In this Hindi‑language video, Haritosh Srivastav reviews Gaur Gopal Das’s motivational book The Way of the Monk. The 195‑page book is presented as a series of analogies and stories that illustrate how to achieve greater peace, purpose and happiness. Haritosh structures the review around four “aspects” of life that must be balanced, likening them to the four wheels of a car. For each aspect he outlines four practical principles that the author shares: 1. Personal (Individual) Aspect – Grow through gratitude, pause for reflection, adopt a “why‑worry” mindset (illustrated with the WhatsApp founders story), and practice regular spiritual rituals such as meditation and mantra chanting. 2. Relationships Aspect – Communicate sensitively, adopt a balanced judgment style (focus on positives, neutralize negatives), correct others courteously at the right time with the right motive, and practice forgiveness while also recognizing when societal justice is required. 3. Work‑Life Aspect – Engage in healthy self‑competition, manage workplace politics, pursue self‑discovery (using a Japanese concept of purpose), integrate spirituality without compromising ambition, and develop an integrated character built on thought, conduct and propagation. 4. Social Contribution Aspect – Move from self‑indulgent “ice‑cream” behavior to self‑less “candle” service, nurture self‑less attitudes first within family, then expand to community and nation, and finally add a spiritual element to service to experience joy and fulfillment. Haritosh intersperses each point with anecdotes (e.g., the traffic jam with Hari Prasad, the bucket‑kick story, the WhatsApp founders, a monk’s dialogue) to illustrate the concepts. He concludes by encouraging viewers to reflect on which aspect resonated most, to like, share and subscribe. The video therefore conveys the book’s core framework (four life aspects, each with four actionable habits), the underlying philosophy of balanced growth, and concrete examples that make the teachings relatable.
Chapters
लाइफ में आपको शांति 1 उद्देश्य और 1 हैप्पिनेस कैसे मिल सकती है। हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम है हरि तोश और आज मैं लेकर आया हूँ book review ऑफ द वे ऑफ the मंक वे ऑफ द मंक लिखी गई है कॉल गोपाल दास के द्वारा गोपाल दास 1 फेमस मोटिवेशनल कोच एंड बंक है ये 1 हंड्रेड एंड नाइंटी फाइव पेजेस की बुक है जो की फुल ऑफ एनोलोजी और स्टोरीज हैं और ये आप को बताती है की आप अपने जीवन में कैसे और ज्यादा अचीव कर सकते हैं कैसे आपके जीवन में और ज्यादा हैप्पीनेस आ सकती है कैसे आपके जीवन में शांति आ सक ये पूरी बुक 1 अनालॉजी है 1 उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे की 1 कार में 4 पहिए होते हैं वैसे ही हमारी लाइफ में 4 ऑस्पेक्स होते हैं जिनको हमें बैलेंस करना होता है तो गेन हैप्पिनेस एड जॉय ये स्टोरी है हरी प्रसाद आयर की जिन्होंने गौर गोपाल दास को अपने घर पर लंच के लिए बुलाया था और अब वो गौर गोपाल दास को उनके आश्रम अपने कार में ड्रॉप करने जा रहे हैं और वो 1 ट्रैफिक जाम में फंस गए हैं और ये पूरी बुक उस कॉन्वरसेशन से रिलेटेड है वो जो बातचीत होती है हरी प्रसाद एयर और गोपाल दास के बीच में जिसमें गौर गोपाल दास 4 आस्पेक्ट बताते हैं ये पूरी बुक उसके अराउंड है उसके आस पास है तो जो पहला आस्पेक्ट है वो है पर्सनल आपका व्यक्तिगत और इस व्यक्तिगत स्पेस में आप ये जो व्यक्तिगत आस्पेक्ट है उसमें आप कैसे ग्रो करे उसके लिए उन्होंने 4 चीजें बताई हैं पहली है ग्रोइन थ्रू ग्रैटिट्यूड कैसे आप क्रेडिट्यूटआपक्रेट फुल हैं उसको आप कैसे इम्प्लीमेंट कर सकते हैं आप कैसे किसी भी सिचुएशन में पॉजिटिव रह करके कितनी भी डिफिकल्ट सिचुएशन हो अगर आप इसमें कोई भी 1 पॉजिटिव निकाल ले तो उससे आपको 1 लाइफ में एनर्जी मिलती है ताकि आप आगे बढ़ सके। जो दूसरी बात है वो है इसमें प्रेसिंग पास 1 जो हमें थोड़ा रुकने की जरुरत होती है थोड़ा ठहराव की जरुरत होती है कि हम थोड़ा रुके, थोड़ा सोचें कि हमने क्या क्या पाया है जिंदगी में क्या क्या हमें मिला है, क्या क्या हमने अचीव किया है और हम इन चीजों के लिए ग्रेटफुल है उससे हमारी लाइफ स्पेशली जो व्यक्तिगत यानी पर्सनल लाइफ है वो बेटर होती है थर्ड जो है जो कि मेरा फेवरेट है वो है वाई वरी और ये बताते हैं स्टोरी ऑफ व्हाट्सएप फाउंडर्स जो कि जिनको ट्विटर ने रिजेक्ट कर दिया था कुछ दिन बाद फेसबुक ने डट कर लिया था और वो फिर भी लगे हुए थे और आज सबको पता है कि हम व्हाट्सऐप के बिना नहीं रह सकते हैं हमारी लाइफ में व्हाट्सप्प की कितनी अहमियत हो गई है तो उन्होंने 1 बेहतरीन डायग्राम दिखाया था जो कि वाई वरी अगर आप कुछ कर सकते हैं यू डोंट नीड टू वरी अगर आप कुछ नहीं कर सकते हैं तो भी आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है जो चौथी चीज उन्होंने बताई थी वो थी अबाउट स रिचुअल प्रैक्टिस कैसे जैसे कहते हैं आत्मा से परमात्मा का मिलन। हम सबके तरीके अलग अलग हैं और उन्होंने किसी भी तरीके को फोर्स नहीं किया। बट उन्होंने बताया है कि हमें बहुत जरूरी है कि हम मेडिटेट करें, हम कुछ ऐसा करें जिससे वो जो स्पिरिचुअल है वो जो एनर्जी है उससे कनेक्ट कर सके। वो अपनी अपनी बात बताते हैं कि वो मंत्रा में टेस्ट यानी की मंत्र जाप करते हैं जो कि उनको लगता है 1 प्लेन की तरह 1 जहाज की तरह आपको 1 जगह से उठाता है और फिर आपको 1 दूसरी जगह ले जाता है। तो ये 4 चीजें उन्होंने बताई थी जो हमारा पहला आस्पेक्ट है पर्सनल आस्पेक्ट यानी जो व्यक्तिगत पहलू है उसके बारे में बात करते हैं। दूसरे पहलों की जो है रिलेशनशिप्स कैसे आप दूसरों से अपने रिलेशनशिप बेटर कर सकते हैं। तो उसमें उन्होंने अगेन 4 बातें बताई हैं पहली चीज है स्पीकिंग सेंसिटिव ली। उन्होंने बोला कि आपको जब भी कुछ बोलो आप तो सेंसिटिव तरीके से बोलो बोध वित हो वर्ड्स और अपने एक्शन से बहुत ही 1 बेहतरीन स्टोरी। उन्होंने बताई कि 1 बार वो कपड़े धोने के लिए बकेट को उन्होंने पैर से क्लिक कर दिया था एंड 1 जो बड़े सीनियर वंग थे वो आए और उन्होंने उनको बताया कि जो आप इन एनिमेट ऑब्जेक्ट या निर्जीव चीजों के साथ करते हैं वही चीजें धीरे धीरे आप बाकी लोगों के साथ भी करने लगते हैं तो ईवेंट विद इन निमेट ऑब्जेक्ट जो निर्जीव चीजें उनके साथ भी आपको सेंसिटिव ली पेश आना चाहिए। दूसरा उन्होंने बताया अब वर्चुअल विजन। उन्होंने बताया कि हम कैसे लोगों को जज करते है। उन्होंने बताया कि कुछ 5 तरीके होते है जिससे आप लोगों को जज करते हैं। पहला होता है कि हम लोगों में सिर्फ बुरा देखते हैं और उसको मैगनिफाई करते है उसको कुछ बुरा देखते हैं लोगों में और उसको खूब बढ़ा देते हैं। दूसरा हम लोगों में दोनों अच्छा और बुरा देखते हैं, अच्छा देखते हैं बट उसको निगलेट कर देते हैं। हम सिर्फ बुरे पर फोकस करते है। तीसरा होता है की हम नेक्ट होता है की हम दोनो देखते हैं और दोनो निग्लेट कर देते हैं। चौथा होता है कि हम बुरा चौथा होगा कि हम बुरे को निबलेट कर दे और जो अच्छा है उस पर फोकस करे, उस पर ध्यान दें और लास्ट होता है कि हम सिर्फ अच्छा देखे और उसको मैग्नीफाई करे। गौर गोपाल दास कहते हैं कि अगर हमें अपने रिलेशनशिप को इम्प्रूव करना है तो हमें चौथी चीज करना चाहिए जो इसमें हम अच्छा और बुरा दोनों देखें। किसी का बट बुरे को नजरअंदाज करे, नेगलेट करके अच्छे से फोकस करें जो थर्ड चीज वो बताते हैं रिलेशनशिप में वो है करेक्टिंग कॉर्सियसली। बहुत बार हम लोग गुस्से में लोगों को जवाब दे देते हैं। लोग कहते हैं तुमने यह ऐसे नहीं किया, तुमने वो वैसे नहीं किया। तो वो भी वो 1 स्टोरी बताते हैं जब नेपाल में थे और उनकी अ अपने सीनियर मांग से थोड़ा सा गुस्सा हो गए थे। वो तो उन्होंने भी यही बताया की अगर हम किसी को करेक्ट कर रहे हैं किसी में हम बोल रहे है कि उनको सुधाव करना चाहिए तो हमें ये 4 चीजें ध्यान देनी चाहिए कि क्या हम सही इंसान है आई द राइट पर्सन तो करेक्ट हम सही इंसान है जो उनको करेक्ट कर रहे हैं दूसरा हमारा मोटिव सही है डू आई हैव द राइट मोटे हमारा उद्देश्य सही है हम सिर्फ पर्सनल खुन्नस निकालने के लिए तो नहीं कर रहे हैं। तीसरा है डू आई नो द राइट ट्रेड मुझे सही तरीका पता है ये सही तरीका है उनको कनेक्ट करने का, उनको बताने का और चौथा और सबसे इम्पोर्टेंट है इस इट द राइट टाइम क्या ये सही समय है सही वक्त है उनको करेक्ट करने का या फिर हम उसको दूसरे टाइम पर कर सकते हैं जो चौथी बात बताते हैं रिलेशनशिप को ग्रो करने के लिए वो है फर्गिवनेस किसी को कैसे माफी करना और वो बोलते हैं कि ये बहुत ही डीप और अपसकोरवैल्ुहै बहुत ही गहरी चीज है जो कि हमें सीखनी चाहिए और उसपर फोकस करना चाहिए और उसमें वो कहते है कि हमेशा जब हम कोई बुरा करता है तो हमें यू हैव टू लुक बियोंड सिचुएशन वो जो उस टाइम पे 1 घटना है या कुछ है उससे परे देखना चाहिए और हमें वी शुड सेपरेट एपिसोड फ्रॉम द पर्पज जो भी घटना हुई है उसको किसी किसी पर्सन से नहीं जोड़ना चाहिए घटना अलग पर्सन अलग होना चाहिए और हमें वी शुड नीड टू लुक एट द हाइयर पर्पज उसका बड़ा उद्देश्य क्या है उसपर बड़ी चीजों पर ध्यान देना चाहिए उसके साथ ही वो लास्ट में बोलते हैं वी शुड आलसो मेक शोर दिस जस्टिस हमें न्याय करना चाहिए तो वो बताते हैं कि पर्सनल लेवल पर आप लोगों को कई बार माफ कर सकते हैं बट अगर कुछ सोसाइटी के लेवल पर समाज के लेवल पर है जैसे की निर्भया का कांड हुआ था उस केस में चूंकि वो पूरे समाज को असर करता है, पूरे देश को असर करता है उस समय हमें न्याय करना चाहिए उस समय न्याय होना चाहिए उस समय पर अगर हम माफ़ करेंगे तो हम गलत कर रहे हैं तो ये 4 चीजें थी जो उन्होंने रिलेशनशिप को इम्प्रूव करने के लिए बताई थी की हम कैसे सेंसिटिव ली बातें करे कैसे हम लोगों में लोगों की अच्छाइयों पर फोकस करें बुराइयों को नजरअंदाज करें लोगों को हम सही समय अगर हम सही इन्सान है हमारा मोटिव सही है हम सही तरीके से कर सकते है और अगर यह सही टाइम है तभी हम लोगों को करेक्ट करें सही करें और लोगों को हम इन जनरल अगर हो सके तो फर्गिवकरदेमाफ़ कर दे जब हमारा ये खायर परपज हो जब हमारा सोसाइटी लेवल पर न्याय जरूरी है कम करें और अब बात करते हैं वर्क लाइफ की आप वर्क लाइफ में कैसे और हैपीनेस और जॉय ला सकते है कैसे आप अपने पर्पज अचीव कर सकते हैं तो उसमें भी अगेन उन्होंने 4 बातें बताई पहली चीज है कॉम्पिटिशन क्रॉस रोल हम सबको बताए कि हमारे वर्क लाइफ में कॉम्पिटिशन होता है बट उन्होंने बताया कि हमेशा कॉम्पिटिशन जो होना चाहिए वो हेल्दी कॉम्पिटिशन होना चाहिए हमेशा, हमारा कॉम्पेटिशन होना चाहिए अपने साथ न कि दूसरों के साथ। हम देखें कि हम कैसे रोज अपने आप से बेटर हो सकते हैं, क्या नया कर सकते हैं, क्या, चीजें सीख सकते हैं क्या और अपने आप को क्या कर सकते हैं की हम बेटर हो जाए। और दूसरा होता है की उन्होंने बोला की पॉलिटिक्स यानी राजनीति हर जगह है, हमें राजनीति में घुसने की जरूरत नहीं है बट हमें उसको मैनेज करने की जरुरत है वी नीड टू लर्न टू मैनेज पॉलिटिक्स। जो दूसरी बात उन्होंने की है वो है सेल्फ डिस्कवरी। जैसा कि आप देख रहे हैं कि ये की गई का कॉन्सेप्ट। उन्होंने बताया की गई 1 जैपनीज कॉन्सेप्ट है जो कि बताता है कि हाउ डू यू फाइंड द पर्पज ऑफ लाइफ एंड दीज आर द फोर डिफ्रेंट आस्प्रेटएंड जब आपको पता चल जाता है कि ये की गई क्या है तो आपको अपने आप को डिस्कवर करने में आसानी होती है और उससे आपको अपना पर्पज पता चल जाता है। जो तीसरी चीज उन्होंने बताई है वो बताई है रिकॉर्डिंग स्पिरिचुएलिटी एट। वर्क लोगों को बहुत सारे मिसकंसेप्शन है कि अगर आप स्पीरिचुअल है तो आप सक्सेस फुल नहीं हो सकता है। उन्होंने बताया कि बेसिकली 3 तरीके की मिसकंसेप्शन है पहला है कि जो अगर आपको स्पीरिचुअल है तो उसके अंदर कोई एंबिशन नहीं हो सकता है। उसके अंदर वो अचीव करने का वो जज्बा नहीं होता की हमें बहुत कुछ करना है वह ज्यादा करना है। यह बिल्कुल गलत है। दूसरा है कि जो स्पीरिचुअल पीपल है वो उनको बिजनेस में लोग आगे बढ़ जाते हैं। उनको पीछे छोड़ के तो ये भी बिल्कुल नहीं है। उन्होंने बहुत ही बेहतरीन कहानी बताइए 1 संत और स्नेह की कैसे संत ने बोला साब को कि तुम लोगों को मत डसो फिर लोगों ने उसको मारना परेशान करना शुरू कर दिया पर संद ने कहा कि मैंने तुमको सिर्फ ये बोला था कि तुम लोगों को डस नहीं, मैंने यह नहीं कहा था कि तुम लोगों को फंड कर के डराओ नहीं ताकि तुम अपना खुद का डिफेंस कर सको तो स्पीरिचवएलिटीभी वैसी है आपको अपना काम करना है और स्पीरिचवएलिटी कभी यह नहीं करने देती की बिजनेस में आ आपको लोग छोड़ कर आगे निकल जाए। और तीसरा उन्होंने बोला है कि पैसा बनाओ मेक मनी एंड यूज इट टू सर्व है पैसे आप बनाओ, पैसे अर्न करो और उसका यूज करो ताकि आप लोगों की सेवा कर सको न कि सिर्फ अपना। तो ऑबवियसली आपको अपना जीवन यापन करना है उसके साथ अगर उसका कुछ पोर्शन आप जो है लोगों की सेवा में लगा सकते हो तो बिल्कुल करो जो चौथी चीज उन्होंने बताई है वो है इंटीग्रेटिड कैरेक्टर। उन्होंने बताया कि 1 जो अच्छा कैरेक्टर होता है उससे न सिर्फ आपका बल्कि बहुत सारे लोगों का जीवन बदल सकता है और उन्होंने बताया कि 1 कैरेक्टर यानी जो 1 चरित्र है उसके लिए 3 चीजें होती हैं विचार यानि की आपकी लाइफ की फिलोसॉफी के हैं आचार बेसिकली आप उस फिलोसॉफी को लेकर के आप कैसे एक्शन लेते हैं आप क्या करते हैं और थर्ड चीज हैं प्रचार यानि की आप वो जो एक्शन है उसको आप कैसे लोगों को दिखाते हैं तो विचार आचार न प्रचार ये चीजें हैं जो आपके इंटिग्रेटिंग और कैरेक्टर को बढाती है तो ये उन्होंने 4 चीजें बताई हैं वर्क लाइफ से रिलेटेड बहुत ही बेहतरीन और आई होप आपको भी अच्छा लगा है जो चौथा आस्पेक्ट उन्होंने बताया वो है सोशल कॉन्ट्रीब्यूशन का सामाजिक, सामाजिक योगदान हम कैसे कर सकते हैं अगेन इसमें भी उन्होंने 4 चीजें बताएंगे पहला है सेल्फ्लेस सैक्रिफाइस यानि कि स्वार्थ भाव से कैसे हम त्याग कर सकते हैं उन्होंने बहुत ही अच्छा एग्जाम्पल दिया है जो आप देख रहे हैं आइस्क्रीम और कैंडल का यानी आईस्क्रीम और मोमबत्ती का दोनों ही पिघलती है बट जो आईस्क्रीम होती है उसका ये होता है कि आप उसको सिर्फ इंजॉय करते हैं वो सिर्फ इंजॉय करती है बिफोर वो पिघल जाए जबकि जो कैंडल होती है, जो मोमबती होती है उसका काम होता है कि वो दूसरों के दूसरों को लाइट दे, सके दूसरों को उजाला दे, सके दूसरों को उनका रास्ता बता सके बिफोर वो मेल हो जाए तो उन्होंने बोला कि सर्विस के थ्रू यानि कि सेवा के थ्रू वो आईस्क्रीम से कैंडल की तरफ हम मूव कर सकते हैं सेकेंड उन्होंने बताया सोशल कंट्रीब्यूशन जो स्टार्ट होता है वो होता है फैमिली से तो हमें अपनी फैमिली में सेल्फलेसनेस यानी निस्वार्थ भाव लाने की जरुरत है हम अपनी फैमिली के लिए जो भी कर हे हैं वो भी निस्वार्थ भाव से करे और उसी से उन्होंने फिर तीसरा प्वाइंट लिक किया है वो है नेशन नेरेटिव जहाँ पर हम अपना जो ये निस्वार्थ भाव का जो सर्कल है, निस्वार्थ भाव का जो पूरा घेरा है उसको बढाएं और उसको हम अपने कम्युनिटी, अपने समाज, अपने देश के लिए करे और उन्होंने जैसे की हमारे इतने सारे सैनिक भाई करते हैं, अपने देश की सेवा लगे रहते हैं तो उस टाइप की हम चीजें कर सकते हैं और लास्ट और आखिरी चीज उन्होंने बताई है वो है कि जब हम सर्विस करते हैं यानी सेवा करते हैं उन्होंने बताया कि सर्विस को हिंदी में सेवा कहते हैं उन्होंने लिखा है बुक में स्पेस तो जो सेवा होता है उसमें जो हम अपना स्प्रिचुअल एलिमेंट जोड़ देते हैं तो उससे हमें मिलता है जॉय और फुल फिलमेंट तो ये 4 आस्पेट उन्होंने लाइफ के बताए थे पर्सनल रिलेशनशिप वर्क लाइफ और सोशल कॉन्ट्रीब्यूशन आई होप आपको यह अच्छा लगा हो और प्लीज कमेंट में लिखें कि आपको कौन सा आसपा जिससे जो आपको सबसे ज्यादा अच्छा लगा आपकी लर्निंग क्या थी प्लीज इस वीडियो को लाइक और शेयर करें और अगर आपने अभी तक नहीं किया है तो प्लीज मेरे चैनल को सब्सक्राइब करें थैंक यू सो मच।