জয়পতাকা স্বামী শিষ্যসমূহ, মায়াপুর - প্রবক্তা: শ্রীপাদ ভদ্রচারু দাস।

Bhadracharu Das and Ashok Govind Prabhu share stories about their guru Srila Jaya Pataka Swami's recent serious illness and recovery. They discuss his devotional practices, dreams during hospitalization, and what his disciples learned about guru devotion and faith through his struggle.
जय प्रदनिष्ठायते नमः नमस्ते सर्वसद्धेय जगत् बन्द्य जगत् गुरो नमस्ते लोक पुजित धीरा धीर जनप्रय धीरा धीर जनप्रय जय गोरिलिला सक्त जय भक्त जनास्रय जय नित्यानन्द प्रेष्ट जय नाम प्रचारक जय संकिर्तनानन्दिन जय संकिर जय जगन्नात प्रियरत जात्रा परायण जय सर्व जनस्र होत भक्तानन्द विवर्धग प्रसीद करुणा पांग प्रसीद सकलार्ति हम् प्रसीद करुणा पांग प्रसीद सकल आर्तिहन् मामुद्धर कृपा सिंधो भवसाम् सभव समसार बन्दनात् इमं आचार्य पादश्य महिमा कुसमान्जलि यपठेत् सरन्याद बापी गुरु कुपाल अभेत् तु nama om vishnupadaya krishna prasthaya bhutale srimate bhaktivedanta svaminati namine namaste sarasvate deve gauravani pracharane nirvisesha sunyavadi paschatyate sadarane vanchakal bataru vyascha krupasindhu bhevaca patitanam pavanibhyo vaishnavebhyo namo namaham namo bhava dhanyaya krishna prema pradayate krishnaya krishna chaitanya namne govratishe namaha he krishna karuna sindho dina bandho jagatpate gopeshva gopika kanta radha kanta namastute sattva kanchana govrangi radhe vrinda vaneshwari vrishabhana sute devi pranamami haripriye vrindaya tulasi devi ai priyaye kesava syacha vishna bhakti pratidevi sathya bhakte namo namaha nilāśala-nivāsāya nityāya paramātmane balabhadra-savatrābhyāṁ sva-jagannāthāyate namah bhāgisāyasya vadane lakṣmīra-yasa-javakṣasī yasyāsti hṛdayeṣaṁ vṛttama-rśambhaṁ mam bhaje jaya śrī kṛṣṇa-caitanya prabhu-nityānanda śrī advaita gadādhara śrīvāsādi-gauravakta-vinda hare kṛṣṇa hare kṛṣṇa kṛṣṇa kṛṣṇa hare hare हरे रंभाम हरे राम राम राम हरे हरे गुरु तत्व, गुरु लिला, ए विशय बला खोग पठिन।.
हरे कृष्णा, इस बरी दिफिकल टू स्पीक अबौड गुरु तत्तव और गुरु परस्टायम्स।.
सिनियर भग्त हले �.
Because of lack of sincerity, sometimes things don't come up or appear.
करजनन अटो लमा करे गुरु. करजनन गुरुदेव के परणाम करलाम. एबं गुरुदेव चरणने अमर सुति निमेदन करलाम. �.
तो इसमें नमक्क करते हैं, नमक्क करते हैं, नमक्क करते हैं, नमक्क करते हैं, नमक्क करते हैं, नमक्क हैं, नमक्क.
� आमदेर गुरुपरणाम मंत्रे आमरा बोले था कि नमा आचार्य पादायो निताई क्रिपा प्रदायने गोवरो कथा धामदायो नगर ग्राम तारेने एकने कटी सब्दो प्रयोग करहा हैचे सरती होचे.
आचार्य पादायो सु इनर गुर� आचार्यपाद है।.
आचार्यपाद एक द्रिधा भावे सुप्रतिष्ट थितो।.
And to the lotus feet of the founder ācārya of our Kṛṣṇa conscious society.
Is called Śrīla Prabhupāda and one.
Who represents all the ācāryas in our paramparā that person is also called ācārya pāda.
उन्ही केवल आचार जगणेरी प्रतिनिधित्तो करें ना.
उन्ही भगवानेरो प्रतिनिधित्तो करें।.
आरेक्ता आचारजर अर्था होच्छे जिरिनी निजेर जीवने आचरन करे जगध जीव के सिख्षा प्रदान करें।.
गुरु.
महाराज उन्हे अनेड किछो सिख्षा दिच्छेन आचरन करे, किन्टो समस्त किशु तो बोला संभव नाई, एक ता कथा अमी एकाने आच्के आलचना करते चाई।.
But we don't have the scope to describe and to discuss all the different lessons he is giving. But today we'll pick up a very specific point and we'll discuss.
तिनि कि भावे आचरण करे सिख्षा दिच्छें, तारा भिन्दा भिन्दा भग्तारा भिन्दा भिन्दा भावे उपलब्दी करेचें।.
How Guru Maharaj has been teaching us by examples, it has been realized by different, different devotees in many ways.
आमी ए आचर्जपात समन्दे अमार जाउप्पलब्धि अमी.
सेटा आपनों देर काछे बरणना करबो एमने.
अमादेर आच्चार जगणेर मध्दे अन्यतम जिनी समस्त आच्चार जगणेर जसिद्धान्त के तिनी पद्याकारे आमदर काछे उपस्थापन करचेन तिनी होचेन स्रिलान नरतम दास ठाकुर।.
जिनी.
बोलचेन जे सुके ठाको, दुखे ठाको, हाँ गोरांगो बोले डाको।.
आग.
जागे आचे जे ग्रिहे बा बने.
जे ठाको सदा हली बले डाको।.
ये एक ता कोठा जोदी आमरा बेवेचना करे देखी इसलो गुरुदेवेर जीवने ती सुखो के दुखो ती विपद की संपद क्रत्यक्ती अवस्थाय उनी निजे क्रिष्ण भावनाय संपूर्ण रुपे भावित होबार संगे संगे कि भावे ती आगणित जनसाधरन के क्रिष्ण भावनाय कि भावे प्रणना प्रदान करचें?
So if we take up this one aspect that अगर गुर्माराज पर पहन या पहन या पहन या पहन, अगर पहन या पहन या पहन, अगर पहन या पहन या पहन, अगर पहन या पह.
जिवनेर सेष निष्चास पर जन्त आमे क्रिष्ण सेवा करते चाहें।.
अमर.
देख चीजे मंदिरे, राष्टाए, प्रेने, भासे, हस्पितले, आईशी यूदे साब जागे तिनी निजे क्रिष्णभावनाय भावितो एबंग सकल के क्रिष्णभावनाय उत्पुत्तकरे तुलचेल।.
So, wherever Guru Maharaj is going, he is in bus or in train, in flight, in hospital, or in office, in residential places, wherever he is going, he is enthusing Krishna Consciousness into him. He is inspiring all the people. to take up Kṛṣṇa consciousness and practice it.
जकन उने सम्पुण रुपे अचेतन अवस्थाई जनि जकन हस्पिटले चिलें, हिन्दुजा हस्पिटले, एबं सरल भक्ति चरव स्वाहि म�.
So when Guru Maharaj was totally unconscious in the Hinduja hospital, that time Bhakticharu Maharaj went and recited Sri Chaitanya Charitamrita. And that time also, even being unconscious, Guru Maharaj was listened to that recitation of Chaitanya Charitamrita and he remembered it.
एबं जकन गुरु महराज तारे असुस्टो थेके प्रतमे जकन मुख फुल्लेन, बैस। एक दरिमाशेर पुरे जखोन उन्ही प्रतमे मुख खुलेन, उन्ही बोलते बार चेनना कोठा।.
The first time he spoke up, the first time his consciousness came and he spoke up, just started to speak after one and a half month.
जखोन उन्हार समस्त किज़ु खुले दावा हलो, पैप, पैप, अक्सिजन, समस्त किज़ु खुले दावा हलो।.
Now everything was.
तगन गुरु महरायाच, उन तार प्रथम सब्दोडि उच्छारित होलो, गौ रंगा।.
बलार.
कमदा चिलो ना, तार परे उन जदरो को चेष्टा करेचेन, प्रथम सब्दोडि उनी बल्चेन, गौ रंगा।.
He didn't have the energy, the strength to कोईक.
बस्चर आगे तार जखण किद्नी एबं तार जखण की लिवर ट्रांस्प्लांट फलो.
तो.
तकखण तार परे जखण वनी प्रथम सब्द उच्छारन कले अगर.
महराज जगन भक्ति.
विदान्त हस्पिताले मिरा रोडे जकन चिगिच्ची तो.
चिलेन परतम.
दिन धिके, परतम दिन दिके ना, तर दुट्यो दिन दिके अमरा एकाने तर दुट्यो आरग्यो कमना करे, एकाने 44 days आमरा continuous जग.
For the speedy recovery of Guru Maharaj, here we were doing Yagya for Guru Maharaj every four days.
जे समस्त बड़ा बड़ा नेता चे चिलें जरा, तर सकले गुरु महराच के दर्शन करते जेतें, किन्दु दखन तो अमी तो मेनेजर चिलाम, एकानकार मने जाक्रत प्रहरी, अतन्द्र कुकुर बला जाय जब आमादेर आस्ट्रेगोबिन्द प्रभु, पंचो जन्न परवर्ति काले पंचो जन्न एकाने आच्छे कुटा चिलो, उके आमार डिपार्ट्मेंट देखे बोले चिलाम, देखो भाई, अमी तो पर्ची ना, आमार पक्खो भाई त�.
परवर्ति.
काले अमे गुरु महराज के सख्षात करते गेला.
अगर महराज कता बलते पारलेन, तकन आश्रा.
गविन्दर बललो अपने की गुरु महरजर समगे.
कता बलबेन, पहपतरते भदरुचर पभु? ना, ना, ना.
तकण आमी बल्लाम जे जेदी गुरुमहाराज की कथा बल्बेन उनारे इस आस्था आमी चाहिले ओ गुरुमहाराज जेदी चाहिबेन.
तकण देखा जेते पारें तकं.
गुरुमहाराज की जिग्यास कललो गुरुमहाराज भदृचार� Why not?
तो गुरु महाराज बोल्चेन, जे क्यानू ना?
तकन आमि कथा बल्ला. एबंग आमि गुरु महराज के जिग्यास सकललाम् जे गुरु महराज, आमि एतो दिनी पर �.
So I had taken a vow. I told Guru Maharaj that I had taken a vow to continue doing this yagya till the time you start speaking. Now we have started to speak.
Now I have come to talk to you.
So I told Guru Maharaj, Guru Maharaj, what should I take for you from Shri Ramayapur?
पोर्टल और करेला करेलா पटल.
पटल पटल.
पटल पटल पटल पटल.
So I took 5 kilos of bitter gourd. But I thought like why should I take bottles from Sridhar Mahapur? Because so many bottles are available everywhere. I also didn't have idea like what size of bottle Guru Maharaj is asking from? Big or small? And what type of bottle? I had no idea. So I went there. एक टा दू टा घटणा घटे चिलो.
अमे गुरु महाराज के एक बारा सपनो देखे चिलाम, जगण उन्ही कौंप्लिट अन्कोन्सियस, एपनों कथा बलार खमोता चिलो ना, एबाई उन्ही एमनी सुय आचेन.
एपनों.
परवर्ति काले अमि सपने एबं आमे दूर तेके गुरुमाराज दर्शन कर्छी आर आमे काचे जेदे चाईलाम ना क्योंना उनरे अवस्था देखे आमे केदे फेलबो अर अमे जिदे उनर काचे कादी तो अगर उन्हें आमके संतना दिदे कस्.
I went to Mumbai to take darshan of Guru Maharaj. But I was taking darshan of Guru Maharaj from far. I didn't go near Guru Maharaj because Guru Maharaj is in such critical and painful condition that I thought like if I go near then I'll cry and Guru Maharaj had to take the trouble to pacify me, to sympathize me and I don't want to give Guru Maharaj that trouble. तो गुरुमाहराज मेरे करतक करतक करतक करतक.
करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक करतक.
करतक क गुरु महाराज आन्कौन्श्यस् तो अपना है, पर गुरु महाराज को करता है, गुरु महाराज को करता है, गुरु महाराज को करता है, गुरु महाराज को करता है, गुरु महाराज को करत.
आपने दया करे, आमादेर जन्न आरो बेसी समय आमादेर संगे थाकुन. आमादेर को अनात करे चले जावें ना. क्योंना आमरा एइ मुहुर्ते आपना के च्छेरे, आमरा ठाकर मतो आमादेर अबस्थाई, आमरा नाई.
So, I told Ashok Govind Prabhu to tell to अपनी.
जदी क्रिष्णो के बोलें जे क्रिष्णा अमार सिष्ट्रेदेर जन्न दया करे अमा गार किचु दिन ठाक्ते दिन ताले क्रिष्णो कुण दिन ना बोलबेन ना अपनी जदी बोलें क्रिष्णो के क्रिष्णो अमी जाबो क्रिष्णो ता� अपना रुपरे निर्वर करे, अपने दया करे रिसाइट कोरों थेके जावार जन्न।.
So, Guru Maharaj, you are the one to decide. If you tell Krishna that, please Krishna, please let me stay a few more years with my disciples, so Krishna will never say no. But if you decide to go, then also Krishna will not say no. So please, it is our humble request and prayer to you, Guru Maharaj. Please make a decision to stay with us for a few more years.
एबार सपनेर दिगे चले या सुन, जे अमी जखन गुरुमहाराज, उन्ही जखन आमा के व्यवाबर डाखलें, माई हाते, आमे गेलां, सप्नो दे गुले.
आमी.
सतिकारे के देवो फेल्लां, आर गुरुमहाराज.
बोलें, कैनो काँच्छो, आम.
तुमादे प्रार्थना सुने अमी ते तक्ये गेचे।.
So I stayed back by as per your... उर्मा सेये देख। I stayed back. I am not leaving. I am here by as you prayed, as you wished.
तगण अमी सपने बललां गुरुमहराज के, गुरुमहराज, Thank you very much for deciding to stay back with all of us. गुरुमहराज, अपना के असेष धन्दवा तापरे गुरु महाराज बलेन, Yes, I decided to stay back to serve all of you. आमी सिध्धान्तरिलम है, ठिक्को था, आमी सिध्धान्तरिलम ठेके जावार जन्न, तुमादेर सेवार जन्न, तुमादेर के सेवा करते पारबोले.
So Guru Maharaj said that I stayed back, I made the decision to stay back just to serve all of you.
अगर मैं मंबाई में गुरु महराज के सक्षात करते गलां, मने बुटल ना निये, केबल करेला निये, तकहन गुरु महराजर संगे अमर सक्षात हदो.
तकहन.
गुरु महराजर अवस्था दे.
आपको.
करला.
करला.
करला.
करला So then I told Gurumaraj, Gurumaraj, I have brought karela for you.
Then I showed it to Gurumaraj.
And then Gurumaraj said, where is potal?
So.
I told Gurumaraj, Gurumaraj, पटल बोले चेन गिता, अमी बोतल भेवे ची, यो जुन अमी बोतल नी आशीनी।.
समस्त अस्सुस्थतार मद्दे गुरु महाराजेर एक टे दुख्व चिलो, अन्यो कणो कारणे दुख्व नहीं। एक तै दुख्व चिलो गुरु महाराजेर, � तो उन्हीं बललें जे आमी तुमा के देखे भक्तोदेर के देखे मने कुब आनन्द पच्ची अमर कुब हसी पच्चे किन्टु अमर दुखो जामर जे परलिसिस होयगेच.
So Guru Maharaj told that I am very happy to see all of the devotees, to see all of you. But I have only one dissatisfaction and pain in my mind. That is that I am not able to laugh because of my one side of my body has been paralyzed. So I am not able to laugh. So he just mimicked of laughing like that.
आमे साव समय भक्तियोदर के हासी मुखे तादर के आमे अभिननन्दन करते चाई तादरक्या में रिषिप करते चाई, किन्टो एइटा अमर दुख्खो एटा. अमि परि ना भगत्यों देरे गे, देखे, अमर हाशी मुख देखाते परि ना. जदियों मने मने � तो गुर्महा करते.
है कि इवन्ने करते करते करते करते करते �.
तारे गुरु महाराज के निये जान, रुमे निये जान, जैकन उना के एक्सोषेज करा है, कटा आंगुल, एक्टा, दूटो, कटा बॉल अच्छे? मारे इसमगुल मारे एकतो उनि, मारे तकखन इयह होगे सिल�.
He couldn't.
Hold a ball.
He couldn't see anyone and understand. He had no feeling on his hand.
When I heard this situation, I said I can't see this.
So when I heard of this condition of Guru Maharaj, I said I cannot see like this.
I won't be able to tolerate this.
So Guru Maharaj told that call Bhadracharu inside room. So that time the experience I can never forget. I saw Guru Maharaj.
तुम्ही जे भावे प्रसाद पाच्चेन, अमर बड़ो कस्तोलो, अमि तखन पिछने चले गला, पार्केर पिछने, एबं अमी एकते जगए दानी अमि कान्ना करची।.
So, then Guru Maharaj was taken to garden and devotees were serving him prasadam. The way Guru Maharaj was honoring prasadam, it was so painful to see. So, I could not tolerate it. So, I went on the back of the garden. I was एटुगो प्रसाद उन्ही आदा गौन्टा.
45 मिनितों वो सेश करते बारतना।.
He could not finish a little bit of prasadam. He was taking prasadam for 45 minutes, but he could not finish even a little amount of prasadam.
तमें जगों दूरे पिशने के दूरे दानिये जगऋं कान्ना कर्ची, उन्ही बुष्टे परेचेन कि.
वहा.
अमे जगहन गेला बजे भदुचरु खमके.
एक्टू खईये दिवे, उनार मता उन्ही बोलला नरके.
तकवन एक बेका चामच थाकतो, बेका चामचे आमे दू तीन बार चैस्टा करला, अमेर खुद कस्तो.
तो.
इसमें गुरु महराज के सक्षाते बलच्चे, गुरु महराज, सक्षाते बलचचे, गुरु महराज, सक्षाते.
बलचचे, गुरु महराज, सक्षाते गुरुमाराज � आपनेक अनेक धन्नवा आच्छे आपनी आमादे संगे ठीके जाओ सीधान्तु नियेचेन से इसी शीधान्तेर जोन आपनेक अनेक धन्नवा देवा आमरा अनेक की तोको आपनर परते।.
एबं गुरुमाराज आमाके सपने.
अमी तोमादेर शेवा करा जुन I was.
Taken.
Aback. I was surprised that the same thing Guru Maharaj spoke in my dream and now he is telling me the exactly same words, exactly the same thing.
आमे गुरुमाराज बललाम जे गुरुमाराज आमरा तो जान्ताम ना अपनी यो तखण कथा बलते परते ना की करते होबे तर जर्ण जे जे रकम भावलो मने करलो से से भावे आपना रुद्धेस्से आपना दृत आपने की करले सुष्टो होगें? ताले आमरा से कोथा करबो. आमी तो देखची ये आपने एकान प्रत्तिक दिन हनुमान के कला खावाच्छें.
So, I told Guru Maharaj that Guru Maharaj, when you were in critical condition, you were unconscious and we had no idea what we should do for your speedy recovery, what you help to expedite your recovery. अगर आपको करतक करतक करतक करतक करतक You are speaking with us. Please tell us, what is the thing that we should do for your speedy recovery? Because now you are feeding banana to the monkeys.
Not monkeys, to Hanuman. There was a statue of Hanuman in Bhaktivedanta Hospital. When you visit Hanuman, you tell the devotees to go and get banana.
So here there was a deity of Hanuman in the hospital in Mirror Road. So whenever Guru Maharaj used to go and see the deity and he used to tell devotees, please bring some bananas and offer to Hanuman.
तकखन, आमि चिंता करता मनय है, हनुमानेर मंत्र जब करले, हनुमानेर जग्गो करले, हनुमानेर सहसर नाम उच्छारन करले, मनय है हनुमान उना के ठीक करे दिवेन तापर आमि बललाम गुरुमारा ताले आमि की हनुमानेर जग्गो करबो हनुमानेर मंत्रो मने उच्चारण करबो सहसर.
नाम पाठ करबो हनुमानेर पुजा करबो तआओं.
गुरुमारा अच्छान असले रादापूर जगर्नाद उन्ही मेजिक कूरते पारें। उन्ही चाहिदा आमा का अरोग्यो कर जीदे पार बेन।.
किन.
आमई सन्यासी, आमई तो बोलते पारी ना। I cannot say that.
I cannot say that. I cannot say that. I cannot say that.
I cannot say that. I cannot say that. I cannot say that.
I cannot say that. I cannot say that.
I cannot say that.
I that. I cannot say that. I cannot say that.
I cannot say that. that. I cannot say that.
I cannot say that. I cannot say that. I cannot say that.
That. I cannot say that. I cannot say that.
That.
I cannot say that. I cannot say that. I cannot say that. I cannot say that. I cannot cannot say that. I cannot तबर say that आमरा जगनाद मंदिरे मनय आचे कुब बड़ा एकटा जग्गो कललम एबं मनक परसाद परसाद एकटि परसाद.
एकटि परसाद एकटि परसा.
प्रिश्ना?
I knew that a huge amount of donation was collected, but I knew that because there was micing and it was announced that free prasadam will be distributed in Jagannath and Rajapur, so thousands of people came to take prasadam. I knew that this much of donation is not enough to make prasadam for so many thousands of devotees.
We prayed and we had a lot of hopes. आमादर आशा अनुरुप गुरु महाराश से पहबे सुस्त हचचलेन ना।.
We came and we prayed and we did a yagya, but Guru Maharaj was not recovering as much as we expected.
तबर आमि भावलापदे आमरा सुद्धो नई, तर जर्ण जगनाद अमरे प्रार्थना सुन्चेना। एक बार आम तो आमे इसे गाने बलाम जे प्रभुपाद उनी तो अपनार सिष्यो अपनी आतो उनी अतो कस्टो बाचेन आमदेर कथा जगणाद सुन्चेन ना अपनी बलचसन बलोन ना दयाकरे अमनर टो कविता हो आची � बैट्रि सेश हरे.
कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा हरे And we are praying to... And we thought maybe we are not pure devotees, कृष we are not pure enough. So Jagannath is not listening to us. So we prayed to Srila Prabhupada. I even wrote a poem to Srila Prabhupada. I told Prabhupada, Prabhupada, you have given Guru Maharaj so much responsibilities. You have given... Guru Maharaj has been doing so many things. So as Jagannath is not listening to us, but you are Srila Prabhupada, you are pure devotee. So please pray to Jagannath so that Guru Maharaj gets well. He recovers fast.
जै हो परवर्ति काले जगान इजे किद्नी एबंग लिवर् परस्पिलन्टेशिनर जन्न उनि चैन्नाई दे गेलें एबंग उनी हस्पिटले चिलें सही समरणाई चिलो जुलन जात्रार किचु दिन आगे सो देवकृष्णप्रभु थागेन, उनार बाटी ते जुलन है, उनी आमा के जुलनेर जनन परतेक बच्चर निमंत्रन करेन. तपर आमि उखाने गेलाम, किंटु तार आगे, आमि ज So I went there, but.
Before that I took darshan of Jagannath.
एबं अमे जगनाद के एतो क्लान्तो करो देन देखिनी.
And I have never seen Jagannath so tired like that day.
जगनाद एबं बलोदे मनायाजर क्या रात्री उनि घुमान ने.
So they looked so tired, like I have never seen this before. It looked like Jagannath and Baladeva, they were so tired, it looked like they didn't sleep for past few nights.
जगनाद.
और बलवदेव परस्रमत परसमत परसमत परसमत.
परसमत परे जगन गुरुमाराज शुस्त हलेन, अमी बुष्टे परसेना जे क्यानो एरे कम करे उन्ही अतो त्यार्ड मने होचेन, परे जगन गुरुमाराज शुस्त हलेन, तर परे उन्ही की बलचेन, शरई शगर्णा।.
So then, when Guru Maharaj finally recovered, Then we didn't understand why Jagannath and Baladeva looked so tired, though fatigued. But Guru Maharaj said, the first time Guru Maharaj started speaking, he crowned the name of Jai Jagannath.
तबरे आमि आमार उत्तर मने मने खुचे पलाम्. औहले अतो दिन धरे जगनाद एबंग बलदेव गुरु महराजेर खाटे� ये हत्तदिन घुमान्ने एक कलम्त मने हो चिल्ड़ा, अमर मने इटकम धरण हलो, I may be wrong, किन्द आमर जिड़ा मने हलो, आमर सेड़ा मने हलो.
So this was my realization. I realized that Jagannatha Baladeva, they were like एबं.
मने हलो जे जगना जेरा गुरुमहाराज प्रधमे जेरा बोल्चिलेन जे आमाके जगनात सुस्तो करे तुल बेन जगनात उनाके सुस्तो.
करे तुल लेन And I remembered that Guru Maharaj told before that Jagannath will help me to recover and by mercy of Jagannath I will recover. So then I realized, yes, it is Jagannath's miracle that Guru Maharaj recovered.
तार परे यो तेखाज आच्छे जो उन्ही अनेक समय उन्ही कस्टो स्विखार करचें, उन्ही पिडित हचचें, इर कारण की होते बारे?
अगर इसने परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवा�.
आम्रा जेहे तू तार काशे जे प्रतिग्गा करेचे एबंजे प्रतिग्ग्या जेहे तू आम्यारा सोटिक भावे परिपालन करची ना अमादेर पाप उनाके ग्रहन करते हैं।.
So the reason behind this is that vows, the commitment we have made to Guru Maharaj, the vows we have taken, we are not following it properly and we are तो.
एकवर अमे लिखे जिलाम कि आमा हैनो कतो अधमो पतितो सिष्च समुहेर पाप मोदेर उध्धार करिया विचार ग्रहन करिले बाप निष्पाप रिदोये गाहिवकी कवे एक मने एक लय जै स्रिलो जै पताका स्वामी गुरु महाराजेर चोय. अम्रा जदि आमा हैना कतो अधमो पतितो शिष्ट्र समुहेर पाप. Actually, we are very fallen and we, your disciples, we are very fallen, very wretched and you are accepting, you are accepting our sin and अगर आप आपको अपने करतक करतक करतक करतक करतक करतक तो गुरु महाराज जेरे बोल चेला मैं मैं जे गुरु महाराज कस्मिन काले जे कौन आवस्थाई ताके जोदी केवु चाकु दिये एक बार गुला केटे दिये चलो तो एकानु पर जुन तर दाग देखमें एकाने.
सो गुरु महाराज एनी कंडिशन व.
गोरांगो महाप्रभुर जन्न प्रतिक्ति निष्चास्प प्रसाजे गोरांगो महाप्रभुर चिन्ता चेतना सब समय बरत्वान आचे।.
So, but whatever the situation and whatever pain he is going through, regardless all the time with his like every breath he is taking and his living is with the name, with the remembrance of Lord Gauranga. Because he has been, he has dedicated his life, अगर.
मैंड.
मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड मैंड स्रिगुरु गवरंग.
कईंकरज्य साधन मैंड मैंड मैंड हरिनामे जिवधार स्वधर्मे सदत प्रतिष्ठित तुमि अकुतो भय उदार निर्माम निष्ठूर ग्खात प्रतिग्खात सोहियाओ तुमि स्थीरि स्वधर्मे निधर्म स्रेय ज्ञान तुमार तै तुमि महा धीरि स्तुति निन्दा अधि तमा के कभू करिलना पराभूत जिवेर सरूब नित्य करिष्णदास आचरने दाव सिख्खा गलकेर प्रेमो धन हरिक्रिष्ण महा मंत्रे दाव दिख्षा विपदे, संपदे, स्तूते, निन्दाबादे, ठाको सदा अभी चाल। नितै, गोरांगो, स्रिकृष्ण, प्रसंगो, संकिर्त तने धरवाल। एहेनो, स्रिगुरु, पदास्रे, करी, प्रांजे, अमार, कौय। जै, स्रिल, जै, पताका, स्वामी, गुरु, महाराजेर अगर गुर्माहराज करने के लिए अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने I was in the hospital. My femur bone broke and.
There is still a rod in.
It. It was hellish. It was for one.
Month. I felt like I was in.
Hell. So I didn't tell any of.
This to Guru Maharaj, but somehow or other Guru Maharaj got to know about.
Me. तत्खे नाथ खुन लगान उन्ही आमा कैरा कुम करे बलचसे हैं कातु.
करिपालो.
I told.
Guru Maharaj that whatever the bill is coming from my treatment, I am able to do that. They were saying like two and a half lakh of medical bills was coming because of my treatment. So I had that much.
Money. I said, Guru Maharaj, I have been here for a few days. I am in a very bad condition. But year after year, year after year, year after year, in this hospital, this kind of treatment, acupuncture, acupressure, injections, operations, do something, Guru.
Maharaj. So I told Guru Maharaj, Guru Maharaj, I am only one month in a hospital and I feel like hell. I cannot just tolerate it. ಅಮಾಗೆ.
ಜಕನ ಆಮಾ ರೂಮ್ ಧಿಕೆ, ಆಮಾಗೆ एक्तरा नर्शिंग होम तेक आरकतर नर्शिंग होम पा एक्तरा ಜಕನ ಆಮಾ ರೂಮ್ ಧಿಕೆ, ಆಮಾಗೆ रूम तेके जगन ओपरेशन ಜಕನ थेटरे निये जाच्चे ओहो ओहो जजनतरना ಆಮಾ ರೂಮ್ ಧಿಕೆ, ಆಮಾಗೆ ಜಕನ चारतके ಆಮಾ ರೂಮ್ ಧಿಕಿ� तुले जगन स्ट्रेचरे तुल्चे स्ट्र My pain knew no.
Bounds. It was so painful, Guru Maharaj. When I was simply taken from one room to another room, one nursing home to another, I was taken from bed to stretcher, again from stretcher to bed. So the whole process used to be so painful, Guru Maharaj. I even couldn't tolerate this for a few days. But how, Guru Maharaj, you are tolerating this for years after.
Years. गुरुमार्जी में पारत्तमने पारत्तमने पारत्तमने पारत्तमने पारत्तमने पा� But I.
Had complete understanding and realization that I am this body only. I am nothing beyond this.
Body.
So then Guru Maharaj was smiling, laughing and saying, oh yes, it is true, hellish. प्रचार.
कर ले जे दुख्खो सेश होय जाये, गुर्मारा जगण बोल लो, आमे यो चला चेष्टा.
करी.
तामी खाडे आची, पर्सो परिबर्टन करते वारचेन, आय दिगे करते वारचेन, आय दिगे करते वारचेन, अतकर प्रचार सरकरलाम, जे आशलो. आपना न बिश्चास करते वारवी नहो, हस्पितालेर A to Z, सब लोग बोले.
आरी बोल, अवने पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि पडि.
तो डाक्तोरों करले जै गुरुदेव स्वामी जै पताका, जै गुरुदेव स्वामी जै पताका, अमर गुरुमाहराजर नाम सुनेचे, उराओ बोलते, जै स्वामी गुरु, जै पताका स्वामी गुरुदेव, एरे रखम करे बलसे.
All the doctors, nurses, they were very eager to meet, to get darshan of Guru Maharaj. And they were taking up this process of chanting and everyone was very.
Happy. असले अमी तो पागुलेर मतो बोले जाच्छी, कदो समय बलते है, ताओ अमी जानी ना, तबे अमी खली एक टा कविता अपना देर सामने बोलबो, किण आपना देर के अमा So I am like.
A mad man, I am going through, I am speaking so many of pastimes of glories of Guru Maharaj, but now I will read one poem, but can you help me by giving me a promise that you will remember, you will try to.
Remember. So you.
Have to say this line.
जय शिला जय पता का स्वामी गुरु महाराजेर जय बलुं जय शिला जय.
पता का स्वामी गुरु महाराजेर जय आमे.
लास्टे आपना देवे पर च्छड़े देवो आमे यो बल्वा अपना देवे पर बल्वेन किरना आमा आमारो तो लो� असोख अभय भगति निलै करुना बरुना लै क्रिदैर राज गुरु महाराजेर चरण कमल द्वै सरण लैया दुबहु तुलिया प्राञ्जे अमार कहई जयस्व जयपुतागा शमि गुरु महाराजेर ज� तुमार आश्रै भगत समुह हई भववय सुन्य। तुमार क्रिपाते धाम बास करे प्रांज्य अमार काई जै शिलो जै पताका वागे कुरु महारादेर जर। विपदे समपदे स्तुति निन्दाबादे आक� हरी कथा तव श्रवन करिया प्राञ्जे अमार कोई जय श्रिल जय पता का स्वामी गुरु महारादेर जय विशुद्धा आचारे स्रिनाम प्रचारे त्रिनमूल सतरे गिया भकति विनोद धरामते पुना नामहट प्रकाशिया से नामहटे गुरिया जय स्रिला जय पता का स्वामी कुरु महारादेर जय नवद्विपधाम उन्नयन काम गोवड मंदल भुमी चिन्ता मनि ज्याने संग्रक्षने आर संबर्धने सदा कामी दिखिया तमार गुरु गोवर निष्ठा प्रांजे अमार कोई जाय स्रिला जाय पताका स्वामी गुरु महाराजर चाल अनन्देर कंदो गोवर नि तुम्ही क्योंकर जनले बेटा अमी गोरंग मापरोर पारसद लेखार समय केंतो चिन्ता करते है जदि गुरुमारा जिग्यास कोरे दातानी दाये तकहन क्यी ब वैस्नाव स्रिमुखे एकथा सुनिया प्रांजे अमार कोई जय स्रिला जय अपपता का स्वामी गुरु महाराजे जान आमि सुने जे भक्ति जरु महराज उनि लिखे जेन रादनाद स्वाई महराज उनी लिखे जेन एब प्रिनादपिष्लोकेर मुर्त्त विग्रह परहिते हरसित विषुद्ध नामेर विजय पताका पतित पावने रत पतित पावन धजानी रखिया प्राण्जे अमार कौय जाय स्रिला जाय पताका स्वाने कुरु महाला जाय जाय दृदय तुमार कोरुनाते भरा प तुमार विशेष कोरुनल लभीते प्रांज्य अमार कोई प्रांज्य अमार कोई प्रांज्य अमार कोई प्रांज्य अमार कोई प्रांज्य अमार कोई प्रांज्य अमार कोई प्रांज्य अमार कोई प्रांज्य अमार कोई प्रांज्य अमार कोई प्रांज्य परान व्याकुले अमार क हागो रंगो बले प्रान जेन मोर कहै जाय स्रिष्ण जाय अपकता का स्वानी अमा हयन कत अधम पतित सिष्य समुहेर पाव मोदेर उद्धार करिया बिचार ग्रहन करिले भाप नि जय स्रिला जय पता का स्वामी गुरु माला जय ज्या स्रिनंदा नंदान भक्त प्रानधान जीवेरे हया सदाय सुदुर्लाप ब्राजः प्रेमवितरिते कलिते जे गौवर राय गौवर पदे तुम्हे सरन जाचिते जीवे डाको आय आय जय स्रिला जय पता का स्वामी � एप्पव समसारे सकल जिवेर गुरु बिना नाय गती एसत्य वचन रिदि माजे मोर कबेव हवे उदाय जाय स्रिला जयप पताका स्वामी गुरु महाला जेर जाय जिवेर निस्तार करिया विचार स्रिनन्द नन्दन हरी जगत माजारे प जय स्रिला जय पद्धा का स्वामी गुरु महाराजेर जय परस्मनीर परसेते लोक लभे जागती को सूक कल्प विक्ष तले आसरे लहिले स्वर्गव सुके मिते दूक स्रिगुरु प्रसन्ने सिष्य समुहेर बैकुंथ सुक उदए जय स्रिला जय पद्धा श्री गुरु चरणे रति प्रेजन जदी चाह परागती जदी चाह परागती गुरु भगतेर एभव संसारे नाही कुन पराजाय जाय श्रिल जय पताका स्वामी गुरु महाराजेर जाय श्री गुरु निन्दुक जगन्य संसारे कभु न देखिव मुख श्री गुरु � जय स्रिलजय पताका स्वामी गुरुदे महराजेर जय अस्त्र सकि सह स्री राधा माधव सेवा सोस्टव विधान भक्त्यां गर्णुष्थाने भाव भक्ति जोगे महा मंत्र करो गान नानादि उस्चवे त� ಮಹಿಮಾನು ಬಾದೇ ಗುರು ಕ್ರಿಷ್ಣ ಏಕ್ಕರಿಬ ಸದಾಧ್ಯಾನ್..! ಜದ್ದಪಿ ಸ್ರಿಗುರು ಚೈತನ್ಯರ ಧಾಸ್..! ಗೋರೆರ್ ಪ್ರಕಾಸ್..! ಹಾಯ್..! ಜಯಸ್ರಿಲ ಜಯಪದಾಗಾ ಸ್ವಾಮಿ..! ಗುರು ಮಹರಾಜೆರ್..! ಜ� जाय स्रिला जाय पताका स्वामी गुरु महाराजेर जाय दुबहो तुलिया गोरंगो बुलिया नयने प्रिमस्तुधार तुमाते गोरंगो प्रेमेर तरंगो अप्राक्रित चमत्कार से प्रेम सिंधूर एक प्रेम बिंदू प्रदानियो दयमोय जाय स्रिला जाय पताका स आचारे विचारे भक्त जनमाजे सदाथा को निरपेक्ष प्रभुपाद नुगे सदाई पालन करो तुम्य अमायाय जैस्रिल जय पताका स्वामी गुरु महाराजेर जय भक्त गण मने भक्त गण सने रथाग्रे नर्तने तव गौर अंगो काने सजल नयने प्रेमे धलो ध सुरधुनि तरे सुरधुनि तिरे जान्धवि पुजने देखी है पाप ख्याय जय स्रिला जय पताका स्वामी गुरु महाराजेर जय भकति वेदान्त स्रिला प्रभुपा तव स्रिमहान्त गुरु हरे क्रिष्ण आन्दलान प्रतिष्ठाता भक्त भंचा कल् जय स्रिला जय पता का स्वामि गुरु महल जय जा अरक्टू एक्ट पेश नित्या प्रकृता नवा दिवधाम स्रिगुरु प्रसन्न चित्ते धाम उन्दयन निरिक्षन भारत तुले दिले तमा हते गोर सम्ब्रज सकल भगती सहेतेर सार स्रिभक्ति वेदान्त ग्रंथ ऊटी सुर्य सम अग्ञान अन्धार नासी करे सुद्ध चित्त ग्रंथ वितरने ब्रतिजे अपने सर्वदा कृत निष्चाय जाय स्रिल जाय पताका स्वामी अभय चरन अभय चरन अरविंद स्रिल भगति वेदा इनेच्छे प्रेमो सुनामी। भुमिजे तहार अतिप्रियतम् कृपशक्ति प्रेमो माय। जय श्रिला जय पतर। श्रिला प्रभुपादेर अभय चरणे लयेच्छ तुमि आश्रय। तहार अभय चरण शरणे नाथाके समन भय। सतः सतः प्रति घातेओ आपने दुर्� जय स्रिल जय पता का स्वामी गुरु महाराजेर जय स्रिगोर गोविन्द पदार बिन्द मकरंद पाने मती वैश्णव जगते तुमि जे अनन्य गोडिय वैश्णव जती भक्त्यालोगे तुमि आलोगेत करो नगरादि ग्राम ग्रिह जय स्रिल जय पता का स्वामी गुरु मह भगति रहित अनुस्थान जत करो तुम्हे तिरस्कृत भक्ति महस्चवे उस्चहप प्रदाने करो सदा पुरस्पित काय बाक्य मने भगति संस्थापने भगति स्थापने जुक्तु तुम्हे अतिष्वै जय स्रिल जय पताका स्वामे गुरु महाराजेर जय गोवर पदान गोउर पारिशदो स्मुति विजडितो दिव्यधाम सतो चतो सेशकल धाम चिंतो अविराम सेवने द्रिधनिष्चाय जय स्रिल जय पतागा स्वामि विश्व ब्यापि हरे क्रिष्ण अंधलनेर तुमि अतंद्र प्रहरी रक्षना विख्षन परिचालनाय रतो दिवस सर्व जय स्रिल जय पता का स्वामी सज्जन सइविता जननि कृतार्था तमाहिन पुत्र लावे धन्यव सुन्धरा हर्षे अत्तःरा भक्त संदान गौवरवे पित्रि गौन तवा आनंदते नाचे कूल जे पवित्र है जय स्रिल जय पता का स् भव जलोधीर नोकार कान्डरी करो मरे आत्त शाद भव दावानल है तेहे नाथ आपनी जे भयापःह जय स्रिल जय पताका स्वामी गुरु महाराजेयेर जय पतिद पावन पताका जे तुमी स्रि जय पताका स्वामी भजन विहीन भद्र चरुदास विषय अधमो कामी न Hare Krishna.
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Вот русский перевод текста песни «Любовная песня матери Лорри своему сыну Джею»


