Excerpt from a ceremonial YouTube video (HH Gauranga Prema Swami Maharaj Diksha Guru Oath Ceremony) containing Sanskrit invocatory mantras and Bengali explanations. The speaker chants traditional Sanskrit prayers invoking peace and deities, then explains Bengali ritual details about a sacred altar/"bedi" and a "galok jantra" used to call/manifest the Guru Parampara. The speaker states the ceremony will request His Holiness Gauranga Prema Maharaj to worship the Guru Parampara and receive blessings; a kalaśa pūjā and mantra recitation will follow.
अम् शान्तेश् शान्तेश् शान्तेः। अम् जया श्री कृष्णा चैतन्या प्रभु नित्यानन्दा। श्री आप देदा गधादरा श्री वासदी गउरा भक्ताव्रिण्दा। हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण, कृष्ण, हरे, हरे, हरे, हरे, राम, हरे, राम, राम, राम, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, भूतानी हरे, हर जाता वेदा पुनेहिमा बृशेवभाजेच चमतेरपित्या सर्वतो नश्चकुने भद्रमावादा विश्वतो नश्चकुने पुन्यमावादा हौम अस्यकरमण स्वस्ति भवन्त प्रवन्त आयुष्मते स्वस्ति हौम स्वस्ति आम् स्वस्ति आम् स्वस्ति आम् स्वस्तिनाइंद्रावाव्रिंदश्रावाः स्वस्तिनापूचाविष्ववेदाः स्वस्तिनस्तारेक्योअरिष्ठनेमिः स्वास्ते नोब्रिहस्पतिर्दधाता, अम् अस्यकर्मनोरिध्यम् भवन्धा भुवन्धा, अम् रिध्यताम्, अम् रिध्यताम्, अम् रिध्यताम्, अम् रिध्यामस्तोमं, सर्वयामवाजमानोमंत्रम्, सरते हो पायातम् यशोन पक्वम् अदुगाश्वन्तरा अर्हूतम् शावा अश्विनो कामाम प्राहा।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� स्वस्तिनो नारायनो नरोवै स्वस्तिन पद्मनावः परशोत्तमो दधात स्वस्तिनो विश्वक्षणो विश्वश्वादः स्वस्तिनो रिशीकेशो हरिदधात स्वस्तिनो वैनातेयो हरि स्वस्ते नो अन्जान सतोहनर भागवतो न दधातो स्वस्ते सस्ते समंगलैकेष्यो महन्च्रिक्रिष्णसच्चिदानन्दधन सर्विष्वर्ष्वदो नधातो ओम् शान्तिष् शान्तिष् शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति अल्प किसु खना जन्ने अक्ता बेदी अमरा तोयरी करेची। ये बेदी रेखसें, ये बेदी ते अक्ता गलोक जंत्र आका होयेजे, एबं एग गलोक जांतरेर परे जे कोल्शी रोयेचे, एग कोल्शी ते अमादेर संपूर्ण गुरु परंपरा के आहवान करा होयेचे। अम्रा सखले एटा बुझी बा उपलब्दि करे जे एग गलोक जांतरेर बा ए जे गुरु पराम्परा ए गुरु पराम्परा पूर्ण उद्धेश हो चे आमादेर के ए गोलोग जांतरेर जे मद्धो स्थाले बार हिदोई अनायन करा। So this ceremony today then we will request His Holiness Gauranga Prem Maharaj to worship the Guru Parampara so that he can receive the blessings. अखण आम्रा अनुड़त करवो सिष्रिमात गोरण्ग प्रेम्शामी महाराज के एइ गलोक जंत्रो एबों एइ गुरु परम्परा आरधना करार जुन्नो जाते उनिदादेर अशीर्वाद लाप करते परें। तो अखण कलस पुजा होबे अम्राधा कृष्णसमारभ्यम् श्रीमाधवेंद्रमध्यमं अस्माधाचार्यपरियंतम् वन्दे गुरुपरंपराम्.