2024 - Śrī Vrṇdāvana Safari Day 6 #JayapatakaSwamiArchives

Transcript of a multi-speaker devotional event (YouTube video) centered on Krishna bhakti held in Vrindavana. This chunk contains call-and-response Hare Kṛṣṇa/Hare Rāma chants in Roman and Devanagari scripts, short speaker interjections (SPEAKER A–G), and a kathā (narrative) about a sacred food-plate/stone called "bhojan thāli" linked to Krishna's pastimes and mythic figures (Ahalyā, Rāma, Yasodā, Kṛṣṇavatī, Brahmā). The register mixes live kirtan, storytelling, and audience-facing remarks; the overall tone is devotional and reverent.
Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare हारे कृष्ना Hare Rama Hare Rama Rama Rama Hare Hare Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare हरे रामा, हरे रामा, रामा, रामा, हरे, हरे, हरे, Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare.
हारे कुष्णा हारे कुष्णा कुष्णा कुष्णा हारे हारे हारे राम हारे राम.
इस पावन भुमी पर इस समय हम और आप हैं। इस पावन भुमी का नाम है भोजन थाली। ये वो पवित्र पावन भुमी है कि भगवान कृष्ण ने इस पावन भुमी पर बड़े प्रेम्द से भोजन किया है। इसलिए इस पावन भुमी का नाम है भोजन थाली। ये जो च ये वो पातर हैं जिन पातरों की रचना भगवान स्री कृष्ण ने द्वापर ने किये हैं अपना भोजन करे के लिए इन पातर के पातरों में तीनों लोकों की स्वामी द्वार कभी अपना भूख सात्र नहीं है वोलो भोजन काली तीर्ट कामन नाम की जो.
बन्दो मुवे सावधना माते। प्रस्तुत्रियों.
प्रस्तुत्रियों जैसल प्रहुपाद की शिको नितायानन्द की सरण पदुका की भोजन थाली की कम्याबान की कोईरो प्रिमानन्दी हरे किष्णा तो इस प्लेस बोजन थाली के जगाब भजन थाली नामें तो गोचारण के लिए जाना जाता है।.
तो भगवान से गोचारण के लिए यहां आते थे और यहां भोजग लेते थे।.
तो.
किसी के बाद हारती गडी नहीं थी, तो कैसा मालों पड़ता है कि अभी भोजन का समय, मज़ान भोजन का.
समय हो गया है, कैसा मालों पड़ता है? तो हर दिन खमसा तीम असर को.
भेजते थे, एक सुबा के समय पे आता था, एक मध्यान के समय पे आता था, और एक सायंकाल के समय पे आता था।.
So Krishna would come for grazing cows, but he would not give any attention for grazing cows, because cows would be always around him. So he just play with his friends.
तो भगवान गोचरन के लिए आते हैं हैं, लेकिन उनको गाई का ख्याल रखने का जरूरत नहीं है, क्योंकि वास्तविक तोर पे स भगवान के निकट में भी रहते हैं तो वो तो अपने गवाले.
जो दोस्तों के साथ खेलते हैं तो.
खेलते खेलते खेलते ये लोग सब कब.
खाना खाना हैं ये भूल जाएगे तो.
हर दिन जब मध्यान का समय होता है तो वो समय एक असर को भेजेगा और कृष्णा उनको वद करेंगे।.
So then it becomes so regular, for children this is the time, कृष्णा will kill one demon means now is time for eating.
एक इतना हैसा, एक हापिट जैसा बन गया, तो बच्चे ये समझ लिये की भगवान स्री कृष्णा एक असर को वद किया है तो अभी खाने का समय आ गया।.
तो अगर वो खेल कर देंगे, तो वो अगर वो खेल कर देंगे, तो वो अगर वो खेल कर देंगे, तो.
वो अगर वो खेल कर देंगे, तो वो अगर वो खेल कर देंगे, तो वो अगर वो खेल कर देंगे, तो.
वो अगर वो खेल कर देंगे, तो.
वो अगर वो खेल कर देंगे.
तो.
तो इसी समय इसी जगा है। एक दिन भगवान श्री कृष्णा सब गोपाल के साथ बैठ के भोजन खा रहे थे।.
अस्तदनों, अब मैं आपको इस भोजन खाली की कथा पढ़न कर रहा हूँ के सिला दोवई त्रेता योग में तो अहिल्या वाही अपने पती के स्ट्राप के कारण पत्थर की सिलावनी जिसका होधार प्रभु राम ने गिया है। और द्वापर्यों में राम के ही बंच में अयुध्यापुरी के राजा कुबला अस्व हैं। उनके कोई संतान नहीं थे। संतान प्राप्ति का उनोंने य उनके एक लड़की पेदा हुई उसका नाम उन्होंने कृष्णावती रख कर। कृष्णावती जब जवान हुई तो सौमबंस के राजा सूर सेन्से उनकी साधी कर दी और उनको आयुत्या में घर जमाई रख लिए। कुछ दिन बार भद्रावती के सुकेतु नाम के राजा अब कृष्णपती अकेली रह गयी है अकेली रहने के बाद उनको दो राज्य मिल ले आयुध्या को भी राज्य मिलो और सौमन्स का भी राज्य मिल लिया था तो उन्होंने दोनो राज्यम को त्याग कर दी त्याग करने के बाद वो विश्णू भक्ती में लग गयी है सर पित्यासी वर्ष की उमर में बुखार सदीर में आ रहे हो, दुब्लो पत्लो फ़री हो गए हो, लेकिन अपना नित करम पूजा पाथ नहीं छोडा। बुखार की हालत में, जैसे सर्यू नदी में इस्नान करने लगी हैं, तो भगवान विर्षून ने दर्शन दी ने, हरी क मेरी बिच्चासी साल की उम्मार हो गए। बैसतों में राजा की लड़की, राजा कुछ भ्याई गई। धन्धान की प्रभू मेरे पास कोई कमी नहीं। परन्तु प्रभू मुझे बचपन से न भाई का प्यार मिला, न धेन का प्यार मिला। जवानी में में बिद्वा हो ग� मेरी इतनी पत्थर की च्छाती हो गयी है कि मेरी यही अब लासा है कि मैं एक पत्थर की सिलावन हूँ जिसके ऊपर बैठकर ख्वाल बालन किसाथ आप भोजन करें आपकी जो जूतन बचेगी उसी से मेरा जीवन का हुद्दार हो जाये। विश्णु बग्वान बोले किर्ष उसकी तलेती में तुलपथथ की सिलाग होई जी और तेरे समी भी में छीर सागर में हमेशा जो है ब्राजमान लो। तो ये बर्दान देके किष्णु भर्वानन तर द्यान हो गए है जब द्वापर में स्री किष्णु को जनान हो गए होई है तो कंस मामा किष्णु को मरवा� अपने पिता के हाँ या काममन में आ गईये। यसोदा मय्या भी बहुत से को मालम नहीं है। यसोदा मय्या काममन की लड़की थी। यहाँ कारण यसोदा मय्या कृष्ण बदलाम कूले के अपने पिता के हाँ या काममन में आ गईये। यहाँ आकर उन्होंने अपने नाना की � शील सागर में तो पानी पेबे को गर्म छोड़ दिये और नीचे जो सिला है उसमें बैठ के कह भी लगे हैं अरे दाउं महिया अरे गौन वालों तुम्हारी महिया ने का भोजन न कोई का चाक रखी है सब अपने अपने भोजनने या सिला पे रख लियो सब मिल बैठ के एक � अपनो जो भोजन बड़िया बड़िया भोजन लाये उनोंने चलापे रख लियो है उनमें एक मदूमंगल बड़ा रखी हूँ वाकि माने कोई भोजन ना रखो उ पड़ोस से तीन निर्जी पासी कटी चार नहीं लेके आगो और कृष्टू बार बार कहने अरे मदूमंगल � मदुमंगल अपनी खटी चाच है, कृष्णे के सामने नहीं रखे और नीचे से आपर आकर उन चाच को पीने लगो होगे। कृष्णे अवाई सही जब मदुमंगल नहीं बूलोए तो कृष्णे सुन्द नीचे से आपर आए और मदुमंगल के जो मुह में चाच बनी हुती ह उस जूकन को अपनी जीव से जाग रहे हैं। इदर ब्रह्मा जी देख रहे हैं कि देखो तो सही कैसे अप्तार होई, कैसे प्रभु होई, कैसे कृष्ण होई। जब उन्होंने इस सीन को देखा तो इस इस्तान पर ब्रह्मा जी को ब्रह्म हो गया कि ये प्रभु नहीं हो सकत ब्रह्मा जी उन दिन गाय बच्च रोगु आप ब्रह्म लोग की रहे हैं।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� वोई गाय और बच्रें चड़ते लोई देखाएं ब्रह्मा जी ने देखा अरे इनको तो मैं उठाके चड़ाके उपर ले गया कही वोई तो नीचे नहीं आदी है ब्रह्मा जी को फिर भी विश्वास नहीं हुआ है उन्हों ने उपर जाकर देखा है तो गाय और बच्रें ज यही कृष्णे इस इस्तान पर ब्रह्मा जी ने चमा मानी है। पर वो सब वाल्या कमारान की जूतन खारे। यहाँ कारण में ने देखते की वो है। चमा करें। उसके बाद दोनों भईयान बेटके सब सकान के संग भोजन कीने हैं। अपने हाथ से श्री कृष्ण अपने सका कृष्णवती तक का तो और दारोकर पैकुन पर दाम पूछने के लिए और जब से ठाकुर जी ने भोजन किया तब से वो पत्थर की सजा का नाव भोजन.
था ये सुरूरो.
हारे कुष्णा हारे कुष्णा कुष्णा हारे हारे राम राम हारे राम हारे कृष्ण, हारे कृष्ण, कृष्ण, कृष्ण, हारे, हारे हारे राम, हारे राम, राम, राम, हारे, हारे हारे कृष्ण, हारे कृष्ण.
Hare.
Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma.
Rāma Hare Hare Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa कृष्णा कृष्णा हारे हारे हारे राम हारे राम राम राम हारे हारे Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare.
खृष्ण खृष्ण खृष्ण.
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम राम राम हरे हरे.
हरे कुष्णा हरे कुष्णा हारे हारे हारे एक लिए एक लिए। कृष्ण, कृष्ण।.
Hare.
Rāma Rāma Rāma Hare Hare Hare Kṛṣṇa.
Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Hare Hare हरे.
कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे रे कृष्णा हारे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हारे हारे हारे राम हारे राम राम राम हारे हारे हरे कृष्णा हारे कृष्णा। कृष्णा कृष्णा हारे हारे। मैं.
बहुत.
खुश हूँ ये जब तक उस्वामि हुआराज का यश्का प्रजच्चन करता है कि इतना भत लोग यहां आये हैं और जाव कर रहे हैं इस अनुस्तान को सच बनाया हैं आप सबके लिए मैं बहुत अच्छा ख़बर रखता हूँ.
महरे हारे हारे किष्णा हारे किष्णा किष्णा किष्णा हारे हारे हारे ही राम हरे राम राम राम हरे हारे.
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