Increase Tractor Engine Life | Engine Maintenance | Tractor and Tarun | Telugu (Ep. 33)

Tarun explains three technologies that extend tractor engine life: piston cooling spray jets, engine oil coolers, and dry type air filters. Proper maintenance with these systems can significantly increase how long your engine runs before needing major repairs.
नमस्कार दोस्तों, ट्रैक्टर एंड तरुण के इस एपिसोड में आपका स्वागत है पिछले कई एपिसोड में हम टेक्नोलॉजी के बारे में जानते आये है। इस एपिसोड में हम जानेंगे ऐसी टेक्नोलॉजी के बारे में जो आपके ट्रैक्टर के इंजन की लाइफ को बढ़ाती है। जैसा की हम जानते हैं इंजन ट्रैक्टर का 1 महत्वपूर्ण हिस्सा होता है अगर इंजन दमदार होगा तो आप कई सालों तक बिना रुके काम कर पाएंगे। तो ऐसी कौन सी टेक्नोलॉजी है जिससे की ट्रैक्टर के इंजन की लाइफ बढ़ती है। तो आइये मिलते हैं अपने एक्सपर्ट से और जानते हैं नमस्कार नमस्कार। तो बताइए हमारे किसान भाइयों को उन टेक्नोलॉजीज के बारे में जो ट्रेक्टर के इंजन की लाइफ को बढ़ाता है बिल्कुल.
इंजिन की लाइफ को अगर बढ़ाना है तो सबसे जरूरी है इंजन को सही तापमान पर चलाना। जैसे से ट्रेक्टर चलते जाता है वैसे वैसे इंजन गर्म होने लगता है और इंजन में सबसे ज्यादा गर्म होने वाला अगर कोई पुर्जा है तो वो है पिस्टन। तो इसी पिस्टन को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है पिस्टन कूलिंग स्प्रे जेट टेक्नोलॉजी का। इसके बारे में 1 वीडियो के माध्यम से जानते हैं की ये टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है। पिस्टन कूलिंग स्प्रे जेट इंजन में पिस्टन के नीचे लगी होती है जैसे इंजन चालू होता है पिस्टन कूलिंग स्प्रे जेट लगातार पिस्टन के ऊपर ठंड ऑयल का स्प्रे करता है जिसके कारण पिस्टन गरम नहीं होता यानि उसकी गिसावट कम होती है और उसकी लाइफ भी बढ़ती है। जैसे की आप जानते है जैसे इंजन गर्म होता है उसके साथ साथ इंजन गर्म होता है जिसके कारण उसकी विस्कोसिटी कम होती है यानी इंजिनिय पतला हो जाता है जिसके कारण इंजिन को लुब्रिकेट करने की ऑयल की क्षमता कम हो जाती है। तो इसी क्षमता को बनाये रखने के लिए जरूरी है इंजन ऑयल के तापमान को सही तरीके से मेंटेन करना। तो इसी के लिए इस्तेमाल होता है इंजन ऑयल कूलर टेक्नोलॉजी का रेडियेटर से आने वाला ठंडा कूल। इंजन ऑयल कूलर के अंदर गरम ऑयल को हमेशा ठंडा करते जाता है जिसके कारण उसकी विस्कोसिटी बनी रहती है और इंजन को लुब्रिकेट करने की क्षमता भी बनी रहती है। इंजन को सही तरीके से चलने के लिए जैसे साफ डीजल की जरूरत होती है वैसे ही जरूरत होती है साफ हवा की। अगर हवा के साथ धूल के और मिट्टी के कन अगर इंजन के अन्दर चले गए तो इंजन के पुर्जों की घिसावट काफी तेजी से होती है जिसके कारण इंजन की लाइफ कम होती है और शायद इंजन का काम भी जल्दी निकाल के आ सकता है। इस हवा को साफ़ करने के लिए आम तौर पर ऑयल, बाद, टाइप के एयर फिल्टर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन ये फिल्टर हवा को पूरी तरीके से साफ नहीं कर पाते हैं। तो इसी हवा को पूरी तरीके से साफ़ करने के लिए इस्तेमाल होता है ड्राय टाइप एयर फिल्टर टेक्नोलॉजी का। इस फिल्टर में लगे होते हैं 2 अलग प्रकार के फिल्टर जिसे हम प्राइमरी और सेकेंडरी फिल्टर कहते हैं। प्राइमरी फिल्टर 1 विशिष्ट प्रकार के कागज से बना होता है जो धूल और मिट्टी के कणों को अंदर जाने से रोकता है। और इस फिल्टर को आप जरूरत के अनुसार समय समय पर साफ भी कर सकते हो। सेकेंडरी फिल्टर 1 विशिष्ट प्रकार के मटेरियल से बना होता है। ये धूल मिट्टी के उन बारीक कणों को रोकता है जो प्राइमरी फिल्टर भी नहीं रोक पाता है। तो इस ड्राइ टाइप एयर फिल्टर की टेक्नोलॉजी से आपके इंजन को मिलती है धूल मिट्टी के कणों से डबल सुरक्षा ड्राइव टेबर फिल्टर का मेंटेनेंस कैसे करना है इसकी जानकारी आपको ट्रेक्टर न तरुण के पहले एपिसोड में मिलेगी जिसकी लिंक हमने डिस्क्रिप्शन में दी हुई है। तो ये थी कुछ ऐसी टेक्नोलॉजी जिनके सहायता से इंजन की लाइफ को बढ़ाने में मदद मिलती है।
हमे यकीन है की ये टेक्नोलॉजी के बारे में जानकर आपको बहुत ही खुशी हुई होगी। इसी तरह की जानकारी पाने के लिए देखते रहिये ट्रैक्टर एंड तरुण।
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