In this Hindi monologue, Haritosh introduces himself and thanks viewers for joining. He reflects on the significance of Hindi Day (14 September 2020) by sharing his personal journey: he studied up to intermediate in a Hindi‑medium UP board school and later pursued engineering in English‑medium institutions. He recounts feeling the stigma that Hindi‑medium students are perceived as less capable, a bias he observes still prevalent in India. Comparing this to countries like Japan, China, and Korea, where people take pride in their native languages, he argues that Indians should similarly embrace Hindi while also mastering English, which he notes is the global lingua franca. He shares experiences from the United States where people appreciate his effort to learn English but also remind him it isn’t his first language. Haritosh calls for a mindset shift to stop equating Hindi with lower competence and urges viewers to speak Hindi confidently. He announces a commitment to produce at least one Hindi or bilingual video each month for the next year, including book reviews, to reach a wider audience. The talk concludes with a wish for viewers to stay safe during the COVID‑19 pandemic.
Chapters
हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम है हरतोष। आज मैं हिंदी दिवस पर आपसे कुछ बातें करना चाहता हूँ। सो अगर आप अभी ज्वाइन कर रहे हैं या फिर आप ये वीडियो बाद में देखेंगे। आपका बहुत बहुत धन्यवाद ज्वाइन करने के लिए। इस वीडियो के माध्यम से मैं 1 छोटा सा अनाउंसमेंट भी करना चाहता हूँ। सो हिंदी दिवस 14 सितम्बर 2020 क्यों इम्पोर्टेंट है यह हम सबके लिए और मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस क्या रहा है। सो पहले मैं अपना थोड़ा बैग्राउंड बता देता हूँ। इंटरमीडियट तक की पढ़ाई मैंने की थी हिंदी मीडियम यूपी बोर्ड से एंड। उसके बाद मैंने चीनिंग किया था एंड। उस टाइम पे। मुझे पहली बार फील कराया गया कि आप हिंदी मीडियम से हो तो आप शायद थोड़े कम हो गए। थोड़े से। ऐसा किसी ने एक्सप्रेसट ली। इसे कहते हैं ने प्रत्यक्ष रूप से नहीं कहा कि नहीं आप हिंदी मीडियम के हो, आपको आता नहीं है, बट आप फील कर सकते हो। लोगों के हावभाव से। अच्छा यूपी बोर्ड से हो, अच्छा हिंदी मीडियम से हो। इंजीनियरिंग के दौरान भी काफी अच्छा रहा था। मेरा प्रदर्शन मेरे बहुत सारे साथी जो यूपी बोर्ड से थे, हिंदी मीडियम से थे, उनका भी प्रदर्शन अच्छा रहा था। बट ये 1 भाव कि आप हिंदी मीडियम से हो तो आप शायद थोड़ा सा कम है। इंग्लिश मीडियम वालों से। ये हमेशा से रहा। और यह चीज बहुत ही गलत है। यह मैं इसलिए बोल रहा हूँ क्योंकि मैं कई कंट्रियों में रह चुका हूं। अभी दिस इज माई थर्ड आउटसाइड इंडिया विजिट एन 1 चीज जो मैंने फील किया कि जो जैपनीज होते हैं, जो चाइनीज होते हैं, जो कोरियन्स होते है, वो अपनी भाषा को लेकर इतना गर्व महसूस करते हैं। यह सो प्राउड ऑफ देयर लैंग्वेज कोरियन चाइनीज। जैपनीज बट हम इंडियंस स्पेशली जिनकी पहली लैंग्वेज हिंदी है उनको कई बार ये बोलने में थोड़ी सी झिझक लगती है। तो ई थिंक हमें इसे थोड़ा सा आगे बढ़ना चाहिए, हमें सीखना चाहिए और कंट्रियों से वो कैसे आगे हैं, क्या क्या चीजें कर रही हैं। और अंत में जैसे हिंदी 1 भाषा है वैसे इंग्लिश भी 1 भाषा ही है। इंग्लिश इज आलसो लैंग्वेज एंड एम नौट अगेंस्ट इंग्लिश, फर्स्ट फॉर्म इंग्लिश इज न इंटरनेशनल लैंग्वेज एंड मेरी। आजकल नाइंटी परसेंट जो बातचीत होती है वो इंग्लिश में ही होती है। तो वी मस्ट लर्न इंग्लिश हमें इंग्लिश आनी चाहिए बट हिंदी को भूल कर नहीं, अपनी मातृ भाषा को भूल जाओगे। आप। तो फिर यू डोंट हैव दैट नी राई आपकी बुनियाद खत्म हो जाएगी। 1 और एक्सपीरियंस रहा है जब मैं स्पेशली यूएस में था पीपल यूज टू से थैंक यू फॉर लर्निंग एंड नोइंग इंग्लिश। दिस मच यानि कि आपको अंग्रेजी इतनी अच्छी आती है। इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। मुझे बहुत अजीब सा लगता था एंड आई सम टाइम। आज दम वाई आर यू थैंकिंग में क्यों मुझे बार बार शुक्रिया बोलना है एंड। उनके लिए होता था कि दिस इज नॉट योर फर्स्ट लैंग्वेज। यह आपकी पहली लैंग्वेज नहीं है, आपकी पहली भाषा नहीं है, फिर भी आपने इतनी मेहनत की। इसके लिए धन्यवाद। और अगर आप भारत की बात करें ये 2 हालांकि मैं भारत के बाहर हूँ लेकिन फिर भी मैं हूं तो भारतीय। तो मैंने बहुत बार देखा है कि अगर आप हिंदी में बात कर रहे हैं तो लोगों को लगता है कि आपको कम आता है। तो ये माइंडसेट जो है हमारा ये सोच उसको बदलने की जरुरत है। तो ये मेरा छोटा सा संदेश था आज के लिए कि आइए हिंदी में भी बात करें, हिंदी को भी बढाए एंड इंग्लिश को भी लाम करें लेट्स। लर्न इंग्लिश और हिंदी भी सीखे सो। मैंने जय से बोला था। 1 छोटा सा अनाउंसमेंट भी है। मैं पिछले 6 महीने से यूट्यूब वीडियोज बना रहा हूँ। एंड मेरे नाइंटी फाइव परसेंट वीडियोज जो हैं अभी इंग्लिश में ही है। सो अभी आम गोइंग तो अनाउंस फ्रॉम नाव ऑन मैं हर महीने कोशिश करूँगा कि 1 वीडियो हिंदी ऑबलिक या हिंदी या इंग्लिश में बनाऊं ताकि वो ज्यादा लोगों की मदद कर सके। मैं कोशिश करूँगा कि मैं थोड़ी बुक रिव्यूज और करूँ और कुछ कुछ चीजें हिंदी में करूँ। अभी इतने साल हो गए है कि थोड़ा हिंदी लगातार बोले में सीखना पड़ता है, हिचकी जात होती है लेकिन मैं कोशिश करूंगा और हर महीने अगले 1 साल तक हर महीने 1 वीडियो कम से कम हिंदी या इंग्लिश में बनाऊंगा। सो। इतना ही मुझे कहना था आई होप कि आप लोग अपना अच्छे से ध्यान रख रहे हैं, प्लीज वी सेंसेटिव, तो कोरोना अपना ध्यान रखिये। एंड फिर करते हैं बातें धन्यवाद।