This is a YouTube video titled "Creeper Gear and Banana Mulching Rotary Tiller | Tractor and Tarun | Hindi Ep 44" published in September 2024. The content is a Hindi-language informational episode focused on agricultural technology, specifically discussing the use of creeper gear in tractors for ultra-low speed operations and the benefits of banana mulching rotary tillers in farming. The episode aims to educate farmers on modern techniques to improve productivity and soil quality.
नमस्कार। दोस्तों, 1 बार फिर से आप सब का स्वागत है ट्रेक्टर और तरुण की श्रृंखला के आज के इस नए एपिसोड में जहाँ हमेशा हमारा ये प्रयास होता है की आपको खेती और टेक्नोलॉजी से जुडी हुई ऐसी जानकारी दे जिससे आप अपनी खेती बाड़ी के काम को नए और आधुनिक तरीके से कर सके और अपनी खेती की उत्पादकता को भी बढ़ा सके। दोस्तों पिछले एपिसोड में हम सबने देखा कि कैसे हाई स्पीड का प्लांटिंग एप्लीकेशन में इस्तेमाल करके आप अपनी प्लांटिंग में प्रोडक्टिविटी को बढ़ा सकते हैं। वैसे ही कुछ एप्लीकेशन ऐसी होती है जहाँ पर हाई स्पीड की नहीं बल्कि अल्ट्रा लो स्पीड की जरुरत होती है मतलब कम से कम स्पीड की। तो जी हां दोस्तों आज हम लोग बात करने वाले हैं ऐसे ही 1 फीचर की जिसका नाम है क्रीपर गेयर जो आपको देता है अल्ट्रा लो स्पीड और इस अल्ट्रा लो स्पीड का बनाना मल्चिंग रोटरी टिलर के साथ में इस्तेमाल करके आपको कैसे फायदा हो सकता है हम लोग इसके बारे में भी जानेंगे। आजकल पूरी दुनिया में बनानाज यानि की केलों की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए यह फसल बहुत ही इम्पोटेंट होती जा रही है। वैसे तो ये फसल बहुत लो मेंटेनेंस और हाई ईल्ड देने वाली होती है लेकिन इसकी असली समस्या शुरू होती है बनानाज की। हार्वेस्टिंग के बाद में जब बनाना स्टंप्स यानी की अवशेष खेतों में रह जाते हैं उन स्टेम्प्स को निकालना जितना जरूरी होता है उतना ही मुश्किल भी होता है। इस समस्या के समाधान के लिए बनाना स्पेशिलिटी एप्लीकेशन रोटरी टिलर यूज किया जाता है जो कि नॉर्मल रोटरी टिलर से अलग होता है और जो सिर्फ इसी एप्लीकेशन में यूज होता है। ये रोटरी टिलर बनाना के स्टैम्प्स को मिट्टी में मिक्स करने के लिए मदद करता है जिससे मिट्टी की गुणवत्ता भी बढ़ती है। इस रोटरी टिलर के उपयोग से बनाना के पत्ते भी बारीक होकर मिट्टी में मिक्स हो जाते हैं जिससे मिट्टी की नमी बरकरार रहती है और वो अगली फसल को भी पोषण देते है। तो दोस्तों अब इस मल्चिंग ऑपरेशन को करने के लिए हमें जरूरत होती है 1 ऐसे ट्रेक्टर की जो हमें दे कम से कम स्पीड यानि की अल्ट्रा लो स्पीड का ऑप्शन। ये अल्ट्रा लो स्पीड के लिए चुने जाते हैं क्रीपर स्पीड ट्रैक्टर्स जो हमें देते हैं क्रीपर गेयर जिससे हमें मिलती है जीरो प्वाइंट। थ्री से लेकर जीरो प्वाइंट 8 किलोमीटर पर आर की अल्ट्रा लो स्पीड यानि की 1 किलोमीटर प्रति घंटा से भी कम का स्पीड। ये क्रीपर गेयर से मिलने वाली अल्ट्रा लो स्पीड के साथ आप इस मल्चिंग ऑपरेशन को बड़ी आसानी से कर सकते हैं। बस स्पीड ही नहीं इस एप्लीकेशन में ट्रेक्टर की पी टी ओ पॉवर भी बहुत इम्पोर्टेंट होती है जो कि इस एप्लीकेशन में केलों के अवशेष को 1 दम बारीक करने में बहुत फायदेमंद साबित होती है। ऐसे बहुत सारे एप्लीकेशन और भी हैं जहाँ पे कम स्पीड की जरूरत होती है जैसे की वेजिटेबल, प्लांटेशन, ट्रेंच, डिगिंग, मोलासिस, मिक्सिंग या फिर सोलर पैनल्स का क्लीनिंग। इन यूनिक एप्लीकेशन्स में भी क्रीपर स्पीड ट्रैक्टर्स बहुत ही फायदेमं साबित होते हैं। तो दोस्तों आपको जब भी ऐसा एप्लीकेशन करना हो जहाँ पे आपको जरूरत है अल्ट्रा लो स्पीड की तो क्रीपर स्पीड वाले ट्रेक्टर को ही चुने। तो दोस्तों ये था हमारा आज का एपिसोड कैसा लगा आपको इन यूनिक एप्लीकेशन और टेक्नोलॉजीज के बारे में जानकर कमेंट बॉक्स के जरिए हमें जरूर बताइए मिलते हैं ट्रेक्टर और तरुण के 1 नए एपिसोड में, तब तक के लिए धन्यवाद।