20240419 || 75th Vyāsa-pūjā Offering by HH Gaurāṇga Prema Swami || Śrī Māyāpur, India

YouTube video (2024-04-19) of a multi‑speaker Vyāsa-pūjā offering in Śrī Mayapur featuring HH Gaurāṇga Prema Swami and other devotees (Bengali/Hindi). Speakers recount the spiritual significance of Mayapur, the role and contributions of Guru Maharaj (Jaya Pataka Swami is referenced), the growth of Namahatta/Mayapur preaching work, and devotional exhortations (kīrtana, guru-praṇāma, historical anecdotes). The tone is devotional, celebratory, and anecdotal; some lines are partially garbled in the transcript.
Questions this video answers
2024-04-19
75th Vyāsa-pūjā
ओमग्गानो तिमिरंदश्या गिनानजनचलाकयाशुषुरुनुमिलितं जनतस्मईशीकुरुविनमहु। नमायं पिष्णुपादयो किष्णप्रिष्थायो भूतले सीमते जयपताकाश्वामिनीतिनामिने, नमाचारिजपादयो निताईक्रिपाप्रदाईने, गौरकथ ताज अमादेर तानन्देर दिन, आजगा अमादेर परमारेद्ध गुरुदेप स्री सिमा जयपतका शामी महाराजेर पसत्तरितमा आबीरभाप तिति महुच्छप।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� भवनेते प्रकासन गुरूरूपधरी। तौसवनन्दसुतहरी तार्पिया। पश्चत तिनी गुरु रुप धरे यी जगते अब तीरिन हन। तबरुमान्ड भ्रमिते कुन भईग्वान जीप गुरु किष्ण पुशादे पाई भुक्तिलता भीज। ताते किष्ण भजे करे गुरु रशेवन माया जाल सुटे पाई किष्णेर चरण। तै जीप भु� बहुत जुनी भ्रामन करें गुरु किष्ण प्रसादी की कोते पारें एइ भुक्तिल अताबीज प्राप्त होते पारें तार पर तिरी गुरु देवेर सेवा करबें किष्ण भजण करबें तारी मया जल सुटे जावें शे किष्ण चरण कमल प्राप्त होये जावें तो इ प्राप्ति होते हवे।।।।।।।।।।।।।।।।।। तारा उनेकी मस्तक मुण्णन करते इच्छा करते नला। तो आमादे परुभबात, आमादे गुरुमहराज, जखान अंतरजाती किर्ष्णभावना अमरितर संगेर सालनिद्दे आशेन, तो अगन दुई दिन परे तीने मस्तक मुण्णन करे परुभब ताते पर वो बात खुब संतुष्ट हो हे शिलें एबांग तीन मासेर भीतरे ताके कनाडार मंटिल मंदिरेर अद्धक्ष पते निजुक्त करें तार किसु काल परे ताके तीनी की करलें एइ सिदाम भारत वर्षे पेरण करें पुत्मु कोलकाता एक गोरिय मथे एशि� तधान प्रभुपात ताके की कलेन इस सिदा मायापुरे पेरण करेन एबंग ताके निद्देश दिलेन हे जय पताइगा शामी आमे तमाके भगवाने राजवित्त पदान कच्छी तुमी एके गरे तुलाओ तार परे तीनी इसकाने जुगदान करवार दुई तर परे इमायापुर गोरे तलबार सेवा का जोतिनी करते थाकेन। तर पुर्छन दिके, अमाजेर परुवादेर सिष्छोर जरा इरूप एबाग अमेरिकार थीके इसे चिलेन, तर अनेकी इमायापुरेर मुहिमा तर विशेर बावे जानतेन ना। तरा तक़� जैन पिठीबीर एक ता अजाना जागा, अन्नों पिलेस, यायार कुर्थे का अनिक दुरे, से गयाने केनो, अमादेर अंतरजाति क्रिष्णभावनामित्र संगेर पधान केंद्र होई।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� जेन इस जरजागतिक मानुसेर कासे मयापुर अजाना जाइगा होले। जारा अध्धातिक बाती मानुस, ताजेर कासे मयापुर नवद्धिव अजाना जाइगा नोई। इन बोलने ठीक आछे। जदी सरा पितिबीर मानुस, इस मयापुरेर कता भालभावे ना जानते पार तो से इमतो देखा जाये बत्तमाने सारा पितिबीर मानुष एइ मायापुरेर मोहिमा जानते पाँछें एबंग सारा बाछरे भीबिन्न देश तेके पितिबी थेके भक्तर आच्छें एबंग एइ मायापुरेर मोहिमा सारा पितिबी ते पुछारीत होच्छे तार ब अम्रा जखने मायापुरे पुथमन देखे नामहट पचार को चेलाम, अमादेर अनेग भगतराम ये नामहटर गुरुद्ध पचार समवंदे तारा जानतो ना, बोचते पात्तो ना, तारा इता के केयार करतो ना, तो खने एक समय अमी गुरुमहराज मायापुरेर मोहिमावु सारा पितेवीर भखतरा जानतरा। एक दिन आजवे दोखने मायापुरेर मुहिमा सरा अपितिमीर भक्तरा जानते पारवे। एकार मायापुरेर मुहिमा जानते पाछे तेमनी तुमरा नामहट्र पचार करे जाओ, केवो कैयार करूग और ना करोग, आमी कैयार करी। एक दिन आजवे सबाय बसते पार तो जायो तेही भावे गुरुमहराज प्रभुवादेर निध्यस अनुशारी प्रभुवाद जाजा बोलचेन ता निध्यस तीने कथोर बावे पालन करें जखने कुना जोटील सिध्धान्त आसेई तकने तीने विचार करें प्रभुवादेर सम्मंदे की बोलचेन ता दे� अबं इभावे तिने सारा पिति बिते सिमन महा पुर्बुर बानी पुछार करे चले सें। अमौन की बत्तमानी अशुस्तोतार माझे हो सब समाय तिने चिंता करें। की करें। सारा पिति बिपी महा पुर्बुर बानी पुछार ही तो हभे। तो इभावे तिने ब्रिंदा ब से खने चौराशिक पुरुष भुर्जमन्गलेर माझे महापुर्भु जैसे स्थाने गेचें से खने महापुर्भुर पादोपीर एबंग तारुपर एकका सुट्टमंदिर स्थापणा कच्छें जाहाजार हाजार भोषर धोरे लोगार आजबे देखबी �.
हरे कृष्ण! तो करने के लिए विश्वी देव, विश्वी देव और वियासपुजा के लिए अनुभवार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वार्वा नन्दा महराज शुरु, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु कृष्णा, शुरु विश्वारी विश्वारी विश्वारी विश्वारी विश्वारी विश्वारी कृ विश्वारी क्योंकि अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने.
अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने.
अपने � विश्वारी शिला प्रभुपाद को इंडिया के लिए करते हैं। वो पहले करते हैं, शिला प्रभुपाद को इंडिया के.
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करते हैं, शिला प्रभुपाद को इंडिया के लिए करते हैं। शिला प्रभुपाद को इंडिया क श्रिदाम मयापूर्ड में अपरिष्ट करने के लिए अपरिष्ट करने के लिए अपरिष्ट करने के लिए अपरिष्ट करने के लिए अपरिष्ट शिलो प्रभुपात करने के लिए, शिलो करने जयपताका के लिए अपरि� स्वामी गुरु महाराज्या के लिए, शिलो प्रभुपात करने के लिए, शिलो जयपताका स्वामी गुरु महाराज्या के लिए, शिलो प्रभुपात करने के लिए, शिलो जयपताका 1979 स्वामी शिलोग गुरु महाराज्या गुरु महाराज पर नामः हर्ता के लिए नामः हर्ता के लिए नामः हर्ता के लिए नामः हर्ता नामः हर्ता के लिए.
नामः हर्ता के लिए नामः हर्ता के.
लिए नामः हर्ता के लिए नामः हर्ता के लिए नामः हर्ता के लिए � Nobody cares about Namahatta, it doesn't matter. I care about this Namahatta. So go on preaching. And today we know the result of Guru Maharaj's tireless efforts. Namahatta has become a universal affair. तो अगर महराज गुरु माहराज प्रेच्ची और प्रेच्ची श्रीमायापूर्ण.
के लिए कुरुमाहराज प्रेच्ची और श्रीमायापूर्ण के.
लिए कुरुमाहराज प्रेच्ची और प्रेच्ची श्रीमायापूर्ण के.
लिए कुरुम Thank you for watching our videos. Be sure to subscribe to our channel. We publish new videos every day. And don't forget to like and share our channel.
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Вот русский перевод текста песни «Любовная песня матери Лорри своему сыну Джею»


