76th Vyasa Puja Festival Of HH Jayapataka Swami Maharaj || 08.04.2025

Transcript (partial) of the YouTube video "76th Vyasa Puja Festival Of HH Jayapataka Swami Maharaj || 08.04.2025." The content is a multi-speaker program honoring His Holiness Jayapataka Swami on his 76th Vyasa Puja (observed in Mayapur). It contains prayers, Bengali/Hindi/English speeches glorifying the Guru, anecdotes about Srila Prabhupada and Jayapataka Swami’s service (Mayapur development, preaching, schools), devotional songs and kirtan, student pushpanjali from Bhaktivedanta National School, and logistical remarks about program order. The transcript mixes multiple languages (Bengali, Hindi, English, Sanskrit) and includes devotional refrains (Hare Krishna/Hare Rama).
Questions this video answers
76th Vyasa Puja Festival Of HH Jayapataka Swami Maharaj — recorded/dated 08.04.2025.
साधे दाँसावदूत परिजनाचहिकम।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� श्रीवि साध्वानामसच नमयों विष्णपादयों कृष्णग्रशायभू चले प्रिमते भक्तिवे रान्द साविनेति आमने। Namaste Saraswati Deve Gaurava आणि प्रचारिने निर्विशे ससंवादि पसत्वे सताय Mahabhadan Naya Krishna Prema Pradayate Krishnaya Krishna Chaitanya Namne Jyoti Se Namo वच्चा कल्पा तरुवश्या।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। पतिताना पापनेम्गो मुष्णवेव नमो He krishna karuna tindu रादा गानुत नमों सुपे। Radha gaanuta namon supe. तप्त गान्चन गोरंगे Tapta gaanchana gorange प्रिसभान सुते देव प्रणमामी परिंदे प्रभुनेच्छ नन्दः।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। Hare Krishna, Hare Krishna, Krishna Krishna, Hare Hare शुरू शुरू शुरू शुरू प्रेतनारे प्रेतनार प्रस्तुत Hare Hare Hare Krishna Hare Krishna स्क्रीत Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare Hare Rāma Hare Rāma අපි ස්තුතියක් ස්තුතියක් कृशाद्रेशनारे हारे कृशाद्रेशनारे हारे कृशाद्रेशनारे हारे अरे राँ, अरे राँ, सय गुरु देवा जय। दिद्धबावन्गुद माराजि की। अस्रय कोरिया बन्द स्विगुरु जारा जाहा होई ते मिले भाव कृष्ण प्रेमोधा जहां होई ते मिले भाई कृष्ण प्रेमोधा आश्रय को प्रिया बंद प्री गुरुचारा जा होईते मिले वाई जाने के मिले भाई कृष्णा दे मादा। जीवे रणी सतरा लगी नंदसु तोरी भूवने प्रवो पासपात गुरु रुपने कुरु कुरु कुरु कुरु कुरु कुरु कुरु कुरु कुरु गुरुयाज्ञारिदे सवा सच्छगरीमाना। तोत्तो ग्याने गुरु भक्ये। अदु ज्याने गुरुबक्ये जाहरो विशा। adu jyaane gurubakye jaharo visha. गुदार होई प्रजेव देवो भनपर प्रिश्नारुस्र बोले गुरु राखी बारे तो मोले कृस्णा राखिवारे। दुर्वारे नरे आर गुरू निन, आर गुरू के मनुं सो ग्यान। ना करो कखना।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। गुरु निन्तु के रमुं भोभु ना हे रिवे। गुरूरो विक्रिया जोदी देख हो गखनो। दाथापि अवगा नाईं कर गधाचना। गुरू पाद पद मो रहे जगतो तारी ते से धरे महासक्षि। जगतो तारी ते से धरे महासक्षि। जगतो तारी ते से धरे महासक्षि। जगतो तारी ते से धरे महासक्षि। जगतो तारी ते से धरे महासक्षि। वदा वदा वदा वदा जाहा होईते गुँच भावाई साकल जंत्रना।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� श्री गुरु चरण पदमं। श्री गुरु चरण पदमं। विदे करिया। श्री गुरु चरण पदमं। श्री गुरु बन्दना करे। कुछ कुछ कुछ तो अमदेर अनिक सिन्यार गुरुभ्राता His grace पभु गरांग प्रभु तो नी तिरिष बच्छर एइ संगीत लायने आच्छेन एबं पूर्टे आज है। हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण, कृष्ण, हरे, हरे हरे, हरे राम, हरे राम, राम, राम, हरे, हरे। गुरु महाराजीर च्यात्त तमो बैस भुजा उपलक्षे, आमादेर मौनिंग सेशनेर प्रोग्राम शेश हुएचे। अखन अफ्टर नून सेशन, आमाद तो एर पर आमादेर एखाने सारे सात्रा पच्छनतो गुरुमाजेर मोहीमा कीर्तन आम्रा विवीर्ण भक्तव्रिंदेर कास्ते के स्रावन करवो एबं तार पर स्रेक्गुरुदेव तिनी मंचे आजबेन एबं तार स्रिमुख थेके आम्रा किछो आशीर वचन स्रावन करवो एबंग तार परे आजकेर ये ब्यास पुजार अन्तिम दिनेर अन्तिम निवेदन थागबे आमादेर साफारी गुरुपे डान्स एबंग ढ्रामा तो एकखण जाड़ा मौने करचें जे गुरुमाहाजर किछो महिमा कीर्दन करवें अमुन नहीं जो कुनों दिन आपनी स्टेजो उठेन नी बा बोलेन नी फोटाट करे आज के बोलें ये रखोम नहीं जारा आमरा अनुरोद करबोर जारा सीनियर एकाने उपस्तिदा अच्छेन तो तादेर के अनुरोद करबो आमार केछे नाम जोमा देवें आपनरा तो आमरा एक एक आपना दे नाम दागबो, तर परे आपना रा आज़बेन, काचा काची थागबेन आमा स्टेजर, बंग आपना रा आज़बेन, एबंग आपना दे गुरु महाज़ेर जन्न पाच मिनिट, चार मिनिट अक्शली निर्धारन करचे, चार मिनि� किन्तु सोबाई नाम दिले सोबाई जी चांस पिये जावें एरकम अमी अपना देर के कोनों ग्यारांटी दिते पारवों ना। गुरुमहाजर आशार आगे पर जनतों हम्रा जतो भक्तों देर के हम्रा चेस्टा करवों, बेशी परिमान भक्तों देर के बला ज तामी अनुरोत करवा एकखण किछुखण आगे आपने देर सम्मोके स्रिपाद देवधर्म परुभु आपने देर सम्मोके भजन कीर्तन स्रवन करिये चान। एकखण अस्ताद परुभु कोरांगो अमादेर के बांसुरी स्रवन कराएगे किछुखण तार पर आजके अ� आपको कुछ परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद वोय, वोय, वोय, परवाद परवाद परवाद परवाद प वोय, वोय, निशे, एक, तक, तक, तक, तक, तक, तक, प्रस्तुत करते हैं आपने मुझे देख रखे हैं। අපි ස්තූතියි ස්තූතියි ස්තූතියි ස්තූතියි ස්තූතියි අපි ස්තූතියි ස්තූතියි ස්තූතියි අපි ස්තූතියි ස්තූතියි අපි ස්තූතියි हरे कुष्णा हरे कुष्णा कुष्णा कुष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम हरे राम हरे हरे हरे हरि कुष्णा हरे कुष्णा हरे कुष्णा तो आमरा चोटो बिला थिके शास्त्र संगीत दिये कुष्णा कुष्णा हरे राम हरि कुष्णा क की करें गुरु बर्गेर सेवा करा जाये अमरा करेते ही चल ची अखन आमादेर एकाने अनेग रखमेर शिख्ष शंस्किती अच्छे जेता आमरा शास्त्रिय संगीत शिख्ष प्रदान करे थाकी देव उच्चांगो संगीतेर भीतरे शास्त्रिय संगीत किभाबे परिवशन करा जाए। सिर्षतमस्तो मायेरा, पिताजीरा, प्रभुरा, माताजीरा जदी बाच्चादेर के सिख्षास संस्किति दीते चान, आपनारा मायापुर इन्स्टूटे जगाज़ो करुबें, आमादे � इजे गोरियो महा जंग्देर अमना जे भजन कित्तन करी। बयस काले की करेचे, अने रफम भजन लिखेचे। जे गिला भजन माध्यम दिये भगवानेर गुणकित्ताल भाव प्रकास करा है। तो इसे समस्त भजन आमादे रिखेने सब सुमाय करे। ये तो गुरुबर्गेर अनेक रखम नियमा बोली आचे, सेगलो दिये आपना रा संतुस्ट करते पारें, ये बाइब आमरा दे कुरेची, कुरे चलबो आपनादेर परवद्धी जेनानशन आज़बे तारा कोरुबे। तो अमादेर काछे अनेक गुरुबर्ग लिला अच्छे। तो अन्यानन भक्तोदेर मुख थेके आमरा स्वर्वन करबो, जाते आम्रा अबार गुरुबर्गरी सेवाई कोड़ते पारी। हरे कृष् आपको करता है कि अपने लिए करता है कि अपने लिए करता है कि अपने अगर आपको परवाद परवाद परवाद परवाद हरे भोर, हरे विष्णा बजहुरे मौन श्रीनंदा। अभयो चरण रविन्दरे। दजहुरे मन स्रेनंदा नंदन अभयो चरण रविन्दरे। मामा चात्यंगे तरहो खेबोगो शिन्दुरे। bhajahure māna śrī nandanāndana abhaya charanāravindare. सेत आतप बात बरीशन इदी नो जामिनी जागिरे प्रीपाले सेविनु प्रीपान दुराजन स्रेनंदा नंदाना अभया एगन जोबना पोत्रा परीजना इथे की अच्छे परोती तिरे जिवाना टाला माला भाज़ हुरे भाज़ने के। भाज़ हुरे मनं स्रिणानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानाना स्रवन केर तना स्मराना वंदना। पादशेवाना। गवन कीरतन, मरणा बंदन, पादशेवन, नादचरे। गवन कीरतन, स्वरन बंदन, पादशेवन, आसरे। हो जान शकीत वो जना आत्मानी वेदना। अभयो चरणारो भेंदो।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� गजो हुरे मौनो स्रेनंगना गाना अभयो सरणा रभे अभय सरणार बेंतरे abhaya sarnaara bentare O, O, O, O, O, हरे गृष्ण अनेगनेग धुन्दवाद सुन्दर भजन गावार जुन्न तो एक होन एटी कवीचंडर स्वामी महराज जान एक टी वीडियो मैसेज दिये आजके आमरा एइ बैकालिक सांध कालिन जे गुर्माहाजेर मोहीमा किर्तनेर अनुस्थान हमना शुरु करवो रेड़ी आछे? परके तो आमरा प्रथम सेशिमावाद कवीचंडर शाही महाराजेर एक टी वीडियो आपना डा अमादे जे स्क्रीन देखते वाचेन से स्क्रीने आपना डा वीडियो पाठी अच्छेन, अखोन अमर एटा प्लेय करगो। वाण्शकापत्रविष्चाक्रिपसंदुवेवचा पतीतानं पावनेवियो वैश्णवेवियो नमान। नमान विष्णुपदाया कृष्णप्रस्थायवुदले शिमाति जायः पतकः स्वामिन इति नमने। तो मैं करता हूँ कि एक करता करता करता करता करता करता करता करता करता करता करता करता करता करता क� अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अप� क्योंकि वदक्षण करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक कर जान्यक्ष्ट, राउंद्स, अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने He finished high school two years early, skipped ahead and went to college a little bit, but he was only interested in spiritual life. And the first time he went to the temple, the first devotee he worked with was Jayananda Prabhu. So he was very, very fortunate there, helping him to make the Ratha-yatra cart. Then he went to Montreal. He was a temple president there. He told us a nice story about Śrīla Prabhupāda. He was a young boy when he joined there, like, I don't know, 17, 18, and he chanted very loudly, japa. So devotees were complaining that this Bhakti Jaya is disturbing us, it's too loud. And they complained to Prabhupāda. So Prabhupāda called him in and said, you know, and he said, I read about Haridasa Thakur. He said that if your mind is disturbed, you should chant loud. He said, I'm a young boy and my mind is always disturbed, so I chant very loudly. Prabhupada said, all right. So if you look, near the temple there was a park with kind of a big hill. He said, you can go over there and chant as loud as you want. So this is how Prabhupada dealt. He told another story how Prabhupada dealt with his mother. प्रावपाद कुछ नहीं करते है। करते करते करते करते करते करते करते क� जाइव जाइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव शात्सान्ग और प्रेच्चिया करने के लिए प्रेच्चिया ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट्याइव ट् करने के लिए प्रेच्चिया करने के लिए प्रेच्चिया करने के लिए प्रेच्चिया करने के लिए प्रेच्चिया करने के लिए प्रेच्चिया करने के लिए प्रेच्चिया करने के लिए प्रेच्चिया अगर मुझे करता है, मुझे करने करता क है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझ We all know what he's done. Prabhupāda told him, I've given you Māyāpur, develop it. Māyāpur is unlimitedly developed. He's still always involved in all the development of Māyāpur and trying to get everything expanded and accommodate all the... He's so much concerned with serving and preaching. Every class he gives in Māyāpur now, he tells the devotees how they have to serve all these guests who are coming. He gives a number of guests that came. The numbers were getting very huge. He was made temple president in Montreal very early. He was the second devotee to go to India. Chittananda was already there. Chittananda asked Prabhupāda, I want to take sannyāsa, I can preach better. He said yes and Jāgataka also. अगर आपकर बाम्बे श्रीनाची प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्रावभाद प्राव� प्रापद्स नहीं। करने के लिए प्रापद्स नहीं। करने के नहीं। करने के लिए प्रापद्स नहीं। करने के लिए प्रापद्स नहीं। करने के लिए प्रापद्स नहीं। करने के लिए प्राप� He couldn't leave and he had to learn the language. So he learned Bengali very fluently. He loves Bengali language. After he got that citizenship, he immediately took off to spread Mayapur all over the world. He's a great lover of Mayapur. He was always taking everybody on the Pergamon and he knew all the प्राउप्पड के लिए प्राउप्पड के लिए प्राउप्पड के लिए प्राउप्पड के लिए प्राउप्पड के लिए प्राउप्पड के लिए प्राउप्पड के लिए प्राउप्पड के लिए प्राउप्पड के लिए प्राउप्पड There are old temples के लिए प्रा that are broken down, they have done so much of that, not only in Mayapur, all over the area. And then we have seen inconceivable determination, अपने पर समक्यों करते के लिए, करते के लिए, करते के लिए, करते के लिए, करते के लिए, करते के लिए, करते के लिए, करते के लिए, करते के लिए, करते के लिए, अगर वीडियों में करते हैं, अगर वीडियों में करते हैं, अगर वीडियों में करते हैं, अगर हैं, अगर वीडियों में करते हैं, अगर वीडियों में करते हैं, अगर वीडियों में करते हैं बहुत, बहुत अगर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर He was a character of mercy, tolerance. He always treated me respectfully in spite of I don't deserve much. He was like an elder brother, a real older brother, a real senior brother, more than any other devotee. and I learned a lot just from watching him. How to engage devotees, how to go out of his way to find people and bring them back, or get them in the first place. This could go on and on and on. And now we see his physical... He says he's physically challenged. If anybody has ever seen what he goes through just to get in and out of the car. But he is there for every event. He comes to speak any time. He attends UBC meetings. He attends many other meetings online. He goes online and visits his disciples all over the world. प्रावपाद के लिए अपने प्रावपाद के लिए अपने प्रावपाद के लिए अपने प्रावपाद के लिए अपने प्रावपाद के लिए अपने प्रावपाद के लिए अपने प्रावपाद के लिए अपने � तो मायापूर्र अच्छा करते है अपने बिग्गेश मुग्डिस्ट्रिभिश्ण ने वर्ड। करते है अपने मुग्डिस्ट्रिभिश्ण ने वर्ड। करते है अपने and all the मुग्डिस्ट्रिभिश्ण associates ने वर्� of Guru Chaitanya. So in spite of incredible attention to details, very bewildering actually, and memory for details we see in G.B.C. meetings, he remembers things from so long ago and he analyzes the legal technicalities of everything. It just goes on and on, His glories are unlimited, and I hope this can... I know today is His Vyasapuja Day in Mayapur, so there'll be more devotees there than I think during the Gaurapahima festival. There was even many years ago, now probably much more. We are really indebted to Jagad Thakur Maharaj for... Mayapur now, of course, we can live very luxuriously, but when he was first there, there was absolutely nothing, no facility. And he stayed, learned the language, preached so widely all over Bengal and over Assam. I'm going to just stop there. I'm going to try to think and see if I can get on and do a little better in the near future, today. Hare Krishna! Thank you so much, His Holiness Koijanda Shri Maharaj, for his wonderful message. So now, I would request His Grace Gopi Janaballah Prabhu, He will glorify Guru Maharaj. And after that, so we will be having a small, what is, Pushpanjali to Guru Maharaj by BVNS, Bhaktivedanta National School. Yeah, students from BVNS. Hare Krishna. So now Prabhuji will speak and Sripad Sujithendra Prabhu will translate in Bengali, not simultaneously. After the speech, he will speak in Bengali. He will translate in Bengali. Hare Krishna, audible? Hare Krishna Guru Maharaj ki Jai Namo Vishwa Pradaya Krishna Prasadaya Budhreya Simhadeva Jaya Pratapakaswamy Chami Namo Acharya Pradaya Nithayaka Pradaya Nekavaraka Tathamudaya Nagarakam Namo Vishwa Pradaya Krishna Prasadaya Budhreya Simhadeva Bhakti Vedanta Swamitam Namaste Saraswati Gauravane Namaste Gauravana Simhute Simhute Dinathara Harane Namaste Gauravana Simhute Dinathara Harane Shri Rupana Gauravana नमस्ते ओम्ष्टपादाय किष्टप्रस्थाय पुद्धस्विमते भक्ति वेदान्धस्वमितामे। नमस्ते गोरवाणे सीमूर्थ दिर्धारने निर्विशेशाष्विन्देवादे पाशाच्च देशा। गुरुमाराज की जय शिरप्रोपाय की जय। देर गुरुमार Your disciples to express our gratitude to all the benedictions we have received from you. Expressing your gratitude to Srila Prabhupada, you blessed us with a song, Yadi Prabhupada Na Hoito. यदि गुरु माराज न होयतो, यदि गुरु माराज न होयतो, यदि गुरु माराज न होयतो, यदि गुरु माराज न होयतो, यदि गुरु माराज न होयतो, यदि गुरु माराज न होयतो, आज यदि गुरु हम इसने करते हैं अपने करते करते करते करते करते माराज न होयतो, यदि गुरु करते माराज न होयतो, यदि गुरु मारा करते करते करते क� आप अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने You enthusiastically participate in Navadeep Mandal Parikrama, despite the physical challenges, which is beyond anyone's imagination, which Mahabharata Prabhu gave a vivid account yesterday, but you show by example that I am not the body, and the holy name is your medicine. Dear Gurudev, when will that day come when I develop a bit of that attachment to the holy name. We are blessed to serve the pilgrims and visitors in Mayapur. Mayapur tourism is your vision for this initiative. प्लीज़ ब्लेस अस तरविस नहीं करते हैं, मैयापूर करते हैं. मैयापूर करते हैं, मैयापूर करते हैं, मैयापूर करते हैं, मैयापूर करते हैं, अगर मैयापूर करते मनदलपरिकरमा नवदीब मनदलपरिकरमा मनदलपरिकरमा मनदलपरिकरमा मनदलपरिकरमा मनदलपरिकरमा मनदलपरिकरमा मनदलपरिक� अन्धस दे आई रिक्वर्ष यो मर्जी तो मेग आस अन इंस्टुमेंट इन यो सर्विष तो शिले प्रवपाद। अन्धस 76 वैसपुजा आप प्रेयर्ज अट लोटस फीट अप लोड नर्शिमदेव तो बेस्टो यू आल पुरटेक्षन, गुड हेल्थ अन लौंग ल हरे कृष्ण गुरु महाराज आज आपनार च्यात्तर तम शुभो अभिर्वक्ति बैश पुजा आपनी स्रिलो प्रभुपादेर प्रति आपनार क्रिताग्गता ब्याक्त करते गिये आपनी उल्लेक करेचेन सुन्दर भावे से विख्खात कविताई जदी प्रभुपाद ना होईतो तबे की होईतो आम्रा और ठीक तेमनी भावे आम्रा अनुभव करी जदी गुरु महारा नरग्गामी होच्छिलाम। इंद्रियत्रिप्ति राशाय धावितो है। किन्तु आपनी आमादर के कृपा करे भुक्ति राज्जे आमादर के नियेशेचन। आपनी भगवानेर सेवा सुखानन्द। आपनी आमादर के सई सुखानन्देर संधान दियेचन। एबंग सुध द्रिष्टान्त आमादेर जीवने किभावे प्रतिती मुहुर्ते जनो अपनार प्रभुपादेर निर्देशा बली पालन जनो अपनार शास प्रस्चासे विद्धमान प्रभुपादेर उपेदेशा बली अपनी सवसमाई सरण करें एबंग से गुली के पालन करार जन्न तत श्रीपाद महा बड़ाव प्रभु गतकाल के विष्ट्रित भवे बनना दियेचेन। आपनी की भवे सराक्खन भगवानेर चिन्ताए एबंग नाम प्रभुर सेवाए आपनी निजुक्त थाकेन। गुरु महाराज आपनी आमादर के कृपा करुण। जाते आपना के अमरा साहर्ज करते पारी गोर मंडल दर्शन तुरेर माद्धमे जारा जात्रिगण आशेन तादर के अमरा महाप्रभु सम्मन्दे बोलते पारी एबंग गंगा तुर माद्धमे गंगा ते तादर के निये जावर माद्धमे तारा गंगा दर्शन गं� से प्रार्थना करी एबंग आमादर ये डिपार्ट्मेंट के अपनी अशीर्वात करुण अपनार ये सुभवयास पुजातिति दिने इती अपनार सेवक गपिजण बल्लवदास एबंग परिवार एबंग आमादर तूर डिपार्ट्मेंट के अपनी अशीर्वात करु� Hare Krishna! Thank you so much, Gopi Janaballah Prabhu, for your wonderful glorification. So now, अमी अखण अनुरद करबो, मन्दा किनी, एक चट्टो चार बचरेर सेशो, जे गुरुमाहाजेर स्री चारणे तार स्वधान जली निवेदान करबे, तो आमी अनुरद करबो मन्दा किनी के अच्छान जन्न। यूम् पादाया विष्णा विष्णाया।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। पादाया पुष्णा पुष्टाया तले शीमाते मत्ति वेलंत शमी नीति नामिने। तेख़र श्रति देवी गोड़ा बानि पचा राइने। निये बेशेश सुन्ना बाधि पचर चदेश ताईने। जय गुरुदे पादम नान्दन त्रिवुभण करे जा चरन अबन्धन। पादम बाकार्ज तर उल्लशे हुन कितने मात्तो होये हो रशेर भाषे। नेर्मति पुरुष्टु बोले आमाय करो रिपा रो होये आमी जानो आपना हेबा अरे पुरुष्टु जाए की जाए जाए सभाई मंदा किनिज्ञानेरे जुरे हात्तली देव के आशिर्भात कोवें जाते वो इच्छोटो बेला तेके गौमारमा आचारेत प्राज्य धर्मान भागवता निहा। चोट्टो बेला, एकदम पाँज बचोर बयस तेके प्रलाद महाराज बोल शेन आमादेर सिशुदेर गुरुदेवेच चरणे आत्मसमर्पन करते शेखानो। भुवपादेच चरणे आत्मसमर्पन करते शेखानो। एबं शर्वपरी परंपिता शिर्षी राधमादोग स्री चरण आत्मसमर्पन करते शेखानो। इते ही अच्छा आदर्ष्य पिता करतोबो। आमादेर स� तो नेक्स्ट आमादे भुक्ति विदान्तो नाशनल स्कूल स्री मायापुर तादे स्टुडेन रा, चाट्टो चाट्टी रा सुन्दर एक भजन गाईबें देखुन आमार बादिके स्टेजे जदी प्रभुपाद ना हैतो जदी प्रभुपाद ना हैतो तबे की होईतो यदि प्रभुपार ना होईतो तावे की होईतो सुल्वा ना पाहीतो किष्न यदि प्रभुपार ना होईतो तावे की होईतो जिवानावाहितो किष्णे याथि प्रभुपाद्नाहितो तवे किधी तशा कल रिशे। याई भी प्रभुपाव। पस्चत्रयातार पफिदुराचारी।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। पाड़ा तादे रणी काटे कोलचनाशी दिलाइत हारी नावा सव्यजीवा रूपे गरीत तादे रणी समच्ची वरूपे गरिते दादिर के होईत ओलों ख्यार यादी ब्रह्मो पथा होईत दिशे दिशे हारी विग्रहशेवा आरती रात्री दिने शिखता कोई सारे याधी प्रद्धो। शिखता कोई सारे याधी प्रद्धो। गीता वागवता चैतन्यचरित प्रेमामार्तर ससारा कतोना सुन्दर शरालमोरियान के भुचिता तर अच्छनला गोरिया देवुछी तारा यादि भवु पता होई तो ताबे की होई जिवाना बाही तो हिषे। यादि भवु पता होई तो ताबे की होई जिवाना बाही तो हिषे। कत कष्ट शाही पित्रमाने रही के वदीता हारेना के दिता हो धेरा नावाना मायापूर्माक्यता। यदि प्रभुपता होई तो तावे कियोई चिवाना बाहिता किशे। परममंगला श्रीचैतल्य। बहाप्रभुशिखादा। अचारे प्रचारे शदा मा धेरते करिता नियोचा। राजकरे प्राजचाहे शदा मा देड़के पातरु निताई गोरे ना कृपखा नलभी हरे। निरावदी चया पता करिदाये तोमरे सरना करे। निरावदी चया पता करिदाये तोमरे सरना करे। यादे बगुपार न होईतो तावे की होईतो जुमाना बाही करतीशे। जायां प्रभुपारा, प्रभुपारा। जया जया पताकार स्वमी गुरु महरा इता होन्द। हरे कृष्णा। सभी एक बहुत बोलो न हरे कृष्णा. स्रेल प्रभुपात के स्रजापितका स्वामी गुर्महराज के अशंको धन्नवाद आमादेर तोंबडा ऊपरे आशो गुर्माज के प्रणाम करे जाओ एकाने एबं अनेक अनेक धन्नवाद अमादेर भुक्ति विदान्तो नासान स्कुलेर चात्र चात्रिदा गुरुमाहाजेर सम्मुखे एक टी सुन्दर भजन कीर्तन गयलेन। उनादेर के अपना अशिर्वाद करवें जाते भविष्यते आरो सुन्दर भावे एइ भावे भजन कीर्तनेर माध्यम दिये अमादेर अनेक अनेक धन्यवाद अमादेर नाशनल स्कुलेर चात्रु चात्रिदेर तामी अखन अनुरोद करवो स्रिपाद रमणिपति परभु के जिनी एइ भुक्ति पिदान्तु नाशनल स्कुलेर अड्मिनिस्टेटर तो उना के अमी अनुरोद करवो I would like to request स्रिपा� दियर गुर्माराज, प्लीज एक्सेप्प मैं रिस्पेक्वल अभैसंसस, आल ग्लोषिष्ला प्रवपाद, आल ग्लोषिष्ला प्रवपाद, आल ग्लोषिष्ला प्रवपाद, आल ग्लोषिष्ला प्रवपाद, आल ग्लोषिष्ला प्रवपाद, आल नमा आचार्य पादाय निथाय ग्लोषिष्ला कृपा प्रदायने गोवर कता दामदाय नगर ग्राम तारणे On this most auspicious 76th Vyasa Puja of your divine grace, I offer my prayers to प्रव Lord Narshinga Deva to provide you more and more strength and protect you and keep you with us for a longer period of time, if Narshinga Deva thinks appropriate. शिला प्रभुपाद के लिए आपका करते हैं, आप शिला प्रभुपाद के लिए आपका करते हैं, आप शिला प्रभुपाद के लिए आपका करते हैं, आप शिला प्रभुपाद के लिए आपका कर� and exhibiting your enthusiasm even at this difficult health situation. This enthusiasm of yours is spreading like wildfire to inspire tens of thousands of devotees around the world to solidify our determination to tread the path traversed by Srila Prabhupada. Guru Maharaj, only by your mercy and compassion, I am engaged in devotional service You have unique ways to inspire devotees, both individually as well as en masse. Sri Chaitanya Mahaprabhu said that a Vaishnava is one who inspires everyone to chant by his very presence. You are a true Vaishnava. I see how devotees around the world follow you wherever you go, both physically and through media following. You are ahead in using टेकनलोजिकल अद्वान्स्मेंट इन रीचिंग आउट तो वर्ल्ड अराउन्ड। यूर अ ट्रेंड सेटर तु मेकिंग दे बेस्च यूज वद बाद बौगेन। यू हाव दे एबिलिटी तु सी अ स्पार्क इन डौल हार्ट्स लैक मी। तिस मेक्स एबिक दि� गुरुदेव, मैं करता हूँ करता करता करता करता करता करता करता करता करता करता � स्वामी महराज पुरुष्वतम स्वामी महराज पुरुष्वतम स्वामी महराज पुरुष्वतम स्वामी महराज पुरुष्वतम स्वामी महराज पुरुष्वतम स्वामी महराज पुरुष् हम करतकाल करतकाल करतकाल करतकाल करतकाल करतकाल करतकाल करतकाल करतकाल करतकाल करतकाल करतक अगर मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे करता है, मुझे � and get benefited. By your mercy, we started a branch of Bhaktivedanta National School at Swarupganj, Jagannath Temple Campus, Bhaktivedanta Arogya Ashram. We made a humble beginning with 31 students and successfully completed the first academic year. We tried to offer free education and prashadam to all the students there. At the beginning of this academic year, now in this month, हमें अपने परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवा I am very grateful to you and His Holiness Bhakti Purushottam Swami Maharaj for engaging me in the services of Gaur Mandala development under Bhaktivedanta Swami Charity Trust, the trust formed by Srila Prabhupada only few days before his departure from this world, making you the lifetime chairman of the trust. अगर मतकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर मनकर आप करतकल करतकल करतकल करतकल करतकल करतकल करतकल करतकल करतकल करतकल करतकल करत� मैं मलेशिया, सिंगेपुर, सौथ इंडिया, दुर्गापुर, एकसेट्रा में परवाचते हुआ करते करते हुआ करते हुआ करते हुआ करते हुआ करते हुआ करते हुआ करते हुआ � अगर महराज स्वामी महराज करते हैं, महराज स्वामी महराज करते His हैं, Holiness Gaurav Vilas Chandra Maharaj, His Grace Padmanendra Prabhu and the, who are the directors of, co-directors of Namahatta, they came in a big way to support governmental development fundraising initiative. They have pledged and contributing more than 30 lakhs for this purpose. So all these are flowing because of your mercy, Guru Maharaj. You have facilitated us an opportunity to get blessings of Yourself, Srila Prabhupada and all the Acharyas of our Sampradaya. I hope and pray that myself and many devotees around the world take this wonderful golden opportunity to become instruments to render this service. You and other trustees made me a trustee in Bhaktivedanta Swami Charity Trust this year. अन्धिस अकेशन, आपका करता है कि आपका करता है कि आपका करता है कि आपका करता है कि आपका करता है कि आपका करता है कि आपका करता है कि आपका क� अपने परवकतायं परवकतायं परवकतायं परवकतायं परवकतायं परवकतायं परवकतायं परवकत� I also pray to you for the improvement in devotional service of all the students in Madurai and Australia to whom we conduct regular classes. I beg for your mercy for your spiritual son, Nithay Leela Rajdas, and your spiritual daughter, Pune Shri Balayapriya Devidasi, for their continuous development in their devotional service to you. I also beg for myself and my good wife Radharathi Devidasi to remain focused in devotional service and please you. Hare Krishna Guru Maharaj, your most insignificant son, Ramanipati Das. Guru Maharaj ki Jai, Jagadgurushila Prabhupada ki Jai, Gaur Premanande Hari Hari Bo. हरे कृष्ण गुरु महाराज सर्वाग्रे आपनारे इस शुहु आविर्भावति थी दिने आपनार स्री चरण कमले आमार स्वस्रद्ध प्रणाम निवेदन करी आपनारे परमंगल माई च्यात्रत्तम ब्यास पुजाय निशिण देवेर कासे प्रार्थन करी आप भगवान्स्रेनिष्रिणदेवेर अशेषकृपाय आमादेर माजे आरो बहुव अचोर अवस्थान करे समस्त जीव जगत के आपनी अशीदवात सुचैतन्न महाप्रभूर अशीदवात पुष्ट करें। आपनी जथा जतभवे शिल प्रभुपादेर मनभाव बुष्टे एबं ताई आपनी सब समाय चेष्टा करचें कि भावे आमादेर जे इच्छा शक्ती आमादेर जे भगवात भजनेर हरी भजनेर परती जे आमादेर प्रचेष्टा ता जनो अत्तंत शक्त भीते प्रतिष्टित है आपनार विशेष खमदा आपनी बहु कार्जो शास्त्रे बला हेचे जाहार दर्शने मुखे आईशे कृष्णनाम ताहरे जानियो तुमी वैश्णव प्रधान। एबं अति अवश्य आपनार दर्शने आपनार स्रिमुक्ते के हरिकता स्रवनेर माद्धमे बहु जीव भगवाद उन्मुकि होच्छेन एबं सेही भवे आ� किवाभे आपनी जोधियो आपात द्रिष्टिते आपनी एक जागे थाकेन किरो तोवो आपनी जे सदा भैस्तो एबंग सावसमाय आपनी किवाभे स्रिमान महा प्रभुर बानी सर्वत्र प्रचारी तरवे से विशय आपनी सचेस्तो ता आपनार काज्जावली तेके अमरा बुष्टे परी। गुरु महराज आपनी अशेष कृपा करे, आमाके मयापुरे एनेशेन, एबंग आपनी आमाके विभीनो सेवाय रिजुक्त करेचेन, 2016 साले, आमी भक्तिदान्त नैशनल स्कूलेर अड्मिस्टेटर ही से खाने रोय चे, स्री स्रीमाद भक्ति प्रसप्तम सामी महाराजेर हशेष आशीद बदे, आमी एस्शेवाद दाईत पे ची, एबंग आमादेर काछे प्राय एकशो कुरी टी सिख्खाक रोय चे, एबंग स्टाफ् मेंबर रोय चे, एबंग प्रती बच जखाने चात्रो-चात्रिरा तारा भक्ति मुलोग बिबिन शिक्षा लाप करते पारे, से ही साते साते हमारा तादर के बिनामुले प्रसाद दावार ब्यावस्ता कोरेची। एही साते साते हमादेर स्वरुग्गन्जे भक्ति विदान्ता आरग्ग्रम आश्रमे हमादेर भक् बिनामुले प्रसादो वितरण करे थाकी एबंग आमादेर चेस्टार हो येचे एवाचर आमरा सेखाने बाहन नोटीर बेशी आर चात्र चात्री निते पारबना ये परवर्ति आमादेर आबार क्लास ना तोईरी हो पर जनतो आपनार आशिर्वात चाहेची जाते आ गुरो महाराज आपनी आमाके गौर मन्डल उन्नायनेर जन्न सेवा दाइत्व दियेचन विशेषकरे आपनी निजे ही होच्चन स्रिलो प्रभुपाद यह जगत तेके अप्रकाट होर आगे आपनाके आजीवन भुक्ति विदांतर स्वामी चेरिटी ट्रास्टेर संपाद देर जे समस्त मंदीर रहे चे एबंग गौर मंदले जे समस्त चैतन्य महाप्रमुर पार्शद बर्गेर स्रीपात ओ मंदीर रहे चे से गुली रखना बेखन एबंग से गुली जिर्ण अध्धारेर जन्न आपनी शिलो प्रभुपायद आपना के अदेश दियेचेन एबंग स एबंग आपनार विशेष कृपाय हमरा इब वचार साउथ इंडिया, सिंगापूर एबंग विभिन्न जाये गाए हमरा गिये चिलम एबंग बरत्माने आमादेर हाथे त्यारोटी प्रकल्पर रहेचे जे गुलीर उन्नायनेर प्रवेजन रहेचे आपनार वि� भुक्तिविदांत श्कुलेर चात्र चात्रिदेर पति आपनी आशिर्बात करवें एइ विक्का करची आपना अर्थ से चरणे एबंग से इस चरणसते आपनी आमार कन्ना एबंग आमार परिवार के आपनी आशिर्बात करवें एइ एइ अनुरोद रखे ए� हरे कुष्ण, आपना देर की घुम पाच्चे ने की? दुपरे प्रस्चाद दे मने हेवी हो गाईगाचे ने की? येस और नो? ना घुम पाच्चे, आमें बुष्टे बाच्चे ने कौनो, केवो एक जन कीछो, जखण गुर्माजे संबंदे कीछो बोल चेन, अक्शली गुरु भक्ति जाग्रत होबे, जखण गुरु महाजे स्वामनी हम्रा गुरु देव जय, गुरु देव जय करला होगा ना, जखण गुरु देवेर महिमा हम्रा स्रध्धा सहकारे, खुब संतर्पने, एबं खुब निष्ठा सहकारे जखण हम्रा स्रभन करबो, तखणी एक जखुन कोनों अमादेर भरिष्ठ भख्तव्रिंद गुरुमाहाजे सम्मन्दे बोलचें, से ता कुछ संतर्पने स्रवन करते हैं। तार परे आमादे गुरुभक्ति जाग्रोते हैं। तो आमी अनुरद करूँगा, अमरा जानी आजके सारा दिन दुपूर तो एखन थंडा वेदा रोईचे, फैन चोलचे, आपनार सोबाई बाइरे ना घुरा-घुरी करे भेतरे एसे बोशुन, सोबाई शांतो हे बोशुन, आमी देखची किछु-किछु, बाइरेर की ना अमी जानी ना, मने दर्शुनार्थी, तारा बेश सुन्दर ख गुरुमहाजेर मोहीमा कीर्तन करा होच्ये आपनारा स्ट्रावन करुण। एबंग जखण केवः स्ट्रावन करानर परे जखण शेष करचे तखण है गुरुमदेवेर जयद्धनी बा हरिबोल एर रखम कीछे एक ता बैश्णाक समाजाए ये ताई कर्तब बो हमादेर। � हरे हरे, हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे, स्रिषिमा जयपेतक स्वामी गुरु महराज के, स्रेल प्रभुपाद के, स्रिधाम मयापोर के, अनेक धन्नवाद. Thank you so much, Shri Ramanipati Prabhu. उन्हें कुछ सुन्दर भावे, उन्हें भृतिविदांतर नासा स्कुलेर रिपोर्ट, एबंग तास्यत्रते गुरुमहाजेर केछु महिमा आमादे स्वावन कुड़ालन. ताज जनन अनेक धन्नवाद जानाएं. तो एकख� दिनो दोयाल गोपाल प्रभु, उन्ही पचीज बच्छर जावद, तेइज बच्छर जावद, उन्ही संकिर्तन विभागेर, प्रचार विभागे उन्ही प्रचार करचान, तो उन्हां के अनुरोद करबो मंचे आशार जोन, आर आमी प्रत्तेके काछ अनुरोद करबो, ज जय पतित्पावन गुरु महराज की। गुरु महराजेर महिमा किर्तन की। अरे कृष्णो। आनु एक ता कविता पाठ करबो। नमायं विष्णपदाय कृष्णप्रेष्ठाय भूतले स्रिमते जय पताका साविनिति नामिने नमा अचार्जव पदाय निताय के पाप्र� गुरु महाराज साफारी भवन करे आशीलेन मयापुरे संधा सारे साथ्ता समय देवतरा पुष्प विष्टी करे अधीर आग्रहे भक्तरा गुरु महाराजेर सेवा करे अनेक डेकोरोषन अलग स्वज्जा जहलमल करे उलुद्धनी जयद्धनी ते सभा परिपु रादामाधो पंचुतात्तो निर्शिंग्ह कृपादान सकल के कृपादान करे बिश्रामे जान। हाजार हाजार भक्तेर भीरे उधिवास उनस्थान कमल गपाल पभुरकिर्तने सकले महित हन। अजस्रो जनस्रोत अपुर्व सुभाब रिध्धि पाई गुरु महाराजेर � आज अधिवास आज अधिवास आनन्देर सिमानाई एइ किर्तने देव देविरा सखले ही खुषी हाई। अनेक बरो पैंडल विष्तिरिन्न अलाका जुरे विष्य भुवनेर आकर्षन आज एइ मया पुरे। आज गुरु महाराजेर अभिवाब दिवस प्रती मनो हारी सदा परम कुरुणा सिन्धु गुरुदेव तुमी दयमाई। निताई गौरेर अपार कुरुणा बिलेया बिलाया जाई। आज गुरु महाराजेर च्यात्ततम ब्यास्पुजा होयेचे उनुस्थान। विभुन्न स्थानेर भक्तदेर भीरे जय पत्रका गुनोगान। पृति� चिन्माई द्रिष्टिते तिनी स्वब्स्थानेई विराजमान अकातारे कुरीच्छे क्रिपा जे जतो जतनोबान धामेर ब्यास्पुजा होई ओधिक गुरुत्तो पुन्नो मायापुरे जारा आछेन तारा ओधिक धन्नो गुरु महराज सबसमाई बलेन आमी खुद्रोदा लोभिवे परमार्थ्वधन जीवन होबे मुक्तो। आमार सेवाह्वाई संकिर्तन पचार, गंधो विदरोन करो जाओ घर घर।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ताहर मधुर बाक्के भरे अमार मुन प्रान। सान्तो निर्विक भावे करे सब विचार मुनेर स्वत्त कथा बलें बार बार। एइ भावे गुरु महराज हन अंतर जामी गुरु चिन्ता गुरु धाने ठाकीब सदा अमी। साफारी सफोर आर विभीनो धाम दर्श गुरु महाराज्येर क्रिपादिष्टी लागे तादेर गाई। संखो करोताली उलुद्धनिते सुभापाई। निमिषे से इस्थाने जानो बिन्दावन होये जाई। परम आकर्षोनिय भावे सकले इमुग्द हाई। अचेतन मने तारा चेतना फिरे पाई। आज तार � पुचार पध्वतिर जन्न उत्तन्त तत्पर कखोनो जुमे कखोनो भवने जुगा जग राखेने अभिस्तर। खाईते सुईते सर्वत्रो सर्वदा दर्शन गोडांगो गोडांगो बोले कादे उनुखन। परमो कुहो परमो करुनो पुहु दुई जन निताई गौउरो � सच अरचर पोचारे अमरा तादेर देखते पाई। अकातरे प्रेंदान नाही करे विचार। किछु नाही बाचे जान सबार घर। एहहाबे गुरु महाराजे रभदान अविश्वरणियों गोरांगो पार्सवत जिनी अद्भूत अकल्पनियों। ताहर दर् आच्चारी दिके ब्यास पुजा कुरेचेन लोख्खो किहाबे कुरेचे सेवा अमार सब भक्तो विशेष कृपार दिन अपराध है मार जोन परम संतुस्टो भाब भक्तो परायन विशेष भाबे पुजितो होच्चेन प्रती स्थाने स्थाने देवलोग ब्रह्मलोग दाख धुलाई लुटाईलो सब जतो प्रारिगन।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। आकर्षने हुए छुटे आशे जतो सब लोग दर्शन साक्काते मुचे जाए सब सुप। सुद्ध भगतेर प्रभावे असुध्ध सुद्ध हाई निचो चन्डाल जबन जाती करे दिग बिजाई। ब्रह्मान्द भमिते कुनो भाग्गवान जीव गुरु कृष्ण प्रसा परमतत्तगान गुरु कृपाते मेले गुरु बिना आर के हो नहीं दिते पारे। ताते कृष्ण भाजे करे गुरुरो सेवन। मायाजाल चुटे पाई कृष्णेरो चरन। ताई गुरु कृष्णेर सेवा कुरिव जतन। मायाजाल हैते मुक्त होईव तकखन। एक समय गु एक माताजी प्रोष्णो करेचे आमाई, प्रोष्णेर उत्तर ना दिले मरी बनिष्चाई। ताई आमी टाइपे प्रोष्णेर उत्तर दान, सै प्रोष्णेर उत्तरे बाचिलो माताजीर प्रान। एइ भाभे गुरु महाराज भगतोदेर परती ओती दयाबान, खोच कबर � कृष्णो प्रेम धोन पावे सेवरो चतुर। एक बार गोषलाते हया क्रमन। गुरु महाराज एकाकी एकाकी छुटिलें तकुन। भक्तों देर रोख्षा तादेर मंगलो विधान। खोचकपो राखेन सदा है विद्धवान। ताई सिष्यो देर सेवा जदनो करीबो ज महापभूर प्रियपार्शोच चिले तकखण। अनेक भगतेर माझे एइ कथा बलेन, एइ हाबे गुरु महाराजेर उपलोब्धी तुले धरेन। चीत जगतेर मानुस जैपाताका महाराज बैख्खा करेन लोगनात सामी महाराज। जैपाताका महाराज मयापुरे थाकेन ज� ठकेन जखन मायपुरेर सुन्दर्जव बृत्धि पाये तकखन, एइ भाबे विभिन्न भक्तमों के महिमा सुना जाई, अमोन महाजन गुरु केबा कुठा पाई। एक बार पुरुपाद घाटे दिवेन प्रवचन जहर, प्रवल जहर विष्टी होच्छिलो तकखन। गुरु महाराज पुलुपाद घाटे चले जाई अभनी जहर विष्टी थामिलो से थाई। प्रमचन दिये जखन चले जाई आबार जहर विष्टी सुरु हुयलो तथाई। एइ भाबे गुरु महाराज के देवतारा करेन सनमान, आमरा देखते पाच्� प्रहुपाद आग्गा पे Food for Life करीलो हाजार हाजर मनोज कृष्ण पसाद पाईलो फ्लाइट एकरे जात्रा करेन जखन माजपते भगतरा होई चोई करीलो तकखन गुरुह माराज बोलीलेन तुमादेर की होईलो फ्लाइट जे सुमुद्रेर दिके नामिलो मैग जाप कुरिलो तकखण अबनी फ्लाइट अपरे उठीलो तकखण समस्तो जात्रीरा गुरु महाराजेर चरणे पुरिलो एइ रखम बैकतीर कारणे आमादेर जीवन रख्षा हुलो एक समय चारधामे टुरेर हुईलो आयाजन एइ समय भालो नाई जाबे ना एकहण सत्ति से एहाबे गुरु महाराज दूरो दिष्टि संपन्न होई दूर भविष्यतेर कतासे बोलीते पराई धाम सेवा, पुचार सेवा, नामःट्टो सेवा भुक्ति व्रिक्को, यूद्ध फोराम आरो अनेक सेवा M.I. सेवा, अर्चन सेवा जेकुनो सेवाई जुक्तो गोलोग ध लिला क्वथा कोरी समापन। जय जय जय धनी बलो सर्वजन। हरे किष्ण जय गुर्महराज की। समेते गुर्भक्त बिन्द की। हरे किष्ण। अनेक धन्मवद, दिनोदयाल प्रभु, दिनोदयाल गुपाल प्रभु, उन्ही प्रत्तेक बारे ये रखम कविता सुनान, आमी जा बोली टाइम तार तीन डौबल टाइम नियेने, ये टा प्रभु, प्रत्तेक बारे कविता लेखेन, आमादेर आरे एक जन बरिष्ठ तो अनेक धन्नवाद प्रभुके, अखुण आमी देखे नेवो चीदा नन्दनी, चीत्रो लेखा देविदासी, गुरुमाजेर महीमा केर्तन करुबें, एबंग खुब सिग्रो गुरुमाज आमादेर मंचे से उपस्थिद होबें, आपनारा जारा बाइरे घुरा नमां विश्णपादय कृष्णपृष्ठाय भूतले श्रीमते जयपताक स्वामि निति नामिने नमाचार्य पादय निताय कृपय प्रदायने गोरगत धामदाय नगर ग्रमतारिन। So initially on this day, a very auspicious and pious occasion of Guru Maharaj's Vyasa Puja. I offer millions of bows to my supreme reverend and to my dearest Guru Maharaj. And also, my humble obeisances to all the respected adherents present over here. Indeed, it's a very joyful day for us. But more than this, Sri Chaitanya Mahaprabhu, Ashtaksharkhi, Radha Madhava, Sri Nrsingadev, they are so gratified for this such joyful day of Guru Maharaja's Vyasa Puja. और महडि अवरको कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुरुमहाराज, कुर It would be a great penance to talk briefly about Guru Maharaj, since there is a lot to say about him. But I indeed feel lucky to stand here glorifying him in front of such great Vaishnavas. And so if I make any misapprehensions, then please forgive me. I have read somewhere that according to supreme Vedic literatures, the most powerful, you know, to purify the mediators is to glorify the dearest devotee of the Lord. My Siksha Guru, His Holiness Bhakti Vijaya Bhagawad Swami Maharaj, he has always taught me what life is and how to make the most of it. He has always guided me throughout to find a true Guru. And today, yes, I did find the true Guru. He has always guided me throughout. And yes, Guru Maharaj, You are the reason for whom today I am an ardent follower of Lord Sri Krishna, Chaitanya Mahaprabhu, the path of illumination. और मैं मेरे करतकल करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करत हरे कृष्ण, आज आमादेर बड़ो अननंदेर दिन, आज आमादेर परमाराद्ध गुरुदेवेर सुभावीर भप्तिथी, भख्त गुणगाने भगवान संतुस्तोहन, आर भगवात गुणगाने भख्त गुण संतुस्तोहन, जीवन की भावे परिचालित हता ह जीवन के कियोंगे भक्ति पथे परिचालित करता है। तार जनना मार शिख्खा गुरु स्रिष्रिमद भक्ति विजय भागवात सामी महाराज आमा के अनेक उपदेश और निर्देशना दियेचेन। तार अशेष कृपाय आज अमी स्री गुरु चारणास स्थाय लाप हरे कृष्णा! Thank you so much, Chidanandini Chitralekha Devi Desi for your wonderful glorification. So next speaker is Sripad Padmanetra Babu, जिनी नामोट्तेर regional co-director, उनाके उनुरोद करूबो स्टेजी आसार जण्नों, एबांग तार स्री गुरुदेवे चार ने सुधान्जली निवेदर जण्नों उनुरोद करूबो. Thank you so much. अरे कृष्मा नमों विष्णु पदायो कृष्ण प्रिष्ठायो भुतले स्रीमोते जायि पताका स्वामिनिते नामेने नमों अचार्ज्यो पदायो निताई क्रिपा प्रदाईने गौरो कथा धामो दायो नगर ग्रामो तारिने ये पतित्पावन गुरुमराज आज आपना किछो गुणगान करार सोभागो लाप करे अभी निजे के धन्न मने करची।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� जुक्तो करे रेकेचेन आर आपनार क्रिपाई आमरा देखते पाई नाम हट्रो ब्यापोक आकारे प्रचार होच्छे जेटा सच्चिदानदो भोक्ति बिरो ठाकुरेर भासा भविष्वद बानी नाम हट्रो एक प्रकांडो ब्यापार होगे आर आपनार क्रिपाई सेटा चा किछु दिन आगे यो भक्ति पुरुषत्तम साही महराज दोखिन चोईसुनाई गिये सिलें तीनी बोल चिलें जे पुनारा कुरी बच्छोर आगे यो आमी जखन नामोड्टो प्रचारे आश्ताम तकहन तीन चार हाजार भक्तो होतो केंतो सब भक्तो देर ज बाग गलाई कन्ठी माला थाकतो ना। किन्दो सेही समायार अखन पार्तको अच्छे, अखनो चार-पाज-हाजार भक्तो अनुस्थाने उपस्थित होचे बाग सवारी गलाई तुलस्री माला आर सवारी कपाले तिलग। आर इता गुरुमरा सुद्धो आपनार कृप सारा बांगलाई इभावे प्रचार होच्छे किछु दिन आगे गोरांग प्रेम्षामी महाराज्यो प्रचार थेके जखन एशेचेन कुन एक ता अनुस्थाने कथा बोलचीलेन तकहन बोलचीलेन जे हमरा आगे यो प्रचार करताम ये बार अमी दुमार धुरे प्रच आगे फिलोषोविकाल कथा बोलते होतो जिवन अनित्तो, जे कनो स्वाय मिर्तु होबे बाये दिविनो रखम कथा बोलते होतो किन्टो एकम देखसी तारा यातो उन्नतो भगतो यातो भालो भगतो प्राय दिख्षितो आर सब जगाई अमी गोरांग महाप्रभुलिला क ते इता गुरुमराज आपना क्रिपा इता संगोटित होच्छे सब जगाए आपनी क्रिपा वर्षन करचें जे बीज आपनी बपन करेचें से ता सुन्दर बृक्ख रूपे चारी दिके प्रस्पोटितो चारी दिके विश्वरितो होच्छे हमना देखी गुरुमराज अमेर आलोचना होच्चे भारत बशे विभीन स्टेटे मानुष कन्वर्ट होच्चे धर्मों तके कन्वर्ट होये अन्नो धर्मे चले जाच्छे किन्टो पर्षीम बांगलाई से ही जीनिस्टा होच्चे ना एकानकार मानुष कन्वर्ट होये अन्नो धर्मे जाच्छे ना अतो सुन्दर नामःत्व प्रचार करेचें जा सारा विश्वेर मानुषेर काछे समाद्रितो तारा उपलब्दि करते पेरेचे जे आपनार कतो कोरुना सेई जन अम्रा आगेओ देखला महराज्देर मुखे ये निताई क्रिपा प्रदाईने आपना के कतो नितानन्द प्र आमी आपनार अभीर बप्तितिते आपनार गुणगान करे एक चोट्टो कविता लिखेची से ता अपनार उद्देश्चे आमी पड़ेश पड़बों पतित्पावन गुरुदेव गौरेर गहन तव मधूर मुरती हेरी जुडाय नयन नित्तानन्द शक्ता बेशे आशी ध अदम पतित पाफिरे लाव तुले कुले केऊ जदी तवरूप करे दरोशन पसंडत्त चारी है भुक्तिते मगन परोष पाथर तुमी करो सबे सुना जी बुद्धारे तमार नाही को तुलना दिवारात्र पतितेरे लागी सदा कादो प्रती घरे घरे गिये कृष्ण नाम सा� तमाहेनो दयालू केवा कोथा पाई, तवो समो गुरु धने जिवन धन्य है। किवा जानी तवो महिमा मुई मुडमती, जाके जानाओ सेई जाने तमार विभुती। मुई अदम महापापी चरणे आशी पड़े, कृपा करी उद्धार करो संशार सागरे। पुर्वकर्म द भजन सादनेर अति ना अच्छे एक कौन। अदर्दरशी प्रभु कांगालेर ठाकूर। केशे दोरी अधोमेरे करो तुमी पार। आजी ब्याश पुजा तवो अति पुन्न तिति स्री चरणे मागिमुई सुद्ध प्रेमो भौक्ति। रिदाय होते अहंभाव जानो दुरे पद्मनेत्रेर गुरुदेव जयपतकशामी बासुदेव दौत्तेर क्रिपा तमा ते ही मानी हरे कृष्ण, अनेग अनेग धन्यवाद शिवाद पद्मनेत्र परभु, खुर सुन्दर, उन्हार इटी कवितार बयो अच्छे, जदी नामर्ते ते आपनारा मनाय पिये जाबें, खुर सुन्दर सुन्दर कविता लिखेचेन उन्ही, आजके गुरुमाजेर स्री चरणे कव नमों विष्णपदाये कृष्णप्रिष्टाये भूतली स्रीमते जैपतागस्वामि निधिनामेने नमा अच्छार्ये पदाये निथाई कर्वप्रदाये ने गौरगददामदाये नगरग्रामदारेने It's a great privilege and honor to speak and glorify His Holiness Jayapatagaswamy Guru Maharaj. He is a very divine personality. He has unlimited glories. He has unlimited wonderful qualities. He is very, very honored to have a wonderful spiritual master like Guru Maharaj. Actually, in South India, there is one temple, Thirukurungudi. The Lord's name is called Nambi. Nambi means disciple. रामाणजचाचर्या करकल करकल करकल करकल करकल करकल करकल करकल करकल करकल करकल करकल करकल करकल करक गुरु माराज करते करते करते करते करते करते करते करते करते करते करते करते करते करते करत सूसुकमकरतम अभ्ययम। When I was coming to Vyasa Puja, when I was travelling, I was thinking what was my prayer, what was my aim for visiting Mayapur Dham, attending Vyasa Puja ceremony. I came here to pray and beg mercy of Guru Maharaj and I can share that mercy to everyone. I made a small acronium, jayapathaka. Whatever time permits, I will just explain this acronium. Every year I make acronium in different meaning. This year, the J is joyfully performing the devotion service. Guru Maharaj always observed in the divine pastime of Gauranga Mahaprabhu, वह मलबन करते हैं, मैं करते हैं, मैं करते हैं, मैं करते हैं, मैं करते हैं, मैं करते हैं, मैं करते हैं, मैं करते है और एक करतकर करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक कर और मतजी मतजी मतजी मतजी मतजी मतजी मतजी मतजी मतजी मतजी मतजी मतजी मतजी अपने वदक्कर सिशा मतजी मतजी गुरु मैं गुरु माराज करते हैं। गुरु माराज करते हैं, मैं करते हैं, मैं करते हैं, मैं करते हैं, मैं करते कर� I could able to chant more number of rounds. Guru Maharaj affectionate to each and every person. You know Guru Maharaj comes for Sranayatra, whole day he cooks and evening time he get to meet everyone who were in the assembly. He won't discriminate if he is a big man or a small man or a simple man. He goes and meets everyone and connects with everyone and preaches to everyone. He is a very compassionate soul, always observed in Krishna consciousness. I hope and pray to Guru Maharaj that आरे कृष्णा, इस हुलिनाय जैबदाग स्वामी गुरुमाराज्यकी पतित पवान गुरुमाराज्यकी पतित पवान गुरुमाराज्यकी पतित पवान गुरुमाराज्यकी पतित पवान गुरुमाराज्यकी पतित पवान गुरुमाराज्यकी पतित पवान गुरु भाई बने रा अखनो गुरुमाराज्यकी पर जनतो भाब चेंजे गुरु पतित महाजीर जनो जे प्रणामी पवान कोथाई देवें? आमादे स्टेजेस सामने देखुने एक टा ड्राम रखा रहे है चे लाल ड्राम आपनाडा जे एनविलब दिया जे से एनविलब रे मदे प्रणामी दीते तारा भेतरे चले आशून, पर एक गुरुमाज किशु कणर में देखाने एशे उपस्तिद होगे ना, आपना राज तखन सुझग पावें ना। सभाई जेगे आचें दो? जेगे आचें दो। Thank you. हरे किष्णा, पदिद पावन सिल गुरुमाराज की? पदिद पावन सिल � नमों विष्णपदाय किष्णप्रिष्ठाय भूतुले स्रीमति जयपताका स्वामे नितिनामिने नमाचारिजपादाय नितायकिर्पाप्रदायने गोरुपत्धामदाय नगरग्राहमतारिने नमों विष्णपदाय किष्णप्रिष्ठाय भूतुले स्रीमति वक्तिविदा नमस्ते सरस्तते देवे गउर्वानि पचारिन निर्वेच्य सुन्नवादि पस्चायत्त देशतारिन। भगवान स्री किष्ण उद्धव के बोल चिलेन। अचार्जवाम विजानिया नावमन्नेक अरिष्चित नो मुर्त बुद्धस्वेद सर्व देव मया गुरू। अच आचार्जो बाग गुरुदेव के भगवानेर मतो आमादे सथ्या करता हुए। ए जन गुरुमहाराजे प्रनाम मंतर में आचार्जो, ये सभ्धो टा हुल्लेक आछे। तो भगवान चेतन्जन महा पुरु बोलचिलेन, आपनी आचरी धर्मो जीवेरे सिखाई। आ तो गुरु महाराज निजा आचरन करे उन्ही आचारो कच्छेन आबार प्रचारो कच्छेन। ए असुस्तो सरिर्णेयो उन्ही सारा प्रिधिवी जुड़े प्रचार कच्छेन। तो गुरु महाराज इहवे आचरन करे उन्ही देखे जाच्छेन। ताई उन्ही होच्छेन एक बार क्यों होये चे प्रहुपाद इरे कम बड़ो करे पैंडल होये चे 40,000-50,000 भगतों पैंडले आसचे प्रहुपाद कथा बोलचेन तो अनेकी बड़ो-बड़ो बेक्तिरा प्रहुपादेर संगे साख्खात करते इसचेन तो एक जन मीस्टर इसचे आगे थेके उन्हारा जीजब कर नितें। और इभाब मुंबाई ते आश्चें, इभाब कुछ सुन्दर करी अनुस्थान होचे। तो उन्हीं बोलचेन, ओरा चादेर हाट बस्चेचे यातो सुन्दर। तो पहुब बात तक होन बोलचिलेन, यह जी आमार एक जन सिषो हो� अन्दुलन के पचार करा, सारा प्रतिभी जुरे पचार करार जणन। तो ये जीनिस्ते हमादेर विशेस करें बुष्टे होबे, जे गुरु महाराज चाहीचेन, सारा प्रतिभी जुरे, आज के कदो सुन्दुर करें गुरु महाराज बोलचेन, जे होबे अनेके गुरु तो एक बार अमी गुरुमहाराज अमाके हटाट करे देखे चेन, देखे बोलचेन, जे जड़ा दिख्खा निचे, बार जड़ा दिख्खा निभे तादरे के भालो करे देखो, जे वराजाते सचिक भावे सब नियम पालन करे, ना होले तार जे, से जदी कुनो नियम भ आमी चाही सोकल के भगवद्धामे निये जाते। सोकले भालो करे ये चाट्चा नियम पालन करो। सुलमला कोई जब करो। एकादशीते 25 मला जब करो। सभाई इसे भगवद्धामे जाबे। आमी सभाई के चाही इसे भगवद्धामे निये जाबार चन्न। नितायि गर्ष सखलेर जुनो बारी करेची। तुम्हारा चिन्मोय देहे देहो पावे आर चिन्मोय देहे एभाबे भगवधामे नित्तो काल धरे थागबे। तुमादेर के जड़ा जगते यहाबे जड़ा सोरी निये तुमादेर के दुखो कस्ट जन्म मित्तु जरावे आधी। दुखो � हाँ, आमादर के सकल के भगवधामे नियर जावार जन्न। इस जन्न आमादर के सचिक भावे, जेटा गुरुमहाराज आमादर के निर्देश दियेचेन, गुरुमहाराज जेटा चाईचेन, से ता आमादर जिवने, गुरुमहाराज जब आचरन करे देखाचेन एक मार की होईचे, उरिष्या ते एक खुब बड़ो बन्ना होईचे। गुरु महाज इखेने मायापुरे। तो होटाट कर आत्ति बेला एक जन भक्तो के उन्ही देखेचेन। हाँ, बलछेन जे उरिष्या एक बन्ना होईचे, आमारे एक चिष्षो, इभे तार घर्टर � तक्वण एक जन उरिष्चारी, एक जन प्रभु, उन्हां के ढाका हैचे एबंग संगे संगे गुरुमहाज बोले तुम्ही एकखोनी जाओ। एकखोनी तुम्ही उरिष्चारे जाओ एबंग एभावे ओर इखाने जाबे, ओर बाड़ी ते जाबे, नोकोनी जाब तकखण उन्ही नोको निये जखन गेचें तकखण देखचें दे इकदम माने चादेर उपरे जल ठके गेचे आर उन्ही एकदम घरेर जी एकदम उपरे एकदम उपरे तरा फेमिली निये स्ट्री आरुनाच्छेले मिये निये एकखणे बसे आचें एकटु परे एकटु भावचेन जे गु नोको, इभे नोको निया उन्ही आश्चेन, के उन्हा के बोल लो नोको निया आशार जर्ण। तार परे उन्ही बे बोलचेन जे तातरी आपना नोको ते आशोन। हाँ, आमी बोलची, तो नवकोते चले इसचेन, तर परे बोलचेन, ना गुरुमहाज आमाके पाठियेचेन। देखुन, गुरुमहाज उन्ही हो चेन, निध्यो माध्यम् दुर्लवं सुदुर्लवं प्लवं सुकल्पं गुरुकरणधारम् मयानो कलेन नमस्यतारिदम् पमा प्लवं सुल्कल्पं गुरु करना दो। गुरु होचे नो कोर मतो। ये भवा नदी पार हुआ। और देखोनु उन्ही सेई मैपुर तेके बुष्टे बाचें उन्हार सिसेर कथाई की होईचे। तो इभे गुरु माराज एभाबे उद्धार करचे ने भवा नदी पार करे सेई आमादेर जीव ए पती जीव देर के उध्धार करार जर्ण सिनि अक्लांतो सेई सब समय चेस्ठा कोच्छेन अबंग सब समय आमादेर के उपदेश दीच्छेन तो अमी सभाई के एक टा अनुरूत करबो गुरु महाराज जाते दिर्गो काल धरे आमादेर काछे उपस्ती थाकें एबंग उन्हां जाते सुसाइस्तो आबार सुन्नोर करे फिर आशे आमादेर के जाते आबार क्रिवा असिर्भाद करते पारें एजन विशेष करें सभाई आपनारा एक संगे आमार संगे हरी किर्षन महा मंत्र बलवें ग हरे राम। राम राम। हरे हरे। माईरा उलुद्धुनी दिवेन। गुरु महाज बल जाया उलुद्धुनी आशे सर्गो लोग थेके। गुरु महाज को उपा अनुदो पान। हरे कृष्णा। परित पावान सिले गुरु महाज की। हरे कृष्णा। अनेक धुन्दवाद अच्छा, सुस्थो और असुस्थो, कारा असुस्थो जानें? जारा अमादेर गुरुमहाज जीनी सर्व अवस्थाते ही। कल के हम्रा संभवादातो मुहाबराव पभु और एर कास्ते के सुन चिलाम, आमादेर माधवकान्त परभुर कास्ते के सुन चिलाम, � तीनी असुस्तो ना अमरा असुस्तो चिरंतन, सर्वत्र, सब समय, सर्वक्षन जीनि कृष्ण भावनमाय, तीनी कहनो असुस्तो होते पारें ना। असुस्तो होचे आम्रा कारण, आम्रा प्रत्तेक्का मुहुर्ते के कृष्णो के स्मरन करते पारें ना। आम्रा प्रत्तेक्क मुहुर्ते कृष्णो के वुले जा असुस्तो नहीं। असुस्तो ची हम्रा। धन्यवाद। तो परेर भगता हो ची हमादेर मायापुर जिन्याल मेनेजर स्रिपाद जगद गुरु परभु, उन्हां के उन्रोद करबो स्टेजी आशा जन्न एबाँ गुरु महाराजेर कुछ सुन्दर महीमा कीर्तन कराज जन्न हाई कुष्ण, यमों विष्ण पदाये कुष्ण विष्ण थाये भूतले स्रिमते जय पदका स्वामिनिति नामिने यमों अचार्जो पदाये नितायिक प्रपदाये ने कोईरो गथ धाम दाये नगर गाम धारेने आपको एक टा लिला बुलवों, गुरुमाराजेर वि� आपने देर मन्या अच्छे, प्रोथम लोगडान होये चिलो करणनार कारणे, लोगडान होये चिलो 2020 सालेर, 2020 सालेर, समाबत तो 23 मर्च, थाई तो, जाय हो, तो घषणा होये गचिलो जे 7 ते के लोगडान होबे, आम्रा, आम्मी ब्यक्तिकोदा भावे फिल करे चिला मझे लोगड़ाउन मने, आमने सबकोलेर जन लोगड़ाउन। साधरनारतो मंदीरे घोषणा है, पत्ते दिन मंगलारातिर परे। देविसे मार्च, कौना घोषणा है चिला ना मंगलारातिर परे। जख� जे गुरुमाराज एक दुम सेवक आमाके फ़ोन करचे ने, बोजे गुरुमाराज तमाके दाखचेन। आजकर मंदिरे घोषना है नी कैनोर, तमाके दाखचेन। आमें तो कुछ भाई पे गेलां, जा। ये तो ब्यापोक एक टा अस्थस्थिते परे गेलां। तो जाय ह गुर्मार्ज बोल्छे न आये रखम न? लोगड़ाउन माने भक्तोरा बाइरे बेड़बे न, मंदीरे आशबे न, तो घ़रे थागबे. तार माने घ़रे थागबे, तारा की करबे? सदु सोलेमला जब करबे? ना गार कुछी करबे? और गुरुमाराज अबस्थोय आरु कुछ करा अचीद विशेश करे, क्रिष्ण भावना में तो अध्यान करा अचीद विशेश एइ फाका चुटीर दिने। हाँ, गुरुमाराज बोलचेन थीक अचे, तोमी जेह तो मंगलारतिते घषणा है नी, सद्धरांक तोमी दर्ष् फोराम गुलाते तुमी एटा अडबिटाइस करो, जे आजके ये दिने आपना रा की की काच्चो करेचेरें क्रिष्ण भावनामिते, सौलमाला जबेर संगे संगे कतो रंथो आध्यान करेचें, कतो गुलो प्रचार करेचें, कतो गुलो भक्तक संगे आपनी कथा बोले� तो से गुर्माराजेर निद्दे सुनुषाई, अमरा से ता कोरे चिलाम। एबाउं दिनेर सेशे, अमाको बोललें, जे तुम्ही रिपोर्ड दाओ। रात्ते बला, आजके जे लॉक्डाउन दिने, कौन भक्तो कतो संखा जब करेशें, कतो ग्रोंथ आध्यान करे� चामादर एक टा अलश्वता भाव अच्छे, अलश्वम्रा, आमी विशेष करे, के सुजग पेले ही बेशी घुमी नेवो, एक टू टाइम पास करबो अन्न कौनो काजी, क्रिष्ण भावनामे तो छारा, केंटो आमादर गुरु बर्गो, आमादर सबसमाय की क नारिष माने आमदेर के उज्जिवित करें, किष्णभावनामितो, किष्णभावनामितेर कार्जोगलो के सम्भधन करार जन्नव। असले इता है होच्छे सिष्चेदेर गुरुदेवेर एक ता आशिद बात ता सिष्चेदेर प्रति। एक ता विषय गळ्लो। अरग ता होच्छे, जै गुरु महराज सकलेर पति, जादेर एक टू अर्था कौम अच्छे, पर सकलेर पति, जादेर एक टू धुनी बेक्ति, सकलेर पति गुरु महराज सब समय अशेष क्रिपा पड़ायान। की रखम? आपने रह जानें सुल तखण सुलव प्रसादा महलेर, सुलव प्रसादा कुपन चिलो 30 टका, 2005 साले. से ता अनिग दिन जावत, वो ता मौता मौती 2020, 2019 कुरी नगाद, एता एक टू बारानो होय चिलो. से ता 30 टका फेके 40 टका होय चिलो. आमरा जखन इपर प्रपोजल ता दी जे आमादेर 30 टका ते एकटू प्रफिट होच चाना 30 टका दिये एखन जा सविजेद दाम, तेल, नुं, जःलेर जा दाम ता ते प्रफिट होच चाना तो आमरा एटा 40 टका करते चा� तो मोटा मोटी, आमारा सखले राजी होये चिलाम, गुरु मराज बोलशे एक तो अपजेस्याल दीचें, जना क्यानोर तुम्हे 30 टका, 40 टका करभे? आमाके हिसाब दाओ, कौन प्लेट, एक टा प्लेटे कतो खरच है? आमारे जबन एक टा प् जगर एतो तो काम मेरे बोल लाम जना, गुर्मानाज, अमादेर इता अमरा मेंटेन कोते पारवा ना अनेक दिन। गुर्मानाज बोल से ना, तुम्हें चेस्टा करो, तुम्हें चेस्टा करो जानो कौम प्राफिट करे भक्त बिंदों के जाड़ा तू अर्थो कौम गुर्मराज आन्तुरिक भावे राजी चिलेन ना, केंदो जेहोदे एक परिस्ति देयर अकाम चिलो, हनी राजी होलेन, तार संग एडिस्योनली एक टा इंफोमेशन दिलेन, जे तमरा उर संग एक टा नोतुन केछो आइटेम एड़ करो। जे सौलबे जे प्रसाद च उन्ही जादरे एक टो अर्थो कौम अच्छे, तादेर परती मुनाच्छे एक टो बेशी क्रिप्रा परायान। आम्रा, आमादेर एक टू, आमादेर चिंतधारा टा हुच्छे, एक टू बिजनेस, एक टू अर्थो इंकाम होगे, किन्टु, एक दोन आचार गुर्माराज को अखनो अखनो ता सिष्वदेर के कुब साशन करें। साशन करें बोलते हाँते कुणो एक ता भूल होये गच्छे। गुर्माराज कुब सुन्दर भावे साशन करें, सिख्खा देन। की रखम? Conference hall आमादे, Lotus building अच्छी Conference hall अच्छी Conference hall अच् मौता मौती समावत राधास्टमी कौन एक राधास्टमी ते ब्राम्मान दिख्षा हाबे वाक्ता बिंदो ना खिया अच्छे सन्दा होई गच्छे देरी होच्छे गुरमाज आगे बोले दिएचेन तो तोम्रा प्रसाद पिनियार प्रसाद पे आच्छे परो तोम्रा � लोटास बिल्डिंगेर कौन्परेण्स लो जो इसतो बड़ो एबाँ जेटा बड़ो बोलते जे गुरुमाराज सामने जी लोटास बिल्डिंगेर लोटास कौन्परेण्स रे जदी कौननारे बशें तो सेशे जे बजबेच सुनते बावे ना तो गुरुमाराज शिर्षो तो उन्ही अबार सेवाग गुरुमाराच को बोल से, गुरुमाराच माईक लागबे? यहाँ माईक लागबे, अरे अमी बोलची है माईक लागबे, अरे एकेने सुनते पावे ना भाक्तो, अरे तुमी अमी बोलची तुमाके, तुमी से ता ना सुने तुमी अबार तर्ग गुरमाराज अतो ता अन्तुरिक भावे जे कौनो कर्जो, विशेस करे स्पिरिच्वाली अध्धातिक जे कर्जो कर्मोगलो है, से ता कुब अन्तुरिक भावे निजे कोरे अमादेर के सिख्षा देन, जागलो आमारा जानो अमादेर जीवने प्रयोग करते बारी, जे � اللہ अरे कुष्णा, धन्यवाद स्रिपाज़ जगत गुरु प्रभु, हने कने क धन्यवाद। गुरुमाज खुब सिगरे चले आसवे, आपना डा बशुन, आर नेक्स पिकर होचे हमादेर देवर्शी प्रभु, देवर्शी स्रिवास प्रभु, आमी अनुरद कर� हरे कृष्ण जय श्रिल गुरु महराज की? So actually in our youth life, the energy has misdirected us and sometimes we are going ups and downs. So in that life, specially the devotees, I am requesting all the youth specially, we are going so ups and downs in our life, so many problems, struggle comes. So it's not matter that if we become fallen, क्योंकि लोड़ चोईतनों महाप्रभू पर देलिवरिंग के लिए पर देलिवरिंग के लिए पर देलिवरिंग के लिए पर देलिवरिंग के लिए पर देलिवरिंग के लिए पर देलिवरिंग के लिए पर देलिवरिंग के लिए पर देलिवरिंग I am not really eligible to come and speak. And I am very much क grateful to my senior shikha gurus and guru maharaj to get little chance to speak about him. And I learned one sloka from Bhagavatam that has become so much favorite sloka for me. It's Brahma is speaking to the Lord Krishna. तत्ते अनुकंपा सुषमिक्षमानो भुञ्जानेवात्मो कृतां विपाकम् रिद्भाक मन भी विदधान नमस्ते जीवेत यो मुक्ति पदे सो दाइवाक। So the daivak word is, we'll touch you. Daivak word, we'll touch you, so we should go for that word. And that shloka, the mukti pad, it was using by our one Acharya, Sarvabhauma Thakur. He said bhakti pad to Lord Chaitanya Mahaprabhu. And Lord Chaitanya Mahaprabhu laughed. वो अच्छार्जोस पावर के लिए बोगती पद नहीं करते है। आमी जस्तिन्दा गुछिलाम जे गुरु महाराज एक जन महाप्रमुर पर्शद, उन्ही अमिरिका ते जन्मग्रहन करेचेन, किन्टु नित्तो पर्शद होय अमिरिका एकता म्लेच्चो कान्टी ते की भावे जन्मग्रहन करे, उखाने उनार कानेक्षन ता की किर्� निताई गुर गुन करीते सकले दान से खमता की सबे पाई गुर प्रिय जत जन तारो माझे प्रियतम शेनापती बोले लुचन गाई गुरांगेरो प्रेमधन बिलाईते सर्वजन श्री गुरु आग्गा शीरे लाई पश्चीमे कोरी गमन जादेरो संगे मिलन तारो माझे तुमी अन्नतम गोउरो पार सद तुमी नित्तो माया पूरो बाशी प्रभुपादेरे कथन तारो किछु लक्षन गाहीते आमारो मन शीरे मागे तब पदधन तब पुर्व आश्रम शेव दोईब आयुजन माया तीतो जरो ताहानोई बिला समोई जीवन शिल्पोपतीर नाती कुटों गौरो धनो जनो नामे प्रकोटिला पितारो जन्म दाग जागालो आत्म अनुभव देहन हे आत्ताई सुन्दर। जय सापलेरो पत् खुजिबे आध्धातिक रत् लेस्ली मुन्शे सत्त भुजितो। सुतिक्न बुद्धीरो जूति संग्षारे उठालो वित्रिप्ति पिता मातार बेवहारो देखी। माता मोहो नामो भगतो, से खालो नाम महात्तो, चर्मरूग नामे दूर होईलो, नामेरो शक्तिते मुग्दो, बाहु दूले जये दीतो, माता लोरी बिमोहितो होतो, जीवे दया प्रकृति शईशवे जेफेरो स्मृति कृष्णपदे टानी आयानिलो। पराशुनाय उतकर्ष बध्धो तत्ते गोबिर स्पर्ष खुजेवे राइमूर गुरू कुठाई तिलोगो देखिया माताई पुलोकी ततो नुही आई पुननिताई गौरधन मिला। हारे हारे धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्य� आश्राय गबिन्द प्रभु, जीनियो चेन, ये जी हम्रा पैंडले बोसे आची, लास्ट पनेरो दिन, अकलांतो परिष्ट्रम करे, दिन राद अकलांतो परिष्ट्रम करे, एबं काल राद तीन ते पर जेगे, हमादे स्टेज रेडि करे देवा, एबं गुरुमाजेर, उ� दुहाजार पंचिस पर जन्तो टोटाल दुहाजार दुटो फ्लाइट तीनी ट्रावल करेचेन सारा वर्डे। एही गुलो डीटेल्स अखने आचे, आपना रा प्रोग्रामेर पड़े ओ देखते पारें। इस समस्त निखूद भावे जीनी तोईरी करेचेन से स्रि� अष्ट्राय गोविन्दो प्रभु, आपके लिए करते हैं। यह प्रभु है, यह पान्डल को करते है। करते है, यह प्रभु है, यह पान्डल को करते है। यह प्रभु है, यह प्रभु है, यह प्रभु है, यह प्रभु है, यह प् नमयं विष्णपादाय खिष्णप्रिष्टाय भूतले श्रीमते जाय पताका सामनी तिलामिने नमयं अचार्जो प्रादाय निताय किर्पापदायिने गोरो कथा धामोदाय नगर्गर्मतायिने हे पतित पावन गुरुदेव अपनार एच्छियत्ततमो अभिर्वाप्ति थ भगवाद घिता ते विभुति जोग एक ता अच्छे, से काने भगवान स्री किषनेर विभुतिर कथा बर्णना करा होयेचे. भगवाद घिता ते भगवानेर विभुतिर प्रकाश चे बर्णना करेचे, आमरा अनेकेई जानी, किन्तु आमादेर जे परमाराद्� आगे जारा उन्हां संगे चीलें तारा देखेचें, एकखण हम्रा देखची परबर्ति कालें। परबर्ति प्रजनमों से ता देखबें। से गुरुदेवेर जे बिभुति प्रकाष, तार दूटो आमी उधारन बोलबों। बेश किछु बाछोर आगे। अच्छा, और आराक्ता होच्चे तीनी सोकल के आकर्षन करें। तो अमी प्रथमे बोलभो उन्ही बि की भावे सोकलेर पती कोरुणा प्रकाश करें। बेश किछु बचोर आगे गुरु माराज जखन सुस्तो चीलें, उन्ही बिदेश तेके जखन आस्तें प्रचार करे, गुरु माणिंग वाग, जपवाग करे, सुलव कीछेने गुरु पुज़े होवर परे, आमादे सार्वीज गेट थेके प बेड़िये हारते हारते, ये में गेट दिये धूखते हैं कखणों कखणों. और से समय बाइरे, आगे अखन देखा जाये अनेक हिंदु भाईरा तारा टो� तो गुरुमाराज जखन हेटे जेते हैं, रिक्षा चालोग चाचारा रिक्षा चाल आछें, तारा उनने में गुरुदेप के पनाम करते हैं, एबं तारा गुरुमाराज के जिगेश करते हैं, महाराज आपने कैमों आछें, आपना शास्तो ठीक आछे की ना, कवे एसें, � तो एक दिन गुरुमहराज ब्रेक्फास्ट बे उन्हार घरे उन्हें विश्राम करचें बा किछो एटा काच करचें। दा मी बाइरे दर्जार बाइरे दारी गया थी। होटा देखची एक जोन चाचा, दादुयाला चाचा, उन्ही एस्छें। लुंगी टुंगी पड़े ना वे तामार पर्सुनाल दर्गार, आपना के बोलते पारगो ना। तो आमी वे ठीक आचे, आपनी आपेखा करुण। तो गुरुमहराज किछों भावे जानते पिड़ेचें, कुनों एक जोन बेक्ती एसें। उन्ही दर्जाना नौक करचें, आमी भेतर के लिए बाइरी एशे, उन्हां के बोलचें, गाई हाथ दिये, क्या मुण आँचें आपनी? भालो आँचें तो? और से चाचा, केव गुरुमाज के पुनाम करचें. पुनाम कर, है महाराज, आपनार की बाते है, अमरा मयापुरे भालो आची, शांती ते आची. ताले कुनो सम� आपनी जोदी किछो सहाज्य करें, तो गुरुमाहाज किछो बोलेन नहीं। गुरुमाहाज घरे गेचेन, उनार डौयर खुले, किछो टाका निये, आमके बोलचेन तुमी इता दुना के दी आशो। अमी बोलाम गुरुमाहाज आपनी दीले भालो है। ठीक अच्छे, तो ग ते एइटा हो जे गुरु देवेर एक ता बिभुती। प्रत्तेके परती उनी करुना करें। उनी उनार करुना कौना हिंदुदेर जनों नए। खिस्चान्देर जनों नए। मुष्लीम्देर जनों नए। जोईनों देर जनों नए। बद्धों देर जनों नए। ग� गुरु महाराज बांगलादेश साफारी गे चिलेन। तो से खाने गुरु महाराज पनातीर्थे जाए। सिलेट डिस्टिक पनातीर्थो। से खान अद्दोईत अचाजो परभूर स्री पाट। गुरु महाराज एसे गचें, के उडूबेन ना, आपनारा बोसे थाग तो अनेक पुलिस दिये चिलो, रैप दिये चिलो, गुरुमाज के बेरिकेट करे नियी जाथ से. तो गुरुमाजेर बस तो परिवर्तन करे, बस तो अमर काछे जंडो, जायो. तो अमर काछे एक जोन पुलिस दारिये चिलेन उखाने, एकाने अनेक मेडल चिलो दूटो पुलीष अमार दुदिगे दारण चिलो और अमाके जीगेश करचेन वोल उनी की अपनादेर पीर? आमची पीर ना उनी आमादेर गुरुदेव मुषल्मान चिलें तो तो उनी गुरुमाराज नेमे देखचेन गुरुमाराज ये उनी की जले कोईक घंडा एरोख तीनी आरारार दारिये थाकते बाच्चेन ना। आमा के बोलछेन, सादु आपा, आमी जाईते बारी, एरों बोलछेन। आमा जे, ना, ना, आपनी जाबें ना। आपनी आमार संगे थाकुन एकाने। क्यान आमार भय लागचे। गुरुमार्ज गयाचेन एक टा मुस्लिम क तामें बोल्जी हाँ उन्ही एटा उन्हार एटा एक ता बिभुती उन्ही जले हो शुये थाकते पारें बिचनाय शुये थाकते पारें आकाशे हो शुये थाकते पारें तामें बोलला बोलजी ना आमी एक काच करी आपनी तो ठाके ना आमी तो आईत आ आ जले नेमे की करचें भक्तोरा गुरु महाराजी चरने जल दीचे उनी डूप दिये गुरु महाराजी चरन दूट उनार माथा एनम करे लागी दियेचे पनाम करचें ताहीं बोलचे रे बापरे बाप इने आबर की भक्ति होलो तो जाई हो आबर की करचें जल निये गुर� गुरुदेवेर बिभुतीर शेष नहीं। जे गुरुदेव की भावे एक जोन मुस्लीम अफिसर ताके ओं आकर्षन करचेन। ये ता होचे गुरुदेवेर एक ता बिभुतीर प्रकाष। ताई आजके आम्रा खो भाग्गवान, भाग्गवती, जे अम्रा प्रभुपाद आपनार काछे आमी करोजोंरे प्रार्थुना कोछी आपनी जे भावे आमाके निजेर संतानेर मतो आगले धोरे आचें एबंग आपनी आमार खोच ख़वन नें सबसमाये आमा सेवा ठीक आचे की ना? आमा साधना ठीक आचे की ना? आमार परिवार ठीक आचे की ना आपनी आमाके आशिर्भात करवें जाते आगमी दिन गुलोते हो आपनी आमाके एर खोम करुणा करें जे विशेष करें जे आमी आमार साधुना ठीक अच्छे की ना हरे किष्णा जय पतित पावन गुर महराज की जय अनेग अनेग धन्नवाज। शृपाद आश्राय प्रभु। गुरुमाज इति मद्दे एसे गया शें। तो गुरुमाज जतखण आश्चेन आम्रा आर कोई एक जन भगतेर कास तेके आम्रा गुरुमाज र महीमा स्वावन करवो। हामी अखन देके नेवो हरे कृष्ण नमों विष्ण पदायो कृष्ण प्रस्टायो भूतले स्रीमते जैपतका स्वामिनिति नामिने। नमों आचार्जो पदायो निताई क्रिपा प्रदाईने, गोऽर कता दमदायो नगर ग्राम तारिने। नमों विष्ण पदायो कृष्ण प्रस्टायो भूतले स्रीमते वक्त गौरवाणि प्रेचारिने नेरे विशेषो शुन्णवाधि पासात्यो देशो तारिने।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� तो आमी आमार सममत्त अनुषारे गुरु महाराजेर मुहिमा बलार चेस्टा करवो है तो कारो कारो कासे बाचालो तो मने होते पारे खुमा करुबेन तो प्रतम 2014 शले आमरा जखान दिल्ली ते गुरु महाराज आमादेर के डेखे च तो ब्यक्ति गत्वावे इस कताथी बुष्टे आमार प्राय 10 बचर उतिकरांत होयेचे आमी इस कताथा तकन बुष्टे बारेने जे दुहाजाद 14 शले गुरु महराज कैनों बोलेचेन आमी बिचारक नोई आमी जय जय सिशिमा जय पदका शामी गुरु महराज के। तो गुरु महराज अंतरंगा शक्ति सिमते राधराणिर पक्क बलंबन करे ये बध्ध जिप के बहुरंगा शक्ति तेके अंतरंगा शक्ति तेके आनायोनेर बैसतो। बहुरंगा शक्ति तिगुन जे प्रभाप जखन क्यों रूल रिगुलेशन, अतार नियमा, जे चाट्टा नियम क्यों जदे ब्रेक करें, भंगो करें, तकन ताके दन्ड़ दावा जण्ण बहुरंग शक्ति काच कोच्छे, तिगुन शक्ति काच कोच्छे। तो इता अमार पुरवा दश बचल ले गचे गुरु मार आमार विशेषकोर एक समस्य चीलो भालो एबं मन्दो किन्टो गुरु महाराज सचे भालो मन्देर उद्धे एक जन बेक्ती सि गुरु करुना शिन्दु अधम जनारो बंदु लोकोनात लोकेरो जीवन गुरु महाराज सचे जे सब्चे अदपतितो तार पति सब्चे बे ब्रह्मा पृतु महाराज के कैनों संग्शुदन होते बोललें? इंद्रो के कैनों बोलेन नी? तो जखन आमी गुरु महाराज कतागुलो बिवेचना कोछे तखण भागवतमे ये कतागुल आमार माइन टे सेट हो येचे गुरु महाराज उनी एक जन प अनेग गुलो मेटिंगे, अनेग गुलो क्लासे देखेची, देखेची, आमि बेक्ति कोता पाये। गुरुमाहराजर स्रीमुग दिये कुनो भगतों देर संपरके, कुनो निन्दा, मन्दा, कक्कोनो आमी सुनी ने। ये ता होचे, आमार गुरुमाहराजरी सावे, य आरेक्ता गुण आमार रिदाय के प्लावितो करे, से त्या होच्चे, गुरुमाहरास अच्छे मुहुत्तेर मद्दे उनार मुद्ध टा के सेंज करे फेलते भारें। आच्छे सिसी पुंदुरिग्धामे, तकन गुरुमाहरास जखन जेतेन, तकन गंटार पर गंटार मेटि गुरुमाहराश मेटिंग तेके गिये जखन क्लास दीतें सिसी पुंदोरिक बिद्धानी देर काहिने तकन मेटिंगेर समस्त कथा गुल उन्ही बुले जेतें साते साते पुंदोरिक बिद्धानी देर जे भागवतम तत्त गुलु उन्ही एतो सुन्दवे वुवस्था� जैतनो अन्तवके उनार मतो जैतनो अन्तवके ये किरिपा टा पापतो होये जैना जे जे यवस्थाई ता किना केनो आम्रा अन्तवके जखन मेटिंगे ताके ताके मेटिंगेर मूट जखन भागवतम क्लासे ताके भागवतमेर मूट जखन सीनियर वैश्णो देशा� चत्र साया दी आमादेर के धरेरे के चेन एक रिष्णवावनार शेष निष्चास पजन जानो किष्णवक्त उनिषलन करते बारे इता प्रात्तुन कोछे हरे कृष्ण गुरुमाराज जाय शिला गुरुमाराज के जाय शिला प्रभुपात के समवेत गुर बाक्तव तो अखन आमदेर परमरुदे गुरुदेव, आमदेर सवार उद्देश से गुरुमाहराज उपदेश प्रगान करण, तारागे दूटी गुरुत्तु पुर्ण घोषना. प्रभुपादेर इच्छा उनसारे, गुरुमाहराज भक्तविनो ठाकुरेर जा� एइ मासेर बारो तारीक एबंग तारो तारीक बीर नगरे कुछ सुन्दोर उनुस्थान उनुस्थित होबे जारा उखने आस्ते पारबन गुरु माहराज स्वयम उखन उपुस्तित थगबन दाय करे अपनार आसबन इत वो अपनार आस्ते पारबन गुरु माहराज स्वयम उ गुरु महाराज विल बी प्रेजन देर, अन्धः थृतिन। दोष दिवोटीज वो अबल तो काम तो बीर नगर, प्लीज दू काम, विल बी अनौंसिंग दे डीटेल्स अन्धः तेम्पल इन ए देय और तू। समस्तो बंगला भाषी भौक्तदर जण्न आनंद संग तो सबाई को अनुरुद करा होचे, अपनार सबाई अट्टार आगे आगे चले आज़बें, गुरुमाराज अट्टार तेके नौटार भागवत पार्थ कुरबें। एकन गुरुमाराज समस्त भगतोर उद्धेस से गुरमार जखन प्रभुचन देवें, तार पुरे आमादेर जे साफारीर, जे सांस्कृतिक अनुस्थान, से ता अनुस्थित होगा। हाई कुष्णा। आने साकोला, ग्रेवी बला, क्यारते बला, बोबा, आगला, शाकाल बेला इंग्रेजी बोलेची, अखन बांगला बोलेची। In the morning I spoke in English, now I will speak Bengali. हमाँ कृष्णप्रेष्ठाया भूताले स्वेन्मार्थे अठिवेजान्ता स्वामेनितिनामिने नमस्पे सासतिगेदे गौरवानिप्रचारिने निर्विचेषासंग्यावादि पास्चात्यादेशतारिने से कृष्णा चैतन्दा प्राभु नित्यानान्दा स्रियादायिता वदादा स्रियाचारी गव्रभक्तव्रियंदा हाले कृष्णा हाले कृष्णा कृष्णा कृष्णा हारे हारे हरे राम, हरे राम, राम, राम, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, जदवय नमः, मुपदाल गुविन्णाराम, स्रिमदुष्णुदाना, मुच्चात्रोजिदासानम्, पंगुं लंगयते गिरिम्, यच्चिदासानमन्मन्ने, स्री गुरुं धीनतारिनम्, श्री चैतन्य ईश्वरम् जे आगे बोल चिलो The devotee who was speaking earlier, have their words been recorded? Yes, Guru Maharaj, it is recorded. I am a Asantacharya. आमी सुन्ते चाई से गुली। I want to hear all of that. अनेक लोग एउच्छे। कता लोग एउच्छे। 22,000 गुर्माहराज। 22,000 भगत एउच्छे। अना चाई पाईशतार अनलोग जाईस्टेड एवा अना कानापरकारी सुन्चार। एत मुझे एगेल बोलता। आमी चाई जे 22,000 लोग जारा एशेचें एबंग उन्न कनो प्रकारे जारा एगुली सुन्बेन। I want that all the 22,000 devotees who have come here and all of those devotees or all of those who will some way or other get to hear all of this. हाई हुद्धा, हाँथावा, होजार, एबन तादर के साधरान भावे बला जाये जे भोक्ति जोग पालोन करार दर्कार अच्छे। So, in general we can tell them all that it is good, it is very necessary to follow the path of devotional service. How many devotees understand English? Can you raise your hand? Those who do not understand English, those who only understand English, please raise your hands. Who understands only English and no other language? I will be translating. Guru Maharaj, when you speak Bengali, I will translate in English, because devotees will hear online also. They are listening to you from all over the world. So, my English repeater, he is here. हेगमें आसा आगे हमें यहाँ एंग्रेंजी युट्के दुधोडि ता आजान आगता हाँश्वान्दो आगे ता केछु व्यास पुछा कोचु। युके दिवोटी रा तारा एक ता ब्यास पुजार आया जन करेंचे I saw on YouTube that the devotees from UK they have arranged a Vyasa Puja celebration. I wish them a happy Hare Krishna. आमी तादर के सुभच्चा जानाच्छी एबं आमी तादर के आनंदमोय हरे कृष्ण जानाच्छी। हरे कृष्णा। I just... I start Nidra's and then Amrita's morning. अगर आमादेर एकाने रात, किन्ट आमेरीका एकान तारा बैश पुजा उद्जापन कर छें। दखो, लोस अंजिलेस एबंग एखाने मुद्धे बारो घौन्ता समायर तफ़ात। अतेब, अमरा चाई सकले जनो भगवाद भक्ति जोग अनुशिलन करें। भक्ति जोगेर जन्न राधराणि नवद्धिप तोईरी करलें, नवद्धिप सृष्टी करलें एबं तिनी नयटा दीप सम्वन्दित नवद्धिप करेचें एबं नयटी दीप होच्छे भुक्ति जोगेर नयटी मार्ग भुक्ति जोगेर नयटी पंथा श्रिमति राधराणी इन अडर तो एस्टाब्लिष्व भक्ति यो� पार्ट अफ दुवोष्णाल सर्विस। अब तार मद्दे साप्चायिते गुरुद्ध पुर्ण अच्छे स्रवन एबं किर्तन। We are all the nine islands of the nine processes of the emotional source. पर हम नवद्धिपर नयती दिपे ही जाएं, एबंग जे खाने भगवाद भक्तीर जे नयती भिन्न भिन्न अंगो, से गुली शाबी अनुशीलित होई, शेकाने अनुशीलन करा होई, एक एक ती अंगो। है जाएं, तो जाएं भगवाद चार, है चार, शापशमाई एक न एक दिवोश्नल सर्विष वा भृतिर अंगो अनुशिलन करते हैं। And each devotee should always practice one of the limbs of devotional service. जड़ा जड़ो चेतना जड़ो जावतिक जीवने दुखो थाके एबंग शुक थाके, शुक थाके एबंग दुखो थाके. किन्तो परमार्थिक जीवन हच्ये केवला अनन्द कन्द। अन्गाय अन्वास्थेतने अनन्द सिमा नाई। नेरानन्दा दवरे दाए। निरानन्द दुरे जाय। निरानन्द दुरे जाय। निरानन्द दुरे जाय। निरानन्द दुरे जाय। आपको कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा क� वर्षि लोटस हीला लाड़ चैतन्या दें। In South India, we went to the different temples that Lord Chaitanya visited and installed the lotus footprints of Lord Chaitanya there. दोक्केन भारते, आम्रा विविन्न मंदिरे गिये चिलाम। जे समस्त मंदिर स्री चैतन्या महा प्रभूर। पाड़ो एकते पीट, पाड़ो पाड़ो पीट, पाड़ो पीट, पाड़ो पीट, पाड़ो पीट, पाड़ो पीट, मंदिरेर नाम चिलो अनंतो अनंतो उठ्षो। अपनी जदी स्री विग्रह के दर्शन करें, आपनार आनन्द अनुभाव होगे एबंग शै आनन्देर अन्तो नहीं। अन्तो हीन आनन्द। यह नहीं कलियुगा कि सन्यास करते हैं। अतायेब एइ कोली जुगे एटा अबश्चकता नहीं जे कौन के सन्यास निते ही होगे। अगर सन्यास करते हैं, एवं किछु किछु प्रकारेर सन्यास कोली जुगे निषिद्धो अच्छे। स्रिमान चैतन्न महाप्रभूर ओधिकांशो भौक्तराई चिलेन ग्रिहस्तो। केवल मात्र कोई एक जन ब्रह्मचारी चिलो। क्योंकि हमारे पासिलिटी है और मनी ब्रह्मचारी चिलो। अबश्या आमादेर सुजोग सुविदा रोयेचे, सेई जन्न अनेक ब्रह्मचारी रा एकाने आचेन। शास्ट्र नद्दे हमादे थात्वज्ञा तिनी आज बहलेचे, महिला साला अने विवालाज़ुर। महिला? अच्छा, महिला संग विपद अच्छे। तो शास्त्रमोद्धे शिलो प्रभुपात ताथ पड़ जे उल्लेक करेचें, जे महिला संगे संग विपद रहेचे। In the scriptures, in the Vedic literature, Śrīla Prabhupāda in the purports, he has mentioned that in the association of women, there is danger. Because people who are female have objects of enjoyment. करण पुरुषेरा तादेर दिके इंद्रियो त्रिप्तीर विषय बस्तु हिशेमे तादेर दिके द्रिष्टिपात कोते पारें। But in the ninth canto of Śrīmad-Bhāgavatam, Prabhupāda comes to Kṛṣṇa consciousness. Women, men, śūdras, whatever, they are all equal. But in the ninth canto of Śrīmad-Bhāgavatam, Śrīla Prabhupāda explains that when it comes to Kṛṣṇa consciousness, men, women, śūdras, they are all equal. प्रभुपाद तार नवंस कन्धेर ताथ पर्जे तेनी उल्लेक करेथेन, जगहन अमरा कृष्ण भावनामृतेर कथा बोली वा कृष्ण भावनामृतेर विशाय उठ्धापन करी तकन नारी, पुरुष, सुद्र सकलेई एकी स्तरे वा एकी स्तर भुक्तो। स� तो प्रभुपाद चे चिलन, जे आमादेर साभ भौक्तराई जनन क्रिष्ण चेतना मै है। विण सम्मान गेट्स मैरिड, वाद वाद वाद वाद वाद वाद वाद वा� तो एक ता भौक्तो शिलो प्रभुपादेर काछे अभीजो करलें जे आमार स्ट्री भोका अशिक्कितो शे क्रिष्ण भावनमाय जाने नाई इत्तादी इत्तादी इत्तादी। एइ भावे स्ट्रीर समालोचना करलें प्रभुपादेर काछे। तखण प्रभुपाद उत्तार दिलन। तुम्हें आथा तुनहीन वहिवा चाहिए। कि जोरोच चाहिए। तुम्ही एमान गुनोहिन महिला के बिये करेचो काना? Then Shrila Prabhupada replied, why did you marry such a woman who is bereft of all good qualities, in the first place? अगर आपको करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करन to see that you are going to get a good partner. सएजनल एडा उत्तन्त गुरुत्त पुर्ण, जे विवाहेर पूर्वे भालो भावे परिक्षा नेरिक्षा करा, जे एबंग जोतिष इत्ता दी प्रयोक करे दाखा, जे एबंग अन्नार्ण भावे जे भावे परिक्षा नेरिक्षा करा जाए, जा से आम्रा भक्तिविनो ठाकुर सम्मन्द आगे किछु बोली। आम्रा अनेग बोली। इन्दो भक्ति विनो ठाकुरे सहा जानने भक्ति विनो ठाकुरे सहा जाने प्रावभादेर मा एसामन्दे विशास किछु बला हैना। प्रावभादेर मा एसामन्दे विशास किछु बला हैना। प्रावभादेर मा एसामन्दे विशास किछु बला हैना। प्रावभादेर म Bhaktivinoda Thakur's wife is the mother of Srila Bhakti Siddhanta Saraswati Thakur Prabhupada, and we do not talk so much about her. Well, of course, she was part of the Yajna of Ramasamsara in Jnanapuri. She was born to Bhakti Siddhanta Saraswati Prabhupada. विवाह याग्न्या गर्वधान संस्कार जगनाद पूरी के लिए शिला भक्ति सिद्धान्त सरस्वती ठाकोर। जगनाद पूरी के लिए, She was about to leave her body. She called Bhakti Siddhanta Saraswati Thakur Prabhupada to her side. तिनी इहो जगच्छेले चले जेते उद्धत हो हे चिलें तार इहो जगच्छेले चले जावार समाई तिनी शिलो भक्ति शिद्धान्त शर्षति प्रभुपाद के तार पाशे डेके चिलें एबां पाति शिद्धान्त शर्षति प्रभुपादेर हाथ दोरे बोलें सरस्वति प्रभुपाद शी चेतन्य महा प्रभु चेतन्य महा प्रभु चेतन्य महा प्रभु चेतन्य महा प्रभु चेतन्य दया करे स्री चैतन्य महा प्रभूर आन्दलन महा जतो दूर संभव तुमि प्रभु विष्तार करो। ताई तिनि चिलन एक जन अत्तंत पवित्र एबं अत्तंत महत्ता नारी। अम्रा एकाने देखते पाँछे, एकाने अनेक नारी रहे थें, अनेक वैश्णवी एबाँ अनेक वैश्णाव गण। तो मुझे आपके लिए बहुत करने के लिए प्रश्नल करने के लिए प्रश्नल करने के लिए प्रश्नल करने के लिए प्रश्नल करते हैं। हरी वाल। आज आपनारा स्रीविग्रहेर काछे आपनारे मनेर अंतरस्थाल तेके प्रार्थवना जानाते पारें। प्रचाइत दिन अदर प्राचा करें प्राजानारोरों अभाले प्रचार करें। शुदु आज के नई प्रत्तेक दिन आपनारा प्राचाना करवें स्रिला प्रभुपादेर काछे गवरंग महाप्रभुर काछे जाते आपनारा गवरंग महाप्रभुर बानी प्रचार करते � Not only today, but every day you should pray to Srila Prabhupada, to Lord Chaitanya Mahaprabhu, so that you can carry forward the mission of Lord Chaitanya Mahaprabhu. तो पति वच्छर संदावलाई साफारी दाल किछु विशेष नृत्त परिवेशन करें। अब मुझे मनच खाली करे दोगा, जाते साफारी भक्तरा मंचे आसते परें। जयंग विश्नुपाद! परमहंश परिवराज काचर्ज अष्टोत्तर सत श्री श्रिमत श्रील जयपता का स्वामी गुरु महाराज की जाय गुरु महाराज र 76 व्यास पुजा महा महचाप की जाय गुरु महाराज र 76 व्यास पुजा महा महचाप की जाय जगत गुरु श्रील प्रभुपाद की जाय � हाई तुष्णायं तो आमदेर तीन चार मिनित लागबे पूरो स्टेज ताके सेट अप करर जण्नो अनुस्थानेर जण्नो गुरुत्तु पुर्ण घोषणा आगा मिकाल गुरु महाराज एइ खाने आठ ता समय बांगलाते क्लास देवें सोई दया करे सोभाई आजबें आ गुरो महाराज वो बेंगाली भागतम क्लास करते हैं गुरो महाराज वो बेंगाली भागतम क्लास करते हैं गुरो महाराज वो बेंगाली भागतम क्लास करते हैं गुरो महाराज वो बेंगाली भागतम क्लास करते हैं गुरो महाराज वो बेंगाली भागतम क्ला सभाई थाकेन गुरुमाराज केंटो एकाने आचेन हरे कृष्णा हरे कृष्णा आपनारा केवो जावेन ना एकान गुरुमाराज साफरी डैंस देखबेन आपनारा चले जाचेन कोठाए गुरुमाराज एकाने आचेन आपनारा कोठाए जाचेन एकी आपनारा सकले फिर हरे कृष्णा देर दुवार्टीज्ञा, आप जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब जब � आजके एबं कालके एकादोशी अचे गुरु माराज बोलचेन जड़ा आमाके ग्रंथो दान कोरबेन व्यासपूजा तितिते वा पति मासे तो आरेक बार उनुरुत कौछी सभाई के गुरु माराज रोये चेन एइ अनुस्तान साफरी अनुस्तान देखार जन्नो एबं गुरुमाराज ठाक बेन क्यों चले जाबेन ना ठाकुन एइ सुन्दर डैन्स गुरुमाराज एटा अनुमदन करेचेन एबं देखेन निजे अतो सुन्दर तारा साफारी करेचेन साफारी डैन्स करेचेन दया करे बसुन क्यों चले जाबेन ना गुरुमाराज स्टे� अरे बोल अनेक गुलो देशेर प्राइद 150 भक्तो आछें, तादेर गुरुपे विभीन देश तके इसचें, तारा गुरुमारे संगे सारा दोक्किन भारत भमन करे आयेले, इता देखावें एकाने. तो जेटा बोलचिलाम, गुरुमा सखलबला बोलचिलें, जी आमाके प तो तोम्रा साहाज्यो करो तो जारा जारा ग्रंथो दान कोरेचेन आमी धन्यवाद जानाई गुरुमाज के साहाज्यो करचेन तो जारा जारा ग्रंथो दान कोरेचेन आमी तो धन्यवाद जानाई गुरुमाज के साहाज्यो करचेन तो जारा ग्रंथो दान कोरेचेन आपने दे जरदर गंतदान करेचेन, आपने दे नामे पती एकादशी ते पेसाल पूजो दान करा होचे. एबं शैसंग आमे अनुरुत करची पती मासे अपने एक दूटो गिता गुरुमाज के दान कोरते पारें जाते गुरुमाजेर दो सथार गिता अमरा कोंप्लिट कोते पारें तो आमार नामरे जोगजोग कोर बें आमार वाट्सवनामर लिगबें, आमि दीटेल्स पठावो। आमार वाट्सवनामर बोलचे, प्लास नाईन वान, नाईन फ़ोर, थ्री फ़ोर, सेवन शिक्स, जीरो फ़ोर, जीरो टू, एइ नामरे जोगा जोग करुगें। धन्वाद. हरे कृष्णू. एक� हरे कृष्णा दिर्देवोतिस् फर्स हरे कृष्ण प्रियो भक्त वृण्द सर्वप्रतम आमी आमार स्वास्रद्ध निवेदन प्रणाम निवेदन करते चाई आमादेर परमाराद्ध गुरुदेव शिलो जय पताका स्वामी गुरु महाराजेर शुबो एय ब्याश पुजा तिति उथ्षवेर दिने � I want every of you to start this program to chant together the name of Gauranga in the holy land of the birth place of Lord Chaitanya. एई स्री चैतन्य महाप्रभुर जन्मस्थानेर एई पुन्न भुमिते एइ नाम किर्तन करा उचीद। केद दाया करे सकले जोरे उच्चारण करवें। गौ उडङ्गा। गौ उडङ्गा। So now, We are going to present to you a beautiful four-minute video of all the activities Guru Maharaj has done on the South India Safari. तो एक होनाम्रा अपनादर के चार मिनिटर एक टी वीडियो देखाते चाई जे समस्त चमदकार काज्ज कलाप गुरु महराज एस्याम्प्रतिक दक्केन भारत भरमेने गिये जे समस्त काज्जावलिते अंग्षन निये चिलें एबों एर परे आप्रादर जन्न विशेष एक टा सर्प्राइज रहे चें। तो गुरु महाराज एकाने एका बारे अनुस्थानेर समाप्ति पर जन्त थागबेन। ताई दया करे आपनाराओ सकले अनुस्थानेर समाप्ति पर जन्त थागऊन। तार कारण अच्छे एवाचर ब्याश पुजार मात्र एक दिनेर जन्न। दया करे सकले ही निरावता पालन करवें, सकले चुपचाप थागवें, जाते आपना रा एइ वीडियोर जे संगीत रहे चेत से बहलो भावे सुनते पावें, एबंग मन दिये सुनते पारें। Hare Krishna! Today is our first day on safari. Actually now is very early in the morning. We came at 2 in the Today is our first day on safari. Actually now is very early in the morning. We came at 2 in the morning because we have a very early train today. So devotees have come so early, little sleeping, but this is part of the safari. आगागागा Mahārāja Kṛṣṇa, समकर समकर समकर समकर समकर समकर समकर समकर समकर समकर समकर समकर वोली अंग् साफारी, वोली अंग् साफारी पोर अनुधर दे, चाहिए हरे पुष्ण මිශ්රණයක් මිශ්රණයක් මිශ්රණයක් මිශ්රණයක් මිශ්රණයක් අපි ස්තූතියි ස්තූතියි ස්තූතියි ස්තූතියි ස්තූතියි ස්තූතියි ස්තූතියි මිශ්රණයක් මිශ්රණයක් මිශ්රණයක් cantando e bailando cantando e bailando cantando e bailando මිශ්රින් ლიელიელიელიელიელიელიელიელიელიელიელიელიელიელიელიელიელიელიე हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा We have हरे कृष्णा कृष्णा हरे कृष्णा कृष more cordless mics for Kishore. Yes, there are three cordlesses. There should be three cordlesses. Okay, so we are going to set up the dance. We are going to start within 2-3 minutes. तो 2-3 मिनितर मोदे आमरा साफारी डान्स शुरु करो. Okay, what is Krishna Kishore Prabhu? One more cordless, Prabhu, for him, please. आरक्ता कौर्डलेस देवन? मनिग्दा? Chintamani? एकाने आचे? एकाने आचे? एकाने आचे? एकाने आचे? एकाने आचे? एकाने आचे? एकाने आचे? एकाने आचे? हरे ए कृष्णा तो जब गीता लेखान जग्गो, से जग्गे अंशन करते चान। एकाने टेबिल रहे चे, भुक्ति पुरुषितम माराजेर, से टेबिल तेक आपने ना नीते पारें। एबंग गिता डाइजेस्ट, पले जे पुरत्रिका रहे चे, से पुरत्रिका आपने ना एकान तेक संग्राखन करते पारें। हारे कृष्णा हारे कृष्णा Hare Krishna, Gauranga, Gauranga, Gauranga, Gauranga Hare Krishna, Hare Krishna, Hare Krishna Hare Krishna तेस्ट, तेस्ट, अच्छा। तेस्ट, तेस्ट, तेस्ट, एकुछ। आप प्रवाद करते हैं। आप इसे प्रवाद करते हैं। आप इसे प्रवाद करते हैं। आप इसे प्रवाद करते हैं। आप इसे प्रवाद करते हैं। आप अगर आपको परवाद परवाद परवाद शार्वपुर्थम, अमी आपनादेर सखल के, आपनादेर धर्जधरे उपस्तेतीर जन्न, अपनादे सकोल के धन्यवाद के आपन करची। अरीबो विशस्व करो। साफरीर जीनी नायक, जीनी आमादेर नेता, ये साफरीर, एबं विशेष करे आजके तार सुभवयास पुजाद तितिते, आम्रा ताके विशेष धन्यवाद ग्यापन कच्छी, तीनी अन्वार के उनन, तीनी आमादेर परमाराद्ध गुरुदेव, स्री श्र दुईशो भक्तो अमरा सकले तार साथे साथे भ्रमन कर चिलाम विगतो मासे दोखिन भारते। एबाँ आज अम्रा तार जन्न एक तार गान संकलन करेची। गऊड़ा गोड़ा गोड़ा गोड़ा। एइ गानेर नाम होच्छे, गोउडा, गोउडा, गोउडा, गोउडा. But the melody goes like this, गोउडा, गोउडा, गोउडा, गोउडा. Everybody. गोउडा, गोउडा, गोउडा, गोउडा. तो आमरा आपनादर के इशारा देवो कखण आमादर साथे आपनारा गला मेलावन। अबस्तए आपनारा साथे। गौरा, गौरा, गौरा, गौरा, को आपनारा गाईबें अपसो। अवसे आपनारा गाईबें। किन्टो अमन आमन समय होगे जखान आपनारा चाहिए जबनारा उच्छे सरे आपनारा गला चेड़े गाईबें। आपनारा खुब आईबें अपसो। अवसे आपनारा गाईबें। किंटो आपनारा अवश्य मने रेखेचें जे नवद्धि मुन्डल परिक्रमार समाय सिल जयपतक समे गुरु महाराज तिनी प्रत्तिक्ति परिक्रमाते तिनी जे सुक्पाखीरा तारा जे गौवरा गौवरा गौवरा गौवरा किर्तन करें से सम्मन दे आपनारा सकले ही सुने इस पारोट आज एक शुबो दिने एक शुक पाकी आमादेर नाचेर अंग्शग्रहन करते एकाने उपस्तित रहे छे। हरी बोर। हरी बोर। हरी बोर। हरी बोर। हरी बोर। हरी बोर। हरी बोर। हरी बोर। हरी बोर। हरी बोर। हरी बोर। हरी हरी बोर। हर एज़ पाखी, एज़ पाखीर साते हम रा, गान गाई। गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, गोऽड़ा, � एबार अमरा ये नाचर जनन प्रस्तुत् आपनादर सकल के धन्नवाद Okay, we are starting, okay? Ready! One, two, three, four! कोड़ा, कोड़ा, कोड़ा, कोड़ा स्री चैतन्नों महापुरे पुन्णो जन्दू भित्यके। स्री चैतन्नों महापुरे पुन्णो जन्दू भित्यके। स्री पक्ति चैतन्नों महापुरे पुन्णो जन्दू भित्यके। स्री चैतन्नों महापुरे पुन्णो जन्दू भित्यके। स्री चैतन्नों महापुरे प� दिरादा मौदर स्वामे, पक्ति नरसिम्ह स्वामे, सिला प्रावुपद् परवुपद् परवुपद् परवुपद् परवुपद् परवुपद् परवुपद् परवुपद् � हरी नाम संकृतान प्रसेशन थुर तीरुपती टाउन अप तो श्री गोविन्दराज स्वामी टेंपल। अपने चेतन्य पाथ में, हरी शीवा पर श्री कलःहस्त्री पर विज़िने लोग। श्री श्री रादा गोविन्दा अस्तसाकी हैं। और रेवाती रमान परभू, अगर पर लोग पर लोग पर लोग पर लोग पर लोग पर लोग पर लोग पर लोग पर लोग पर लोग पर लोग पर लोग पर पर लोग स्रीकल हस्टी और स्री सि रादा वोविन्दा अस्तर शाकी इसकोन। वान दू त्री फ़ुर। सम्ग्राया पर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्पुर्� तिरुपति में, मेरे जुर्णी कुम्बा कोनम, दिव्यादेशम्स करतमन करतमन करतमन करतमन करतमन करतमन करतमन करतमन करतमन आपको अपिल्यापाम क करते हैं, क्योंकि लोर्ड बालाजी को 98 आर ब्रामना करते हैं, और करते करते करते करते करते करते करते करते करते करते करत याया पताका स्वामे याया पताका स्वामे याया पताका स्वामे याया पताका स्वामे याया पताका स्वामे याया पताका स्वामे याया श्री श्री पंच तत्वा की, श्री श्री पंच तत्वा पताका स्वामे याया याया की, पताका श्री श्री पंच स्वामे तत्वा की, श्री श्री पंच तत्वा की, श्री श्री पंच तत्वा की, श्री श्री पंच तत्वा की, श्री श्री पंच तत्वा की, श्री श्री पंच तत्वा की, श्री शुचेतन्य श्री पंच महाप्रभू तत्वा की की शुलो जाय पता के स्वावि गुरु महराज की सान्ग अमेरिका युसे विश्वाद मां प्रेश्वाद टुमन्देन आच्छा In Thanjavur, Shiva Temple was majestic. And from there, we continue our journey to Sri Ranganath, where Lord Chaitanya stayed for four months in the house of Venkata Bhatta and worshipped his small deities of Jagannath, Baladeva and Subhadra. Every day, Lord Chaitanya had darshan of the beautiful deity of Sri Ranganath, who lies gracefully in a reclining posture with Lakshmi Devi at His lotus feet. This is the largest temple in the world and the place of the original samadhi of the great Acharya, Sri Ramanujacharya King! One, two, three, four! मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय मादुराय श्रीला प्रभुपारी के लिए अपने लिए मादुराय अपने प्रभुपारी मादुराय के लिए अपने प्रभुपारी मादुराय मादुराय मादुराय मादुरा के लिए अपने प्रभुपारी के लिए अपने प्रभुपारी के लिए अपने प्रभुपारी के लिए अपने प्रभुपारी के We pray to the Queen of Madurai, Sri Meenakshi Devi, and visit our ISKCON temples, the beautiful Sri Sri Radha Mathura Patti, the smiling कृष्णबालरं और स्रिलाप्रावुपत निवास कृष्णबालरं और स्रिलाप्रावुपत निवास कृष्णबालरं और स्रिलाप्रावुपत निवास कृष्णबालरं और स्रिलाप्रावुपत निवास कृष्णबा शुरी सोमिय नरायन पेरुमाल तेंपल। शुरी चेतन्य महा प्रभू पदपितं की। अच्छा मुझे समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष समक्ष जाय हनुमान। All the devotees swam in the ocean of Dhanushkodi, remembering the golden avatar, Lord Chaitanya. Then, they visited an amazing temple. In this beautiful temple, all the devotees bathed in 22 holy wells. अगर किर्टन करने के लिए अगर किर्टन करने के लिए अगर किर्टन करने के लिए अगर किर्टन करने के लिए अगर किर्टन करने के लिए अगर किर्टन करने के लिए अगर किर्टन करने के लिए � शुषी रमेश्वरं की रमेश्वरं दाम की මිශ්රණයක් මිශ්රණයක් The South India Safari continues its sacred journey further south, arriving at the Iskcon Krishna Balaram Temple in Tirunelveli, and then to the Divyadesham of Tirunagari Temple, the divine birthplace of the great Vaisnava saint Nama Alvar, their Sri Renga Ramanuja Gijar Swami, आपको अपने के लिए अपने के लिए अपने के लिए अपने के लिए अपने के लिए अपने के लिए अपने के लिए अपने के लिए अपने के लिए अपने के लिए अपने चिन्तामणी प्रकर्णाशु कल्पव्रिक्ष लक्षावृतेषु सुरवीर विपालयंतम् लक्ष्मी सहस्र सतसंब्रमसेव्यमानम् गोविन्दमादि पुरुषां तमहं बजामी। Our final stop was in Trivandrum, where Jagat Sasi Prabhu enlightened us about various holy places. And along with his dedicated team, they offered loving and thoughtful care to all the safari devotees. अगर नहीं करते हैं, नहीं करते हैं, नहीं करते हैं, नहीं करते हैं, नहीं करते हैं, And all the devotees नहीं were करते हैं, नहीं नहीं करते हैं, नहीं करते हैं, in line taking darshan. First, revealing the Lord's beautiful face. The second, His divine navel. The third, His lotus feet. Each glimpse filling our hearts with awe and devotion. श्री जिनर्दन स्वामी टेंपल के लिए पिक्चरेस्ट टाउन वर्कला के लिए वर्कला के लिए पिक्चरेस्ट टाउन वर्कला के लिए पिक्चरेस्ट टाउन वर्कला के लिए पिक्चरेस्ट टाउन वर्कला के लिए पिक्चरेस्ट टाउन वर्कला के लिए पिक्च स्री जनार्धना स्वामी की। महमान्त्रा। चबाई वोलूट Don't go, stay, stay, stay, one minute. So, Saradambita Mataji, the gift, no? Hare Krishna. So, the translation is there, Sujitendra Prabhu? तो अगर आपने निर्त्तो भालो लेके थाके, ताले आपना कुब जोरे उच्छारण करूँ। गऊड़ा। अगर आपने निर्त्तो भालो लेके थाके, ताले आपना कुब जोरे उच्छारण करूँ। गोड़ा। अशेज धन्यवार अपनादर के। तो समस्तो साफारी भगतो देर पक्खो तेके, आमादर चोटो एक टी उपहार लोयेचे, आमादर गुरु महाराजेर जन्नों। This is, this is, hold here, this is the deity, of Shri Padmanabhaswamy और कुण्डा के साफारी के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लिए कुण्डा के लि पवित्रा जौल संग्रव करे नियाशिचन गुरु महाराजेर जन्न। एक टी पुष्पा माला समेध, जे पुष्पा गुलिये मायापूर धामे होयेचे, से एक पुष्पा माला समेध, आमरा गुरु महाराज के निवेधन करें। एब भगवान बालाजी तिरुप प्रदान करते चाई। आगामी काल सोकाल अट्टा समाई गुरु महाराज ये मंचे क्लास देवें, बांगलाय क्लास देवें आपनादेर काछी अनुरोद आपनादा अट्तार आगे एकाने एसे उपस्तिदावें गुरु महाराज आशार आगे सभाई एकाने एसे उपस्तिदावें आगामी काल सोकाल अट्तार समय एकाने गुरु मह गुरु महाराज आपको गुरु महाराज के लिए क्लास करें गुरु महाराज के लिए क्लास करें गुरु महाराज के लिए क्लास करें गुरु महाराज के लिए क्लास करें गुरु महाराज के लिए क्लास करें गुरु महाराज के लिए क्लास करें गुरु महाराज के लिए प्लीज क्ल बी पेशन्ट और सिद्धाउन। दयाकर सकले धोईर्जो धरे एकाने बशुन। गुरु महारे एकाने रहे चेन, आपनारे आखन जावें ना। एक जन आधर सुशिषर कर्तव। गुरु महारे जतो खन प्रेज़ेंड आचेन, एकाने उपस्तिद आचेन, त សានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានានាន� जादेर एक होनो प्रणामी रोयेचे आपनादे सामने जी एंविलॉफ देया हो चिलो से प्रणामी आपनादे रे खाने एक टी ब्लू ड्राम देया हो चे देखुन आमार डाम दिके ता अपनादा एक होनो जारा एक होनो गुर्माज के प्रणामी बाग गिफ्ट आपनादे जारा एकखण परेंदो गुर्माज के उपहार प्रदान करेन नी एबंग प्रणामी देन नी दया करे क अपना रा असुन एबंग एई जे ब्लू ड्राम निल कालरे जे ड्राम टार वेचे एर मोते अपना रा प्रदान करते पारेन ना हरे कुष्णा सभाई बोशे जाएन अ एबां आपनादे देखले खोब भालो लागबे, आपनादे जो चले जावें ना। आज के आरे की, एर पर एक नाटोग हाबे, तार परे आमादे नी व्यास पुजा उनुस्थानेर समाप्ति घसुना करा होगे। एक टी शाम्शंग फोन हारी ये गयाचे जदी क्यों पिये थाके न मादे जमा करवें। हरे कृष्णा। गुरुमोहाज एकाने पानेरो मिनीट रुमे आचेन उखाने उनना राते डिनार प्रसाद उनने नेवें आबार एकाने फिर आज़बें एबंग तार परे गुरुमाराज पेछने जाच्छेन, गुरुमाराज चले जाच्छेन ना। पेछने गुरुमाराजे रूम रहेचे, गुरुमाराजे राती ते डिनार प्रसाद समय होये गेचे, ताई उन्ही डिनार प्रसाद नेवें, तार परे आबर फिर आजबें। So dear devotees, there is a beautiful drama here and Guru Maharaj will be watching गुरु माहा जाएगा रूम देर, ही जाएगा दिनर देर, और अपर 15 मनिष्ट जाएगा जाएगा, और ही आप कुछ नहीं चाहते हैं। आपनारा सबाई बोशी जाएगा, एकतो धुर्जोदरे बोशूं, गुरु जारा जारा अखनों गीता लखनी जग्गे अंग्षव रहन करननी एखाने गीता लखन जग्गे एबंग गीता डाइजेस्ट रहेचे एगी गीता डाइजेस्ट एकती त्रईमाशिक पत्रिका एगी गीता डाइजेस्ट पत्रिका पाठ करार माद्दमे भगवाद ग आजके आमी आपनादर के गुरु महाराज समबंदे किछु बोलते चाई। प्रतंबार आमी जखान भरत बर्ष एसी चिलाम, तखान आमी ब्रह्मचारी चिलाम, 1999 शाले। इस वाल, गुरु महाराज मैं एक परस्ट्यों करते हुआ। मरीची दास, तुम्हे की तमा द्राइविंग लाइसेंच साथे एने चो? मैं करता करता करता करता करता करता करता क� आमी जाने ना उन्ही क्या ना आमा के प्रस्णो जिग्गाशा करे चिले, किन्टो आमे गुरु महाराज के बोल लाम, हाँ गुरु महाराज. ओ खुब भालो कथा, कारण आमादेर एक ता बास रहेचे, एक टा बास गाड़ी रहेचे, बंगलादेशे, धाकाई। एटा एक नतुन बास, कुम सुन्दर बास, किन्तु क्यों जाने ना, एइ बास तके की भावे चालाते होई। एब आमी, साफारी, बंगलादेशे, निये जेते चाई। I said, wow, so good, no? I have never been in Bangladesh. आमी भावलां, वाववा, कातो मजार वेपार, आमी तो कौनो दिन बांगलादेशे जाईनी आगे। And before I go to Bangladesh, Guru Maharaj gave me two advice. बांगलादेशे जावार आगे, गुरु महाराज आमाके दूटो परमर्षो, दूटो उपदेश दियेचा था। गुरु महराज बोलें। जे बांगलादेशे जदी तुम्हार गारी ते ब्रेक ना थाके, तो वो गारी चालाते पारवे। किन्दु बांगलादेशे, तुम्हार गारी ते जदी हौर्ण ना थाके, हौर्ण। गारी ते जदी हौर्ण ना थाके, तुम्ही गारी चालाते पारवे ना। ताई गुरु तो गुरु महाराज आरो अक्टा कथा बोलले, जखन बंगलादेशे गाड़ी चालावे, तोखन खुब सापदाने गाड़ी चालावे, कारण तुम्ही जदी गाडी ते काओ के चापा दाओ, ता होले तुम्हा के क्योँ पुलिषेर काछे निये जाबे ना। वै इस थानियो लोकेरा तारा तुम्हा के धोर बे, तुम्हा के धोरे औराई तुम्हा के जामराजर काछे पाठिये देवे। And he told me all this after I told him yes. उन्ही आमके एइ सब गुलोई बोले चिलें कखण, आमी जखण उन्हां कोई कथा दियेची जी आमी बंगलारेशे जाबो, तार परे उन्ही आमाके एइ गुलोई सब बोले चन। केंतो जाई हों, आमी सब समाई गुरु माराज के है बोलबो, उन्ही जाई करते तो ये चिला अमार प्रतम अभिग्गता कारण अमार देशे अमरा रास्तार डां दिके गारी चलाई। किन्तु एटा चिला अमर प्रतुम अभिग्गता रास्तार बां दिके गारी चलानो। एटा एइ देशे बंगलादेशे है। किन्तु आमादर देशे सभाई गारी रास्तार डां दिके चलाई तो आमी जगन धखाये चिलाम, आमी जगन एक टा रास्ता, आमी जगन बाग घुर चिलाम, तखण आमी रास्ता डाम दिके रोये ची, आर आमार बादिक दिये समस्त गारी पास होय जाच्छे, एबंग आमी सभाई आमार दिके ताकाच्छे, करण आमी रास्तार भूल मैं बेनापुल और हरिडास्पुर बर्दर करते हुआ और गुरुमारास करते बर्दर बर्दर करते हुआ करते हुआ करते हुआ करते हुआ करते हुआ करते हुआ करते हुआ तो आमी जखान बेनापल ए गेलां, हरिदाश्पूर बेनापल ए गेलां, एबंग बड़ार क्रोष करवा जखण अम्रा, जखण बड़ार अम्रा पार कर चिलां, तकण गुरुमाहराज पाय हेटे, प्रा एक कुरी पचीजण भगतेर साथे गुरुमाहराज एग तो आमी सबसमाय गुरु माहराजर जे उत्पदेश गुला आमी मुने राखताम एबंग विशेष करे गुरु माहराजर आमा के बोले थेन जे खवरदार तुमी काओ के गाड़ी ते चापा देवे ना। समाथ भगतरा धूती, पांजावी परे चिलो, माताजीरा सा Why I was using pants? Because in case accidentally I hit someone, if I need to run to the rice field, it will be very difficult to run with the dhoti. तो आमें क्याना पैन्ट पड़े चिला? करण आमें चिंदा करला। जदी कौन कारण बशत हो, आमी काऊ के गाडी ते चापा दिये मेने दी। ता होले, आमा के प्रान बाचाते, हये ता कौन धान खेल दिये तोड़ाता होगे, बा आमा के कौन जंगलेर में पलाता होगे, एबं धूती परे दोड़ान एक तो कठीन नहीं जाओगे। के लिए गुरु महाराज के लिए नहीं अपर कृपा कोनों दुर्घटना गहटे नहीं। एबंग आमरा कुरी दिनेर जन्न सारा बंगला देश अम्रा ब्रह्मन करेची, अम्रा चसे बेडियेची, कुनों अस्विद है नु. आम्रा अमौन-अमौन विश्षयकर तिर्थोस्थान अमरा दर्शन करे चिलाम। जामण स्री-स्री रूप सनातन्गोष्वामेर जन्मस्थान, आम्रा पुंदरिक धाम दर्शन करे चिलाम। आम्रा श्री चैतन्य प्रभूर्प, श्री चैतन्य महा प्रभूर्प, पिता माता, श्री श्री जगनात मिष्र, एबंग स्वची मातार, जे बाडी, जे जन्मस्थान, से आम्रा दर्शन करे चिलाम। आम्रा अम्रा खुलना, सिलेट, फेनी, धाका, श्री चैतन्य प्रभूर्प, श्री महा प्रभूर्� नरायन गांज, साब जागाई अम्रा घुरेची। एक बार, अम्रा एक बारे, शुन्दर्बनेर जंगल जेकाने साब रोयल बेंगल, टाइगर थाके, बाग थाके जेकाने हम्रा एक ता शुन्दर्बनेर एकड़ों काचा काची एक ता ग्रामे हम्रा गिये चिलाम। शे खाने चोट्ट एक ताउन, शे ताउन ताथे हम्रा गिये चिलाम एबंग शे ताउ एबं आशे पासे ग्राम थेके बोहु मानुषे रा एशे चिलो रात्रेर बेलाय साफारी नृत्तो देखार जन्नो। तो तखनकार दिने आमरा अनुस्थान सुरुगात्तां संदे साथ्तान आगात्, एबों आमरा रात्री तीन ते पर जंतो आमरा चलतां। एबं रात तीन टे समाय विशाल बड़ा एक टा पौर्डा ते एक टा हरे क्रिष्ण सेनेमा दाखना होतो एबं शेयी सेनेमा तारा सकाल बेलाई सुर्ज उदाए पर जनतो, बेला उड़ बार पर जनतो, तारा से ही सेनमा देखतो, एबंग जखन बेला उड़तो, तखन सबाई बाड़ी फिरे जेतो। When we take him breakfast, someone come and tell Guru Maharaj, he say, last night a tiger attack one villager in a nearby place about 10 kilometers. जखन आमरा सेखाने सकाल वेला प्रसाद पाठ चिलाम, तकवण एक जन ग्रांबाशी गुरु महार्जर काछे एसे बोललें, जे एकान तेके प्राय 10 किलोमेटार दूरे, गतकाल राते एक जन ग्रांबाशी के बागे तुले निये गाचे। शै बाग शै मनुष्टा के अक्रुमन कुरेचे एबंग शै मनुष्टा मारा गयाचे। गुरु माराज एक ता प्रस्णो जिगासा कुरेचे। एइ मनुष्टा की गतो काल राते एइ हरेकृष्ण अनुस्थाने एसे चिलो। ना गुरु माराज उनी आशन नी। देखो, देखो, ग्रांबाशी रा जारा सोकले ही एइ अनुस्थान एसे चिलो, तारा सोकले ही सुरोख्यितो, किंटो एइ लोगटी शे आशेनी, देखो ताके बागे खेवलेचे। तादे रोखान एक ता पुकुर चिलो, हाँ, एक ता पुण चिलो, एबं आम्रा सखले ही, आमरा सखल वेला शेखाने स्नान करते गी चिलाम। तो, आमादेर एक जन तार नाम चिलो जन्म शिद्ध प्रभु एबं तिनी दौखिन अमेरिकार भौक्तो तार चोखे चाष्मा चिलो चाष्मा समेध शे पुकुरेर मद्दे गयाचे। उनी साफ समाय चोखे चाष्मा परे दागेन करण चोखे चाष्मा ना परले उनी भालो करे किछो देखते पा पुकुर के लिए नहीं जाएगा, पुकुर के लिए नहीं जाएगा, पुकुर के लिए नहीं जाएगा, पुकुर के लिए नहीं जाएगा, पुकुर के लिए नहीं जाएगा, पुकुर के लिए नहीं जाएगा, पुकुर के लिए नहीं जाएगा, पुकुर के लिए नहीं � तकन उन्ही बोलला, गुरु माहर आपनी चिन्ता करें ना, आमी चास्मा परे आमी जाले नामते, आमी साथ चंदो बोत करें। तो उन्ही जखान जले दूप दियेचेन एबाग जले तेके जखान दूप दियेचेन उन्हार चास्मा खुले गेचे जखान आबार दूप तेके उटेचेन उन्ही जखान आबार माता तुलेचेन जखान जले तेके उन्हार चास्मा अर्चोके नेई तो आपना के सब समय गुरुदेवेर कथा सुनते होगे। तो आमरा सभाई मिले खुँब खुजागुजी करलां, केंटो आमार दिर्णविश्यास, एकहनो पर जोंतो वै चास्मा वै पुकुरे ही रहे गाँचे। उन्हो लोग बैशाल। हिचाप करुण। आराक्ता काहिनी सुन्में आपनारा। तो गुरुमाहराज आरो दुतिन मिनित परे आजबें, ताई आपनारे के आराक्ता गल्प बोली। आम्रा बास चालाच्छी। तो गुरु महाराज दाखलें, जैसे टॉली व्यान आचे ना, टॉली व्यान रिक्षा, शे टॉली व्यान रिक्षा, दूटो तिन्ते रिक्षा, एकदम पूरो भोरती रहेचे, दावे। तो गुरु महाराज से, स्टोप, स्टोप, गुरु महार्ज बललान एइ थामो, थामो। गुत तु द्रिंग कोकोनात। पुल्ला दावेज जाल खावा भालो। तो आपरा सकले ही बासेट तेके नेमेची गुरु महार्जर साथे। एक जन प्रभु उनी एक डाव किनेचेन, किने उनी गुरु महार्जर आते � गुरुमाहराज अल्पेक्टु खेयेचन, एबंग तार पर, उन्ही महाप्रसादी सेई दावे जल, दाव, सेई भक्तरात आब फिरी दियेचन, अल्पेक्टु खेये, महाप्रसादी करे, सेड़ा दी दियेचन। तो अमरा सब देखलां, अमरा देखे बालां, बाबा, इटा तो कोई सुन्दर वेपार, तो अमरा एक टा डाव केरी निया आचलां, इसे गुरु महाराज के दिलां। तर पर गुरु महाराज अलपे क्टो जल खे, वनी आबार उनार मह और एक माताजी करने के लिए एक दाप करने के लिए, वो गुरुमाहराज के दाप करते हैं। और गुरुमाहराज करने के लिए एक दाप करने के लिए, वो गुरुमाहराज करने के लिए एक तो दाप समक्कर 25 देवोतों करते हैं, कौकोनात्स करते हैं। करते हैं। और गुरुमाहराज करने के लिए एक दाप करते गुरुमाहराज पत्ते कट दावेत के उन्ही जाल खेये है। उन्ही उनर महाप्रसाद सकल के दिये है। गुरुमाहराज की जाल He is very merciful Guru Maharaj. He always gives mercy to his disciples and well-wishers. कृपा उन्हार सिष्यादेर पति एबंग सुभाकांकिदेर पति उन्ही साप समाय आशिर्भात करें। उन्ही अवन्की, जारा उन्हार सिष्य नहीं, तादेर के उन्ही उन्हार कृपा वितरण करें। उन्ही कृपार समुद्रो, उन्ही सबाय के कृपा, आमी गुरु महाराज शम्मन्दे आपने देर के एक काहिनी बोली। तो हम्रा तकण गुरुकुले पढ़ताम। एटा धरोन कत शाले होबे? उनिश्यो पचासी शाल, उनिश्यो चुरासी शाल, उनिश्यो तिरासी शाल, एरे कुम समय ना गाते। तो उनिश्यो तिरासी शाले, हम्रा आगे गुरुकुल चिलो एकाने मयापुरे। मने लॉंग � तो गुरु महाराज अखन आज चन, अतार काईनी पर है। जाई शीला गुरु महाराज की जाई। जाई शीला गुरु महाराज की जाई। जाई शीला गुरु महाराज की जाई। जाई शीला गुरु महाराज की जाई। जाई शीला गुरु महाराज की जाई। जाई दे � दाईरेक्टर ओदे क्लाऊड नेक्टर द्रामा, हेर ग्रेइस मादूर्या कदंबीनी माताजी तू दे स्टेज। आशुन आम्रा आपने देर सामने एइ जे नाटोकेर जीनी होच्चेन निर्देशक बाजीनी दाईरेक्टर एइ क्लाऊड अब नेक्टर नामक जे उन तो उन्हार नाम अच्छे मादुर्ञ कादंबिनी देवी। विगतो कुरी बचरेरो बेशी समाय धरे, मादुर्जकादुन्मेणी माताजी एबंक तार जात्रादल आमादेर इस साफरीर साथे गुरु महाराजेर इस साफरीर साथे विभिन्न स्थाने ब्रह्मान करे विभिन्न अनुस्थान आधी तारा मंचस्त करे चले चेंद। And she is doing cultural shows all over India, Bangladesh, Nepal. एबं तीनी सेही साते साते विविण्न शांस्कृति गंष्टान समक्र भारत, बंगलादेश, नेपालीत ता दिन स्थाने परिवेशन कोरे ठाकें। असुन हम्रा अदेग जोरे गौरा उच्छारण करे माधूर्च का कादमनी मातर्जी के सागतम जानाई एइ मंचे। गौरा हरे कृष्णा अत्तंत धन्य मने होच्छे, अत्तंत सम्मानित मने होच्छे, एकाने मायापुर धामे फिर आस्ते पेरें। एक बार, दुहाजार साले, सिलो जैपताका स्वामी गुरु महाराज, आमादेर जे अनुस्थान, आमादेर जे जात्र अनुस्तान ता देखे चिलें राशियाते।.
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