी हमेशा प्रोकस्टिनेट कर देता है कि भैया मेरी खुशी आएगी, अगर मेरी नौकरी लगेगी, भैया मेरी खुशी आएगी, अगर तुम भगवान दिखा दोगे, भैया मेरी खुशी आएगी, जिस दिन में करोड़पति हो जाऊँगा। और मैं उसको देख कर हँसता हूँ। क्योंकि पहले मुझे भी ऐसा लगता था कि जितना पैसा आएगा, उतनी खुशी आएगी, जितनी सफलता आएगी, उतनी खुशी आएगी, और जितना मैंने दुनिया घूमा, जितना मैंने लोगों के साथ काम किया, उतना मुझे समझ आया कि यह इतना बड़ा झूठ है जो हमारे नौजवानों को सिखाया जाता है। जब मैं छोटा था तो मेरे पिता ने मुझे चुटकुला सुना है, ध्यान से सुनना, इस चुटकुले में बहुत सारा ज्ञान छिपा है। उन्होंने कहा कि 1 बार 1 आदमी अपने घर के बाहर कुछ खोज रहा था, उसके मित्र आये पडोसि कहा क्या खोज रहे हो? कहता है मेरी सुई खो गयी, खोज रहा हो। पड़ोसियों ने मदद करनी शुरू कर दी, मित्रों ने मदद करनी शुरू कर दी, कई घंटों बाद सुई मिली नहीं, उन्होंने पूछा भाई कहाँ गिराई थी तुमने अपनी सुई? उसने कहा सुई घर के अन्दर गिराई थी, तो लोगों ने कहा तो घर के बाहर क्यों ढूंढ रहा है? उसने कहा घर के अन्दर अंधकार है, बाहर प्रकाश है। तो मैंने कहा उजाले में ढूंढ लेते हैं, फिर अंधकार में देखी जाएगी। अगर तुमने अपनी सुई घर के अन्दर कोई है तो वो सुई बाहर खोजी नहीं जा सकती। हाँ जी, ना जी, जो खुशी तुमने जीतेजी खोई है, वो जहाँ तुमने कोई तुम्हें उधर ही मेहनत करनी होगी, मॉडन इकोनोमिक्स बहुत अच्छी है, लेकिन मॉडल इकोनोमिक्स हमे केवल 1 ही चीज सिखाती है। और वो है बार्टर सिस्टम वाटर सिस्टम का। मतलब जानते हो कि जब तुम काम करते हो, तुम केवल 1 चीज के लिए काम कर रहे हो, पैसा तुम पैसा अर्जित कर रहे हो, तुम धंदा कर रहे हो, तुम ट्रेडिंग कर रहे हो, तुम जमीन इधर उधर कर रहे हो, तुम जॉब कर रहे हो, तुम प्रोफेशनल हो, तुम केवल 1 ही चीज के काम कर रहे हो। पैसा फिर उस पैसे का तुम इस्तेमाल करते हो वाटर करने के लिए। फिर अगर तुम्हें खाना खरीदना है, तुम पैसे से जाके खाना खरीदते हो, कपड़े खरीदने पैसे से जाके खरीदते हो। तुम्हारा काम तुम्हें पैसा दिलाता है, और तुम्हारा पैसा तुम्हें वस्तुएं दिलाता है। बाटर सिस्टम समस्या कहाँ पर पड़ी जब लोगों ने समझना शुरू कर दिया की अब ये पैसा हमें कुछ भी दिला सकता है, यह पैसा हमें कुछ भी दिला सकता है, तुम नौकरी करके पैसा कमाते हो, पैसों से वस्तुएं खरीदते हो, लेकिन तुम उस पैसों से खूबियाँ नहीं खरीद सकते। जिस प्रकार से मेहनत कर पैसा कमाया जाता है, उसी प्रकार से मेहनत कर खूबी भी कमाई जाती है। लेकिन अगर सुई ढूंढनी है तो घर में ढूंढनी होगी बाहर नहीं ढूंढी जा सकती। उसी प्रकार से अगर खुबिया तुम्हें अपने जीवन में लेकर आने, सुख तुम्हें अपने जीवन में लेकर के आने। तो जिस प्रकार से तुमने ऑफिस में मेहनत कर पैसा कमाया उस प्रकार से तुम्हे अपने घर में मेहनत कर प्रेम भी कमाना होगा, प्रेम खुद 1 करंसी, स्प्रिचुएलिटी खुद 1 करंसी है। जैसे ऑफिस में तुम मेहनत करते हो, पैसा कमाने की वैसे तुम्हें मेहनत करनी होगी, अपने घर में, सुख कमाने की तुम्हें अपने मंदिर में, साधना के दौरान मेहनत करनी होगी, स्प्रिचुएलिटी कमाने की तुम्हे अपने शरीर के ऊपर मेहनत करनी होगी, स्वास्थ्य कमाने की तुम पैसों से हस्पताल में कमरा खरीद सकते हो, लेकिन स्वास्थ नहीं खरीद सकते। समस्या आती ही तब हैं जब हमें लगता है पैसों से सब खरीद लेंगे।










