Mastering Tractor Tyres | Maintenance, Buying Guide & More | Tractor and Tarun | Kannada (Ep. 36)

Tarun explains tractor tire specifications, types, and maintenance. Learn how to choose the right tires for your tractor and keep them in shape to improve performance and productivity.
नमस्कार दोस्तों ट्रेक्टर न तरुण के इस एपिसोड में आपका स्वागत है। जैसा की हम जानते है ट्रेक्टर के टायर ट्रैक्टर की ओवरऑल परफॉर्मेंस को प्रभावित करते है। अगर आपके ट्रेक्टर में ट्रेक्टर के टायर के हिसाब से और आपके काम के हिसाब से सिलेक्ट किए गए हैं तो शत प्रतिशत आपको परफॉर्मेंस अच्छी मिलेगी आपका काम अच्छा होगा यानि की आपको प्रोडक्टिविटी अच्छी मिलेगी ट्रैक्शन अच्छा मिलने से स्लीपेज कम होता है जिन पर लोड कम आता है जिससे की आपके इंधन की बचत होती है। तो कुल मिलाकर देखा जाए तो ट्रैक्टर के टायर आपके ट्रेक्टर में 1 महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तो आज के इस एपिसोड में हम जानेंगे ट्रैक्टर के टायर के बारे में विस्तृत रूप से तो चलिए शुरू करते है। तो दोस्तों जब हम ट्रेक्टर के टायर को सामने से देखते हैं तो वहाँ हमें कुछ नंबर्स दिखाई देते हैं जो कि वो उसके स्पेसिफिकेशंस को दर्शाता है। आप यहाँ देख रहे होंगे 14 दशमलव 9 28 तो 14 दशमलव 9 इंच जो कि टायर के विट को दर्शाता है और 28 इंच जो कि टायर के रिम का साइज है और इसके साथ साथ यहाँ पर फ्लाई रेटिंग भी दी जाती है जैसे की 8 प्लाय ट्वेल प्लाय जो कि टायर के स्ट्रेंथ को दर्शाता है तो दोस्तों ट्रैक्टर में सामान्यतः 2 टाइप के टायर का उपयोग किया जाता है 1 होता है नायलॉन या बायस या क्रॉस फ्लाई भी कहा जाता है और दूसरा होता है रेडियल अगर क्रॉस फ्लाई टायर की बात की जाए तो उसकी बनावट दोनो साइड से मतलब साइड वॉल और सामने से सख्त होती है। वहीं रेडियल टायर की बात की जाए तो उसकी साइडवॉल लचीली होती है उसमें रबर और स्टील का इस्तेमाल होता है जिसकी वजह से उसकी साइड वॉल लचीली होती है और ज़मीन के साथ ग्रिप और ज्यादा बनती है 1 और ऑप्शन मिलता है वो होता है एच एल डी टायर का जिन्हें हाई लग डेप् टायर भी कहा जाता है जब हम डीप पैडलिंग करते हैं तब हमें ज्यादा ट्रेक्शन की जरुरत पड़ती है उस स्थिति में एच एल डी टायर का इस्तेमाल करना अच्छा रहता है। एच एल डी टायर में जो लग् होते हैं वो नॉर्मल टायर के लग से बड़े होते हैं जिसकी वजह से आपको पडलिंग में ग्रिप मिलती है और ट्रेक्टर दस्ता नहीं है और साथ ही साथ आपको प्रोडक्टिविटी अच्छी मिलती है। पडलिंग में एच एल डी टायर होने की वजह से दोनों लग के बीच कीचड़ फंसता नहीं है और आपका काम जल्दी और आसानी से होता है। अब बात करते हैं ट्रैक्टर के टायर के करेक्ट साइज की अगर आपके ट्रेक्टर के टायर की साइज करेक्ट नहीं होगी तो आर पी एम ड्राप होगा विल स्लिपेज बढ़ेगा इंजिन की पूरी पॉवर यूज नहीं होगी और आपके ईंधन की खपत भी ज्यादा होगी। जब भी आपको आपके काम के हिसाब से ट्रेक्टर के टायर का साइज अगर बड़ा या छोटा करना हो तो अपनी नजदीकी डीलरशिप से संपर्क करें। 1 और ध्यान रखने वाली बात फोर वील ड्राइव ट्रेक्टर में जब भी आप ट्रक टायर चेंज करें तो अगले और पिछले का जो मैच है वो मेनुफेक्चर के हिसाब से करे नहीं तो हमेशा टायर घिसने की समस्या आएगी। तो दोस्तों इस विडियो में ट्रेक्टर के टायर के बारे में जानकारी आपको कैसी लगी, कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमें जरुर बताए। और इसी तरह की जानकारी पाने के लिए देखते रहिये ट्रेक्टर एंड तरुण।
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