Powering Modern Farming | Trem Stage-IV Tractor Engine | Tractor and Tarun | Bengali | Ep. 30

This is a YouTube video titled "Powering Modern Farming | Trem Stage-IV Tractor Engine | Tractor and Tarun | Bengali | Ep. 30" created on December 23, 2021. The content is a detailed informational talk in Hindi about the Stage-IV (Trem Four) tractor engine norms and technologies, explaining how these advanced engines reduce pollution and improve fuel efficiency and power for farmers. The discussion involves a host named Tarun and an expert speaker, focusing on modern agricultural machinery and environmental benefits.
नमस्कार किसान भाइयों। जैसा की हम जानते है पूरी दुनिया में प्रदूषण बढ़ते ही जा रहा है और ग्लोबल वार्मिंग 1 बहुत बड़ी चुनौती है जो की हमारे लिए, पर्यावरण के लिए और आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है। समय समय पर देश की सरकारों द्वारा और आम लोगों द्वारा इससे छुटकारा पाने के लिए कई तरह के उपाय किए गए हैं और उपाय किए जा रहे हैं। आधुनिकता के इस दौर में जब हम आधुनिक खेती की बात करते है हम एडवांस टेक्नोलॉजी वाले उपकरणों का उपयोग करते हैं और समय समय पर उन्हें अपडेट करना भी बहुत जरूरी है। कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनियां सरकारों द्वारा तय किए गए दिशा निर्देशों के अनुसार अपने उपकरण को अपडेट करते रहते है। इस श्रंखला में अगर हम ट्रेक्टर की बात करे तो ट्रैक्टर के इंजन को ट्रीम फोर नोम्स के अंतर्गत बनाया जा रहा है और ये इंजन टेक्नोलॉजी कली एडवांस भी है तो ये ट्रीम फोर क्या है। इस इंजन में किस तरह की टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है और इस तरह के कई सवाल जो हमारे किसान भाइयों के मन में है तो इनका उत्तर जानने के लिए मिलते है हमारे एक्सपर्ट से नमस्कार नमस्कार ट्रेक्टर तरुण के इस एपिसोड में आपका बहुत बहुत स्वागत है धन्यवाद। जैसा की हम जानते है ट्रैक्टर के इंजन को ट्रिम फोर नाम के अंतर्गत बनाया जा रहा है हमारे किसान भाइयों को आप ये बतायेंगे की ट्रिम फोर नाम क्या है और ये जरूरी क्यूँ.
है ट्रिम फोर यानी ट्रेक्टर मिशन फॉर ये भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया गया नॉर्म है जिसके तहत इंजन से निकालने वाले प्रदूषण की मात्रा को निर्धारित किया जाता है। इंजन से निकली मिलने वाले धुएं में बहुत प्रकार के घटक होते हैं जैसे की कार्बन मोन, ऑफसाइट, हाइड्रो कार्बन नाइट्रोजन, ऑक्साइड पर्टिकुलर मैटर जो हमारे लिए और पर्यावरण के लिए बहुत ज्यादा घातक होते हैं। तो ट्रेन फोर नाम के तहत इन्ही घटकों की मात्रा को निर्धारित किया गया है और इससे बनने वाले इंजन को पॉवर टेक इंजन कहा जाता है।
अच्छा तो क्या ट्रेम फोर नाम सभी हॉसपावर के ट्रेक्टर के लिए लागू है।
जी नहीं ट्रेम फोर नाम ये 50 हास पॉवर के ऊपर वाले ट्रेक्टर के लिए ही लागू है तो इन पॉवर.
टेक इंजन में ऐसी क्या टेक्नोलॉजी यूज की गई है जिससे की ये ट्रिम फोर नॉर्म्स को पूरा करता है।
इसे समझने के लिए हम 1 छोटा सा वीडियो देख लेते हैं जैसे की आपने वीडियो में देखा पॉवर टेक इंजन। यह इलेक्ट्रॉनिकली काफी एडवांस इंजन है और इसे कंट्रोल करने के लिए लगा होता है इसी यानी इंजन कंट्रोल यूनिट और इसमें इस्तेमाल की गई टेक्नोलॉजी है एच पी सी आर, वेज्गेटरबोचार्जर कूल, डी जी.
आर और डी ओ सी काफी टेक्नोलॉजिकली एडवांस इंजन मालूम होता है। तो क्या आप हमारे किसान भाइयों को इन टेक्नोलॉजी फीचर्स के बारे में विस्तार से बताएंगे।
सबसे पहले बात करते हैं एच पी सी आर टेक्नोलॉजी के बारे में एच पी सी आर यानी हाई प्रेशर कॉमन रेल ये इंजन को डीजल सप्लाई करने का काम करती है। इसमें लगा होता है हाई प्रेशर, पम्प और इलेक्ट्रॉनिक इंजेक्टर्स। इंजन के आर, पी, एम और ट्रेक्टर के लोड के हिसाब से ये इंजन को सटीक मात्रा में डीजल सप्लाई का काम करती है। दूसरी टेक्नोलॉजी है वेज गेट टर्बो चार्ज जो इंजन में कम्प्रेस चेयर का सप्लाई करती है। जिससे डीजल पूरी तरह जलने में मदद होती है। ये इंजन भी पॉवरफुल बनता है। अब बात करते हैं कूल्ड ईजीआर टेक्नोलॉजी के बारे में। ईजी आर मतलब एग्जास गैस रिसर्कुलेशन इसमें एग्जास से निकालने वाले दोहे को ठंडा करके कुछ मात्रा में फ्रेशर के साथ में मिक्स किया जाता है। जिससे इंजन का टेम्प्रेचर भी मेंटेन होता है और नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा को भी कम किया जाता है। अच्छा अगली टेक्नोलॉजी है डीओसी यानी डीजल ऑक्सिडेशन कैटालिस। ये 1 प्रकार का मेटल से बना हुआ फिल्टर है जो कार्बन, मोनॉक्साइड और हाइड्रो कार्बन को कार्बन ऑक्साइड और पानी में बदल देता है। तो इन सब टेक्नोलॉजी की सहायता से होने वाले प्रदूषण को तो कम किया ही गया है लेकिन साथ साथ इंजन को और पॉवर पुल बनाया गया है।
जैसा की आपने बताया ट्रिम फोर नाम से प्रदूषण तो कम ही होगा ट्रैक्टर इंजन और भी पावरफुल होंगे हमारे किसान भाइयों को ये भी बता दीजिये की उन्हें और क्या क्या फायदे होने वाले हैं।
सबसे पहला फायदा है एच पी सी आर टेक्नोलॉजी का जिससे डीजल की खपत कम होने में मदद होती है यानी इंजन और भी ज्यादा फ्यूलिपीशन बनते है। दूसरा फायदा है टर्बो चार्जर का। इसकी सहायता से किसान भाई खेती के हर प्रकार के काम आसानी से कर सकते हैं। इसमें सैलेंसर के साथ दिए हुए डी सी फिल्टर के कारण इंजन की आज काफी कम हुई है। जिसके कारण हमारे किसान भाई लंबे समय तक बिना थके हुए आसानी से काम कर सकते हैं।
ये सारी जानकारी देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद है। तो देखा दोस्तों कैसे पॉवर टेक इंजन की सहायता से प्रदूषण तो कम होता ही है और ट्रैक्टर की फ्यूल इफिसेंसी और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। तो इसी तरह की जानकारी पाने के लिए देखते रहिये ट्रैक्टर एंड करुण।
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