Mastering Puddling Tractor Features | Tractor and Tarun | Kannada (Episode 38)

This is a YouTube video titled "Mastering Puddling Tractor Features | Tractor and Tarun | Kannada (Episode 38)" created on September 15, 2022. The content is a detailed monologue in Hindi discussing important features and considerations when purchasing a tractor for puddling in rice farming. It covers technical aspects such as drive types, ground clearance, power steering, and other tractor specifications to improve productivity and avoid common issues during puddling. The video is educational and aimed at farmers or tractor buyers.
नमस्कार दोस्तों, ट्रेक्टर एन तरुण के इस एपिसोड में आपका स्वागत है। जैसा की हम जानते हैं धान की खेती में पडलिंग 1 महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पडलिंग जितनी अच्छी होगी फसल भी उतनी ही अच्छी होगी और पडलिंग हम ट्रैक्टर की सहायता से करते हैं। तो जब हम पडलिंग के लिए ट्रेक्टर खरीदते हैं तो हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जानेंगे आज के इस एपिसोड में हम तो चलिए शुरू करते हैं। जैसा की हम जानते है जब भी हम ट्रेक्टर की सहायता से पडलिंग करते है तो मुख्य समस्या जो आती है वो है पानी का ट्रेक्टर में जाना। आपके ट्रेक्टर के ट्रांसमिशन में, गेयर बॉक्स में या फिर रियर एक्सल में जब भी पानी जाता है तो उसके बैरिंग खराब हो जाते हैं और आपका ट्रेक्टर काम करना बंद कर देता है जिस वजह से आपका काम रुक जाता है। दूसरी मुख्य बात जैसा की हम जानते है की पडलिंग करते समय हमें ज्यादा बैकअप टॉर्क की जरुरत पड़ती है। अगर आपके ट्रैक्टर में बैक अप टार्क अच्छा नहीं होगा तो आपका काम अच्छा नहीं होगा जिससे की आपको प्रोडक्टिविटी नहीं मिलेगी। तो इन मुश्किलों से बचने के लिए जब भी आप पडलिंग के लिए ट्रेक्टर खरीदते हैं तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आइये जानते हैं। तो सबसे पहले जानते हैं टो विल ड्राइव लें या फोर विल ड्राइव लें। अगर आपके खेत की मिट्टी नरम सॉफ्ट है और आपको डीप पडलिंग नहीं करनी तो आप टू विल ड्राइव लीजिए। अगर आपके खेत की मिट्टी गाड़ी सख्त और चिपचिपी है और आपको डीप पडलिंग करनी है तो आप फोर विल ड्राइव लीजिये। जैसे की हम जानते हैं फोर विल ड्राइव में स्लिपेज कम होता है जिसका फायदा आपको पडलिंग में मिलेगा और आपकी प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। इसके बाद आपको देखना चाहिए ट्रेक्टर की ग्राउंड क्लेरेंस। अगर आपके ट्रेक्टर की ग्राउंड क्लेरेंस अच्छी होगी तो आप आसानी से काम कर पाते हैं और बंड क्रॉसिंग भी आसानी से हो पाती है। अगर आपके ट्रेक्टर के फ्रंट टायर बड़े होंगे तो ग्राउंड क्लेरेंस तो बढती ही है साथ ही साथ जब आप रोटावेटर के साथ पैडलिंग करते हैं तो आगे के टायर बड़े होने से पुलिंग अच्छी होती है और आपका काम अच्छा होता है। इसके बाद आपको ये भी देखना चाहिए की आपके ट्रेक्टर में पॉवर स्टेरिंग होना चाहिए। अगर आपके ट्रेक्टर में पॉवर स्टेरिंग है तो आप घंटों आसानी से काम कर सकते हैं वो भी बिना थकावट। अब बात करें टर्निंग रेडियस की तो आपके ट्रेक्टर की टर्निंग रेडियस अगर कम होगी तो छोटी से छोटी जगह में भी आप आसानी से टर्न ले पाओगे। अब बात करते हैं फ्रंट विजिबिलिटी की। आप को ट्रेक्टर पर बैठकर ये देखना चाहिए की आपको विजिबिलिटी कैसे मिल रही है। अगर विजिबिलिटी अच्छी होगी तो आपको काम करने में कोई अड़चन नहीं आएगी। साथ ही साथ आपको यह भी देखना चाहिए की आपके ट्रेक्टर के टायर और फेंडर में कितना गैप है। फेंडर और टायर में गैप जितना ज्यादा होगा उतना ही कीचड़ फंसने के चांसेज कम होते है जो की पडलिंग में बहुत ही उपयोगी है। ट्रेक्टर खरीदते समय यह भी देखें क्या उसमें मेटल, फेस सील और रियर आयल्ड एक्सेल है क्या अगर ये दोनों चीजें हैं तो ट्रेक्टर में पानी का रिसाव नहीं होता है। आपके ट्रेक्टर में प्लेनेटरी ड्राइव होने की वजह से रियर वील पर आने वाला लोड यूनिफॉर्म ली डिस्ट्रीब्यूट होता है जिससे की एक्सेल और ट्रांसमिशन की लाइफ बढ़ती है। साथ ही साथ यह भी देखें की आप जो ट्रेक्टर खरीद रहे हैं उसमें डिफरेंशियल लॉक है क्या डिफरेंशियल लॉक होने की वजह से आपके रियर के दोनो वील्स को बराबर पॉवर जाती है और ट्रेक्टर धसने की स्थिति में ट्रेक्शन ज्यादा मिलता है और आपका ट्रेक्टर कीचड से बाहर निकाल आता है। साथ ही साथ ऑयल इमर्स डिस ब्रेक होने की वजह से आपके ट्रेक्टर की ब्रेकिंग अच्छी होती है जिससे की आपका काम अच्छा होता है। यह भी देखें स्टार्टर मोटर, बैटरी और अल्टरनेटर की पोजीशन ऐसी जगह हो जहाँ पानी लगने के चांसेस कम हो। ट्रेक्टर में ये देखे की ट्रेक्टर के लैंप सील्ड होने चाहिए ताकि उसमें पानी न जाए। साथ ही साथ यह भी देखे की ट्रेक्टर में फुट स्टेप और फ्लोर पर किस टाइप का डिजाइन है क्या वो एंटी स्लिपरी है जिससे की आपको अच्छी ग्रिप मिलती है और फिसलने के चांसेज बिल्कुल नहीं रहते है। साथ ही साथ आजकल पडलिंग के लिए एच एल डी टायर का ऑप्शन भी मिलता है। तो आप आपकी रिक्वायरमेंट के हिसाब से डीलरशिप पर बात करके एच एल डी टायर वाला ट्रेक्टर भी ले सकते हैं। तो दोस्तों मुझे यकीन है इन सब बातों को ध्यान में रखकर पडलिंग के लिए ट्रेक्टर खरीदना आपके लिए बेहद आसान होगा। हमे कमेंट बॉक्स के जरिये जरूर बताएं ये एपिसोड आपको कैसा लगा इसी तरह की जानकारी पाने के लिए देखते रहे ट्रेक्टर एंड तरुण।
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