Uncut Stories | Mrs. Vallari Chandakar | A Woman Farmer Redefining Farming

This is a YouTube video titled "Uncut Stories | Mrs. Vallari Chandakar | A Woman Farmer Redefining Farming" featuring an in-depth personal narrative by Mrs. Vallari Chandakar, a woman farmer from Maha Samoon. The content, created in August 2025, is a monologue where she shares her journey from being a software engineer to embracing farming, the challenges she faced as a female farmer in a traditionally male-dominated field, her educational background, technological innovations in farming she implemented, and her efforts to motivate and educate others, especially women and students, about farming as a viable career option.
नमस्कार, मेरा नाम बलदी चंद्राकर है, मैं महा समून की रहने वाली हूँ, मेरा फार्म महा समून से 20 किलोमीटर दूर गाँव में है और मैं यहां सब्जियों की खेती करती हूं। बचपन से तो मेरी पढ़ाई जो है 1 इंजीनियर पिता के संरक्षण में हुई और मैंने भी उनको देखते देखते इंजीनयरिंग करी और मैं 1 सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ। बाद में मुझे रियलाइज हुआ कि मैं इस फिल्म में बहुत अच्छा नहीं कर सकती इसलिए फिर मैंने अपने फादर को देखते हुए उन्होंने ही पहले फॉर्मिंग चालू की थी। तो मैंने उनको ही देखते हुए फार्मिंग का काम जो है वो चालू कर लिया और देखते ही देखते मुझे ऐसा लगा कि मैं जो कार्पोरेट के लिए जितना भाग रही हूँ, उस इनकम के लिए वो इनकम मुझे यहाँ जनरेट हो जा रही है। तो फिर बस मैंने मन बना लिया कि मुझे यही काम करना है, वैसे मैंने एजुकेशन में कम्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की टूथाजननट्वेल्व में, उसके बाद मैं कॉलेज में प्रोफेसर हो गई, उसके बाद जो है 2016 में मैंने एमटेक कम्पलीट किया। वित सेम स्ट्रीम मोटीवेशन का कारण ऐसा था। सिर की मैं जब एमटेक कर रही थी और सॉफ्टवेयर फेल थी तो मैं हैदराबाद चली चली गई वहां पर पढ़ाई करने के लिए। तो वहां पर मैंने कॉर्पोरेट जो जगत है उसको बहुत करीब से देखा कि वहां पर मैं सर्वाइव कैसे करुंगी या मेरी पोजीशन वहां कहां तक चली जाएगी। तो मुझे समझ आया कि अगर इनकम को मुझे रिप्लेस करना है या मुझे 1 सर्टेन लेवल तक जाना है तो वो मुझे 1 सिनारियो क्लियर नहीं हो रहा था? तो फिर मैंने सोचा कि जिस चीज को अचीव करने में मुझे 23 साल वहां लगने वाले हैं। अगर मैं अपने नेटिव प्लेस ाथियों और स्ट्रीम चेंज करती हूं और अपनी एजुकेशन जो है उसको मैं 1 दूसरी स्ट्रीम के साथ अगर मर्ज करती हूं तो मेरा अचीवमेंट 23 महीने में ही हो जाना है और इसी से मोटीवेट हो के मैंने फॉर्मिंग चूज किया और अपना एजुकेशन उसमें मर्ज किया। स्ट्रगल की बात ऐसी है कि इस लाइन में आज से जब 10 साल पहले मैंने यह काम चालू किया तो फीमेल जो है ये स्कोर में नहीं थे, करते थे काम, लेकिन फाइनेंस का देखते थे या अकाउंट्स का सेक्शन देखते थे, इस टाइप का काम करते थे। बट कोर खेती जो होती है वो नहीं करते थे। तो लोगों को या हम कह सकते हैं समाज को थोड़ा एक्सेप्ट करने में थोड़ा टाइम लगा कि लड़की कर रही है। तो बहुत बार मजाक उड़ता था कि ये क्या कर रही हो? कुछ और काम नहीं मिला तो ये थोड़ी सी स्ट्रगल रही। लेकिन थैंक्स टू माई पेरेंट्स उन्होंने। मुझे कभी इस चीज को पीली नहीं करवाया कि ऐसा भी कुछ हो रहा है, वो मेरे साथ ऑलवेज खड़े रहे तो ऐसा कुछ नहीं हुआ। और चैलेंज अगर मैं बात करूं तो चैलेंज मुझे ये था कि हम सारे उमर, हम इंग्लिश वाले बैकग्राउंड से रहे तो सारा कुछ वैसा पढ़ते रहे। लेकिन जब अपने हम लोकल गांव में आते हैं जमीन से जुड़ते हैं। तो लैंग्वेज की प्रॉब्लम या उसके टेक्निकल शब्द जो मैं इंग्लिश में जानती थी यहाँ पर बहुत ही लोकल लैंग्वेज में बात होती थी। ये सारी चैलेंजेस फेस करने में मुझे 67 महीने लगे और फिर सब कुछ यूस टू हो गया। रिसर्च के तौर पर हमने यह सीखा कि अगर हमको 12 महीने की खेती करनी है तो उसमें वैराइटी सलेक्शन बहुत इम्पोर्टेंट हो जाता था कि हम कौन सी वेराइटी ऑफ सीजन में भी कर सकते हैं और कौन सी हमारी वैराइटी है जो सीजन में ही काम करेगी और इसी तरीके से पेस्टीसाइट के कॉम्बिनेशन आते है तो कौन सी पेस्टीसाइट का विंडो या उसकी जो मार्जिन जो है वो हमको कितना दे रहा है कि हम तब तक अपनी क्रॉप को सेफ रख सकते हैं। इस टाइप की डीटेल्स को मर्ज करके 1 मॉडल बना के खेती हमने चालू करी ट्रैक्टर का यूज हमने 2017 में चालू किया कारण यह था कि उसके पहले तक जो मार्केट में जो ट्रेक्टर अवेलेबल थी या जिनसे हम काम चला रहे थे उससे डीप्लाविंग हो नहीं पाती थी और रिसर्च के दौरान हमको पता चला कि हमारी जो मिट्टी का लेयर है उसमें 1 फ्रेड फीट तक की जो मिट्टी है वो अगर हम निकाल के उसको अच्छे से कल्टिवेट करते हैं, फ्लाविंग करते हैं तो हमको प्रोडक्शन में बहुत फायदा होगा और ये फायदा देने के लिए उस समय जॉनडियर का 1 मॉडल था तिरपन 10 जो कि फोर विल ड्राइव में अवेलेबल था और उसका यूज करके हमने इसमें उत्पादन जो क्षमता है हमारी उसको सेम प्लॉट में रहते हुए सिर्फ और सिर्फ उस ट्रेक्टर के यूज से हमने बढ़ा ली थी। तिरपन 10 जो है फोर वील ड्राइव था तो इसका उपयोग हमें ऐसे किए कि हम अगर तिरपन एचपी का ट्रैक्टर ले भी रहे थे तो फोरविलर ड्राइव होने के कारण उसकी ताकत है डेढ़ गुना बढ़ गई। तो हमको ये जो है 70 एचपी के ट्रैक्टर यूज करने जैसा हमको पॉवर देता था फिर इसमें जे डी लिंक 1 फीचर इनक्लूड है जिससे हमको ये पता चल जाता था कि हमारी ट्रैक्टर है कहाँ पर चल रही है, कितनी उसकी मैपिंग हुई है, कौन सा उसमें एक्वीपमेंट अभी चलाया गया है इस तरीके की जो बेसिक इनफार्मेशन है या डिजर्ट कितना है, कितने घंटे चल रहे हैं, यह सारी जो चीजें हैं ये सब जो है जॉन डियर के आप जो है ऑपरेशन सेंटर उसके थ्रू हमको पूरी जानकारी घर बैठे ही मिल जाती थी तो इसके उपयोग से हमको बहुत सारे बेनिफिट मिलना चालू हुए जैसा कि मैंने पहले ही बताया की मेरी लाइफ में सामाजिक स्ट्रगल आई, मतलब यह था कि लोग एक्सेप्ट नहीं करते थे कि लड़की खेती करती है। कुछ टाइम बीतने के बाद सभी लोगों की एक्सेप्टेंस आई और बहुत सारे समाज ने मुझे बुला कर सम्मानित किया और लोगों को मोटीवेट करने के लिए उन्होंने बहुत सारी चीजें। मुझसे पूछी जानी समझी की लड़कियां खेती में कैसे इनवॉल्व हो सकती है और बहुत सारे न्यूज चैनल से बहुत सारी संस्थाएं थीं जैसे कि आई बी सी चैनल के थ्रू भुइया के भगवान का अवॉर्ड रहा। नरेंद्र मोदी जी की तरफ से जो किसानों के लिए संकल्प से सिद्धि का जो अवॉर्ड है वो अवॉर्ड हुआ इसी सम्मान की कड़ी में 2019 में मैं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त हुई और इसी दौरान मुझे स्टूडेंट्स से स्वसहायता समूह की महिलाओं से मुझे मिलने का मौका मिला तो इस कडी में मैंने 4 सालों में यह मदद की कि स्टूडेंट्स को यह समझा सके कि ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएशन एवं पी एच डी के बाद सिर्फ आपके पास नौकरी ही 1 जरिया नहीं है आप अपना करियर खेती करके भी बना सकते हैं और बच्चों को ये अच्छा भी लगता था कि हमारी ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर हमारे में ज्यादा उम्र का अंतर भी नहीं था तो बच्चे इस चीज को बहुत जल्दी ग्रास कर लेते थे और वैसे ही जब स्व सहायता समूह की महिलाओं से मिलने का मौका मिला तो बहुत सारी महिलाओं को बताया कि खेती में जो टेक्नोलॉजी हमने कैसे इनक्लूड करी और अपने इर्द गिर्द रह के आप कैसे सीख सकते हैं और कैसे अपने इनकम को जनरेट कर सकते हैं तो इस तरीके की चीजें मुझे करने का मुझे बहुत मौका मिला बहुत सारे स्वभाग्य प्राप्त हुए जब हम हमारा एजुकेशन सिस्टम से स्टार्ट करे अगर एजुकेशन सिस्टम में ऐसा नहीं होता कि अगर कोई लड़की है तो उसको अलग पाठ्यक्रम दिया जाए और लड़का है तो उसको 1 अलग सिलेबस दिया जाए ऐसा तो कुछ नहीं होता तो जब करियर चूज करने की बात आती है तो फिर वहाँ पर ये क्यों सोचना तो मुझे ऐसा लगता है महिलाओं की जो सोच है कि लोग क्या कहेंगे वो क्या सोच रहा है सिर्फ जो अपने मन की जो सोच है उसको ही अगर बदल लेंगे न तो मुझे नहीं लगता कि किसी भी काम को कर पाना फिर मुश्किल होगा और रही सही बात अगर मैं अपने भाइयों की बात करूं तो मुझे लगता है कि अगर आप पढ़ाई कर चुके हैं और उसके बाद में अगर आप कोई करियर चाहते हैं तो फार्मिंग भी 1 बहुत अच्छा करियर है मैंने खुद 1 कॉर्पोरेट इनकम को रिप्लेस किया है करियर को चूस करके वैसे ही आप बहुत अच्छी इनकम जनरेट कर सकते हैं अगर आप 1 फार्मर बनते हैं और पहले का जमाना था कि 1 फार्मर को जैसे उसकी 1 चित्र बनी हुई थी लोगों के मन में कि उसने 1 लाल गमछा बांधा हुआ है छोटी सी धोती पहनी हुई है ऐसा कुछ भी नहीं है मैं भी 1 फार्मर हूँ पर मैं वैसी नहीं दिखती और न मेरी लाइफ स्टाइल वैसी नहीं है अगर आपको लगता है कि फार्मिंग 1 बहुत अच्छा करियर आप्शन है तो आप बहुत सारे सक्सेसफुल किसानों से मिल सकते हैं और फिर चूस टू बिकम अ फार्मर।
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