John Deere for Generations | Zameen se Jude

A family conversation in Hindi about staying connected to ancestral land and farming traditions. The characters discuss why the next generation should value their rural heritage and how modern farming keeps them tied to the land their family has worked for generations.
कार्तिक बाबू जी कार्तिक आ गया.
अरे इतनी सारी मिठाइयां.
आज दुगनी खुशी है आज मेरा बेटा ग्रेजुएट हुआ है और आज वो गाँव लौट आया है अच्छा कल सब लोग तैयार रहो हम तुम्हे अपना खेत दिखाने ले जायेंगे ठीक है.
कार्ति कहाँ खोया है क्या हुआ बेटा मैं सोच रहा हूँ की मैं शहर.
में.
जॉब देख लो शहर में नौकरी यह तो क्या बात कर रहा है यहाँ अपनी पुष्तैनी जमीन है, पुश्तैनी घर है और यह सब अपने लोग हैं और तुम शहर में बसने की बात.
कर रहे हो लेकिन पापा क्या आप जानते भी हो शहर में कितना कुछ होता है कितने सारे जॉब्स बिजनेस ऑपर्चुनिटीज चका चौंद कार्तिक ये कोई तरीका नहीं है अपने पापा से बात करने का.
कार्तिक कल सुबह मेरे साथ चलना ट्रैक्टर चलाना पसंद है न तुम्हे है राजा याद है तुम्हे ये अपना पहला ट्रेक्टर 25 साल हो गए इस बात को मगर अभी भी राजा ही है.
और.
तुम जिस पर बैठे हो वो है उसका नया आधुनिक रूप.
ये तो बहुत शानदार है दादू उसमे अब है 1.
दमदार पावर इंजन ज़रा चला कर तो देख तुम्हे इसकी ताकत का अंदाजा आ.
जाए शेखर कितने अच्छे से संभाला तुमने अपने खेतों को भाई मैंने इन खेतों ने संभाला है मुझे समझो कुछ जादू सा है इस मिट्टी में शकर भाई.
हाँ ये पैक हो गया अभी थोड़ा.
जल्दी में हूँ कल आकर मिलता हूँ ठीक है.
क्या हुआ क्या देख रहे हो.
दादू ये गजू बाई का खेत है न और वो श्यामजी का हाँ तो ये ऐसे क्यों हो गए यहाँ पर तो 12 महीने रौनक रहती थी हरे भरे खेत सब्जियां मक्का तो ये.
अब उनसे नहीं संभलता ये सब उनके बच्चे शहर बस गए और गाँव के काफी घरों का यही हाल है और गाँव सूने पढ़ रहे हैं और ये मेरा बेटा, तेरे पापा, इतना मन लगाकर खेती का काम देखता है और बहुत तरक्की किए इसने हमारे खेती के कारोबार में, अब फैसला तुम्हारा है और ये मेरी पूंजी जो मैं तुम्हें सौंपना चाहता हूँ.
मैं वो हूँ जिसे लगता था कि शहर मतलब सब कुछ है लेकिन अब मैं यह बोल सकता हूँ कि गाँव है इसी लिए शहर और ये जो कुछ मैं महसूस कर रहा हूँ इस वक्त वो मुझे पता है कि शहर नहीं दे पाएगा दादू मुझे हमेशा बोलते हैं कि मैं अपने मन की सुनता हूँ और इस वक्त मुझे मेरा मन सिर्फ 1 चीज बोल रहा है कि जमीन से जुडा.
है सीप बचे सभी को तो माकपा को दिखाते पड़े दि की चमक को दिखाते।
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