Ishan Shivanand argues that a strong mind is what separates people who turn ideas into reality from those who don't. He teaches two practices from his guru: visualization, which means perceiving the energy around us, and unification, a deep connection with the universe that reveals how things work.
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कभी तुम देखना मार्शल आर्ट्स को, किसी भी मार्शल ट्स को, अगर तुम सीखते हो, चाहे कलरी हो या कराटे, वो ही सिखायेंगे कि तुम्हें अपने 2 हाथ और 2 पैर से क्या करना है, ऐसा नहीं है कि तीसरा हाथ होगा तो शायद ज्यादा बढ़िया कर लोगे वही 2 हाथ, 2 पैर आना चाहिए कि किस प्रकार से इस्तेमाल करना और वही वही दिमाग है। हमें आना चाहिए विचार सबको आते। लेकिन बहुत कम लोगों के विचार साइंस में परिवर्तित होते हैं, विज्ञान में परिवर्तित होते हैं। बहुत कम लोगों के विचार 1 आविष्कार में परिवर्तित होते हैं। और ऐसा क्यों होता है? उन लोगों का मन कमजोर है। विचार आते है, लेकिन वो विचार को पकड़ नहीं पाते। और जो व्यक्ति सफल है, जागरत है उसमें और असफल में क्या फर्क है? जो व्यक्ति सफल है, उसके भीतर भी। 1 विचार आता है, इमेजिनेशन आता, उसको पकड़ लेता है। और दुनिया कहती है, ये बहुत पैशनेट है अपने विचार के बारे में और पैशन का मतलब क्या है? 1 विचार आया और तुमने उसको कस के पकड़ लिया, बस फिर उसी को पकड़ के बैठे संत भी तो यही करता है। अपने भगवान के साथ स्पोर्ट्समैन यही करता है। अपने विचार आया, उसको पकड़ लिया। और अगर मन शक्तिशाली नहीं होगा तो पकड़ ही नहीं पाएगा। जैसे मास्पेशिया है न, अगर शक्तिशाली है ही नहीं। मैं तुम्हे पहाड़ के ऊपर ले जा के बोलो ये लो सोना ले जाओ, नीचे तुम आधे रास्ते, गिर जाओगे। क्यों? क्योंकि सोना भारी है, उठाना मुश्किल है। शरीर को ताकत होगी, तो सोना ले आओगे, मन में ताकत होगी, विचार को पकड़े रहोगे, अगर पकड़े रहोगे, तो विचार तुम्हें सफलता की ओर लेकर जाएगा। और अब मैं तुम्हें सिखाना चाहता हूँ कि किस प्रकार से तुम अपने मन को ताकत। 2 और इसलिए जो आपको सिखाना चाहता हूँ, वही प्रक्रिया है जो मेरे गुरु ने मुझे सिखाने की, उस प्रक्रिया को कहते हैं। विज्वलाइजेशन विज्वलाइजेशन का मतलब है ऊर्जा को समझना, तुम्हारे आसपास जो ब्रह्मांड है, उसको समझना फिर आती है। यूनिफिकेशन यूनिफिकेशन का मतलब, जो ब्रह्मांड तुम्हारे आस पास है, ठीक है। तुम ने उसको देख लिया, समझ लिया। अब गहराइयों से, बारीकी से, उसके साथ जुडो। ताकि तुम्हे ज्ञान हो जाए की पदार्थ का निर्माण कैसे होता है? जो कोई भी घटना घटित हो रही है, उसके पीछे विचार क्या है? उस विचार के पीछे ऊर्जा क्या है? जो वृक्ष दिख रहा है, उस वृक्ष के पीछे बीच क्या है? उस बीच के पीछे का विज्ञान क्या है? क्योंकि 1 तो है देखना और फिर है जानना।