20020526 || Gaura Kathā || Śrī Māyāpur, India #JayapatakaSwamiArchives

This item is a YouTube video (archival lecture) dated May 26, 2002 titled "20020526 || Gaura Kathā || Śrī Māyāpur, India #JayapatakaSwamiArchives." It contains a spoken devotional discourse (Gaura Kathā) in an Indian language featuring sermon-style teaching, repeated devotional chants (notably repeated invocations of Krishna), anecdotal remarks about devotees and instruction, and ends with an English YouTube call-to-action urging viewers to subscribe/like/share.
जब पहार भुरु पार्शो पिंदो चुनहेरे तकत सहितत बाहर भुरु दार्णो पुछारे पहार मनेचे श्रीवासनचा चुप्रे तकत नी गुडाना चाक्चो चिने नमने संप्रुदाया। तुना भावा चिने नमना पता चाक्चो पर पारिक्षनों जाचे गाँ बग्वान चेला अध जडमों स्टाल चेला मधिराच चाकुती तसीदोर नाही अपना है यहाई अग्रुती ते कर्छे कर्छे पकरते कुंता दिगी अग्णों के लिए द्वारातिता इकोले मधिराच चाकुती दिगी साप्पार सापार नहीं होके नहीं केछी पाया पाया साप्पार दिन्गे इन भाई जैतो अलिगे इंदी मुणां गुलोगान भोग्डी रोग्णाकान हर्तवरिलां बिन्दिलां चिंचाते हुनें अमजाली अमले साप्चा आछी गंपाबाण गंगदारा पभचाच्यो तित्र दिखी नामएच्ये चोईदन्ददा।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। इबाभी सबारी योगी चोईदन्ध, चोईदन्ध, जावपर्ति पर्ते सुने ने की चोईदन्ध जावपर्ति पर्ते सुने ने की चोईदन्ध की जावपर्ति चोईदन्ध पर्ते सुने ने जावपर्ति पर्ते सुने ने की � होच्छें जिन्यात्ता हिद्वाइस्यात्की तंक्युहेला नहीं ना अपने इच्छित्रगोर्वे नहीं ना अपने काम इच्छित्रगोर्वे ना अपने मगवान शार्चित्रगोरे अपना शामी ता इतने शार्च महनी ये उपरे पत्रिया तमा ताल दुच्चाने इलाज्छोले गेले, इलाज्छोले गिये। मेशनो भाव अभूल काशे, मनापोरे, सवकार इलाज्छोले चकरा को देते थे। बाहरे चले। नहीं बाहरे चले। नहीं बाहरे चले। नहीं बाहरे चले। नहीं चले। चैन्टनमालों बासे की दाड़ी गेशें करेशें एको जाना मारे भीला भवत्तो तारे जाते थाकार भुक्षा देयां पैबल तक गरहा हैं जाते जगड़ना दाईशन करें की आमा काछे आलाओ। सली गेलें सापात्माने सापव्वद्धा भाव गयेची � फिरी कराची की प्रिया पात्तो तबाली में परे इतनी तो मने मौन सबा को महाव चुमन परे गनतो स्नेहा होतो आजारनी इबामे महाव को कच्छे किये तरह स्थित्य चुत्य कच्छे किये की पंदे की गच्ची करते की पादे सान्दिक सान्दिक मैं तान्पोला आगी होछी तो अपड़ा चाहिए कुपरा अपने संतान करो एबाव से संतान नाम तालो सिरिवा स्यामा करो महम चलमेग और अपा घार्चारे कुछ करभी मतर पड़ी खिली की एं इन्हां कहात्तो एकाच पत्तवाले किष्णे जाले संतान्पत्तवाले मत्से संतान्चले किष्णभौक्तवाले पालपापा तालेशे दाइचवार्ची स्वेदन्दोंगीला स्वेदन्दोंगीला स्वेदन्दोंगीला स्वेदन्दोंगीला स्वेदन्दोंगीला स्� स्वेद्धम्ददान्सदर्वोचेन्हिवान्योडिनान्मेशिन्स्वेद्धम्ददान् हिवान्योडिनान्मेशिन्स्वेद्धमदान्मेशिन्स्वेद्धमदान्मेशिन्स्वेद्धमदान्मेशिन्स्वेद्धमदान्मेशिन्स्वेद्धमदान्मेशिन्स्वेद्� द्राटाक मंसे करते चमपान मने मा अपनी बाबे जरम महे नी बाबे समयां सकार मिठी बाबे भित्ता मजर एगलो बलते बलते मने नी आखसी भयस ताका मन्मायाच्चा बैसे चले ताका ताका पापाच्चोलेरे माधन दिये ने अभाग किंटा कर चे सीविष्टा चैदन्ता सीविष्टा चैदन्ता तास्ते यहते जे दान चिले लखी पियाल लखी पियाल ते देडे साभी भावे महापुर्णात मर और साभी भयती एवा बोलती थी किष्ण जय दर्णा। किष्ण जय दर्णा। किष्ण जय दर्णा। किष्ण जय दर्णा। किष्ण जय दर्णा। किष्ण जय दर्णा। किष्ण जय दर्णा। किष्ण जय दर्णा। � तो इन पुरिबेश आमार आज के भागपन में परता थी मारे बागलंग मा मंचे पालो कली अमी जहाँ चगली खेलो तुरदी आमार तो आकाक्शन चनुला अमी भौला करी ज� अगर महाराज जलि अदि बड़ा पड़े विश्वे पर्ति आतिष्ट होलें तब उने अतो बड़ा समराते शिलाई सारा प्रिश्वे सारा प्रिश्वी ते समरात जिन देवोगा देवोगा दागे की अतो बड़े विश्वे पड़ते जीवेच्छे ए� कोटी-कोटी दालार करत कोछे जिन इन आमादे पिश्ये वज्ञे कनवा अधर्जील आच्छी मिदा ता आपना एका जीविन्द आच्छी हैं आमादे एकत दिस्काबरी एक विध्यार फिलिमा, ताने Education of the child से गेने के की बात है औरा? दिना मंपल, टेलेट स्को, आजे दुर्डीन आछे जे गेने औरा ते दिना में सो देख छे की गरहा आछे, की तारा आछे, तारा मंतों की कतारा आछे यब देगेने औरा की बात संश्वित होने इस्वाई तारे लेडियोर थांते तारे लेडियोर तारे पहुंकोर्ची के चोले जाने लेडियोर समार्थ नतो तारे पभुदी लेडियोर तारे पहुंकोर्ची के चोले जाने लेडियोर समार्थ नतो तारे पभुदी लेडियोर तारे पभुदी बहुत चाड़ करने कार्मा लेडियो करने आगना कर्मा करने आगी आमाले जिरातना अपने दिलीनो माले गुदुना देखती करव अपना परहले जरने आजकाल आमाले से कर� एबावे सिर्यावास्ना चार्च उन्हाँ हारी सिद्धी छिलो उन्ही विर्णावानी द्यालेगी एक राजवानी की एक दुपवार हारी लेसे से दुपवार पुछार चुन्न एभावी द्यालेगी एक नित्ने ने उच्छले विर्णावानी उन्हाँ आदेश बेची समस्तो पजवास्टिकार्ण काछे पर रादा कुपितेर काछे यी समस्तो पनेको सामीने काम्प्तो से ही दिया पिज्वास्टिकार्ण पे पाप्ला अपने हमादे पाप्ला लेगी एबाप एकने इदी आसार्चमवाइन मुल्यायो शुरीहाँ जे अ तारी शिष्यों तो तारी राजकुरों भेले एकोन फलन इश्टु पड़े विर्भुम विर्भुम तारी बापुरा, बापुरा जेला बापुरा जेला ये उन्ही राजकुरों छिले उन्ही परता पाँच गरों होते हमेरी लाइन राजकुरों � दोरिये एक अहत्तहा कुणा कुणा हिन्यवाक्षिता चिलोना।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। स्टीर साथने तो चार माँची छले और आतमाँचोनी पचाओ कोरी देखते हैं। कोरी देखते हैं। हमाँचोनी आप आपर आच्छोने हैं। भावसुस्थात जाज्जी जाज्जी तो हमाँचोनी सुमाइन हेडेछें। अत्तवा ये आच्छा कविराज्जा, राज्जा कविराज्जी, दोविज्जा कविराज्जी, काड़पूर कविराज्जी, नार्शेद्ध कविराज्जी, पकवाद कविराज्जी, बलतिकष्छा कविराज्जी, कविराज्जा कविराज्जी, गोपूर कव नहुना आई शिष्यमादेर पभीदाच, फागवा, चक्लवाद्धी और आराग्राउचा।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� मैं आजसाद दिमी उनी प्रचाकोले किसारी दारा दुद्धु सौनतान चलो करंगप्रिया चत्ति सौनतान।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� इसलिग्या में जे उच्छाच चलो आरामने पर दारत तत्याल ताक मुलियों कुछ दे जोनी भोगा तामस्ते कौलेरी साथ पाक्त गिदी मांतन कोली तारत तत्याल ताक शामनन तो थोड़ी गे सम्भी तलाहुना ताका चात्राच्छो बोले पाचाच्छो पान एधादी � कुम सुन्दर भागत पान परते बाती। श्रिवात पछार्चो तति अपरा अमदै परती इतिपा करें, अमदै जड़ी पड़ो पूल चुटी हो या अपरा अर्पाई, तति उन्ही अमदै पभाग करें, उन्ही आशेबार करें, तति अपरा पिष्ण नाम अच्छी तारत अपन्ते करना अपन पिर्टाओपने लिट्रव पुझीतो हो छे। ओभाल पात्रे गमस्यानी कतन शालेगा मुष्यन। पार। मुष्यन। जी पार। मुश्याने ग� कोशामी ताने विद्राज्जन, विद्राज्जन तो कापोर, साथिगे, अभिशेष तो पार चाहिए शदिग्राद पितु साजनों जाएना विद्राज्जन शिकार कर चाहिए तमते छोड़ों अच्छं जोलते शिकार करकार ने तद्दुज़ों भाच्छे तो पार तौपा एक तवने उन्हीं पढ़ नहीं देते लिकिन तो काँचे मलाई मिष्टा पढ़ चे उन्ही उन्हां शालिगा में एक तपक्षे लागते इरका में एक सुद्धा कापोर देते काँचे नाले देते ता निचे उन्हीं सु से गिने याक्रोत्ता, सद्रिका, आयां विप्रो, राणारापन सायां प्रमाश, विप्रो अबन से राणारापन लाइपन से विदो अच्छे बिद्दावने के राणारापन ताक्षान फेल ची जरा बिद्दावने जान जाए राणारापन मंदेले सांच पुरो मंद अच्छे राणारामाने आरणारामाने कार्ष्वस्ति। राणारामाने आर्णारामाने कार्ष्वस्ति। राणारामाने कार्ष्वस्ति। राणारामाने कार्ष्वस्ति। राणारामाने कार्ष्वस्ति। राणारामाने कार्ष्वस्ति। पुछ परत राणारामाने कार्� करते बावें मले किष्ण। दिक्जामात महमतम आहा आचने अपरत समयात महमतम चरव परत परत परत परत परत परत प� इवाने मले आमादे चीवजे सब्भाव खाटने हरी पिष्ण। कारे कोड़ो परस्था अच्छे पात्र उपड़ी। अलेग परतले अपने सचनती गेश करें। इदि कुनुवात आपले आद यहां देश का पता नहीं सारे मुझे मुझे दिखे सकते हैं। आमार दाग्वन के सीखाता हाँ देश पाहिंचार नियां एबं सहो बाला जान परते हैं। एबं गुर्देरे साप्छ करें चेक तुमार मने एं कहु बाते हैं। मुझे बिस दुपोर्ट � आपे आगे आमार भुरुष दिम्दुते हैं। भी तो अगर नहीं, अगर नहीं, सब्पात आ बाइची। इन्गोलो भलक परे ना पोड़े। आज बोल छे इतनी गुरुणी आदेश देते हैं। और दुल्बद्धुलो आदेश रहे हैं। ताक्यों प्रेक्तिकांतो जिंगोरु काछे एक बहुत मिश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्विश्व शुरेत का हमना एता पडि सदि नहीं देखने गरना। आचकी सदवल एकी शिष्वेस एकी गरस पडि छे परसुन नकर पडि छे एदू। एके का Thank you for watching our videos. 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