20240201 - Sadhu Sangha

Bhakti Vedanta Swami leads a satsang on Krishna devotion and Chaitanya Mahaprabhu's teachings, with stories of Mahaprabhu and Prabhupada, guidance on chanting practice, and answers about reading Prabhupada's books, sustaining enthusiasm, women's roles in bhakti, and balancing health with spiritual life.
Questions this video answers
February 1, 2024.
About 3 million Krishna names per year (if chanting 5 malas daily).
About 19 years old.
74 years old.
Fourteen times (the speaker stated Mahaprabhu traveled the whole earth 14 times).
और यहाँ करने का अवसर प्रदान.
Mil tom.
तो रात के समय जो पूरा रात रात हो गया था, लगभग और प्रभुपाद ने मुझे रात को बुलाया और बोला मेरे पीठ में कुछ खुजली हो.
रही है.
I है.
लेकिन मैंने जो.
अपने नाखून थे वो कटे हुए थे। तो मैं ज्यादा जोर से खुजली नहीं कर पाया। तो, क्योंकि मेरे नाखून नहीं थे ज्यादा.
So i was a fail your ac.
Traction, तो मैं सफल नहीं हो पाया.
प्रपात को खुजली करने में।
So what the is here?
लेकिन प्रवपात यहाँ पर जुहू में रहते.
थे.
और जो बीच है यहाँ पर, उसपे प्रपात शहर करते थे, प्रपात यहाँ पर प्रवचन करते थे.
रोम और पाद.
अपने रूम में, अपने कमरे में भी रहते थे। तो मैं यहाँ पर देख रहा हूँ, बहुत सारे भक्त यहाँ उपस्थित है, बता ने 1 भक्त अच्छे.
क्या होगा.
जरा.
बंगला भूजन हथकुल.
जारा, बंगला मुझे ना हातूलनजोजो बंगाली नहीं समझता, वो हाथ उठाइए। तो यहाँ पर कुछ भक्त हैं जो बंगाली समझते हैं, कुछ भक्त हैं जो हिंदी समझते हैं, तो मैं यहाँ पर अंग्रेजी में प्रवचन करूंगा.
मैं.
आप में से कितने भक्त हैं जो 16 माला का जप करते हैं, प्रतेक दिन, और कितने भक्त हैं जो 8 से लेकर पंद्रह माला जप्त करते हैं.
और 1.
माला से 7 माला करते है कितने भक्त है ऐसे कौन हैं जो बिल्कुल माला नहीं करते, अगर कोई 10 माल तो अगर कोई 10 माला जप करता है तो साल में वो 1 करोड़ नाम हो जाते है.
I see बस.
तो मैंने कुछ बसें देखी है यहाँ पर, बॉम्बे में उनमें एडवरटीजमेंट लिखा रहता है, कौन बनेगा करोड़ पति, तो हम चाहते है की आप सभी करोड़पति बने हरि नाम के, ये पूरी जो कृपा है ये कृपा है गौर निताई की.
And material like every thing is cantal.
तो ये भौतिक जगत है, इसका जो नियंत्रण होता है, ये कर्म के आधार पर होता है।
And.
A.
Case.
तो अपने कर्म के ही आधारों पर कोई धनी होता है, कोई बहुत शिक्षित होता है, किसी को अच्छा 1 पार्टनर प्राप्त होता है.
By.
और बुरे कर्मों से आप बीमार हो सकते हैं, आपके कानूनी आपके केस हो सकते है.
Different problem बहुत सारी समस्याएं.
हो सकती हैं, तो सभी लोग अपने कर्म के अनुसार कर्म, फल के अनुसार कोई आनंद प्राप्त कर रहा है और कोई दुख.
And some times.
और कभी कभी दोनों, तो ये जो ये जो विश्व है यह सातवें स्तर पर है ब्रह्माण्ड के, जिसका मतलब यह हुआ कि 6 स्तर है इस पृथ्वी के ऊपर, तो उनके अच्छे कर्म हैं, वो अच्छे कर्म है इसी लिए लोग वहां पर.
गए है now we have a mix.
लेकिन इस ब्रह्मांड में हमारे मिश्र कर्म है अच्छे कर्म और बुरे कर्म, तो हो सकता है कि कोई बहुत ही धनी है लेकिन फिर भी अस्वस्थ है, तो हो सकता है की कभी कभी उसे मच्छर काट ले तो इस जगत में 11 मिश्रण है सुख और दुख.
का न lal having स्वर्ग लोक में.
बहुत सारी प्रसन्नता है।
And.
Because so much halpinisithink ta wall.
In that, तो क्योंकि स्वर्ग लोक में.
इतना सुख है, वो ये नहीं समझते की भौतिक जगत अच्छा नहीं है।
Chana.
The mom of sale, चैतन्य महाप्रभु.
जब अपनी माता के गर्भ में थे.
Said हैड that in this attr your out really a his।
तो जब देव जब चैतन्य महाप्रभु अपनी माता के गर्भ में थे, तो देव इस पृथ्वी पर आये और उन्होंने कहा कि भगवान आप इस अवतार में भगवान कृष्ण का प्रेम सभी को सरलता से वितरण करेंगे।
तो हमे आपकी कृपा चाहिए?
Because dont have not travel।
तो देवता महाप्रभु को कहते हैं कि स्वर्ग लोक में हमें ज्यादा समस्याएं नहीं हैं.
Actual, तो स्टार्ट.
तो स्वर्ग लोक में, क्योंकि हमारे पास समस्याएं नहीं हैं, हमें भर्ती करने के कोई कारण नहीं दिखते.
है। some time des ही है।
तो सिर्फ 1 ही समस्या है स्वर्ग लोक में, कभी कभी दानव राक्षस हमारे ऊपर हमारे साथ युद्ध करते हैं और हमें उनसे युद्ध करना पडता है।
Emrizevlतो.
साधारण रूप से जो देवता हैं वो अदृश्य रहते हैं, दिखते नहीं हैं.
सच।
लेकिन सचिव माता ने किस प्रकार उनकी परछाई उनकी छाया देख ली थी.
और.
जैसे ही उन्होंने छाया देखी सचिव माता तो सची माता ये मंत्र जप करने लग गई। जयनरसिंहाश्रीनिर सिंह, श्रीनर सिंह। तो देवताओं को ये समझ आया की सच्ची माता हमें देख पा रही है। तो फिर वो चले गये।
The first time at catena.
तो 1.
और लीला है कि जब चैतन्य महाप्रभु ने संन्यास ग्रहण किया तो अद्वैत आचार्य ने चैतन्य महाप्रभु को निमंत्रण किया अपने घर पे प्रसाद ग्रहण करने के लिए। चेतना आप लोगो ने कहा की मैं 1 सन्यासी हूँ अब और मैं बहुत ही साधारण प्रसाद ग्रहण करता हूँ। तो अद्वयताचार् ने कहा की मैं बहुत ही थोड़ा सा प्रसाद बनाता हूँ, थोड़ा सा बहुत ही साधारण प्रसाद होता है.
वो.
लेकिन जब चैतन्य महाप्रभु प्रसाद के लिए बैठे चारे की पत्नी सीता था कुरानी? तो उन्होंने महाप्रभु के लिए 1 बहुत ही विस्तृत 1 फीस की व्यवस्था की.
ज सुक्ता तो कम से कम 5.
तरह के तो शुक्ता थे.
हंडरेड और.
सौ की संख्या में अलग अलग पद थे, घड़े थे जिनमे प्रसाद भरा हुआ था। चेतन ने कहा मुझे इन सब चीजों की आवश्यकता नहीं है। तो अधवेताचारीने हा आप जितना खा सकते हैं, खाना चाहते है, उतना आप ग्रहण कीजिये और बाकी आप रख दीजिए।
स.
सन्यासी।
तो चैतन्य महाप्रभु हालां कि चैतन्य महाप्रभु 1 सन्यासी थे, लेकिन जो माताएँ थी.
वो चैतन महाप्रभु के लिए कुकिंग करती थी? तो नवे स्कंध में भागवत के वें स्कंध में 1 तात्पर्य में शिला प्रभुपाद बताते हैं, पुरुष, स्त्री, शुद्र या कोई.
भी.
अगर वो कृष्ण भावना भावित हैं, वो सभी बराबर हैं.
डोंट है भी.
तो आपको ब्राह्मण परिवार में जन्म ग्रहण करने की आवश्यकता नहीं है।
बट यू आर 52.
लेकिन अगर आपका.
ब्राह्मण कुल में घर में जन्म हुआ है तो ये अच्छी बात है।
Krishna ganges.
तो इसकी कोई आवश्यकता नहीं है की कृष्ण भक्ति के लिए आपको ब्राह्मण परिवार में ही जन्म रहना चाहिए। ये आपके पिछले कर्मों का फल होता.
है.
Wali, लेकिन ज्यादातर जो लोग हैं वो सोचते हैं, हम शरीर हैं.
Was on the way।
और सब चीजों का आधार शरीर होता.
है, but.
To the s, is the real life।
लेकिन असल में भगवान कृष्ण की सेवा में युक्त होना ही जीवन जीवन की परम सिद्धि है। भगवान कृष्ण ने कृष्ण प्रेम प्रदान किया लेकिन उन्ही को जिन्होंने कृष्ण के प्रति समर्पण किया.
बार ही गेर रैली, लेकिन.
लेकिन चैतन्य महा प्रभु जो कृष्ण हैं उन्होंने कृष्ण प्रेम सभी को दे दिया.
ओर लाइक पर आप में से कौन.
है जो कृष्ण प्रेम चाहते हैं.
इस.
बहुत अच्छा.
Nia.
तो चैतन्य महाप्रभु ने पूरे भारत वर्ष में भ्रमण किया तो यहां पश्चिम भारत में भी चैतन्य महाप्रभु.
आये m.
Also.
जो तुकाराम 1 भक्त हैं भगवान के, वो भी हरी नाम का जप करते हैं भगवान के नामों.
का but.
Is name.
चैतन्य महाप्रभु हमें सिखाते थे की कैसे भगवान कृष्ण और उनके नामों में कोई अंतर नहीं है, तो भगवान कृष्ण के नाम का जप करना और उनके कीर्तन का श्रवण करना।
Is.
Practices तो ये भक्ति योग की.
पहली 2 सीडियां है ये 9 प्रैक्टिसिज.
है.
शबनम कीर्तनम आप सभी को मैं आमंत्रित करता हूँ नवद्वीप धाम आने के लिए.
तो नवद्वीप में 9 द्वीप हैं.
And it is set to lose।
तो जो हर 1 द्वीप है वो भक्ति के इन 9 में से 1 अंगों के साथ जुडा हुआ है and.
Life the highest live is on gas and fish serves।
तो हमारे जीवन का जो असली जो उद्देश्य है परम सिद्धि है वो ये है कि हम भगवान कृष्ण की सेवा में युक्त रहे।
Lets not so easy to get।
साधारण रूप से ये बहुत ही सरल नहीं है.
You get।
लेकिन कलयुग में चैतन्य महाप्रभु भगवान कृष्ण की कृपा बहुत ही सरलता से सभी को दे रहे है।
Because this is the.
क्योंकि कलयुग कलयुग ये सबसे खराब बुरा युग माना जाता है। सतयुग, त्रेता, द्वापर और आखिर में कली.
तो कलियुग का मतलब यही होता है कि धर्म के जो स्तंभ हैं ये.
कम हो जाते हैं।
है यूँ people a fan.
लेकिन ये जो कलयुग का समय है, बहुत सारे लोग प्रार्थना कर रहे हैं कि उन्हें.
इस कलयुग में जन्म मिले because.
Call.
क्योंकि इस कलयुग के भाग में उन्हें.
भगवान कृष्ण चैतन्य की कृपा प्राप्त हो सकती है। तो इस कलयुग में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो कह सकता है मैंने आज तक कोई पाप नहीं किया, ये पाप करने का ही युग है।
बट नो.
वरहेन्स और लाइलेंस चैतन्य महाप्रभु.
ने राजी हुए इस कलयुग में अवतार लेने के लिए बिना किसी अस्त्र और शस्त्र के.
When as.
जैतन महाप्रभु।
जब जगनाथपुर में थे अपने कीर्तन दल के साथ नरेंद्र सरोवर में.
न.
तो वहां बंगाल के जो भक्त थे वो.
चैतन्य महाप्रभु से मिलने जाते थे। और जब वो सुनते थे कीर्तन वहां पर तो वो उन्मादित हो जाते थे। और जब उन्होंने चैतन्य महाप्रभु और नित्यानंद प्रभु को देखा और सभी भक्तों को और वो उनके साथ ही कीर्तन में सम्मिलित हो गए कुछ भक्तों को चैतन्य महाप्रभु ने आलिंगन किया तो चैतन्य महाप्रभु ने अलग अलग प्रकार से भक्तों का स्वागत किया.
वा.
तो जो चैतन्य महाप्रभु के जो भक्त थे, जो बंगाल से आये थे, उनकी पत्नियां पीछे रह गई थी.
Sasi.
तो क्यूंकी चैतनय महाप्रभु 1 सन्यासी थे, तो जो माताएँ थी वो महाप्रभु का लिंक नहीं कर पाए, वास्तविक रूप में, किन्तु मानसिक रूप में उन्होंने.
महाप्रभु का आलिंगन किया evrywlwasतोसभी सभी लोग.
उन्माद पागल हो गए थे।
तो ऐसा जो अनुभव है, यह साधारण रूप में बार बार नहीं होता.
लेकिन.
अगर आप हरे कृष्ण महामंत्र का जप करते हैं, काफी वर्षों तक, तो यह स्वाभाविक रूप से यह विकार आप में आ सकते हैं।
When the oven romdidyandaogia for the first time, i everybody, there has tears in the is and there s a very.
Strong, but तो जब हाल ही में.
राम मंदिर का उद्घाटन हुआ तो जो भी भक्त वहाँ उपस्थित थे, लोग वहां.
उपस्थित थे, सभी की आँखों में आंसू.
आ गए और उन्होंने परम आनंद की.
अनुभूति की.
तो वो जो परम आनंद है उसे आप सब समय उसकी अनुभूति.
कर, सका है.
ये ही कृष्ण प्रेम है.
So that s what i go?
तो इसी के लिए भगवान नितायगोरकी कृपा के लिए हमें प्रार्थना करनी चाहिए।
By.
Bihar and citारामगौरनीताय की कृपा से.
ही हमें राधा रास, बिहारी का प्रेम और सीता राम का प्रेम प्राप्त होगा.
The so, they can t rudemasheasonon the.
Ali।
तो 1 बार और बंगाल से भक्त आये थे चैतन्य महा प्रवी का दर्शन करने और पुरी में जो राजा थे प्रताप, वृद्ध्र उन्होंने रामानंद राय से पूछा कि ये लोग कौन हैं? और राम रामानंद राय ने प्रत्येक भक्त.
के बारे में बताया क्योंकि वो उन्हें पहचानते थे.
At.
तो प्रताप रुद्र 11 कर के पूछ रहे थे की वो भक्त कौन है? वो भक्त कौन है?
Is a?
तो 1 भक्त के बारे में जब प्रताप रुद्र ने पूछा तो रामानंद बताते हैं वह वो अद्वैत आचार्य है, अद्वैत गोसाई.
The।
तो इस प्रकार हर 1 भक्त के बारे में रामानंद राय बता रहे थे, जो भी भक्त चैतन्य महाप्रभु से मिलने गए थे, चतनमहाप्लगोंने पूछा मुरारी गुप्त कहाँ है? तो किसी ने बताया कि वो नरेंद्र सरोवर के पास है और वहाँ पे क्रंदन कर रहे हैं? रो रहे हैं तो क्यों रो? तो यहाँ पर मैं हूँ, भक्त यहाँ पर आये हैं बंगाल से, तो वो यहाँ से मिलने क्यों नहीं आये? वो वहाँ पर नरेंद्र सर ओवर में क्यों रो रहे हैं? यूँ? तो मुरारी गुप्त बोलते हैं कि मुझे लगता नहीं कि मैं योग्य हूँ आपके.
सामने आने के लिए, so i.
M.
तो चैतेनेमहाप्रभु के जो भक्त थे वो बहुत ही दैन्य थे.
Lust also cin.
तो जब हरिदास ठाकुर के विषय में.
भी पूछा गया कि वो कहाँ हैं, वो क्यों नहीं आए? तो उन्होंने भी वैसा ही उत्तर दिया कि मुझे लगता नहीं कि मैं योग्य हूँ आपसे मिलने के लिए, तो चैतन्य महाप्रभु के साथ रहना, उनका संग प्राप्त करना 1 बहुत सी बहुत ही विशेष चीज थी, तो कुछ लोगों का साक्षात्कार हुआ की चैतन्य महाप्रभु भगवान है, लेकिन कुछ लोग फिर भी नहीं समझ पाये, लेकिन चैतन्य महाप्रभु के साथ रहना शास्त्रों में लिखा है की अगर वो भगवान की कृपा का 1 बूंद भी देते हैं तो पूरे ब्रह्माण में बार बार आ सकती हैं कृष्ण प्रेम की तो आप बहुत ही भाग्यशाली हैं, आप सभी किस मंदिर में गौर निताई स्वयं उपस्थित हैं.
Also कल?
तो हमने सुना है कि कैसे चैतन्य महाप्रभु और नित्यानंद प्रभु की कृपा से पतित से पतित लोगों का भी उद्धार हुआ है.
Tallest india ही हाउस, तो.
चैतन्य महाप्रभु जब दक्षिण भारत में भ्रमण कर रहे थे तो वो 11 ब्राह्मण के घर गए तो उनकी पत्नी उस ब्राह्मण की पत्नी चैतन्य महाप्रभु के चरणों में जल डाल रही थी और वो ब्राह्मण महा प्रभु के पैर धो रहा था mha और महाप्रभु उस घर में प्रसाद ग्रहण करते थे चेतन महाप्रभु ने वहीं पर उपदेश दिया उपदेश जारे देखो तारे को हो, कृष्ण उपदेश.
गुरु.
अमर आज्ञा गुरु हो तारो ही देश we.
Need you a c।
तो हम चाहते है की आप सभी जो चैतन महाप्रभु की जो शिक्षा है, जो आदेश है, इसका पालन करें, भगवत.
गीता का अध्ययन करें, मत भागवतम पढ़े.
कृष्ण, भगवान कृष्ण की जो शिक्षाएं हैं.
उनका प्रचार करें और इस प्रकार इस.
जो भूमि का उद्धार करें।
So this is on, we see how are de alto tar is actually ulilitlybrv?
तो हम जानते हैं कि कैसे भगवान का हर 1 अवतार उनमें असीमित शक्ति.
होती है no on.
तो भगवान राम ने अवतार लिया और रावण को परास्त किया, सिर्फ अपनी वानर सेना के साथ।
He does.
कैसे भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र युद्ध में सिर्फ रथ चलाया रहा का 1 भी शस्त्र नहीं उठाया l.
और.
जो जो सब सैनिक थे, उनका वद्द.
हुआ.
तो चैतन्य महाप्रभु आये हैं पूरे संसार का उद्धार करने, तो चेतन ने कहा इस पृथ्वी में जितने भी, नगर, ग्राम, जितने भी हैं, हर जगह मेरे नाम का प्रचार होगा। तो प्रभु पाशापर 70 साल की आयु में थे और फिर भी उन्होंने लगभग.
इस पूरी पृथ्वी का 14 बार भ्रमण.
किया और मुझे प्रभुपाद की कृपा प्राप्त.
हुई.
तो मैं लगभग 19 साल का था और मुझे प्रपात की कृपा प्राप्त हुई.
In semis whalers और अब मेरी.
आयु है 74 साल और अब मेरे.
जो.
मेरे जो सेक्रेटरी हैं, मेरे जो डॉक्टर टीम है, वो मुझे बोलते है की आप ज्यादा यात्रा न करें, लेकिन प्रभुपाद ने लगभग 70 साल की आयु में पूरे विश्व में भ्रमण किया और सभी को कृष्ण नाम, कृष्ण नाम का प्रचार किया.
In good.
And, तो मैं बहुत ही कृतज्ञ हूँ आभारी हूँ डिवाइnगरेsएसी भक्ति वेदांत स्वामी शिलp्rभुpाtका.
Sales.
शिलप्रऊपाने स्वयं इस राधा रास बिहारी मंदिर की स्थापना की थी। आप सभी को आशीर्वाद देने के लिए हरiवाअगर किसी का कोई प्रश्न है.
अगर कोई वहाँ से नहीं बोल सकता तो.
1 चिट पर लिखकर आगे भेज सकते.
है.
हर सर स लंदन.
तो प्रभुपाद लंदन में 1 प्रवचन दे रहे थे और वो बता रहे थे की मेरे गुरु हैं शिव भक्ति सिद्धांत सरसुती ठाकुर और उनके पिता हैं श्रील भक्ति विनोद ठाकुर। तो आप सभी जो गृहस्थ हैं उन्हें आचार्य बनाने चाहिए।
Maharaj i was reading lela amrit, there is a conversation, when you will be in report of bangladesh preaching and peachingtomuslims and brobupadwas please like wise? how can i please you maharage so that we can please prbupan an instructions।
तो प्रभु जी 11 प्रश्न है यहाँ पर, 1 भक्त ने भेजा है की कह रहे हैं, महाराज ललाृप्रभुपालीलामृत पढ़ रहा.
था तो मैंने उसमें पढ़ा की आप प्रभु, महाराज प्रभुपाद को बंग्लादेश प्रचार और.
मुस्लिम लोगो को प्रचार करते हुए वो.
रिपोर्ट पढ़ रहे थे और प्रभुपाद बहुत प्रसन्न थे। तो भक्त का क्वेश्चन है प्रश्न है.
कि मैं महाराज में कैसे आपको प्रसन्न कर पाऊँ? ताकि मैं शिला प्रभुपाद को प्रसन्न कर पाऊँ कोई आदेश?
तो अगर आप प्रभुपाद के ग्रंथों का अध्ययन कर सकते हैं और जो ज्ञान है उसे प्राप्त कर सकते हैं, ग्रहण कर सकते हैं और प्रचार कर सकते हैं। मैं बहुत ही प्रसन्न हूंगा अरे वा.
और किसी का प्रश्न.
रे, तू थोड़ा.
जोर से बोलिए.
गुरु महाराज.
अपना आगा.
पालन कर.
अपना राज्ञा, पालन की भाई अपना आज्ञा पालन कर, जैसा गोरा। तो प्रभु जी का प्रश्न है। तो प्रभु जी का प्रश्न है की मै आपके गुरु महाराज मैं आपकी आज्ञा का पालन नहीं कर पा रहा हूँ। तो मैं कैसे आपकी आज्ञा का पालन करूँ? तो महाराज जी ने उत्तर दिया है.
आप प्रयास कीजिए.
I can t.
I.
Can, तो आप प्रभुपात की जो पुस्तकें.
हैं उनको क्यों नहीं पढ़ सकते?
आप प्रचार क्यों नहीं कर सकते?
Surat.
Shelter, तो 1 लड़की थी जो 7 साल की थी उन्होंने मेरा आश्रय.
लिया.
Real, तो सबको ही प्रचार कर सकते हैं।
Question, i m not able to read silaprbopatboks, how to increase the taste in reading prभुpatbu?
1 प्रश्न है कि मैं प्रभुपाद की पुस्तकें नहीं पढ़ पा रहा हूँ या पा रही हूँ कैसे मैं प्रभुपाद की पुस्तकें पढ़ने में अपनी रुचि बड़ा?
At have।
तो हो सकता है की शुरुआत में आपको प्रभुपात की पुस्तकें पढने में रूचि नहीं है, लेकिन फिर भी आपको प्रभुपाद.
की पुस्तकें पढ़नी चाहिए।
तो मैंने भी प्रभुपाद की पुस्तकें बहुत बार पढ़ी है, मुझे याद नहीं है 5 बार, 10 बार.
Satta was naisen.
तो हो सकता है पहली बार मुझे पढ़ने में रुचि नहीं थी लेकिन मुझे पता था कि ये जो प्रभात की पुस्तकें हैं, इनका ज्ञान 1 औषधी 1 दवाई के रूप में है।
तो इसलिए मैं यही पढ़ता था नाव। और अब मैं प्रभुपाद की पुस्तक प्रत्येक दिन पढता हूँ और मैं बहुत आनंदित हूँ प्रभुपाद की पुस्तकें पढ के स.
I got my boktiboibodigre, lol rt stunning.
तो मैं प्रपात की पुस्तकें पढ कर मुझे भक्ति वैभव की मेरी डिग्री प्राप्त.
हुई and go on the top camera camera.
On, तो अभी मैं भक्ति वेदांत कोर्स कर रहा हूँ और आखिरी स्कंद में हूँ बारहवें स्कंध में बारहवा स्कंद पूरी पूरा करते ही मुझे भक्ति वेदांत की डिग्री प्राप्त होगी।
हम है.
आप में से कितने भक्त हैं जिन्होंने भक्ति शास्त्री कोर्स पूरा किया है? हाथ उठाइए।
So baki।
तो भक्ति शास्त्री में जो मुख्य पुस्तक है वो है भगवत गीता और सभी भक्तों को भगवत गीता का अध्ययन करना चाहिए।
And is first xandros.
और भक्ति व भव जो कोर्स है उसमे भागवतम के प्रथम 6 कंदों के ओपन पढाया जाता.
है.
B is last और भक्ति वेदांत.
जो कोर्स है उसमें सातवें से बारहवें स्कंध तक पढाया जाता है। भक्ति सार्वभोम में चैतनय चर्चा अमृत को पढ़ाया जाता है। और अगर आप पढ़ते हैं लेकिन उसका अभ्यास नहीं करते, तो अगर आप पढ़ते.
हैं और उसका अभ्यास भी करते हैं.
तो ये जो ज्ञान है या आपके साथ चिपक जाता है.
तो बहुत सारे प्रश्न हैं।
तो मैं छोटे छोटे उत्तर दूंगा। next question what is the ड्यूटी ऑफ? woman in?
कृश्णा कांशeसneंc s a god?
तो सौरी 1 प्रश्न है कि माताओं का कृष्ण भक्ति में क्या भूमिका है?
उनकी.
Vrnashrumasso.
तो वर्णाश्रम में बहुत सारे.
भाग है, but.
As.
We.
Also have to understand is।
लेकिन कृष्ण भावनामृत में जो माताएं है, स्पेशल विशेषकर जो लड़कियाँ, उन्हें भी कृष्ण भक्ति समझनी चाहिए, अभ्यास करना चाहिए और.
उसका प्रचार करना चाहिए.
न?
तो कल रात को मुझे 1, स्त्री ने 1, माताजी ने 1 प्रश्न किया की मैं क्या करूँ? अगर मेरा पति कृष्ण भावनामृत नहीं है.
Become a loliwodactrक्टेस।
तो मैंने उन्हें कहा, जैसे कि बॉलीवुड में जो अभिनेता होते हैं, उनकी तरह.
नाटक कीजिए.
में, तो आप बहुत अच्छा.
1 नाटक कर सकते हैं, आप भगवत गीता ले जा सकते हैं, अपने पति.
के पास, हो सकता है आपको वो.
पता हो, लेकिन आप अपने पति को कह सकते हैं की आप तो 1 पुरुष हैं, यहाँ पर जो श्लोक या जो कुछ लिखा है वो मुझे समझ नहीं आ रहा है, कृपया करके आप मुझे समझाइए। तो इस प्रकार इस चतुराई से आपके जो पाती है वो भगवत गीता का अध्ययन कर पाएंगे।
So after after being in fisnalconsesness for fifteen years, sometimes we become relics in our chanting and lose test, how to enthusiastically increase of a test?
और शांति। तो 1 प्रश्न है कि जब हम भक्ति में हमें कई वर्ष हो जाते हैं, लगभग पंद्रह वर्ष, तो हम अपने.
जप में थोड़े स्थिर हो जाते हैं.
ठंडे पड़ जाते हैं, और जब में रुचि कम हो जाती है, तो कैसे हम अपने जप में निरंतर रुचि बनाए रखे?
Da.
तो हर दिन आप देखेंगे। तो जो अगर न्यूज चैनल हैं, उनकी खबर होती है.
Pipleafricा in israel in ukraine, there something so us।
तो अलग अलग देशों में अफ्रिका इजरायल, अलग अलग देश.
अलग अलग चीजें होती रहती हैं.
You like तो.
आपकी क्या इच्छा है की वहाँ पर आपका जन्म.
हो, यuकरanमेsotतो फिर आप कृष्ण के पास.
जाइए, क्योंकि हम भक्ति में olisi नहीं.
बनना चाहते.
Frutyfryearsincsan still he crime to do something, फेस.
तो मुझे कृष्ण भावना मृत में, कृष्ण भक्ति में चौवन साल हो गए हैं, लेकिन मैं फिर भी बहुत ध्यानपूर्वक हूँ अपनी भक्ति के अभ्यास में, क्योंकि मैं प्रभुपाद के प्रति जो.
मेरा ऋण है उसे चुकाना चाहता हूँ।
A.
House new incisio अगर आप अपनी.
रूचि आपकी कम हो जा रही है तो आपको प्रयास करना चाहिए कि आप कैसे जपमें अपनी रूचि बढ़ाए।
Questions और प्रश्न नहीं.
आम मोर कांशेस ऑफ़ माई हेल्थ एंड बॉडी दान बी क्रिश्ना कांशस हाउ तो.
तो 1 भक्त का प्रश्न है कैसे मैं अपने शरीर के स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य और अपनी भक्ति का 1 संतुलन बना पाऊँ?
Sad.
Hi fier तो 1 बार मुझे.
जो बुखार हो गया था बहुत ज्यादा.
Bali was an?
तो मेरे पूरे शरीर में दर्द हो.
रहा था what i was i?
लेकिन मैं प्रभु पात के प्रवचनों को.
सुन रहा था फिल सो मच.
मुझे.
बहुत ही प्रसन्नता हुई.
नॉट और मुझे.
साक्षात्कार हुआ की मैं शरीर नहीं हूँ।
You can थे बारी memबrलसुलूलीयर 9 बार.
तो आप अपने शरीर की देखभाल कर सकते हैं, लेकिन सब समय हमें ये याद रहना चाहिए कि हम ये शरीर.
नहीं हैं, हम आत्मा हैं।
Hrykusnagurumarag thank you so much for the wonderful class a lot of times। we feel very insignificant of our capabilities to use them in the service of krishna s, what is the first step, we should take to स्प्रेड द प्रीचिंग मिशन ऑफ शिलोपाउपात.
ना.
जैन her first thing is here?
तो माताजी का प्रश्न था कि कैसे हम कृष्ण में कृष्ण भक्ति करना चाहती हूँ, सेवा करना चाहती हूँ लेकिन शुरुआत में मुझे लगता है कि मैं बहुत ही इनसिग्निफिकेंट नग्न हूँ। तो मैं कैसे शुरुआत करूँ? सबसे पहले क्या करना चाहिए? तो महाराज जी ने उत्तर दिया की पहले आपको श्रवण करना चाहिए और फिर कीर्तन करना चाहिए।
तो बहुत सारे लोग हैं जो भगवान.
के पास जाते हैं, भगवान कृष्ण के पास जाते हैं और बहुत सारी अपनी.
लिस्ट भगवान को देते हैं। मुझे ये दीजिये, मुझे ये दीजिये, मुझे.
ये दीजिये, you.
In.
टू यू, लेकिन.
आप प्रार्थना कर सकते हैं भगवान के.
पास की मैं बहुत नगन्य हूँ, लेकिन मैं आपके प्रति समर्पण करना चाहती हूँ।
प्लीज games कृपया करके मुझे आप अपनी सेवा में नियुक्त कीजिए mig.
Conect.
और मुझे आशीर्वाद दीजिये की मैं सब समय भगवान कृष्ण आपकी सेवा में नियुक्त रहूं।
Me r if सुस्त।
तो जो पुरुष है वो भगवान से प्रार्थना कर सकते हैं, कृष्ण से कि कृपया करके अगर वो विवाह करना चाहते है तो प्रार्थना कर सकते हैं की मुझे कृष्ण भावना भावित 1 पत्नी का पत्नी दीजिये और माताएं प्रार्थना कर सकती है जो विवाह करना चाहते है की मुझे 1 कृष्ण भक्त 1 पति के रूप में कृष्ण भक्त दीजिये। तो अगर आप कुछ कुछ भी चाहते.
हैं भौतिक जो भगवान कृष्ण से सम्बंधित है।
So this a question please and like in me, if i have any dificulty by pasina dificulty by mein service and it is you to our in efficiency r r to understand it in the like। हाऊ टू बी अंडरसा.
1 भक्त का प्रश्न है कि अगर हम सेवा करते हुए हमें कुछ कठिनाइयाँ समस्या समस्याओं का.
सामना करना पड़ रहा है तो हम इसे कैसे समझे? क्या हम उस सेवा के लायक नहीं है या क्या?
If you a.
तो अगर आपको कोई सेवा प्राप्त होती है भगवान की तो.
आपको उसे भगवान के आशीर्वाद के रूप.
में लेनी चाहिए और अपनी क्षमता के अनुसार जितना अच्छा हम कर सकते हैं वैसा करना चाहिए।
As.
Well as first in the gig.
Grise तो अगर आपको लगता है कि.
आप वो सेवा बहुत अच्छी तरह से नहीं कर पा रहे हैं तो जिस भक्त ने आपको वो सेवा दी है आप उनसे पूछ सकते हैं कि मैं कैसे अपनी सेवा को सुधार सकता हूँ।
जिसने भी यह प्रश्न पूछा था क्या वो संतुष्ट है?
क्वेश्चन है.
दादाजी उनकी कमाई.
महाराजजी मेरी माला ने होती है, आप कैसे कराए होंगे? मेरी माला.
बोलिए क्या बोला आस्किंग चैन फाइव राउंड, आई कैन नोट चैंड सिक्टी.
S.
S.
Year तो 5 माला अगर.
कोई रोज करता है तो 1 साल में उनका 3 मिलियन भगवान के नाम हो जाता है। जैसे जैसे आप बड़े होंगे आप अपना जब बढ़ा सकते हैं।
अरे आल थे.
तो मुझे बताया गया है की मैं अपना प्रवचन लंबा न करूँ क्योंकि आप सभी को प्रसाद भी लेना है।
Did you re a call?
Okay?
She japुrdacas्वamy? महाराज की.
How home like a question and ancebroudतो?
आप में से कितने भक्त हैं जो प्रश्नउत्तर जिनको अच्छे लगते हैं?
So cीotlाम।
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Вот русский перевод текста песни «Любовная песня матери Лорри своему сыну Джею»


