75TH Vyasa-puja Celebration || ISKCON Mayapur || 2024

ISKCON Mayapur's 75th Vyasa-puja celebration from April 19, 2024, featuring chanting, kirtan, and devotional praises honoring spiritual gurus. Jaya Pataka Swami leads the multi-speaker event centered on Krishna worship and guru glorification.
सार सती दे बे गोर बानी प्रचा बाती पस्चात देशतारिले नामायों विष्णो पदाया कृष्णाप्रेश्थाया भूतने श्रीमते जईपता का निताई कृपा प्रदाईने गोर कोथा दमा नागर ग्रामतार ने Om बांचा कल्प तरो भाचा बोईश्नाने भई नामा नामा। एकुष्णा करुना विनावंभु जगात्पते।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� तत्तांतन गोरंगी।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� प्रनमामी हरी ये नीला चल निवाशा निताया परमात्मने।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� जय स्री कृष्ण चैतन प्रभुनितान स्रियदैत गदा धर स्रिवासादे गोरा भात बिंदा हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हर Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma राम राम हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे Hare Krishna Hare Krishna Krishna Krishna Hare Hare Hare Rama Hare Rama Rama Rama Hare Hare Hare Krishna Hare Krishna Krishna Krishna Hare Hare जया प्रभुपादा जया प्रभुपादा गुरुदेव जाया गुरुदेव गुरुदेव जाया गुरुदेव हरी बोल हरी बोल निताई गोर हरी बोल गुरू.
चारने के लिए.
मुला वाले के लिए नहीं है। गुरुदे गुरु दे गुरु दे गुरु चारान कमाल भजमान गुरु कृपा बिना नाही कोई साधन बा गुरु कृपा बिना नाही कोई साधन बल। भजमन भजयनुखान। गुरु चरानक मलभजमान। दूर्ला भजानां दूर्ला भजानां दूर्ला भजानां ब्रोमतु है चोदो भुवां ब्रोमतु हो चोदो भुवां किसी को मिलता है आहो भाईयो से किसी को मिलता है। आहो भाईयो से खोरी भाँत की दर्शान। खोरी भाँत की दर्शान। गुरुचारान गामल भजान। गुरुचारानाता मौलो भाज़ कृष्णो की पाकी आनन्द मूर्ते। आनन्द मूर्ते। आनन्द मूर्ते। आनन्द मूर्ते। कृष्णो की पाकी आनन्द मूर्ते। आनन्द मूर्ते। आनन्द मूर्ति दिन जन कोरो ना निधा भोक्ति भावो प्रेम तीनो प्रकासत प्रभु गुरु पति तो पवान गुरुचाराना कमल भाजमान सुति सृति इति हां सोभी मिले हैं सोभी मिले हैं सोभी मिले हैं सोभी मिले हैं सुति सृति इति हां सोभी मिले हैं सोभी मिले हैं सबी मिल है। सबी मिल है। पीनोस पोस्ट प्रमाँ। पीनोस पोस्ट प्रमाँ। तनमन जीवन। गुरु पदे और पांच। तनमन जीवन। गुरु पादे आरपान।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। तरन कमाला भाजमाल।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� गुरुचाराना कमल भाजम हरे.
कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे अम्रा किछु खनर कृष्ण मद्धे हरे क गुरु महाराजेर गुण महिमा कीर्तन अम्रा स्रभन करभो ता अपनादेर मद्धो देके जदी के यो गुरु महाराजेर महिमा अपनादा बर्णना करते चान ता होले अमार काछे नाम दीते पारें अम्रा अपनादेर नाम देके ने तो अमरार किछु खन किर्तन करभो तार पर आजकेर गुरुमहाजेर गुणमहिमा किर्तन एबंग तार पर गुरुमहारेजी जन्न साथ्ता थेके अट्ता पर जन्त एक टी स्पेशाल किर्तन होबे गुरुमहाजेर सुस्थताच जन्न सायरिक सुस्थताच जन अच्के साफारी डान्स होगे एबं किछो नाटोक मंचस्त करा होगे तो से इजन्न आपनादेर काछे अनुरोद आम्रा गुर्माहाजेर गुणमहीमा कीर्तन कराज जन्न आपनादेर काछे अनुरोद करची अपनादेर केवो चान तहाले आमार काछे नाम जमा दीते पारें � एक, एकेर पर एक, एबंग आपनरा एकाने एसे गुरुमाजेर गुनमहिमा कीर्तन करते पारें। हरे कुष्णा। ता आमी अनुरोद करवो स्रिपाद देवधर्मा बुव के की सुन्दर भाजन परिवेशन कराज्ञा। हरे कुष्णा।.
आपको परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण, कृष्ण, हरे हरे, हरे राम, हरे राम, राम, राम, गुरवे गौर चंद्राय। राधिकाय तदालय। कृष्णाय कृष्णभक्ताय। तदभक्ताय नमोनमः। नमयों विस्न पाडायो। कृष्णप्रेष्टाय भूतले। सिमते भक्ति वेदान्त सामिनीति नामिने। नमयों विष्णपादाय कृष्णब्रेष्टाय भूतले स्रीमाते जयपताका सामिनीति नामिने नमोयाचर्ज पादय निताय कृपाको दाईने Gaurakathādhamo daya Nagargrāhamo tārine Jai Shri Krishna Chaitanya Prabhu Nithyananda स्वियत्तैत गदाधर स्विवासाधि गौर् भक्त विन्दा। Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare Jai Mādhava Madana Murari Jai माधवमदनमुरारे माधवमदनमुरारे माधवमदनमुरारे किसव कलीमलहारी केसव कलीमलहारी केसव कलीमलहारी जै माधवमदनमुरारी ही जै माधव माधवनमुरारे।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� नयन बिसाल सुन्दर कुण डाला नयन विसाला सुन्दर कर। गल सोहे बई जनती माला सुन्दर कर। याचविक बले हारी। जै माधव माधव न मुलारे। जै माधव माधन मुरारी जै किसव कली मलहारी जै किसव कली मलहारी जै माधव माधन मुरारी कब हून लुट लुट दोधी खायो कब हून लुट लुट दोधी खायो कब हून धूवन रास रचायो कब हूं लुट लुट दोधी खायो कब हूं निधूबन रास रचायो नाचत बिपिन बिहारी माच साथ बिनावि हारी माधव मदन मुरारी माधव मदन मुरारी जै केसव कलीमल हारी जै के सब कली वल हारी जय माधव मदन मरा करुणा चर्द दिप्रुका कोरुना कर द्रवों दी फुकारे पट में लिपटे गे वनावारे करुना कर द्रापदी फुकारे पठ में लिपटे गए बनावारे निरख रहे नरनारी माधवमदनमुरारी जै केसव कलिमलहारी जैं केसाव कली मलहारी Jai Madhava Madana Murari Jai Keshava Kali Malahari किसवचलीमलहारी जैमाधवमदनमुरारी जैमाधवमदनमुरारी जैमाधव मदन हुरारे बन्दे कृष्णा नन्द कुमारा नन्द कुमारा नवनेत चौरा बन्दे कृष्णम् नन्द कुमारम् नवनेद्धचवरम् बन्देकृस्नम् बन्देतेस्नम् नन्दाकुमारम् नन्दाकुमारम् नवनेद्धचवरम् उपात्त कवलं पराग सवलं Upātta kavalam parāga savalam Upātta kavalam parāga savalam वन्दे कृष्णाम् नंद कुमारं Vande krishnām nanda kumāram उपात्त कवलं Upātta kavalam पराग सवलं बन्दे कृष्णाम नन्द कुमारं nanda kumaram nava nidha jauram vande krishnam vande krishnam nanda kumaram nanda kumaram nava nidha jauram vande krishnam vande krishnam nanda kumaram nanda kumaram नवनेदचवरं बन्देक्रिष्णम् नन्दकुमारं नवनेदचवरं बन्देक्रिष्णम् අපි ස්තූතියි ස්තූතියි Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare राम राम हरे हर Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Hare Hare Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare Hare Kṛṣṇa कृष्णा कृष्णा हरे हरे Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare श्रीतना हरे श्रीतना श्रीतना श्रीतना हरे हरे हरे रामा हरे रामा रामा हरे हरे Hare Krishna Hare Krishna Krishna Krishna Hare Hare Hare Rama Hare Rama Rama Rama Hare Hare हरे गृष्णा हरे केष्णा Rāma Hare Rāma Rāma Hare Hare Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Hare Rāma Hare Rāma Rāma Rāma Hare Hare हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे लोडी बोल, लोडी बोल, लोडी बोल। राम, राम, राम, राम, राम, राम, हरे, हरे। अरे पिजना प्रेजेना प्रेजेना Hare Hare Hare Rama Hare Rama Rama Hare Hare Hare Krishna Hare Krishna Krishna Hare Hare Hare Rama Hare Krishna शुरू शुरू शुरू शुरू शुरू शुरू शुरू प्रेशना। हरे.
गिस्सा.
जय गुरू देवा जय गुरू देवा पसित पावान गुरू देवा Hare.
Krishna, Sound Ektobar. स्रिशिमा जयपतिका स्वामि गुरु महराज के पुचात्त तमो बैस पुजा महा महत्सब के स्रिल प्रभुपा दे के गुरु महराजेर पुचात्त तमो बैस पुजा उपलखे हम्रा दितियो परजाईर भजनकीर्तन एबंग मंगला आचनेर माध्यम दे सुरु करेची अख गुर्महाजेर गुणमहिमा कीर्तन करभो तो आमी अनुरद करभो स्रिपात कमलापदी प्रभु आजके प्रथम विकाले गुर्महाजेर गुणमहिमा कीर्तन करभें आपनादेर मद्धो तेके जदी केओ आपनादा इच्छा प्रकास करें जे गुर्महाजेर महिमा कीर्तन कर ताहले आमार काछे एशे नाम दीजेते पारें। आम्रा एक-एक कोरे आपनादे देखे नेवो एबंग एकाने एशे आपनी गुरुमाजेर गुरमहिमा किर्तन करते पारें। तो एकखण आमी अनुरोद करूब स्रिपात कमलापदी परभुके स्रिमुख थेके। आपनारा स मायापूरे उन्ही पुरथम सब समय जन्न एइ बुक डिस्ट्रिविशने उन्ही स्थान अधिकार करे थाकेन। अखन प्रतेक दिन उन्ही अमादेर मायापूर टीवी ते अंलाइन क्लास दान। कटा समय? इशकान बांगला सारे चार्ठे थोगे। सारे चार्ट ते थेके सारे पांस चयतन महा प्रभुर रोपरे कखण चयतन चयतामृतो कखण चयतन भागवात थेके प्रत्तेक दिन सारे चार्ट तेके सारे पांस ता पर जन्तो इश्कन मयापुरिश्कन बंगलाते प्रत्तेक दिन क्लास दिये थाकेन तो ताके �.
हरे कृष्णा ये पतम बोलले एक लाप की हने कुण सुमाय पवा जाये आर नावादे सुमाय बेन्द दियाये दू मिनिट, तीन मिनिट जोतो देरी होगे सजीन भागवानेर इच्छा है अमी तो गुणमोहिमा सुनावो गुरुमाज के तास संगे आप नाराष्व ओंग ग्यनत्मिरंदश्य ग्यन अञ्जन सलगय चक्षुर्मित ओंग जेनत तस्महि श्री गुरुबे नमा नमा ओंग विष्णपदायो किष्णपेष्टायो भुतले शिमते जैपतका स्वामि निति नामिने नमा अचार्ज पदायो निताई की पापुदाईने गौवर कत� गुरुमाज की भावे नगोर ग्राम के तीनी त्यालन कोच्छेन, कतो भख्तो शंका बिद्धी पाच्छेन। पौपाद गुरुमाज के आदेश दिये चिलेन, जे पंचाक्षाजार सिष्व कोठे, एकहन गुरुमाजेर पंचाक्षाजारेर अनेग अनेग बेशी सिष्व आगे अमरा मन्दिरे ब्यास पुजा कोत्तां, ओई चोटो जाइगार मते धोरे जेतो, अगर मन्दिरे तेके कतो बड़ो पैन्डेल, ताते भक्तो संकाध होच्छेन, ताओ गुरुमाज उपूस्तिद नाई। गुरुमाज उपूस्तिद थागेले, अमर मु ता गुरुमाराजेर अनिक महिमा, अमी से गुलो एक टेक्टु सुदु मात्रो पद पदशन करवो, जाते हाम्रा गुरुमाराजेर चीद चरण कमले सर्णागत होई, गुरुमाराजेर पादो पदमे सेवाई जुक्तो थाकते पारी, हे अमार परमारद्ध गुरु महाराज, आजगर इस सुबो ब्यास पुजार पुर्ण तिति थे, आपना श्रीचन कमले अनन्त अनन्त कोटी धन्डवात पुनाम निविदान करी। गुरु महाराज, अपनार गुण किर्तन जतोई भक्तोदेर श्रीमुक्तो के सवन करी, ततो मोहीमा अम्ने काछे गुनोगान करें। भक्तेर गुनोगान स्ववन कोते भगवान खुब आनंद पान। आर भगवानेर गुनोगान जखन होय तकण भक्तोर आनंद पाय। ताय आजके सिर्शी रादा मादव पंचु तत्त निष्णु देव खुब आनंद पाच्छें। त रादा मादव, पंछतत्तस एबाग निष्मदेव के आजकि जदी आपने लाद दर्शन करवें, देखवें कुब सुन्दर हासी मुके दाड़ी आचें, जे आजकि आमार प्रिय भक्तेर गुणगान कोच्छें, आर पंछतत्त रादा मादव निष्मदेव सबन कोच भगवाद घितार दीति अध्धाय संको जोगे, एक्चोलिष नम्ब स्लोके। बवसाय आद्मिका बुद्धी रे केह कुरु नन्दन। एइ स्लोके ब्यक्ख्या कोते गी। शिपा जौनियास पुरु शेसे भोलेन। जे जयपतका महाराज सुदु प्रान धरे आचे पवुपादेर आदेश, निर्देश पालन करार जन्ने। सुदु परो उपोकारेर जन्ने तीनी प्रान ता धारन करे आचेन। आर कौनो उद्देश सो निये नौय। आर आजके गुरुमाराज नयोडाते जखन प्रवचन कुरि तीरिष्टा, से हादेश गुलो अमी आरो किभाई पारण करवो। से गुरुमाराजेर एक ता हादेश पहुबादे दिये चन, से ता अच्छे गुरुमाराज गे एक लोक्खो बड़ो भई, आथ दोज लोक्खो चोटो भई। गुरुमाराज गे एक बार सिशेमाद भुक्ति चालुषमी गुरुमाराजे जिवन चरित। आज सेकाने पोरते गे, एक बार गुरुमाराज जे एसेस मीटिंगे थे, ये चिलेन, एटा गिता भवने होच चिलो, तक गुरुमाराज सेकाने बोलते गे बोललेन, जे आमी जखोन मयापुरे जोगदान तक्कहन कएक दिन ठकार पर एक तभकते संगे मार मनमालिन्न हयेचे, ता अमार खुर्तुत भाईर बिये एक टा चिटी हो इसेचे, से ही उपरलोखो केंद्रो करे, अमी बाड़ी चले जाई। आर सिशिमात जयपताका महाराज तीन आमी एकटा बंदुर बाड़ी ते सखार आ गेची, रात्तिर एसेची। अमार बाबा बोलचेन, जयपताका महाराज बोले केवो आचेन इसकोने? बोचे, है, है, आचे। क्यानो? बोचे तीन बार एसेचेन तो माके खोच कराज जने। तोन गुरु महाराज सखार बाला कोलक गुरुमाराज संगे साखात करलें। साखात करार परे गुरुमाराज बोल चेन, आमी तुमाके मयापुरे फिरी निये जा आज ने एसेची। तोन गुरुमाराज बोललें, जदी निये एसेचेन, चलून आमना संगे चले जाए। तक गुरुमाराज, यही जे आमी चिंता कर ताले देखा जा चे जे गुरु माराज इसकोने जोयन थेके भखतों देर परती जे की प्रेम, की भालवाषा, भखतों सेवा करार जोने जे कितनी क्यावतो उद्गृप से ता पावा जाए। गुरु माराज कुरुना सुन्द बहे लिखचेन जे जयपताका माराज चो� कोरे एकोत्तें, केवो जले दुबे गेले, जयपता का महाराज सातरे गिये धरे नियास्तें, ताके बाची आन्तें. तो महाराजे अनन्त अनन्त गुनोगान। गुरुमाज जखन गुनोगान कोच्चिलें, तकोन अतो आनन्द पाचिलें, जखन वश्णवे श्रीमुक्ते के तो से इस आगेर बाचरे अमादे देवो गोरांग पभु, तीनी गुरुमाराजे गुनो गान करते के कोई एक टी कता बोले चिना और गुरुमाराजेर अथ्तन्त प्रिय शेवाग महा बाराव प्रभु तार सिमुख तेके जगहण गुरुमाराजे गुनो गान तो महाबरावो बोलचेन गुरुमाराजेर अनिक दिन दोरे तीनी जब बन्द शिलो, कतो दिने जब बन्द शिलो, सब जोग करे गुरुमाराजेर जबन सुरीर भालोलो, से यी जब तीनी पुरा कम्प्लिट करलेन कोईक बचर मंदे, तो अमी चिन्ता करला हो, जद गुरुमाराज बोल चेन, बोल चेन, क्यान पवुपाद गुरुमाराज के दाइत्व दिये चेन, जो भक्तोदे दाखा सुना करार जनने, एइ भावे गुरुमाराज के जे सब दाइत्व गुलो दिये चेन, से इ दाइत्व गुलो गुरुमाराज बार बार स्मान करे, से ग तीनी अमाके बोललें, आमना जखन संकृतन आमादे मीटिंग होच चेलो, गुरुमाराज बोललें, कारा कारा, कुरी बच्चर संकृतन करभे? तोखन तो संकृतन दिनिष्टा की जानता हूं ना, दू हाथ तूले दिलां, गुरुमाराज बोललें, ठीक आमारे सिसिमात भौक्ति पिजाय भाग्वान मारे बोल चाहें, गुरुमाराज, कमालापति कुरी बाच्चर। कुरी बाच्चर क्याना? आमे यो सिल्वाज जुबली करवो, आमे यो जने पार्थवना करी। तो अमें चिन्ता कोलाम, अमादेर मौतोर नगन्न भख्तोदेरों गुरुमाराज भगवान का जो पार्थुना करें। इबाँ गुरुमाराज बोलेलें सिल्वाज जबली करबो, ता 25 बाच शंकृतन कोलाम, गुरुमाराज कुछ खुशी। गुरुमाराज ज� जेक्कोनों सिष्यों गुरुमाजे काछे जावे, जेक्कोनों गुरुमाजे काछे जावे, जेक्कोनों गुरुमाजे काछे जावे, जेक्कोनों गुरुमाजे काछे जावे, जेक्कोनों गुरुमाजे काछे एक बाई, कुनों गुरुषिष्टेर कुनों अश्विदे जावे, होले, अमर काछे निर्दिदाय आस्थे पारें। जखण सीशिमात, भक्ति चारुषामी गुरुमाराज, तीनी अपकर लिला कुरलें, से इसमा गुरुमाराज, अमन भावे, अमादे जेक्कोनों ग ताजिके इस सुबो ब्यास कुजा दिने अमी गुरु माज़े काछे पार्थना करवो। आरेकता कता, इता ना बोलले नुया। गुरु माज़े पर बोल चिलें, जे अमी पती ता भख्तो के गलोग बिन्दावने फीरे नी जैते पारी। जदी तारा अमाके एक्टु सा तक गुरुमाराज इता नीजेर मुके JSS मेठिंगे ते तीनी बोल चिलान, से पास्टा जीनिष की, अमनादेर के आमें मने करिये दी। गुरुमाराज बोल चान, अमार सिष्व जोदी भालो करे जौब करे आज चार्टे नियम पालण करे, तले अमार ताके � दीतिय नंबर अच्छे, अमार सिष्च जदी जानो तानो पोकारे ना। जदी भोषनाप सेवा करे, ताले ताके अमार फिरे निये जावार कुछ सुभीदे। तीन नंबर गुर्माज बोलचिणान, जदी अमार सिष्च जानो तानो पोकारे, तो जदी पचार करे, नामर्ट और पांज नममर बोल चिलें, जे जदी कोनों भक्तों अमर संगे जोगा जोग राके, ताले आमार ताके फिरे नी जावा सुभीद है। इपांस टा कथा गुरुमाहाजी अत्तो सुन्दर भाई बोले चिलें, और अमार अत्तंद प्रियो शाती बन्धो, से � आमी दायडीते नोट करे गे चिला, बहुत दिन आगेर कथा। ता अमरा जदी सत्य करे गुरु माराजेर काछे आदेश निदेश पारण करी, ताले आमादेर गुरु माराजे आमादेर के फिरी नी जावाच जन्ने गुलक बिंदावने को सहोज होगे। आजगेर इस जाते अभनी जी भावे भक्तोदे सेवा करार जण्ने मोन, प्रान दिये सेवा करेचें, सेवा करार जण्ने उद्ग्रिव होय थाक्तें, आम जण आमना चनकमलेर एककोना इस सेवा करते पारी, आमनार गन्तपुचारे आमना के साज्ञ करते पारी, आज सीशी रादा मादव जे रादा मादव, सीशी निष्मदे, पंचतत्तो, आमने किपा करों, अमार गुरु माराज के आमने दिर्ग आयो दान करों, उन्हार स्वरी सुर्ष्ट रखों, एबां उन्ही मायापूर्धामे जाना कुछ तात्री फीरे आसे, शारीरिक कोल्यान एबां पवबादे सेवाई उनी जतो दिन जुक्तो थागेबेन, इसकानेर समस्त गुरुबिंद शुदुनाई, इसकानेर भविष्यत उज्ञाल होये थागेबे, से जने आमी आज आमनादे काछे पार्तणा करची, सिष्यरादामादः पंच जाये गुरुमाराज की जाये जगदूरि शिलापोपात की जाये स्वाइमित गौर भक्त बिंदो की जाये इताई गौर पे मननदे हरी हरी भूँ। Hare.
Krishna, अशंको धन्यवाद सिर्पात कमलापति प्रभुके। कुछ सुन्दर भावे प्राञ्जल भाषाई गुरुमाराजेर एक जोन गुरु और एक जोन गुरुर पति तानदेर जे प्रेम, तानदेर जे भालो बाशा, से ता आमादेर मतो नगन्य बेक्तिदा कियों बुष्ठे पर बेना। जीनी बोललें, मने कमला पति प्रभु बोललें, जे आम्रा तखनी ये ता भिचार करी, आमी का तक्छन अमरा विचार करबोना, जक्छन अमादेर आध्धातिक चेतना अनेग उन्नतो स्तरे थागगे, तक्छन आम्रा आर एइ गुरु भागा-भागीर विचार टा अम्रा तक्छन करबोना। तो इता ही उनी बजाते चाहेलेन कुछ सुन्दर भावे, तो आ चिदानन्द कृष्णदास। उन्हें आपनादे स्वामने गुरुमहाजेर किछु महिमा बर्णना करवें। अमना किछु नाम पेएची। जदी आपनादेर मद्धो थेके क्यों चान। कोनो माताजी बा प्रभुरा जारा बाइरे थेके इस्चें। नामर्टेर भग हरे कुष्ण.
नमों विष्णपादयो कृष्णप्रिष्ठायो भुतले, स्रिमते जयपतका स्वामिनिति नामिने, नमों आचर्जपादयो निताई क्रिपा प्रदाईने, गोवुर कथा धमधायो नगर ग्राम तारिने। जश्यो प्रशादाद भगवाद प्रशादो जश्यो प्रशादन्न गतिको तोपी धयवं इस्तवं इस्तष्य जश्यो स्तृषन्दां बन्दे गुरु स्री चरणारो बिन्दं। Hare Krishna, आज आमादे सकलेर एक टी आनन्देर दिन। एइ तिथिते, एइ दिने आमादेर परमराद्ध गुरु महाराज ताथा सिला जयपतका सरी महाराज ये जगोते आबिर्भुत होये आमादेर मतो कोली होतो पापा होतो जीव्देर के उध्धार करवार जन्नो तीनी ये जगोते अभुतरण करे चिलेन. अमरा सकले जानी सुनातुन गुर्ष आश्राय कुरिया बन्दो स्री गुरु चरण जहा होईते मिले भाई कृष्ण प्रेमधान। जीवरो निस्तारो लागी नन्दो सुतो हरी भुवने प्रकाश होलेन गुरु रुपो धरी।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। त्या बोल्छा आश्राय करिया बन्दो स्री गुरु चरण जाहा होईते मिले भाई कृष्ण प्रेमोधान। कृष्ण प्रेमोधान पावार एक मात रोपाई स्री गुरु चरण आश्राय। आद दीतिवा तो बोल्छेन जीवेरो निस्तारो लागी नन्दशुत हरी। अर तीनी ई गुरु रूप धारण करे ये जगते अभुतरण करे। ताय हम्रा नाम अपरादेर तीन नम्बरे हम्रा बोले थाकी स्री गुरुदेव को अभुग्गा करा तीन नम्बर अपराद। अथात गुरुदेव के मुनुष्यो ग्यान करा। हम्रा जदी गुरुदेव के म गुरुदेव शाक्षाद, शाक्षाद रित्तेनो। बुल्छेन तीनी शाक्षाद अर्था नन्दशुतो हरी तीनी ये जगोते अवतरन कर ये जगोत, जीव्देर के उद्धार करवार जोन तीनी नेमे एशेचेन। आमार अनिक कथाई मने परे गुरुदेवेर संग्यामी � एबं तार आगे हूँ 2000 शले एबं 1999 शले अमर मुने परे प्रत्थम अमि जखन गुरुमहराजे शाक्खात पे चिलाम से ता चिलो 1995 अर्थात 1995 शल अमि सुदू गुरुमहराजे नाम सुने चिलाम प्रत्थम नाम सुने ही अमर मुने ह जयी पताका मने जयेर पताका निये तीनी एशेचेन इस जगोते। अर्थाते ही सुनातन धर्मेर तीनी एक ता जयेर पताका निये एशेचेन। अर्थात जगोत जीव्देर के तीनी उद्धार करवें। इन नाम ता सुने आमार रिदाये जामों एक टा दोला दिये चिल इसकोन पतिष्टता आचर जो अभय सरणार बिन्द भुक्ति बिदान्त श्रम इच्छेला प्रवुपाद। तीनी नामकरन्ती कुरे चिलेन आमार गुरुदेव के। करण तीनी जानतेन जे तारे शिष्षो ये जगत के तारण करबेन। आमरे सखले जानी प्रवुपाद आ जे पिराय एक लक्खेर काचा काची चले गास। शिष्यो एक लक्खो काचा काची होये गास। जाई हो, एइ नामती सुना मात्रोई आमे जनो महीतो होये जाए। तर पर पुर्थम उनिष्यो पुचा नुभई शाले आमे जखण गुणमाराजे दर्शन करी तकण आमे अ नित्तेर सवी तीनी भागवाद कथा करेचेली ने स्टेजे. आमी अबाख होये जाय, जे तीनी की भावे मुन्ह हो चिलो जाना अमर एक टा दिब्बोलोके, अर्थाद गलोक धामे बास कोच्छी. यामों संदे संदे ताले ताले आनंदे तीनी स्टेजे हरी कथा बोल.
जीनी.
अकातूरे तार जीवन, जोबन, धन, मान, पति, पत्ति, समस्त कुछु तार गुरुदेव एबंग भगवानेर चरणे सम्पुन रुपे समारुपित कोते पारें, तीनी आरे केवो नान। तीनी शाक्खात भगवानेर पेरेरितो दूद। से ती चिंता करेई सरणागत जखुन अमी सापारी प्रोग्रामे गी चिलाम, अमार बेक्तिकोतो भावे गुरु महराज के शेवा करा सोभाग्ग है चिलो, अमी गुरु महराज जे रुमे चिलाम, एटा चिलो खेतुरी धाम, राश्याईद, नर्तंदश ठाकुरि स्रिपार, प्रेम तोलित तखुण किछु मशा गुरुमहराज चरणे पूरेच। तखुण अमी गुरुमहराज मशा गुलो तालाते गयाच। गुरुमहराज बोलछे राखु। अमी बोलछे गुरुमहराज मशाई काम्रा बेतो। बोलछे ना थाक्ते दाओ। बोलछे मशाराओ चाई एकटो � आमी अबाख होये गेलां। जिवे जिवे दया नामेरी उची वश्णव शेवन। यहावाई धर्म आरा नाही सुनातन। जिवेर पति जे दया, आमी से टी गुरु महराजेर मद्दे दर्शन करे चिला। तो जाई होक, आमी आद देर्गाई तो कोठे चाई ना। अनेक बग किन्तु इस शिष्यों देर मोद दे गुरुदोबेर महिमा निहितो थाके। अमादेर जदी भालो आचारण, भालो ब्याभार गुरुदोबेर अनुगत होये, अनुशरण करे, अमादेर जदी चोलते पारी एबंग सभार स्थाते सुन्द आचारण करी, ब्याभार करी तेले.
ज्यामों सुन्दर.
गुरु देव त्यामों तार शिष्यों। बोले हारी। ये ता गुरु महराज्यर महिमा अरो बिड़े गयल। आर जदे आमे कुधाओ एक ता खाराब कर्म करी, खाराब कास करी, तकुण सभाई निन्डा करेगार बोले कौन गुरु महराज्यर शिष्यों ये जन शुदी भक्त बिरिंदो, अमरा जारा गुरु महाराजे शिष्षो एबंग शिष्षा बिरिंदो रहे ची, अमादेर आचार आचारन ब्याभर यातु सुन्दर हो दर्कार, जाते कोरी गुरु दुबेर महिमारो बिद्धी बेते पाले। हरे क्रिष्.
हरे कृष्णा, असंखो धन्नवाद चिदानन्द कृष्णपरभु के. तो अमरा अनेक बगताइति में अमरा पियेची, जरा गुरुमहारजेर गुणमहीमा कीर्तन करा इच्छा प्रकास करेछें, तो अमरा रिक्वेस्ट करभो, ज जदियों गुरुमाजेर महीमा कम सुमायर मद्दे प्रकास्ट करा समभव नई तबु आमादे एक टी अनुस्थान परिचलना करते गेले तार एक टा लिमिटेशन थाके तो से इशुत्रे आमी अनुरद करूबो जटो कम सुमायर मद्दे सेश करा जाए तो आमी आख I would like to request Aksharam Chandra Prabhu to come here and speak something about Guru Maharaj. So, he will offer his offering to Guru Maharaj on his 75th Vyasa Puja. So, please come. And after that, Sujitendra Prabhu.
He will be summarized. Thank you. Hare Krishna. Namo Vishnupadaya Krishnaprishnaya Bhutale Shreemate Jayapataka Swami Nithyanamini. नमो आचार्य पादाया निताय कृपा प्रदायने गौर कथा तामदाया नगर ग्राम तारिने श्र गुरु महराज It's a very auspicious day today when I have this opportunity to glorify you. I have read in Srimad Bhagavatam that Sukhdev Goswami when he heard the story of Putana, how Krishna delivered Putana, पूतना के लिए कृष्णा के लिए कृष्णा के लिए कृष्णा के लिए कृष्णा के लिए कृष्णा के कृष्णा के लिए कृष्णा के लिए कृष्णा के लिए कृष्णा.
के क�.
गुरु महराज, आपको प्रेच्चियों के.
लिए प्रेच्चियों के के लिए प्रेच्चियों के.
लिए प्रेच्चियों के लिए प्रेच्चियों के लिए प्रेच्चियों के लिए प्रेच्चियों के लिए प्रेच्चियों के लिए प्रेच्चियों क पंचेत देवडः महाराज वो मेरे साथ करने के लिए पन्चेत देवडः महाराज पन्चेत देवडः महाराज पन्चेत देवडः महाराज पन्चेत देवडः महाराज पन्चेत देवडः महाराज पन्चेत देवडः महाराज पन्चेत देवडः महाराज पन् पर आप करते हैं कि आप करते करते हैं, आप करते करते हैं चलित बांगला में, अपने परसन परसन परसन परसन परसन परसन परसन प� और वो मेरे साथ करता था तरवाद करता है, वो आप के लिए देखते हैं। अगर मेरे लिए करता हैं, वो मेरे लिए करता है, वो मेरे लिए करता है, वो मेरे लिए करता.
है, वो मेरे लिए करता है, �.
अगर कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली के लिए कली एवरी क टाइम वें आई फिल लो, एवरी टाइम वें आई फिल ताईम अलोन, आई आई आई आई आई.
आई आई आई आई आई आई आई.
आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई I am very confident that you will be very pleased to hear that with the concentrated efforts of your treasury team, the finance team of Mayapur, we have already readied all our accounts for auditing as of 15th of April itself. Something which looked very difficult in the past, we have been able to achieve by your blessings. और यह आपके लिए आपके.
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आपके लिए आपके लिए आपके लिए आपके लिए आपके आपके लिए आपके लिए आपके लिए आपके लिए आपके लिए आपके लिए आपके लिए आपके लि But I remain committed to conduct more seminars like this in order to inspire devotees to take care of their children as Vaishnavas, so that they can go out to this world and preach Krishna Consciousness, connecting with people on the basis of compassion as you have showed us. Thank you very much Guru Maharaj for this opportunity. तो आपको मुझे मेरे करते हैं और मेरे करते हैं मैयापुर श्रीधा में करते हैं। आपको बहुत करते हैं करते हैं करते हैं गुरुमाराज। हरे कृष्णा। शिला गुरुमाराज की? हमें �.
स्रद्धेव गुरु महाराज.
आज आपनार सुवा अभिर्भावतिति आमी सुनेची जे जखन सुकेदेव गोष्यामी प्रथम स्रभन करें जे की भावे भगवान स्री कृष्ण पुतना के उध्धार करे चिलें एबंग ताके जदियो तिनी बीश प्रदान करते एशे चिले देखे तिनी अभिवुत होये गे चेलें। तिक तेमनी भावे, आमी आपनार एक जन गुरु भाई, पांच द्रेविडर महाराजर कास तेक आमी सुनेची, जे की भावे, आपनी खोबी सुन्दर भावे मानुसेर साते आपनी.
जोगा जोग राखतें, एबंगे आ�.
आपनार करुणार जन्न आपनी बांगला शीकेचें जाते आपनी बांगालीदेर साथे कफा बोलते पारें एइ खाने थेके एबंग एइ भावे आपनी सुद मत्र बांगला ही शीकेन नहीं किन्टा आपनी प्रचलितो जे चोलती भासा से ताओ आपनी शीकेचिलें जाते.
आ�.
जाते आपनी साधरन मानुष्देर साथे जोगा जोग राखते पारें। अमार एक जन गुरुबन आमाके बोलच्छिण जे जखनी उनी कौन रखम समस्चार समुकिन हन तखनी उनी आपना के स्मरण करें एबंग आपना के सरण करार माद्धमे.
उन्ही उत्तिनी जन्न पेचें जे गुरु महराज.
तार पासे रोयेचें गुरु महराज जनन फिर.
एसेचें ताके रखा कराज जनन ताके तार.
समस्त समस्यार समधान कराज जनन गुरु महराज आपना राशिर्भादे हमादेर फाइनांस डिपार्टमेंट हमादेर अर्थान सुन्दर भावे एवाचरेर 15 तारीकेर मोद्दे तादेर समस्त हिषेवनिकेष संपूर्ण कोते पेरेचे जेता एक सुत्त अत्तंत दुरुहो बेपार केतो तच्चत्यो तारा.
सफल होहेचे एबं एटा संपूर्ण भावे आपनार.
अशीर्वादेर फले होहेचे गुरु आमादेर के मयापुरे थाकार सुजख करे दिये चेन तार जन्न.
पुनराय आपनार पति अमरा स्रध्धा कृतक गताओ.
धन्नवाद ग्यापन करची हरे कृष्णा माह असंगो.
धन्नवाद स्विपादक्षे रामचन्डर परभू खुब सुन्दर भावे खुब कम सम उन्हें एकता जीनिस को सुन्दर बोजालें अमादेर जे आम्रा जखन कौनो विपत्तिर मद्धे परी जखन कौनो कोठीन परिस्थितिर मद्धे परी तखन आमादेर गुरु महाराजे जदी आमरा स्मरन करी, ता होले, आमरा से कौठिन परिस्थिति थेके, खुब सहजे ही, आमरा बेरी आस्थे परवो। ते इता आमरा, आमि जद्दो को उन्ही बोला चेन, एपंग उन्हार रियलाईजिशन ते के � तो तान्देर काछे अनुरोद कोठीन परिस्तिति, ज्यामोन, ज्यामोनी होग ना क्यान। अध्धात्तिक जगतेर कोठीन परिस्तिति होग, आर संग्षारिक जगतेर कोठीन परिस्तिति होग. जदी आमरा आमादेर कांडारी, जिनी, सेही परम, जिनी आमादेर, एइ कि बले हमादेर हात्ते के जिनी जोरिये धोरेचेन तार स्मरन जडी हम्रा कोरते बारी तार हम्रा सहजेई ये जर्जगत्ते के उद्धार प्राप्ति लाप करते बारी एबंग परवर्ति बख्ता चिदा नन्देनी चित्र लेखा देविदासी मयापूर्थे के उना के अनुर आर उनके भागचे हैं जे अरे एक आजन स्वता अच्छे, आमे की गुरुमाजेर महिमा बर्णना करभो। प्रथम अच्छे आपनी आपनार महिमा जेटा स्वभन कराबें बा जेटा गुण महिमा जीनी सुनचें। तीनी होचें आमादेर परमारद्ध ग� हरे कृष्णा।.
जा इसले गुरु महाराज ये की? गुरु महाजा अभिवात्ति थी की? जय शी शी जय पता का सामि गुरु महाजा की? नमों विष्ण पदाय कृष्ण प्रिष्ठाय भुतले स्रिमते जय पता का सामि निते नामिने नमों अचार्ज्य पदाय निताइकि प्रपुदायने गौवर कथा धामदाय नगर ग्रामता जे एर आगेर बगता बोले गेलें, जे खुप कौठीन अवस्ताय पोले गुरुदेवेर सरण निले, आमरा संगे संगे सेटा थेके मुक्तो होते भारी। हारे कृष्णा। तो से खाने, एक बार बाड़ी ते खुप असुबिदा हे गेचलो, प्रथम जखण आम तो पाड़ शवय मास थाकर परे एक ते एमोन असुबिदा होये गयलो आमके बाड़ी ते जेते ही होगे तो आमें भावलाम जे गुरु महाराज के ना बोले आमें जाबो ना तो उनार की महिमा उनार काछे आमें स्वयस्वति जेते पारी ना तकोन उनार जे पतिन उन्हां के बोलेचेन आशो उके दाखो एक खनी दाखो। तखण आमे आशलां गुरु महाजे काचे जखने आमे आशलां आमा के बोलनो बसो। आमे बसे उन्हां दिके ताकाच्छी जिक गुरु महाजे जाने एक दिव्वमुत्ति धारण करेचेन तो उन्हां की देख बोले एकाने आशो। एसे आमाके कोले करे निये जोरिये धोलेन, धोले बोलेन तुमार की होईशे बोलो। तोखण आमार जई असुभिदा छुले से गलो जानालाम, संगे संगे उनी बोलेन, तुमार जई असुभिदा है चे तुमार दादा प्राय मितु सोजजाई परे गे तुम्ही आमार छेले, तुम्ही कैलो चले जावे? तुमार पुचार दाईत तो निते होबे? माल्दा अबों दिनाजपुरे एक तैस्कोनर भगतो नाई। आमी चाहीची तीमी सुन्दर कटो बाउल गाईते बाडो कटो सुनदर पात कोछो कटो सुनदर गान कोछो हर्मोणी बजाच्चो खलमिदंग बजाच्चो तुमाके आमी दाईते दीते चाही तकोने नी आमाके एभाबे बलार परे याओ के दिखे देना आमाके हर जखन गुरु महाराज एभाबे होलें तकान आमी बाउल जानतां, आमी बाउल धलनां और नदिया गद्रुम ए वो सिलिग्रुते एक प्रोग्राम थिला गुरु महाराज गेशें सेकाने और सेकाने गिये जखन आमी दुतराते नदिया गद्रुम ए नित्तानंदो महाज से खाने सबाई उठे नाचिये दिलें। ते भाबे गुरुमहाराज की भाबे पोचा। उन्ही होच्छेन अई जे 26 ते जे बोईशनमे लक्षन, किर्पालु, अकिर्दद्धः, सत्तः सार, सम्मनिद्धः, बदान्नमिद्धः, सुची अकिंचनो। ये भाबे देखा जा तुमारे क्या मैं पुचारे पाठाच्चे आमार माथाए एक ता उनार ये लाथी ता आर जपर माला आमार हाथे दिलें माथाए दिलें दिया और परे बोलचेन तुमें पुचारे साक्सेश होबे तुमें जाके बोलबे हरी नाम करते से ही होबे से गरन करबे एकदम स आमार वेस्पोजर ताकार दिये। तकोन उनी किने दिलें। देवार परे उनी बोलें जे तुमी अखेने साइन करो जे 40 किलो मीटर अरे उपरे उठोबे ना। ता आमी बोललां गुरुमहाज आमी चेस्टा कोभे। ना ना तुमाके एकदम साइन करते होगे। तो आमी साइन प्रमाने गुलो तो सुमाई खुब संखिप्तो ताई आमी एतो किशु बेसी बोलबो न जायो गुरुमहाराद अनेक किपा करेसे न आमाके अनेक गुरुमहाराद जे जे किपा एइ किपा मने सेस नही तो गुरु महाज आमाके निये ये लोटासे तकोन निये चिलो। कॉंपिटर चिलो ये एकाने चिलो ना। तो जखोन बावटा समय मैं गुरु महाज के खावाते जेतम। तोहन गुरु महाज के खाये दे टेने उठेतम। आमी इसान पूरे देखो, आमी गुरु। त तो नेमे गुरु महाराज गेचेन मंगलायाती तो उना के आमी निये गेची उना उना शेवा करता हुआ मैं तो खण बपु शेवा करा रहा आमा कुरी बचर गुरु महाराजेर बपु शेवा करेची तो से खाने गुरु महाराज के निया मैं मंगलायाती चले एसची आगे � आर आमे ज्हांपुटा बाजाच्ची तोकों बाचे ना, ना, तुमी खोलता बाजाओ। तोकों आमे खोलता धोरेची। कखनो गुरु महाराज क्रिष्ण होच्छेन, कखनो से माधो, कखनो गुरु होच्छेन। गुरु क्रिष्ण एकी रूप एभाबे देखाच्छेन, ज गुरु एबं क्रिष्ण के एकी रूप भावे ताई के जद शेवा करे, ताई जद शेवा करा है, ता हले एकी हाई ना अम्रा भागवाद्धामे फिरे जेते पारी। गुरु होच्छेन क्रिष्णेरे एक तो सडव। हरे क्रिष्णा, अम्ये एकहने ही सेश्च करुछे। �.
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